जापान में तिरंगा: अंडर-18 एशिया कप विजेता भारतीय हॉकी टीम को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल 

जापान के काकामिगाहारा में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम ने शानदार विजय प्राप्त कर देश का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक जीत पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय टीम को बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। पुरुष हॉकी अकादमी के छह खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन और स्वर्ण पदक विजेता दल का हिस्सा बनना मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी न सिर्फ हॉकी, बल्कि कई अन्य खेलों में भी विश्व पटल पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वैश्विक खेल जगत के अनेक क्षेत्रों में भारत की विजयी पताका लगातार लहरा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा की “पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे युवा खिलाड़ियों ने अटूट टीम भावना और अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन किया है। यह जीत उनकी कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण का परिणाम है।

इस खिताबी मुकाबले और पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष खिलाड़ियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की इस बड़ी विजय में आशीष तानी पूर्ति की शानदार हैट्रिक और कप्तान केतन कुशवाहा के गोल की भूमिका बेहद प्रेरक और निर्णायक रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि अंडर-18 की इस ऊर्जावान टीम के खिलाड़ी आने वाले समय में अपनी काबिलियत के बलबूते भारत की सीनियर राष्ट्रीय हॉकी टीम में भी जगह बनाएंगे और देश को गौरवान्वित करना जारी रखेंगे।

 

मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में परिवहन उप निरीक्षकों का बुनियादी प्रशिक्षण संपन्न

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में आयोजित तीन माह अवधि के परिवहन उप निरीक्षक बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन)  आदर्श कटियार के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम  09 मार्च  से 05 जून तक संचालित किया गया, जिसमें 21 परिवहन उप निरीक्षकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन)  आदर्श कटियार ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिस सेवा में उच्च नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने तथा सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पुलिस सेवा एवं यातायात प्रबंधन से संबंधित विविध विषयों पर व्यापक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। आंतरिक प्रशिक्षण में नवीन आपराधिक कानूनों, मोटरयान अधिनियम, विभिन्न पुलिस अधिनियमों, नियमों एवं प्रक्रियाओं, पुलिस अनुशासन, नेतृत्व विकास, धैर्य तथा व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कराया गया।

इसके अतिरिक्त बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों को आर्म्स प्रशिक्षण, परेड, बलवा नियंत्रण (रायट ड्रिल), शारीरिक प्रशिक्षण (पी.टी.), योग एवं अन्य फील्ड गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। अधिकारियों को आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली एवं तकनीकी संसाधनों की जानकारी प्रदान करने हेतु डायल-112, पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस मुख्यालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), स्मार्ट सिटी कंट्रोल सेंटर तथा फ्लाइंग स्क्वॉड सहित विभिन्न संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समन्वय कौशल तथा जनोन्मुखी पुलिसिंग के सिद्धांतों पर विशेष बल दिया गया। 

समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में परिवहन उप निरीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षणार्थियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता करते हुए अपनी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक मती रश्मि पाण्डेय, मती यास्मीन जहरा, मती ज्योति उमठ सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्‍यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा अवैध हथियारों के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 15  दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों द्वारा अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, विक्रय एवं उपयोग में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए 87 अवैध हथियार, 23 धारदार हथियार एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं।

खरगोन

थाना भीकनगाँव एवं चौकी बमनाला पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध कार्रवाई कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 अवैध देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, मोबाइल फोन एवं हथियार परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्‍त की गई। गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब, पश्चिम बंगाल एवं मध्यप्रदेश से जुड़े खरीददार एवं बिचौलिये शामिल हैं। 

इसी प्रकार थाना गोगावां एवं थाना सनावद पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम सिगनूर में संचालित अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर दबिश देकर 05 सिकलीगर आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 09 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 02 देशी कट्टे, 02 अधबनी पिस्टल एवं बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए। 

एक अन्‍य कार्यवाही में थाना गोगावा, थाना सनावद और थाना जैतपुरा पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अवैध फायर आर्म्स तस्करी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 55 हजार रुपये के इनामी आरोपी एवं उसके साथी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखे गए 08 देशी पिस्टल एवं 03 देशी कट्टे, कुल लगभग 2.45 लाख रुपये मूल्य के अवैध हथियार बरामद किए हैं।

उक्त तीनो कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 अवैध फायर आर्म्स (29 देशी पिस्टल एवं 06 देशी कट्टे) तथा बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री जप्त की गई है।

मुरैना

मुरैना जिले में थाना कोतवाली, पोरसा, अंबाह, देवगढ़, सबलगढ़ एवं सिहोनिया पुलिस द्वारा फायरिंग, हत्या के प्रयास, चोरी एवं अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विभिन्न प्रकरणों में पुलिस ने कुल 15 अवैध हथियार (देशी कट्टे एवं पिस्टल), 27 जिंदा राउंड, अधिया, खाली खोखे, मोटरसाइकिल एवं अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।

धार

पुलिस द्वारा मनावर क्षेत्र में यूपी के गैंगस्टर एवं सिकलीगर को गिरफ्तार कर 04 देशी पिस्टल एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्‍त किए गए। वहीं वाहन चेकिंग के दौरान आरोपी से देशी पिस्टल, मैग्जीन, जिंदा राउंड एवं स्कूटी जब्‍त की गई।

दतिया

थाना उनाव पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 03 कट्टे, 01 पिस्टल, जिंदा राउंड एवं मोटरसाइकिल सहित आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 04 कट्टे, अधबने हथियार एवं निर्माण सामग्री जब्‍त की है। 

गुना

पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर 03 देशी कट्टे एवं जिंदा राउंड जब्‍त किए। वहीं कॉम्बिंग गश्त के दौरान डकैती की योजना बना रहे 05 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर देशी कट्टा, जिंदा राउंड एवं अन्य उपकरण जब्‍त किए। 

नीमच

पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 03 देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, ग्राइंडर मशीन, बंदूक की नाल, वेल्डिंग मशीन एवं अन्य हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए।

भोपाल

पुलिस द्वारा थाना तलैया क्षेत्र में विधि विरूध्‍द बालक को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से 15 तलवार एवं 08 छुरे बरामद किए गए।

ग्वालियर

पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो एवं स्टेटस डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर एक 315 बोर का देशी कट्टा जब्‍त किया। इसी प्रकार थाना आरोन में दो 315  बोर के देसी कट्टे एवं थाना थाटीपुर में 1 अवैध देसी कट्टा जप्त किया है। 

वहीं एक अन्‍य कार्रवाई में चोरी के बिजली तार ले जा रहे आरोपियों से एक देशी कट्टा, जिंदा राउंड, लगभग 150 किलो बिजली तार एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

इसी प्रकार इंदौर में 01 पिस्‍टल, शिवपुरी में  315 बोर के 02 देशी कट्टे एवं 07 कारतूस, टीकमगढ़ में 12 बोर का 01 एवं 314 बोर का 01 देशी कट्टा एवं दो जिंदा कारतूस, अलीराजपुर में 12 बोर का 01 देशी कट्टा एवं कारतूस तथा छतरपुर में 315 बोर का 01 देशी कट्टा, 01 अवैध बंदूक एवं कारतूस ,बुरहानपुर में अवैध हस्त निर्मित 02 देशी पिस्टल  एवं उज्जैन में अवैध 02 देशी पिस्टल जब्त की है। 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने, निर्माण करने एवं आपराधिक गतिविधियों में उपयोग करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

टीकमगढ़ के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल दो युवतियों एवं एक युवक को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल

टीकमगढ़ जिले के थाना दिगौड़ा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से सड़क दुर्घटना में घायल दो युवतियों एवं एक युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

05 जून  को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना दिगौड़ा क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड बर्माताल के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें दो युवतियाँ एवं एक युवक घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही दिगौड़ा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ सउनि  कल्याण सिंह यादव एवं पायलट  आशीष यादव ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी घायलों को तत्काल डायल 112 वाहन की सहायता से जिला चिकित्सालय, टीकमगढ़ पहुँचाया।

डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

U-18 एशिया कप में भारत को कांस्य, मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की चार बेटियों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का गौरव

भोपाल 

जापान के काकामिगाहारा शहर में आयोजित महिला U-18 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने कोरिया को 3-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया।

भारतीय टीम की इस उल्लेखनीय सफलता में मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों— महक परिहार, स्नेहा दावड़े, नम्मी गीता और नौशीन नाज़— ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को पदक दिलाने में अहम योगदान दिया।

नौशीन नाज़ बनीं टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर

इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की होनहार खिलाड़ी नौशीन नाज़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम के लिए 12 गोल दागे और टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपनी आक्रामक खेल शैली और गोल करने की क्षमता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच दिखाया दम

29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की शीर्ष महिला अंडर-18 हॉकी टीमों ने भाग लिया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कांस्य पदक मुकाबले में कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 3-0 की जीत ने भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और कौशल को दर्शाया।

प्रदेश के लिए गर्व का क्षण

मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की चार खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वहीं नौशीन नाज़ का टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बनना इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है। इन खिलाड़ियों की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि मध्यप्रदेश खेल प्रतिभाओं को निखारने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम को कांस्य पदक जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश और मध्यप्रदेश दोनों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की खिलाड़ियों महक परिहार, स्नेहा दावड़े, नम्मी गीता एवं नौशीन नाज़ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन बेटियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से प्रदेश का मान बढ़ाया है।

 सारंग ने नौशीन नाज़ के टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर बनने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये खिलाड़ी भविष्य में भी भारत और मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करती रहेंगी।

खेल विभाग ने दी शुभकामनाएं

खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश ने भारतीय टीम तथा सभी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

मध्यप्रदेश की इन बेटियों की उपलब्धि न केवल प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि महिला हॉकी के विकास को भी नई दिशा देने वाली है। भारत के लिए जीता गया यह कांस्य पदक और नौशीन नाज़ का टॉप स्कोरर बनना प्रदेश के खेल इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

 

प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी की होगी अपनी विशिष्ट अपार आईडी

भोपाल 

प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा।

प्रदेश में 1 करोड 39 लाख से अधिक स्‍कूली विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी

स्‍कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा।

प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्‍कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्‍कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।

प्रत्‍येक शनिवार स्‍कूलों में  मेगा अपार दिवस का आयोजन

प्रदेश की सभी स्कूलों में “मेगा अपार दिवस” का 30 जून तक आयोजन किया जाएगा। यह प्रत्येक शनिवार को होगा। इसी कडी में आज 6 जून को स्कूलों में पहले अपार दिवस का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों ने अपना अपार पंजीयन कराया।

अपार आईडी के लाभ

अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्‍टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है।

विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्‍त लोक शिक्षण और संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने मई माह में संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से सभी जिला कलेक्‍टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है।

स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार “अपार” आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्‍ध कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।

जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर  विशेष व्यवस्था

विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के लिए जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विद्यार्थी निर्धारित मेगा दिवस इन स्थलों पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं।

अपार आईडी निर्माण के लिए स्कूल के प्रधानाध्‍यापक होंगे उत्‍तरदायी

विद्यार्थियों को अपार आईडी पंजीयन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि  शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्‍तरदायी होंगे।

क्‍या है अपार आईडी

अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है।

भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस के लिये मध्‍यप्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्‍कूलों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।

 

कृषि, उद्यानिकी और सहकारिता के संयुक्त प्रयासों से किसानों को दें बेहतर सुविधाएं

भोपाल 

कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने खरीफ की आगामी फसलों के संबंध में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इन सामूहिक प्रयासों से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी फसल मार्केट में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और किसानों की आय भी बढ़गी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए।

 बर्णवाल शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय उज्जैन के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी पी आहूजा, सचिव किसान कल्याण  निशांत बरबडे, आयुक्त उज्जैन  आशीष सिंह, सचिव उद्यानिकी  जान किन्सली ए आर, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी  अरविंद कुमार दुबे, प्रबन्ध संचालक सहकारिता  अभिजित अग्रवाल, पंजीयक सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबन्ध संचालक मंडी बोर्ड  कुमार पुरुषोत्तम और संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कारोबार को दोगुना करने के लक्ष्य पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक, खेती के साथ नवाचार, उद्यम के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही बीज की उन्नत खेती के लिए भी प्रेरित करें। पूसा अरहर फसल की जानकारी देकर किसानों को बताएं कि पूसा अरहर का उत्पादन भी बहुत अधिक है। उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानकी विभाग और खाद्य प्रसंस्करण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाएं। उद्यानिकी फसलों से किसानों को नगद राशि प्राप्त होती है और उनकी आय भी बेहतर हो जाती है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उद्यानिकी की एक दो फसलों को फोकस कर जिले में बेहतर तरीके से उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करे। साथ ही उन्हीं फसलों से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए फूलों की खेती के लिए रकबा बढ़ाने और करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने के लक्ष्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के पहले फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा बढ़ाने के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित कर लाभ दिलाया जाएगा। संभाग के अन्य जिलों के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के नवाचार को लेकर जानकारी ली गई। जिलों के कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने उद्यानिकी फसलों को लेकर किए जा रहे नवाचार के साथ ही आलू, सतंरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रेगन फ्रूट, खीरा, तरबूज, चिया सीड्स जैसे खाद्य फसलों रकबा बढ़ाने के साथ विक्रय के लिए मार्केट उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी।

कृषि उत्पादन आयुक्त  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज, राइजनिंग चैंबर की क्षमताओं को बढ़ाएं। सभी जिलों में कम से कम एक राइजनिंग चैंबर आवश्यक रूप से हो जिससे फसलों को पकाने के लिए सही तरीके का उपयोग हो सके। फूड प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ाने के प्रयास करें। साथ ही किसानों को उद्यानकी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिलों मे शिविर भी लगाएं।

सहकारिता की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज देने से उनकी आय बेहतर होगी। किसानो को खेती, उपकरण, के लिए पूंजी उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख काम है। प्रमुख सचिव  डी पी आहूजा ने सहकारिता से सम्बन्धित गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जिलों में सहकारी समितियों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। पैक्स के माध्यम से किसानों को जोड़कर उनको बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा जा रही है।

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध

समीक्षा बैठक मे कृषि कल्याण विभाग के सचिव  निशांत बरबडे ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके का पर्याप्त मात्रा में भंडारण है। किसी भी जिले में कोई कमी नही है। किसानों की मांग के अनुसार उन्हे खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन के साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध होगी और लगातार किसान इससे खाद ले सकेंगे ।

 बर्णवाल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद्य वितरण केंद्रो पर व्यापक इंतजाम हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छांव की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद की उपयोगिता की सूचना दें और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर किसानों को खाद उपलब्धता की सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि खाद भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। इसके लिए अभी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। सहकारिता के माध्यम से ऋणी और अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए।  बर्णवाल ने कहा कि फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। कोई भी जिले में शिकायतें पैंडिग नही रहे। साथ ही अवैधानिक रूप से खाद्य विक्रय कर रहे पेस्टिसाइड्स का निर्माण और बिक्री और गलत बीजों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं ।

 बरबड़े ने भी किसानों से संबंधित चल रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार से खाद-बीज की कमी नही होने दी जाएगी। खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

उद्यानिकी विभाग के आयुक्त सह संचालक  अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के समय भी इन फसलों का अलग से उल्लेख हो जिससे की वास्तविक आंकड़े उपलब्ध रहे। साथ ही किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोडऩे के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार करने के संबंध में भी कलेक्टर को निर्देशित किया गया।

फसलों को पकाने के लिए राइजिंग चैंबर हर जिले मे बनाया जाये जिससे जनता को केमिकल रहित फल उपलब्ध हो। जिले मे कोल्ड स्टोरेज और अन्य योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए भी व्यापक दिशा निर्देश बैठक में दिए गए। इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों को राजस्व रिकॉर्ड में जोडऩे के लिए भी कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि गिरदावरी करते समय उद्यान की फसलों का रकबा अलग से जोड़ा जाए।

 

साइबर सुरक्षा एवं एआई-एमएल के क्षेत्र में युवाओं का हुआ कौशल संवर्धन

भोपाल 

मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा उद्योग साझेदार एवं एसएसआरजीएसपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में 400 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी,बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस और एआईएसईसीटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई एवं एमएल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के कौशल का विकास करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था।

समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्रों में डेटा सुरक्षा, सुरक्षित कोडिंग और  साइबर खतरों की पहचान और प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। “ डेटा सिक्योरिटी फंडामेंटल्स” सत्र में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, डेटा गवर्नेंस एवं नियामकीय अनुपालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वहीं “सिक्योर कोडिंग एंड डेवलपर सिक्योरिटी प्रैक्टिसेज” सत्र में सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

“सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी), थ्रेट डिटेक्शन, मॉनिटरिंग एंड रिस्पॉन्स” विषयक सत्र में प्रतिभागियों को आधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र, एसआईईएम प्लेटफॉर्म, एंडपॉइंट डिटेक्शन सिस्टम तथा वल्नरेबिलिटी स्कैनिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी जानकारी साझा की गई।

उल्लेखनीय है कि 400 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में तकनीकी कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा मध्यप्रदेश को डिजिटल प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

म.प्र. बना निवेश एवं निर्यात का नया केंद्र, लैटिन अमेरिकी देशों में बढ़ रही ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों की मांग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा मध्यप्रदेश अब वैश्विक व्यापार जगत में भी अपनी सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तथा लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच बढ़ती परस्पर आर्थिक साझेदारी में मध्यप्रदेश भी अपनी अधिकतम क्षमताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम अवसरों की धरती है। प्रदेश की स्थिर और पारदर्शी नीतियां निवेश और उद्योग फ्रेंडली हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मा इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, डिफेंस सेक्टर, और टेक्नॉलजी के क्षेत्र में हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं। हमारे पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। आज मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा हब बन चुका है। प्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक के सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और अत्याधुनिक रेल व हवाई कनेक्टिविटी ने यातायात को सुगम बना दिया है। अगले 5 सालों में हम 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैटिन-अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश, उत्पादन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आपके साथ एक ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण व्यापार-व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। राज्य में कानून- व्यवस्था की कोई परेशानी नहीं है। यहां औद्योगिक कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश सबको अपनाने वाला राज्य है, जो एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है। मध्यप्रदेश में खुले दिल से निवेश करें, यहां निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच – 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर इस ट्रेड फोरम के उद्घाटन सत्र का विधिवत् आरंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का रिमोट से शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित स्पेशल मैगजीन ‘द बिजनेस टायकून्स’ का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद एवं जंबो बैग, कृषि आधारित उत्पाद तथा विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की निर्यात क्षमता के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापारिक विनिमय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों में ‘मेड इन इंडिया’ के साथ ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को मिल रहे स्नेह, अपनत्व, विश्वास और दिनों-दिन बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर मालवा को नई पहचान दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदौर प्राचीन काल में भी उन्नत व्यापार और व्यवसाय की सुगमता के कारण बड़ा व्यावसायिक केन्द्र हुआ करता था। पहले यहां सिल्क मार्ग से दुनियाभर में व्यापार होता था। भारत और लैटिन अमेरिका की परंपराओं में नजदीकियां दिखाई पड़ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में से एक है। हम सच्चे अर्थों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति अब ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रही है। अब हम वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भी एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह लैटिन अमेरिका की प्राचीन संस्कृतियों ने मदर अर्थ (Pachamama – पचमामा) को पूजा, वैसे ही हम पंच तत्वों और प्रकृति के कण-कण को पूजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सवों का उल्लास, संगीत, अनुराग, पारिवारिक ताना-बाना और हमारी जनजातीय कलाओं की जीवंतता सबमें बड़ी समानताएं हैं। यह बताते हैं कि हमारे जीवन मूल्य और हमारे संस्कार मूलत: एक हैं, समान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारत अपनी क्षमता, योग्यता और विशेषताओं के साथ दुनियाभर में व्यापार, व्यवसाय और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है।

    भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग के इस महान मंच की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। आज हम सिर्फ़ देशों को नहीं, महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रख रहे हैं। यह मंच भारत, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारी, नई संभावनाओं और नए विश्वास का सेतु है। भारत का हरेक राज्य अपनी क्षमताओं और विशेषताओं के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि में तत्पर है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर और पीथमपुर का विशेष ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों ही क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स का ग्लोबल हब बन चुके हैं। यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है। हम क्यूबा के विश्व प्रसिद्ध बायोटेक एवं फार्मा अनुसंधान के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए नवाचार करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। ब्राज़ील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया के साथ मध्यप्रदेश का निरंतर बढ़ता व्यापार हमारे अटूट भरोसे का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फोरम के सदस्य देशों के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि आप सब आजादी के अमृतकाल में मध्यप्रदेश पधारे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश “विकसित भारत-2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। संकल्प को साकार करने में वैश्विक व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर उन्नत स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित और स्वच्छ ऊर्जा, खनन और लॉजिस्टिक्स तक ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां हम मिलकर एक इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें क्रेता-विक्रेता, आयातक-निर्यातक से बढ़कर साझेदार की भूमिका निभानी है। हम संयुक्त उद्यमों की स्थापना करें, उन्नत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करें और परस्पर कौशल विकास तथा निवेश सहयोग को एक नई गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद और मजबूत इंडस्ट्रियल पैकेजिंग (जंबो बैग्स/एफआईबीसी) हमारे निर्यात की प्रमुख रीढ़ हैं। मैक्सिको में चल रहे ‘ऑटो नियरशोरिंग’ के इस दौर में और ब्राज़ील की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा इंदौर आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते आईटी और स्टार्ट-अप हब्स में से एक है। मैक्सिको के आईटी इको सिस्टम, डोमिनिकन गणराज्य के पर्यटन-टेक और इक्वाडोर के उभरते फिनटेक परिदृश्य के लिए हमारे पास कुशल और नवाचारी युवा उपलब्ध हैं, जो आपकी वैश्विक मांगों की पूर्ति करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आपकी भी अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत का फूड बास्केट बन रहा है। कृषि से संबंधित क्षेत्रों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, देश की ताकत बन रहा है। मध्यप्रदेश, अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला की मजबूत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ समन्वय कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा की दिशा में हम वृहद स्तर पर एक प्रयास कर सकते हैं। हमारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र लैटिन-अमेरिकी-कैरेबियन देशों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद और सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा और खनिज संपदा में अग्रणी है। चिली और पेरू के खनिज भंडारों तथा वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र के लिए इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श और भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत सरप्लस राज्य है। हमारी 31 हज़ार मेगावाट से अधिक की उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। देश में सर्वाधिक हीरा, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसी खनिज संपदा और उद्योगों के लिए आरक्षित जल हमारी औद्योगिक रीढ़ को और मज़बूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप इको सिस्टम देश में मिसाल है। हमारे 6 हजार से अधिक स्टार्ट-अप्स में से 45 प्रतिशत से अधिक का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है। हम महिलाओं को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे महिला कार्य बल को बढ़ावा मिल रहा है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई दिशा देते हुए हमने ‘जन विश्वास अधिनियम’ लागू किया है। इसमें 108 पुराने और जटिल नियमों को पूरी तरह समाप्त या पहले से सरल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच में हो रहा मंथन दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगा। इस मंच से निकलने वाले सार्थक सुझावों और अमृत संदेशों को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता, क्षमता और दक्षता के साथ आत्मसात कर धरातल पर उतारेगी, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक व्यापार और निवेश के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

भारत में उरुग्वे के राजदूत  एमरिला ने कहा कि ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ में मध्यप्रदेश ने हमें हमेशा से आकर्षित किया है। भारत सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपने लक्ष्यों को हासिल किया है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया है। उरुग्वे ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए व्यापार और निवेश गतिविधियों को बढ़ाया है। अब तेजी से गुड्स प्रोडेक्ट्स साउथ अमेरिका से भारत पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ शुरूआत है, हमारे बीच व्यापारिक संबंधों का उत्कृष्ट परिणाम आना अभी शेष है। यह आयोजन निश्चित रूप से निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन देगा।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और अपार निवेश संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के लिए व्यापार एवं निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश को ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ भी कहा जाता है। देश के मध्य में होने के कारण यहां से हवाई, रेल और सड़क परिवहन की सुगम व्यवस्था है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में भारत में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में कुल 340 नोटिफाई इंडस्ट्रियल एरिया हैं। औद्योगिक गतिविधियों के लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए कैबिनेट कमेटी गठित की है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 पॉलिसी लागू की हैं। उद्योग और निवेशकों के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी लागू है। देश-दुनिया के निवेशकों और बड़े औद्योगिक समूहों ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों पर भरोसा किया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में हर सेक्टर में निवेश में बड़ी तेजी आयी है।

स्वागत संबोधन में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसीडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका केवल समुद्री तौर पर अलग हैं, लेकिन एक साझा लक्ष्य के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 का मूल उद्देश्य ग्लोबल साउथ को समृद्ध करना और इसकी सम्प्रभुता को भी मजबूत बनाना है। मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक गतिशील राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल, मैन्यूफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सर्विस इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल पार्ट्स सहित अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी विजन से ही मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव सहित आज हो रहा यह आयोजन संभव हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भारत में उरुग्वे के राजदूत  अल्बर्टो एंटोनियो गुआने एमरिला, पेरू के राजदूत  जेवियर मैनुअल पॉलिंच वेलाद्रे, पनामा रिपब्लिक के राजदूत  अलोंसो कोरिया मिगुएल, अल-सल्वाडोर के राजदूत  गुइलेर्मो रुबियो फुनेस, क्यूबा के राजदूत  जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा, ग्वाटेमाला के राजदूत  उमर लिसैंड्रो कास्टानेडा सोलारेस, गुयाना के हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त)  धरमकुमार सीराज, इक्वाडोर के राजदूत   थियोडोरो माल्डोनाडो, मुंबई स्थित दूतावास में मेक्सिको के महावाणिज्य दूत  एडोल्फो गार्सिया एस्ट्राडा, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद  शंकर लालवानी सहित प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन  राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक, म.प्र. औद्योगिक विकास निगम  चंद्रमौली शुक्ला, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवेशक, बिजनेस टायकून्स, उद्योगपति, फोरम के सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में नमामि गंगे मिशन की बड़ी चुनौती, विकास कार्यों के बीच समय पर पूरा करना लक्ष्य

उज्जैन
तीन साल की लंबी प्रतीक्षा और कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने वाले ”नमामी गंगे मिशन” को केंद्र सरकार से हरी झंडी तो मिल गई है, लेकिन अब प्रशासन और निर्माण एजेंसी के सामने इससे भी बड़ी अग्निपरीक्षा शुरू होने जा रही है। गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) की ‘सोमवंशी एनवायरो फर्म’ को 81 करोड़ रुपये का टेंडर मंजूर होने के बाद, अब सबसे बड़ा संकट सिंहस्थ-2028 की समय-सीमा के भीतर इस पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने का है।

टेंडर की शर्तों के मुताबिक, इस पूरी परियोजना को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय निर्धारित है। लेकिन तकनीकी और वित्तीय उलझनों के कारण जो परियोजना दो साल पहले शुरू हो जानी थी, उसमें तीन साल की भारी देरी हो चुकी है। इस लेती-लतीफी के कारण अब प्रशासन के पास समय बहुत कम बचा है।

वर्तमान में उज्जैन शहर के भीतर सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर सड़क चौड़ीकरण, नए घाटों का निर्माण, पुल, सीवरेज नेटवर्क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दर्जनों विकास कार्य एक साथ समानांतर रूप से चल रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग निर्माण एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय बैठाना और बिना किसी बाधा के समयबद्ध तरीके से काम को अंजाम देना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। यदि इस बार भी काम समय पर पूरा नहीं हुआ, तो सिंहस्थ से पहले शिप्रा शुद्धिकरण का मुख्य लक्ष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है।

एमआईसी कब करेगी मंजूर
केंद्र सरकार ने तो ठेकेदार तय करने को स्वीकृति दे दी मगर एमआइसी यानी महापौर परिषद से स्वीकृति मिलना अभी बाकी है। ये स्वीकृति कब मिलेगी, स्वीकृति उपरांत कार्य आदेश कब जारी होगा, कब भूमि पूजन होगा, ये अभी तय नहीं हो सका है।
92.78 करोड़ की थी प्रशासनिक स्वीकृति, 81 करोड़ में हुआ टेंडर लॉक

शिप्रा नदी में मिलने वाले भैरवगढ़ और पीलियाखाल क्षेत्र के दूषित पानी को रोकने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने 24 मई 2023 को ही 92 करोड़ 78 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी थी। जून 2023 में महापौर परिषद (एमआइसी) से हरी झंडी मिलने के बाद चार फर्मों ने निविदा में भाग लिया, लेकिन कड़ी परीक्षण प्रक्रिया के चलते पूर्व के सभी प्रस्ताव निरस्त करने पड़े। इसके बाद इसी साल फरवरी में संशोधित दरों के साथ फिर से टेंडर बुलाए गए, जिसमें अब गाजियाबाद की कंपनी का चयन किया गया है।

पीएलसी-स्काडा आधारित मानिटरिंग और 15 साल का मेंटेनेंस
इस हाईटेक परियोजना के तहत पीलियाखाल क्षेत्र में 22.06 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और भैरवगढ़ क्षेत्र में 2.38 एमएलडी क्षमता का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा। बता दे कि अभी भैरवगढ़ क्षेत्र में बाटिक प्रिंट इकाइयों का केमिकल युक्त पानी सीधे शिप्रा में मिलता है, प्लांट लगने के बाद नहीं मिलेगा। योजना अनुसार दो सीवेज पंपिंग स्टेशन, दो एफ्लुएंट पंपिंग स्टेशन, 1420 मीटर राइजिंग मेन और 3500 मीटर एफ्लुएंट पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जल की शुद्धता की रियल-टाइम जांच के लिए अत्याधुनिक पीएलसी-स्काडा आधारित मानिटरिंग सिस्टम लगेगा। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यह प्लांट सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं से लैस होगा। खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी ही अगले 15 वर्षों तक इसके संचालन और रख-रखाव का पूरा जिम्मा संभालेगी।

सिंहस्थ-2028 के लिहाज से क्या बदलेगा

नालों पर रोक: भैरवगढ़ की रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों और पीलियाखाल का गंदा पानी अब सीधे शिप्रा नदी में नहीं मिलेगा।

शुद्ध जल: सीवेज का पूर्ण उपचार होने से नदी की जल गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार होगा।

आस्था का सम्मान: सिंहस्थ महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आचमन और स्नान के लिए स्वच्छ व अविरल शिप्रा जल मिल सकेगा।

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