भोपाल में बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम शुरू, 15 जून से 24 घंटे रहेगा सक्रिय

भोपाल

भोपाल जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत जिला कार्यालय भोपाल ने नगर निगम कार्यालय सदर मंजिल स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन (फतेहगढ़) में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम 15 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक 24 घंटे कार्यरत रहेगा।

जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

आम नागरिक आपदा संबंधी सहायता और जानकारी के लिए निम्न दूरभाष क्रमांक पर संपर्क कर सकते हैं:

0755-2540220
0755-2701401
0755-2542222
अधिकारी और कर्मचारियों को किया गया पाबंद

जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से पाबंद किया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए निम्न अधिकारियों की नियुक्ति की गई है:

प्रभारी अधिकारी:  लाखन सिंह चौधरी

सहायक प्रभारी:  कृष्णा रावत, प्रभारी तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन

लिंक अधिकारी:  योगेश वास्तव, प्रभारी नायब तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन

इसके अलावा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारी

प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। कंट्रोल रूम के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें, सूचना और सहायता अनुरोध तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचाए जाएंगे।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से मध्यप्रदेश पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अभिवादन किया गया। कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईजी स्तर के बाद संभाग स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और वे स्वयं इन बैठकों में शामिल होंगे।

साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा।

प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए संचालित किया जाए जनजागरण अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। मध्यप्रदेश पुलिस के अथक प्रयासों से मंडला और बालाघाट जिले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हुए। मध्यप्रदेश की धरती से लाल सलाम को आखिरी सलाम किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश की धरती से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की है। मध्यप्रदेश, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी अनेकों उपलब्धियों के लिए आज प्रदेशवासी मध्यप्रदेश पुलिस और सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार हर साल भर्ती के लिए कर रही है आवश्यक प्रबंधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत सरकार के नए आपराधिक कानूनों को लागू करते हुए और सभी जरूरी संसाधन जुटाते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया को जारी रख रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत पदों में से कोई भी पद खाली न रहे। विकास के क्रम में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे।

सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। इसके लिये अभी से प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित वातावरण तथा आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था के प्रशिक्षण से प्रदेश में आयोजित होने वाले अन्य बड़े मेलों के प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

साम्प्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। इसके लिए धार प्रशासन और पुलिस बल बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

  •     पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए।
  •     थानों में शुचिता का माहौल बने।
  •     वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करें।
  •     वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
  •     यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो।
  • मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था आरंभ : डीजीपी  मकवाणा

कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया प्रदेश में डायल-112 सेवा, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं तथा लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों के निराकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नशे के विरुद्ध अभियान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने बताया कि बाल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गत एक वर्ष के दौरान 14 हजार से अधिक नाबालिगों को संरक्षण एवं सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा बढ़ते कार्यभार को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा तकनीक-संपन्न बनाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं नशे के विरुद्ध अभियान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के प्रथम चरण को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ तथा आगामी शैक्षणिक सत्र में इसके द्वितीय चरण को और अधिक व्यापक स्वरूप में संचालित किया जाएगा।

बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

समान नागरिक संहिता पर जनसामान्य के सुझावों के अनुसार किया जाएगा नीति निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है। प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित करें, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं, बार कॉउंसिल आदि में चर्चा के सत्र आयोजित कर जनसामान्य से अपनी राय प्रकट करने के लिए कहा जाए। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जा सकती है। सभी जिला कलेक्टर इस गतिविधि को प्राथमिकता पर लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शनिवार को समान नागरिक संहिता जागरूकता अभियान पर जिला कलेक्टर्स की वीसी में दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे।

वेबसाइट पर देना है सुझाव : सरल है प्रक्रिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं। इसके लिए विशेष रूप से वेबसाइट ucc.mp.gov.in का विमोचन किया गया है, जिस पर सुझाव देने की प्रक्रिया बहुत सरल है। वेबसाइट के फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर अंकित करना है। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर हाँ या ना में दिया जाना है। मोबाइल ओटीपी से सत्यापित करने से सुझाव जमा हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जिला स्तर पर संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की।

जागरूकता बढ़ाना आवश्यक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी का विस्तार करने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई। उन्होंने स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित पृथक-पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में अनुशंसाओं को प्रस्तुत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा जिलों का भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव प्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से किया संवाद

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से किया संवाद

नई शिक्षा नीति से खेल और शिक्षा को मिल रही नई दिशा 2036
ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश में खेल उन्नयन में दी जानकारी

भोपाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ शूटिंग अकादमी का दौरा किया और खिलाड़ियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना।

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल, खेल और नवाचार से जोड़ने का कार्य किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेलों को मिला विशेष स्थान

केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। अब विद्यार्थियों को खेल और पढ़ाई में से किसी एक का चयन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे खेल गतिविधियों और शैक्षणिक उपलब्धियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

एपीएआर आईडी से जुड़ेंगी खिलाड़ियों की उपलब्धियां

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एपीएआर (APAAR) आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की शैक्षणिक तथा खेल संबंधी उपलब्धियों को एक मंच पर जोड़ा जाएगा। इससे उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों का समग्र रिकॉर्ड तैयार होगा, जो भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों क्षेत्रों में लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इंटर-स्पोर्ट्स गतिविधियों को क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि खेलों में सक्रिय भागीदारी को भी अकादमिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जा सके।

आईआईटी सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ रहा खेलों का महत्व

केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था की गई है। यह कदम खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का संकल्प

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना है। उन्होंने 2036 ओलंपिक को देश का महत्वपूर्ण लक्ष्य बताते हुए कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर राष्ट्र और विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक लक्ष्य होगा।

मंत्री सारंग ने दी शूटिंग अकादमी की जानकारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों एवं राज्य शूटिंग अकादमी की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित शूटिंग अकादमी देश की ही नहीं बल्कि विश्वस्तरीय खेल अकादमियों में शामिल है। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। मंत्री सारंग ने बताया कि हाल ही में ओलंपिक चयन प्रक्रिया (ट्रायल्स) का आयोजन भी इसी शूटिंग अकादमी में किया गया था, जो इसकी उत्कृष्ट अधोसंरचना और व्यवस्थाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देखने को मिल रहे हैं।

खिलाड़ियों की उपलब्धियों से कराया अवगत

मंत्री सारंग ने अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्जित पदकों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पोषण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध करा रही है।

 

MP Transfer Policy: 15 जून आखिरी तारीख, ट्रांसफर में देरी पर सख्त हुए CM; परफॉर्मेंस के आधार पर होंगे तबादले

भोपाल 
अब तबादलों में परफार्मेंस को आधार बनाया जाएगा। जिनका परफार्मेंस अच्छा होगा, वे तीन साल की अवधि पूरी करने बाद भी एक ही स्थान पर रह सकेंगे। ऐसे शासकीय सेवकों को विभागाध्यक्ष अपनी ओर से मौका देंगे, लेकिन जिनका कामकाज अच्छा नहीं होगा, उन्हें हटाने के लिए तीन साल के कार्यकाल पूरा होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। 6 महीने में ही हटाया जा सकेगा। ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार सामान्य प्रशासन के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और प्रमुख सचिव (कार्मिक) एम सेलवेन्द्रन को दिए।

अब तक तीन साल में होती थी कार्यवाही
आमतौर पर शासकीय सेवकों को एक स्थान पर तीन साल या अधिक की सेवा अवधि पूरी करने के बाद हटाया जाता है। सीएम ने सुशासन भवन में अपने प्रभार के विभागों की समीक्षा की। बारी-बारी से अफसरों को बुलाकर कामकाज पूछा आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर भी सीएम ने चर्चा की।

अगले साल काम के आधार पर होगा ट्रांसफर
मुख्यमंत्री (MP Transfer Policy) ने शासकीय सेवकों के तबादलों के लिए परफार्मेंस वाले जिन आधारों को तैयार करने की बात कही है, वे अगले साल की तबादला नीति में शामिल किए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में तबादलों का अंतिम चरण जारी है। इसमें किसी भी आधार को शामिल करना मुश्किल काम हो सकता है इसलिए आने वाले वर्ष की तबादला नीति को परफार्मेंस बेस्ड तबादला नीति के रूप में तैयार करेंगे।

इधर तीन दिन और लेकिन नहीं हो रहे ट्रांसफर
सरकार ने 13 दिन पहले तबादलों से बैन हटाया। अब तीन दिन बाद फिर से बैन लगने वाला है। लेकिन इन 13 दिनों में 90 फीसदी विभागों ने एक भी तबादले नहीं किए। यानी जो अफसर-कर्मचारी जहां पर डटे हुए हैं वे वहीं पर रहना चाहते हैं। वहीं सबसे बड़ी अनदेखी यह कि सरकार द्वारा तबादला नीति सार्वजनिक किए जाने के बावजूद एक भी विभागों ने खाली पदों को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। जबकि अंदर खाने गुपचुप सूचियां बनाई जा रही हैं।

सीएम ने पारदर्शिता की बात कही लेकिन अफसरों ने इस पर तवज्जो नहीं दी। अब प्रदेशभर के शासकीय सेवक सरकार और भाजपा को कोस रहे हैं।

स्कूल शिक्षा में पोर्टल ही नहीं, प्रोग्रामर पर गाज
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव, दोनों ने कहा कि जो भी तबादले होंगे, उसके लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग में हाल यह है कि शिक्षकों के लॉग-इन आइडी के जरिए पोर्टल खोलने के निर्देश हैं, लेकिन वह खुल ही नहीं रहा। आवेदन के लिए प्लेटफार्म ही नहीं है। मंत्री के दफ्तर में भीड़ लग रही है। हालांकि विभाग ने एक प्रोग्रामर को हटा दिया है।

स्वास्थ्य विभाग में आवेदन ले रहे, तबादला नहीं
कर्मचारियों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले आवेदनों के लिए पोर्टल बनाया। हजारों की संख्या में आवेदन भी आ चुके हैं, लेकिन तबादले नहीं किए जा रहे हैं। यही हाल जनजाति कार्य विभाग का है। यहां भी आवेदनों की भरमार है लेकिन निपटारा नहीं।

मंत्रियों से बिना पूछे तबादला, सीएम को शिकायत
कास एवं आवास विभाग में तबादलों को लेकर शिकायतें भी होने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, इंदर सिंह परमार और प्रद्मु्न सिंह तोमर के क्षेत्र के कुछ सीएमओ को नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने अपने स्तर पर ही हटा दिया। तीनों मंत्रियों ने इस बात की शिकायत सीएम को कर दी। इसके बाद मामला विभागीय मंत्री को देखने के लिए कहा गया।

उधर एक जिले के पुलिस अधीक्षक पर प्रभारी मंत्री से बगैर पूछे तबादला करने का मामला भी सीएम तक पहुंचा है। संबंधित मंत्री का कहना है कि पुलिस अधीक्षक ने 17 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए लेकिन, एक भी सहमति नहीं ली। इसके बाद एसपी को जमकर फटकारा गया।

राज्यमंत्री गौर ने किया निर्माणाधीन 10 लेन सड़क का जायजा

राज्यमंत्री  गौर ने किया निर्माणाधीन 10 लेन सड़क का जायजा

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुगम यातायात सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री  गौर बोली एक वर्ष में पूर्ण करें 10 लेन सड़क का निर्माण कार्य, आमजन को यातायात में नहीं हो असुविधा

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को निर्माणाधीन 10 लेन सड़क के कार्य का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। यह 10 लेन सड़क परियोजना भी इसी तीव्र विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि 10 लेन सड़क का यह निर्माण कार्य हर हाल में अगस्त 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में सामने आ रही व्यवस्थागत समस्याओं एवं अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया और इनके शीघ्र निराकरण के लिये संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को यातायात, आवागमन एवं अपनी दैनिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और सुव्यवस्थित ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा, सुगम यातायात एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा! कॉल डिटेल से कई प्रभावशाली लोगों पर शिकंजा, CBI कोर्ट में पेश करेगी रिपोर्ट

भोपाल 
ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई जांच की स्पीड कुछ बढ़ी है। गुरुवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों व अधिवक्ताओं की भूमिका की जांच के लिए प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष को भेजे गए हलफनामे के बाद अब कॉल डिटेल रेकॉर्ड (सीडीआर) सामने आई है। इसमें कई प्रभावशाली लोग फंसते दिख रहे हैं। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर समर्थ के करीबी वकील से पूछताछ की। सीबीआई ने अभी तक जांच के निष्कर्ष को सार्वजनिक नहीं किया है हालांकि जल्द ही जिला कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही जा रही है।

कॉल डिटेल रेकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर सीबीआई, एक साथ कई गुत्थियां सुलझा सकती है। दावा किया गया है कि पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत वाले दिन 12 मई की देर रात को और अगले दिन कई मोबाइल कॉल किए थे। इनमें जज, वकील और अन्य प्रभावशाली लोग शामिल थे। हालांकि इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि होना अभी बाकी है।

उधर, फरियादी पक्ष के अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने सीडीआर का हवाला देते हुए दावा किया है कि पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की ओर से वकालतनामा पेश करने वाले अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना सहित अन्य अनेक रसूखदारों को कई कॉल किए गए थे। ज्ञात हो कि श्रेयस राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अधिवक्ता के तौर पर नियुक्त हैं।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने अभी तक जांच के निष्कर्ष को सार्वजनिक नहीं किया है। 16 जून को अगली पेशी जिला कोर्ट में है, तब कोई रिपोर्ट प्रस्तुत करने की संभावना जताई जा रही है। मामले में आरोपी बनाए गए पति समर्थ सिंह और सास पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों की अगली पेशी 16 जून को होना है।

लैपटॉप की जांच पूरी, अब मोबाइल पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने ट्विशा के लैपटॉप की तकनीकी जांच पूरी कर ली है। निजी जानकारियां, फोटो और मृतका की पुरानी कंपनी से जुड़े कामकाजी दस्तावेज खंगाले गए हैं। अब सीबीआई ट्विशा के मोबाइल को खंगाल रही है।

पॉर्लर में नजर आए वकील से पूछताछ
केस का एक अहम घटनाक्रम था ट्विशा का मौत से पहले पॉर्लर में जाना। वहां के सीसीटीवी फुटेज में वह बहुत ही सहज नजर आई थी। सीसीटीवी फुटेज सामने आए जिसमें तीन अधिवक्ता पॉर्लर के सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं। इन्हीं में से एक अधिवक्ता से सीबीआइ ने पूछताछ की है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि संबंधित लोगों के पॉर्लर जाने का उद्देश्य क्या था और उन्हें किसने वहां भेजा था।

मानसून के दौरान भोपाल मंडल होकर होकर संचालित जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी कोंकण रेलवे में रहेगी परिवर्तित

मानसून के दौरान भोपाल मंडल होकर होकर संचालित जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी कोंकण रेलवे में रहेगी परिवर्तित

भोपाल
 पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली गाड़ी संख्या 02198/02197 जबलपुर-कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का मानसून के दौरान कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है। इस परिवर्तित मानसून समय सारिणी का संचालन दिनांक 19 जून 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से तथा दिनांक 15 जून 2026 से प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से किया जायेगा। 

मानसून के दौरान यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवाड़ा, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खण्डवा, भुसावल, नासिक रोड, पनवेल एवं रोहा स्टेशनों की समय सारिणी यथावत रहेगी यानि कोई बदलाव नहीं रहेगा। लेकिन कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले दोनों दिशाओं के खेड़, चिपलुन, रत्‍नागिरी, कणकवली, कुडाल, थीवम, मडगाव जंक्शन, कारवार, कुमटा, मूकाम्बिका रोड, कुन्दापुरा, उडुपी, मुल्की, मंगलुरु जंक्शन, कासरगोड, कन्नूर, वडकरा, कोजीकोड, तिरूर, शोरनूर जंक्शन, पालक्काड जंक्शन (पालघाट) एवं कोयंबटूर जंक्शन रेलवे स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है।

 उल्लेखनीय है की गाड़ी सांख्य 02198 जबलपुर-कोयंबटूर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 19 जून 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक (18 ट्रिप)  प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से रात्रि 23:50 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन रविवार को शाम 17:10 बजे कोयंबटूर जंक्शन  स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी सांख्य 02197 कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 15 जून 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक (19 ट्रिप) प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से दोपहर 15:10 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन बुधवार को सुबह 08:45 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी। 

उपर्युक्त स्पेशल ट्रेन के परिवर्तित समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए, कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in  पर जाएँ या एनटीईएस/रेलवन  ऐप पर अवलोकन कर सकते हैं। 

 

एमपी टूरिज्म को कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता पुरस्कार

एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता” पुरस्कार

मुंबई में 10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 में किया गया सम्मानित
पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम : प्रबंध संचालक यादव

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इवेंट, एक्जीबिशन और माइस के प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुंबई के सिडको एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ’10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स (EEA) 2026′ में एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता” (Excellence in Conference Management) का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार देश के इवेंट, एक्जीबिशन और माइस (MICE – मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेसिंग एंड एक्जीबिशन) सेक्टर के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार यादव ने टीम के साथ यह पुरस्कार ग्रहण किया। 

प्रबंध संचालक यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम है। मध्यप्रदेश पर्यटन लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, आतिथ्य सेवाओं और आयोजन क्षमताओं को विश्वस्तरीय बना रहा है। राज्य में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और बेमिसाल मेहमाननवाज़ी के कारण अब देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और संगठन मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं।

महाप्रबंधक इवेंट्स विवेक जूड ने कहा कि पर्यटन निगम को यह राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य में 20 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और राज्य महत्व के बड़े सम्मेलनों के सफल प्रबंधन के लिए दिया गया है। निगम ने अपनी टीम के उत्कृष्ट प्रबंधन से MP Growth Summit 2025, MP Tech Growth Summit 2025, Regional AI Impact Summit 2025, Regional Industry and Employment Summit और Madhya Pradesh Mining Conclave जैसे बेहद महत्वपूर्ण और हाई-इम्पैक्ट सम्मेलनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया है।

यह राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल पर्यटन निगम की कुशल प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह ‘अतुल्य भारत का दिल’ मध्यप्रदेश को बिजनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक अग्रणी ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और ज्ञान-आधारित बड़े आयोजनों को और अधिक गति मिलेगी।

 

MP Weather Update: 5 जिलों में तेज आंधी, 33 जिलों में बारिश का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच दस्तक देगा मानसून

भोपाल 

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में अनुमान है कि मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच एंटर हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। तेज आंधी, बारिश के साथ ओले भी गिर रहे हैं।

शुक्रवार को श्योपुर में आंधी ने तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच पानी गिर गया। सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। तापमान में गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, जून की बारिश में प्रदेश पिछड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में औसत से 55% कम जबकि पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2% बारिश ज्यादा हुई है।

33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रह सकता है।

इंदौर-उज्जैन संभाग में धूप का असर
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, आगर-मालवा और शाजापुर समेत कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं।

बारिश के आंकड़ों में अभी भी पीछे प्रदेश
हालांकि प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, लेकिन जून महीने में प्रदेश का कुल वर्षा रिकॉर्ड अभी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा बनी हुई है।

कई जिलों में तापमान सामान्य रहा
फिलहाल, प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन बारिश और बादलों की वजह से आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है. इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें। 

कई जिलों में गरज-चमक के आसार
मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल, दमोह, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, सागर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. आईएमडी के अनुसार, दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। 

बारिश से लुढ़का तापमान
प्री-मानसून बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। रीवा में 7.3 डिग्री, सतना में 6.6 डिग्री और ग्वालियर में 5.8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है और अगले तीन से पांच दिनों में मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री हो सकती है। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। 

आज भिंड-दतिया में तेज आंधी
मौसम विभाग के मुताबिक, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है।

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर रहेगा।

वहीं, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में तेज धूप खिली रहेगी।

 

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