जबलपुर में युवक का अपहरण कर मांगी फिरौती, बहन का वीडियो बनाने से रोकने पर की बेरहमी से मारपीट

जबलपुर.

खितौला थाना क्षेत्र में दोस्त की बहन का वीडियो बनाने का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोपियों ने युवक का अपहरण कर अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। चाकू की नोक पर उससे नकदी छीन ली और रिहाई के बदले फिरौती भी मांगी।

मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपीों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार नया मोहल्ला निवासी रंगरेज तीन जून की रात खितौला बस स्टैंड पर अपनी लोडिंग ऑटो खड़ी करने गया था। वहां उसका दोस्त अमन कोरी अपनी बहन के साथ मौजूद था। इसी दौरान विक्की उर्फ विकास कोल, ओम कोल और आशु कुमार पहुंचे और अमन की बहन का वीडियो बनाने लगे। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और आरोपी वहां से चले गए।

अपहरण कर सुनसान जगहों पर की पिटाई
कुछ देर बाद आरोपी अपने अन्य साथियों अजीत कोल, दीपक कोल और संजू कोल के साथ लौटे। सभी ने मिलकर रंगरेज के साथ मारपीट की और जबरन बाइक पर बैठाकर ले गए। वहां पिटाई की गई। आरोप है कि विक्की ने चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट का वीडियो भी बनाया। आरोपियों ने रंगरेज की जेब से 2600 रुपये छीन लिए।

छह आरोपी गिरफ्तार
शिकायत के बाद खितौला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजीत कोल, दीपक कोल, विक्की उर्फ विकास कोल, ओम कोल, आशु कुमार और संजू कोल को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपीों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में रखा गया है।

MP असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती अभ्यर्थियों को राहत, हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद जल्द जारी होगा रिजल्ट

जबलपुर.

कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2024 का रिजल्ट जल्द आएगा। जबलपुर हाई कोर्ट से रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी गई है। कोर्ट ने पीएससी को सशर्त रिजल्ट जारी करने की मंजूरी दी है।

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीबंद लिफाफे में सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जा सके। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद निर्धारित की गई है।

अनुभव के लिए 25 अंक पर उठाए सवाल
एमपीपीएससी द्वारा 24 और 30 दिसंबर 2024 को कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें अनुभव के लिए 25 अंक निर्धारित थे। जिस पर छतरपुर के हरचंडी अहिरवार सहित अन्य कैंडिडेट्स ने सवाल उठाया था। उनका आरोप था कि उन्हें आरक्षण के लाभों से वंचित किया जा रहा है। याचिका लगाने पर इस परीक्षा के रिजल्ट पर रोक लगा दी गई।

MPPSC ने रिजल्ट पर रोक हटाने की मांग की
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों की बेंच ने लिखित परीक्षा पास कर चुके कैंडिडेट्स के साक्षात्कार को 17 मार्च 2026 को अनुमति दी थी, लेकिन इसके परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। एमपीपीएससी की ओर से कोर्ट में आवेदन दिया गया। जिसमें उन्होंने रिजल्ट पर लगी रोक हटाने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष दिए ये तर्क
राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और एमपीपीएससी के अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने कोर्ट के समक्ष अपने तर्क दिए। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति जारी की।

हमीदिया अस्पताल के बाहर तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवारों को कुचलने के बाद भड़की भीड़

भोपाल.

शहर के कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित हमीदिया अस्पताल परिसर में रविवार को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर सवार एक बुजुर्ग महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से मौके पर मौजूद प्रत्यक्ष दर्शियों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया। कार चालक की लापरवाही और तेज स्पीड से नाराज भीड़ ने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। गुस्से में लोगों ने कार में जमकर तोड़फोड़ की, उसके शीशे तोड़ दिए और अंत में पूरी कार को सड़क पर पलट दिया।

नशे में भोपाल की सड़कों पर दौड़ाई कार, कई लोगों को रौंदा
ज्ञात होकि एक पखवाड़ा पहले तेज रफ्तार बेकाबू कार ने शहर में जमकर उत्पात मचाया. कार चला रहे युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे. बताया जा रहा है कि बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने सड़क पर कई वाहनों, लोगों  और ठेलों को टक्कर मार दी. करीब 10 से 12 किलोमीटर तक कार का आतंक जारी रहा, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार रात 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच हुई. जानकारी के अनुसार सर्व दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित अन्य युवक बैरागढ़ इलाके में एक जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. पार्टी के दौरान उन्होंने शराब पी और उसके बाद एक कार में सवार होकर निकल पड़े. शुरुआत में आदित्य नाम का एक युवक कार चला रहा था. बाद में स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्व दुबे को सौंप दी. सर्व दुबे ने कार को तेजी से आगे बढ़ाया.

रास्ते में वह लगातार आगे बढ़ता रहा और ठेलों, मोटरसाइकिलों तथा कई पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी. कीर्ति मेडिकल के आस-पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनल इलाके तक, तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. आरोपी युवकों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर भी हमला किया. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक कार चलाते हुए हंगामा कर रहे हैं, वे तुरंत हरकत में आ गई.  तीन थानों के पुलिस कर्मियों ने वाहन का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद मीनल के पास सभी को पकड़ लिया. 

MP स्वास्थ्य विभाग में तबादलों के नए नियम लागू, एक स्थान पर 3 साल की सेवा अनिवार्य

भोपाल.

स्वास्थ्य विभाग के अफसर-कर्मचारियों की अब ट्रांसफर में मनमानी नहीं चलेगी। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SAP) जारी की है। जिसके तहत अब एक स्थान पर तीन साल की सर्विस को जरूरी कर दिया है।

तीन साल की सर्विस पूरी कर चुके अफसर-कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसमें भी अफसर-कर्मचारी मनपसंद जिले या गृह क्षेत्र के आसपास तबादला नहीं करा पाएंगे।

इनका स्वेच्छा से किया जाएगा तबादला
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि करंट पोस्टिंग के दौरान सिर्फ गंभीर बीमारी, दिव्यांग, उनके आश्रित की देखभाल, विधावा, परित्यक्ता महिला, सिंगल मदर या फादर बच्चों की परवरिश या एक स्थान पर पति-पत्नी तबादला चाहते हैं तो उनका ट्रांसफर किया जाएगा। 

8 से 12 जून तक ऑनलाइन लिए जाएंगे आवेदन
स्वास्थ्य विभाग ने अफसर-कर्मचारियों से पांच दिन में आवेदन मांगे हैं। इसके लिए 8 से 12 जून तक की तारीख जारी है। इस बीच अफसर-कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 

ई-एचआरएमआईएस पोर्टल पर होगी पूरी प्रोसेस
ट्रांसफर की पूरी प्रोसेस ई-एचआरएमआईएस पोर्टल के जरिए की जाएगी। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं किया जाएगा।

MP-CG आयकर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बस्तर से ग्वालियर तक 182 अधिकारियों के तबादले

रायपुर.

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आयकर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Income Tax Department Transfers) किया गया है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बस्तर से लेकर ग्वालियर तक पदस्थ 182 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। विभागीय स्तर पर हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्थानांतरण सूची में 20 अतिरिक्त, संयुक्त आयुक्त एवं अतिरिक्त संयुक्त अन्वेषण निदेशक शामिल हैं। इसके अलावा 48 उपायुक्त और 114 आयकर अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हाल ही में पदोन्नत हुए 14 अधिकारियों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं। उनकी पदोन्नति के बाद से ही तबादलों की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 18 अतिरिक्त आयुक्त और 11 उपायुक्तों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। विभाग का मानना है कि इस फेरबदल से कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा।

जून में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 12 से 15 जून के बीच अपनी नई पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। विभाग ने समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

उज्जैन में बनेगी 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट प्रतिमा, 220 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार

उज्जैन.

उज्जैन, जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप मूर्ति के रूप में देश को एक नई पहचान देने जा रहा है। ‘श्री महाकाल महालोक’ के बाद यहां एक और भव्य धार्मिक-पर्यटन परियोजना आकार लेने जा रही है। परियोजना, 220 करोड़ रुपये की है, जिससे उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप धातु की मूर्ति स्थापित करेगा।

30 एकड़ क्षेत्र विकास की इस परियोजना में मूर्ति के साथ अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और विशाल हरित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि मूर्ति का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व प्रसिद्ध 182 मीटर ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू आफ यूनिटी) के शिल्पकार पद्मभूषण राम वनजी सुतार के पुत्र एवं ख्यात आर्किटेक्ट डा. अनिल राम सुतार करेंगे। लगभग 30 फीट ऊंचे पेडस्टल पर स्थापित होने वाली यह प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाएगी और इसके देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा बनने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में आर्किटेक्ट अनिल सुतार उज्जैन और विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी से मिले।

बैठक में मूर्ति के स्वरूप, उसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तथा पूरे परिसर के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि प्रतिमा को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा जो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप, उनके दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें।

स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित होगा परिसर
योजना के अनुसार यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी क्षेत्र से लगी लगभग 30 एकड़ भूमि को एक विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां हरित परिदृश्य, आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रतिमा परिसर में स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव
परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार हो चुका है। करीब 220 करोड़ रुपये की इस योजना को अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ा आकर्षण बन सकती है। यदि योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है तो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा के रूप में स्थापित हो सकती है।

यह भी जानिये
उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन की ‘श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना’ में शामिल है जिसके तहत 81 करोड़ रुपये से मंगलनाथ रोड स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम (वह स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की) और 120 करोड़ रुपये से महिदपुर के नारायणा धाम का विकास एवं सुंदरीकरण कार्य भी होना है।

भोपाल के रेस्टोरेंट में भीषण आग, दो मंजिला इमारत को चपेट में लिया, दीवार तोड़कर पहुंचे दमकलकर्मी

भोपाल.

राजधानी के वीआईपी रोड और एयरपोर्ट मार्ग को जोड़ने वाले व्यस्त लालघाटी इलाके में रविवार सुबह एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते रेस्टोरेंट की पहली और दूसरी मंजिल इसकी चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अमले और फायर ब्रिगेड की टीम ने मोर्चा संभाला।

शहर के अलग-अलग इलाकों से 3 वाटर टैंकर समेत फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाना शुरू किया।

धुएं को समझा सामान्य, डेढ़ घंटे बाद दिखने लगीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 7:00 बजे इमारत से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया था। चूंकि सुबह के वक्त रेस्टोरेंट के किचन में काम शुरू होता है, इसलिए शुरुआत में लोगों ने इसे रोजाना का सामान्य धुआं समझकर नजरअंदाज कर दिया।
लेकिन धीरे-धीरे धुएं का गुबार काला और घना होने लगा। सुबह करीब 8:30 बजे जब इमारत की खिड़कियों से आग की ऊंची लपटें बाहर निकलने लगीं, तब जाकर इलाके में हड़कंप मचा और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।

किचन से भड़की आग, दीवार तोड़कर अंदर पहुंचे दमकलकर्मी
फायर कंट्रोल रूम से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत रेस्टोरेंट के ग्राउंड फ्लोर पर बने किचन से हुई थी। संभवतः शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज के कारण भड़की आग ने पहली मंजिल को अपनी चपेट में लिया और फिर दूसरे फ्लोर तक पहुंच गई। पूरी इमारत में धुआं भरने और रास्ता संकरा होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर दाखिल होने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को भांपते हुए दमकलकर्मियों ने हाइड्रोलिक कटर की मदद से इमारत की पिछली दीवार को तोड़ा, जिसके बाद पानी की बौछारें अंदर तक पहुंचाई जा सकीं।

बड़ा सवाल: हाल ही में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी मॉल, होटल और रेस्टोरेंट का फायर ऑडिट कराने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रिहायशी और व्यावसायिक रूप से बेहद संवेदनशील लालघाटी चौराहे पर बने इस रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी के क्या इंतजाम थे, यह जांच का विषय है।

जबलपुर में दर्दनाक हादसा: विवाद सुलझाने पहुंची भाजपा नेत्री की पिस्टल से चली गोली, पेट में लगने से मौत

जबलपुर.

रांझी थाना क्षेत्र के पुराने शोभापुर में शनिवार रविवार मध्य रात्रि गोली लगने से घायल हुई भाजपा नेत्री संगीता रजक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कुछ दिनों पहले भाजपा नेत्री संगीता रजक (38) के घर में बदमाशों ने बम फेंके थे, जिसके बाद से लगातार वहां तनाव का माहौल बना हुआ था।

संगीता गोकलपुर वार्ड से गत नगर निगम चुनाव में भाजपा की पार्षद पद की प्रत्याशी रही हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार की देर रात उनके घर के बाहर शोर हो रहा था। घर के पुरूष शोर सुन दरवाजे की तरफ भागे। इसी दौरान संगीता भी अपनी लायसेंसी बंदूक लेकर निकली। घर की गैलरी में अचानक गोली चलने की सुनाई दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य जैसे ही वहां पहुंचे, तो संगीता घायल पड़ी हुई थी। पेट से काफी खून बह रहा था। परिजन तत्काल उसे लेकर एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया।

परिजन ने बताया गया की कुछ दिन पहले उनके घर में कुछ बदमाशों ने बम चलाया था, तो सुरक्षा की दृष्टि से अपनी लायसेंसी 12 बोर बन्दूक पास में रखते थे। रात 1 बजे के लगभग घर के बाहर कुछ हलचल सुनाई दी, तो संगीता के पति बंटी रजक घर के बाहर निकले। पति को बन्दूक देने के लिए संगीता कमरे से बाहर निकल रही थी, तो बरामदे में अचानक बंदूक से गोली चल गयी। वह संगीता के पेट में लग गयी। हॉस्पिटल पहुंचने के बाद संगीता को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन देर रात हुए विवाद और गोली चलने की परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है।

पार्षद चुनाव लड़ चुकी थीं संगीता
संगीता रजक भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई थीं। उनके पति बंटी रजक भी विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं।

राज्यसभा चुनाव में बढ़ा रोमांच: तीसरी सीट पर BJP की रणनीति पर सस्पेंस, कांग्रेस ने विधायकों को साधना शुरू किया

भोपाल.

मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल शनिवार को नामांकन दाखिल कर चुके हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी मैदान में हैं। लेकिन सबसे अधिक चर्चा तीसरी सीट को लेकर भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर हो रही है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने शनिवार को विधायक दल की बैठकें आयोजित कर मतदान प्रक्रिया, वोट की वैधता और चुनावी रणनीति पर अपने-अपने विधायकों को प्रशिक्षण दिया। हालांकि भाजपा ने तीसरी सीट को लेकर अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय नेतृत्व के संकेत मिलते ही अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाया जा सकता है।

भाजपा ने रणनीति रखी गोपनीय
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पार्टी फिलहाल केवल दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है और तीसरे प्रत्याशी को उतारने की कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद पार्टी के भीतर से मिल रहे संकेत बताते हैं कि तीसरी सीट को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा की रणनीति अंतिम समय तक गोपनीयता बनाए रखने की है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून होने के कारण राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि सोमवार को कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आ सकता है। इससे पहले वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कह चुके हैं कि यदि पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो उसे जिताने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।

कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता
उधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन मौजूद रहीं, लेकिन बैठक में अपेक्षित उत्साह और गर्मजोशी दिखाई नहीं दी। पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान तक किसी भी तरह की टूट-फूट रोकने में जुटा हुआ है। यही वजह है कि पार्टी लगातार अपने विधायकों के साथ संवाद बनाए हुए है।

2016 जैसा दांव दोहराने की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा यदि तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारती है तो यह रणनीति वर्ष 2016 की याद दिला सकती है, जब पार्टी ने विनोद गोटिया को तीसरी सीट पर उम्मीदवार बनाया था। हालांकि तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस बार बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा संभावनाओं को परख रही है। राज्यसभा चुनाव के अंतिम चरण में अब सभी की नजरें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। यदि तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतरता है तो चुनावी मुकाबला और रोचक हो सकता है।

इंदौर मेट्रो को मिलेगा रफ्तार का नया ट्रैक, अब 6 नहीं 17 किमी तक दौड़ेगी ट्रेन; बढ़ेंगे यात्री

इंदौर 

 मेट्रो अपने संचालन के दूसरे साल में एक बड़े विस्तार की तरफ बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक सुपर कॉरिडोर के अपेक्षाकृत कम आबादी वाले हिस्से में सीमित रहने वाली मेट्रो 18 जून से मालवीय नगर तक पहुंचने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो ट्रेन नजर आएगी और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, 31 मई 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद से अब तक करीब ढाई लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया है। वर्तमान में मेट्रो गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आवासीय आबादी सीमित होने के कारण नियमित यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

रियायती ऑफर समाप्त होने के बाद घटे यात्री
शुरुआती महीनों में मेट्रो ने लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और जॉय राइड की सुविधा दी थी। उस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहली बार मेट्रो का अनुभव लिया। बाद में रियायती ऑफर समाप्त होने और नियमित किराया लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति
अब मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मालवीय नगर तक तैयार हो चुका है। 25 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) इस हिस्से के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति भी दे चुके हैं।  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 18 जून को इस विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति बनी है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कर सकते हैं शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मेट्रो रेल निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को निगम के प्रबंध संचालक ने इंदौर पहुंचकर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। अधिकारियों का मानना है कि शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के बाद मेट्रो केवल आकर्षण का साधन नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। यही कारण है कि अगले कुछ महीनों में यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

एक नजर में
-2.5 लाख यात्री एक वर्ष में कर चुके हैं सफर
-31 मई 2025 को शुरू हुआ था कमर्शियल संचालन
-वर्तमान में केवल 6 किमी रूट पर चल रही है मेट्रो
-18 जून से बढ़कर 17 किमी रूट पर होगा संचालन
-25 मार्च 2026 को सीएमआरएस से मिली थी मंजूरी
-पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगी मेट्रो
-सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक चलेगी ट्रेन

क्यों महत्वपूर्ण है मालवीय नगर विस्तार?
-शहर के आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो से जोड़ेगा।
-दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
-निजी वाहनों और सड़क यातायात पर दबाव कम हो सकता है।
-भविष्य के पूर्ण मेट्रो नेटवर्क के लिए आधार तैयार होगा।
-मेट्रो की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।

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