लद्दाख की 800 एकड़ बंजर जमीन होगी हरी-भरी, इगू-फे नहर से बदलेगी तस्वीर

 स्पितुक 
 उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की देखरेख में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्पितुक इलाके की बंजर भूमि को हरा भरा बनाने की दिशा में अभियान ने जोर पकड़ लिया है।

लद्दाख के स्पितुक गांव में लगभग 800 एकड़ बंजर व क्षतिग्रस्त भूमि के पुनर्जीवन के लिए एक महत्वाकांक्षी पारिस्थितिक व भूमि पुनर्स्थापन अभियान छेड़ दिया गया है। यह जानकारी रविवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य सरल व किफायती फ्रेशवाटर इंजीनियरिंग तकनीक के माध्यम से सदियों से सूखी पड़ी भूमि को फिर से उपजाऊ बनाना है।

इस पहल के तहत हाल ही में पुनर्जीवित किए गए इगू–फे नहर से अतिरिक्त पानी को साधारण मशीनों की मदद से स्पितुक क्षेत्र की बंजर भूमि तक पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर मीठे पानी के प्रवाह से सूखी मिट्टी में नमी लौटने से नुकसान दायक तत्व बाहर निकल जाएंगे व प्राकृतिक वनस्पति का विकास शुरू हो जाएगा।

4,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो रही
इससे धीरे-धीरे यह बंजर इलाका उपजाऊ व नमी-संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र में बदल सकेगा। उपराज्यपाल ने स्पितुक इलाकों का दौरा कर क्षेत्र में हरियाली लाने की दिशा में हो रहे कार्याें के बारे में जानकारी ली।

बंजर भूमि को उपजाउ बनाने का अभियान लद्दाख में पहले से सफल रहे प्रोजेक्ट हिम सरोवर की उपलब्धियों को आगे बढ़ाता है। यह इगू–फे नहर पुनर्जीवन परियोजना का पूरक भी है। इस नहर के जरिए इस समय लद्दाख में 4,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो रही है। बंजर इलाकों में नहर से पानी पहुंचने से वहां पर पेड़ पौधे लगाने की मुहिम जोर पकड़ लेगी।

बंजर भूमि को उपजाउ बनाने की परियोजना से भूजल स्तर में सुधार, मिट्टी का कटाव रोकने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने व टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है। पहल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह माडल भविष्य में लद्दाख सहित अन्य शुष्क क्षेत्रों में भी पारिस्थितिक बदलाव व बंजर भूमि पुनर्जीवन के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

शरिया के नाम पर 3 हजार करोड़ की ठगी? ED के दावे से मचा हड़कंप, नौहेरा शेख पर गंभीर आरोप

 नई दिल्ली

शरिया कानून के मुताबिक ब्याज (रिबा) कमाना हराम होता है और कई मुसलमान इस वजह से अपना पैसा बैंकों में भी जमा नहीं कराते हैं। ऐसे ही मुसलमानों को टारगेट करके एक महिला ने 6 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए और 3000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। लालच दिया जाता था कि शरिया के नियमों का पालन करते हुए निवेश पर सालाना 36 फीसदी का मुनाफा मिलेगा। शुरुआत में कुछ लोगों को इसी तरह मोटा मुनाफा देकर विश्वास जीता गया और फिर हजारों करोड़ रुपये डकार लिए गए।

पीटीआई के मुताबिक, ईडी ने कहा कि शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य पर 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक मुनाफे का वादा करके लोगों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है। हालांकि, वे मूल राशि भी वापस करने में विफल रहे जिससे 1.72 लाख से अधिक निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में ईडी की अब तक की जांच और अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पिछले सप्ताह गुरुग्राम से गिरफ्तार की गई नौहेरा शेख ने शरिया कानून के मुताबिक मुसलमानों को निवेश और भारी मुनाफे का लालच दिया था और हजारों करोड़ रुपये जुटा लिए।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से बेल खारिज किए जाने और सरेंडर के आदेश के बाद नौहेरा एक महीने से अधिक समय से फरार चल रही थी। महाठगी की आरोपी शेख ने अदालतों और जांच एजेंसियों को कई बार गच्चा दिया था। उसने सुप्रीम कोर्ट को यह कहकर भी भ्रमिक करने की कोशिश की कि उसने हैदराबाद पुलिस के सामने सरेंडर किया था, लेकिन उसे हिरासत में लेने से इनकार कर दिया गया।

नौहेरा शेख की 400 करोड़ की संपत्ति जब्त
नौहेरा शेख के पास मौजूद 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है और पीड़ितों को इसे लौटाने की प्रक्रिया चल रही है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नौहेरा शेख, उसके परिजनों और अन्य ने लाखों लोगों को अपनी पोंजी स्कीम में निवेश के लिए लालच दिया और उनकी कमाई हड़प ली। शुरुआत में निवेश करने वालों को भारी-भरकम मुनाफा भी दिया गया, लेकिन बाद में करीब 1.7 लाख जमाकर्ताओं ने अपनी गाढ़ी कमाई शरिया वाले निवेश के नाम पर गंवा दी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच का आदेश दिया था और ईडी से कहा था कि जब्त संपत्तियों की नीलामी करके पीड़ितों को रकम लौटाई जाए। आरोपी और उसके सहयोगियों ने कई शपथ पत्र दायर करके संपत्तियों की बिक्री में देरी की भरसक कोशिश की। उसके एक सहयोगी ने अपना नाम ‘कल्याण बनर्जी’ बताते हुए खुद को पीएमओ का अधिकारी बताने की कोशिश की। उसे जनवरी में गिरफ्तार कर लिया गया था।

हीरा ग्रुप के जरिए की गई ठगी
2024 में जब एजेंसी ने नौहेरा के घर पर छापेमारी की तो 12 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गईं, जिनमें बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज जैसी महंगी कारें शामिल थीं। 92 लाख रुपये कैश भी बरामद किया गया था। नौहेरा शेख ने ‘हीरा ग्रुप’ नाम से कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए इतनी बड़ी रकम की ठगी की गई। शेख ने हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया। उसने खासतौर पर मुसलमानों को टारगेट बनाया जो शरिया के कानून के मुताबिक निवेश करना चाहते थे। ईडी के मुताबिक उसने 36 फीसदी सालाना मुनाफे का लालच दिया। लेकिन बाद में लोगों को मूलधन भी वापस नहीं कर पाई।

गुरुग्राम में पहचान बदल रह रही थी नौहेरा
गुरुग्राम में पकड़ी गई नौहेरा शेख यहां अपनी पहचान बदलकर रह रही थी। ईडी और हरियाणा पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन के दौरान पकड़ी गई नौहेरा शेख सेक्टर 45 में रह रही थी। फर्जी आधार के जरिए उसने अपना नाम शेख खामर जहां बताया था।

भारत को बड़ी राहत! कच्चे तेल के दाम धड़ाम, अब LPG सप्लाई पर भी नहीं रहेगा संकट

नई दिल्‍ली
 कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों के कारण सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लुढ़ककर दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया. बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 4.55% की गिरावट के साथ 98.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 4.73% टूटकर 92.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. दोनों ही अनुबंधों के लिए 7 मई के बाद का यह सबसे निचला स्तर है. क्रूड की कीमतों में आई यह गिरावट भारत के लिए बड़ी राहत है। 

भारत के लिहाज से सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस संभावित समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट टल सकता है. तनाव से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और एलएनजी का परिवहन इसी मार्ग से होता था. इस रूट के सुचारू होने से भारत में गैस और तेल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी, जिससे देश में एलपीजी की किल्लत का खतरा पूरी तरह टल जाएगा और आपूर्ति चेन मजबूत होगी। 

अमेरिका-ईरान में शांति की उम्मीद से टूटे दाम
तेल की कीमतों में यह बड़ी गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों के कारण आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर “काफी हद तक बातचीत पूरी” कर चुके हैं. इस समझौते के तहत मध्य पूर्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग को दोबारा पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकता है। 

भले ही ते बाजार इस खबर से झूम उठा हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी पूरी तरह जश्न मनाना जल्दबाजी होगी. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों से ईरान के साथ किसी भी समझौते में जल्दबाजी न करने को कहा है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रुकावटों समेत कई जटिल मुद्दों पर दोनों पक्षों में मतभेद अभी भी बरकरार हैं। 

 

मंत्री श्री विश्वास सारंग ने 23 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

वार्ड 78 के विश्वकर्मा नगर में सीवेज परियोजना से 35 हजार से अधिक नागरिकों को मिलेगा लाभ

सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री,”विश्वास कैलाश सारंग”,”मध्य प्रदेश के मंत्री” ने नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 78 स्थित विश्वकर्मा नगर में 23 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाली सीवेज परियोजना एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री,”नरेंद्र मोदी”,”भारत के प्रधानमंत्री”के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री,”मोहन यादव”,”मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री” के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाना है।

उन्होंने बताया कि इस सीवेज परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्राप्त होगा।

42 किलोमीटर लंबा बनेगा सीवर नेटवर्क

परियोजना के अंतर्गत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से 42 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क तैयार किया जाएगा। वहीं, लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से 8079 हाउस सीवर कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इस परियोजना से लगभग 35,306 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को आधुनिक सीवेज व्यवस्था, बेहतर स्वच्छता और सुगम नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी और नागरिकों का जनजीवन अधिक सुविधाजनक बनेगा।

क्षेत्रवासियों ने किया भव्य स्वागत

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने मंत्री श्री विश्वास सारंग का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ ही, करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

समाज का मूल आधार है सहकारिता : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी में कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और Coopcraft पोर्टल का शुभारंभ

भोपाल। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि समाज का मूल आधार सहकारिता है और सहयोग, समन्वय व सहभागिता के बिना किसी भी कार्य में सफलता संभव नहीं है। वे मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित “हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन” विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और टूलकिट के माध्यम से हस्तशिल्प कार्यों को गति मिलेगी, जिससे परिवारों की आय में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना के अंतर्गत निर्मित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) का लोकार्पण भी किया गया। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा केंद्र इंदौर, भोपाल और नौगांव में स्थापित किए गए हैं।

मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप छह महिला प्रतिभागियों — किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव — को कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित किए।

इस अवसर पर “सहकारिता के नवयुग का शंखनाद” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान मध्यप्रदेश में हुए कार्यों और गतिविधियों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही “Coopcraft” वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरुआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में हस्तशिल्प के उप संचालक वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता सहित अनेक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण, कहा – आस्था, संस्कृति और विकास का बनेगा नया प्रतीक

राजधानी भोपाल के प्राचीन और प्रसिद्ध श्रद्धा केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” तेजी से आकार ले रहा है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों पुरानी इस आस्था को भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।

करीब 21 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस भव्य कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, आकर्षक कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, पार्किंग, सार्वजनिक आयोजनों के लिए आधुनिक अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर का विकास प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग होगा। साथ ही सुंदरकांड की झलक प्रस्तुत करने वाला आध्यात्मिक और भव्य कॉरिडोर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दशहरा मैदान में भी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां विशाल मंच, दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे यातायात और आवागमन सुगम होगा।

परियोजना के तहत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” भोपाल की नई पहचान बनकर उभरेगा।

कोयंबटूर की दर्दनाक घटना ने झकझोरा देश, संवेदनशीलता पर उठे सवाल

मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद वायरल प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो पर जनता नाराज़, समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की जरूरत

तमिलनाडु के के सुलुर क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को भावुक और आक्रोशित कर दिया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ अधिकारी बातचीत के दौरान मुस्कुराते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे गंभीर मामले के प्रति असंवेदनशील रवैया बताते हुए नाराज़गी जताई।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की गई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भाषा, व्यवहार और प्रस्तुति कितनी महत्वपूर्ण होती है।

समाज के लिए क्या है संदेश?

यह घटना केवल एक अपराध की खबर नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर परिवार, स्कूल और नागरिक का कर्तव्य है।

  • बच्चों को “गुड टच” और “बैड टच” की जानकारी देना जरूरी है।
  • माता-पिता को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर लगातार ध्यान देना चाहिए।
  • स्कूलों और समाज में सुरक्षा और जागरूकता को लेकर नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए।
  • सोशल मीडिया पर संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी पीड़ित की पहचान और सम्मान की रक्षा करना समाज और मीडिया दोनों की जिम्मेदारी है। जागरूकता फैलाना जरूरी है, लेकिन मानवता और संवेदनशीलता उससे भी ज्यादा जरूरी है।

यह समय केवल गुस्सा जाहिर करने का नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और जागरूक समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का है।

में तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवार दंपति को मारी जोरदार टक्कर

हरमाड़ा थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय हुआ हादसा, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना; कार चालक मौके से फरार

के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का एक और खतरनाक मामला सामने आया है। लोहा मंडी के पास सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपति को एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर करीब 20 फीट दूर जाकर गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार बिना पूरी तरह ट्रैफिक देखे जल्दबाजी में सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों को कई फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में कार की तेज रफ्तार साफ दिखाई दे रही है। हादसे के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही फरार चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Electric Two-Wheeler खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट, सरकार बदल सकती है सब्सिडी नियम

नई दिल्ली

देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और विदेशी तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार PM ई-ड्राइव स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक पर मिलने वाली सब्सिडी को और बढ़ा सकती है। भारी उद्योग मंत्रालय इस योजना के लिए अतिरिक्त फंड की डिमांड करने की तैयारी में है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल वाहनों की जगह EV टू-व्हीलर अपनाएं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना आम लोगों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सस्ता हो सकता है। यही वजह है कि EV कंपनियों के शेयरों में भी उत्साह देखा जा रहा है।

सरकार पहले ही PM ई-ड्राइव स्कीम के तहत FY2026 तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सब्सिडी के लिए करीब ₹10,900 करोड़ आवंटित कर चुकी है। ऑटो इंडस्ट्री की मांग के बाद इस योजना को जुलाई तक बढ़ा दिया गया था। अब नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार इस योजना को और मजबूत बनाना चाहती है। हालांकि, अतिरिक्त फंड कितना होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो महीनों से मंत्रालय इस पर चर्चा कर रहा है कि किन योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर इस सूची में सबसे ऊपर है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित तेल से पूरा करता है, इसलिए तेल महंगा होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हों, ताकि तेल आयात पर दबाव कम किया जा सके। खास बात यह है कि अब EV केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि जरूरत बनते जा रहे हैं।

हाल के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। मई के पहले आधे हिस्से में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 13.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि कुल टू-व्हीलर बिक्री में 5.5% की गिरावट रही। इसका मतलब साफ है कि लोग अब पेट्रोल स्कूटर की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर को प्राथमिकता देने लगे हैं। एथर (Ather Energy) के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत सिंह फोकेला ने कहा कि पहले हर घर में पेट्रोल वाहन जरूरी माना जाता था, लेकिन अब हर परिवार कम से कम एक EV रखना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि EV अब घर की दूसरी गाड़ी के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऑफिस जाने, बच्चों को स्कूल छोड़ने या रोजमर्रा के छोटे कामों के लिए लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कम रनिंग कॉस्ट है। जहां पेट्रोल स्कूटर चलाने में प्रति किलोमीटर कई रुपये खर्च होते हैं, वहीं EV स्कूटर की लागत करीब 30 से 50 पैसे प्रति किलोमीटर तक आ जाती है। रात में घर पर चार्जिंग कर लेना और पेट्रोल पंप की लाइन से बचना लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है।

अगर सरकार सब्सिडी और बढ़ाती है, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमतों में और कमी आ सकती है। इससे ओला (Ola Electric), एथर (Ather Energy), TVS iQube, बजाज चेतक (Bajaj Chetak) जैसे ब्रांड्स को बड़ा फायदा मिल सकता है। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी टेक्नोलॉजी में भी तेजी से सुधार देखने को मिल सकता है। भारत की EV क्रांति अब अगले बड़े चरण में प्रवेश करती दिख रही है, जहां सरकार, कंपनियां और ग्राहक तीनों मिलकर क्लीन मोबिलिटी को नई रफ्तार देने की तैयारी में हैं।

भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर, जल्द दस्तक देगा मॉनसून; कई राज्यों में बारिश के आसार

नई दिल्ली

इस समय पूरा उत्तर और मध्य भारत भीषण लू और टेम्परेचर का टॉर्चर झेल रहा है और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार दिखाई नदीं दे रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम पूर्वानुमानों के मुताबिक, उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 7 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हालांकि, IMD ने इसी बीच मॉनसून पर बड़ी खुशखबरी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन में मॉनसून भारत में यानी केरल तट पर दस्तक दे सकता है। इसके लिए अनुकूल मौसमी स्थितियां बनी हुई हैं।

मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान, असम, मेघालय, लक्षद्वीप, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है।
दिल्ली में पिछले 14 सालों सबसे गर्म रात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (25 मई) को न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 5.7 डिग्री अधिक है और लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। IMD के अनुसार, इस महीने में न्यूनतम तापमान मई के महीने में इससे पूर्व आखिरी बार 26 मई, 2012 को न्यूनतम तापमान इससे अधिक 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। IMD के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मई महीने की शुरुआत में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, जब इस साल 21 मई को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस था।
सोमवार को दिल्ली में आंधी-बरिश

आईएमडी के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है, लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। वहीं, रिज में यह 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक है और आयानगर में यह 32 डिग्री सेल्सियस बना रहा जो सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक है। IMD के एक अधिकारी ने कहा, ”सफदरजंग, लोदी रोड और आयानगर में गर्म रात की स्थिति दर्ज की गई है।” IMD ने 25 मई को शाम के समय बहुत हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई है, जिससे मामूली राहत मिल सकती है।
IMD का येलो अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान में सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 6.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है। आईएमडी ने सोमवार को लू चलने की आशंका जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है जिसके कारण अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में भी अगले 3-5 दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। IMD के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में विदर्भ के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.1°C तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 29 मई से अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है। 24 मई तक मॉनसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E से लेकर 17°N/95°E तक पहुँच चुकी है। अगले 2-3 दिनों में इसके दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।
भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

एक तरफ जहाँ उत्तर भारत तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में असम और मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेमी या अधिक) दर्ज की गई है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। IMD ने केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के लिए भी अगले 4-5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा है कि एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है।
पंजाब-हरियाणा से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, इससे कुछ राहत मिल सकती है। IMD के मुताबिक, 25 से 27 मई के दौरान उप-दहमालयी पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा 25 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। इसके अलावा 28 से 30 मई के बीच, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-बिजली के साथ मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है।

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