भोपाल में व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क खत्म होने की जगी उम्मीद

भोपाल, 25 जून। राजधानी के व्यापारियों को व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मुलाकात कर भोपाल में लागू व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को समाप्त करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि मध्यप्रदेश के अन्य किसी भी नगरीय निकाय में यह शुल्क लागू नहीं है, जबकि केवल भोपाल के व्यापारियों पर इसका भार डाला जा रहा है।

नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

‘एक प्रदेश, दो कानून’ जैसी स्थिति : चेंबर

बैठक के दौरान भोपाल चेंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क केवल भोपाल में लागू होना व्यापारियों के साथ असमानता है। उन्होंने बताया कि चेंबर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक संगठनों में शामिल है और इसके सदस्य बड़े उद्योगपति, उद्यमी तथा व्यापारी हैं, जिनकी ओर से यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।

उन्होंने आयुक्त से आग्रह किया कि व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और कारोबारियों को राहत देने के लिए इस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।

2023 में प्रदेशभर में स्थगित हुआ, लेकिन भोपाल में जारी

भोपाल चेंबर के संचालक एवं समिति संयोजक अनिल चुग ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2023 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क लागू किया गया था, लेकिन व्यापारियों के विरोध और विभिन्न विसंगतियों को देखते हुए 25 अप्रैल 2023 को इसे पूरे प्रदेश में स्थगित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भोपाल में यह शुल्क प्रभावी बना हुआ है, जिससे “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने इसे व्यापारियों के साथ अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई।

नगर निगम आयुक्त ने दिया सकारात्मक संकेत

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से जुड़े सभी दस्तावेजों, नियमों और शासन के आदेशों का अध्ययन करेंगी। उन्होंने कहा कि विषय की विस्तृत समीक्षा के बाद इसके निराकरण और संभावित समाप्ति के संबंध में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

आयुक्त के इस आश्वासन के बाद व्यापारी वर्ग में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित यह मुद्दा जल्द सुलझ सकता है।

व्यापारियों की आवाज लगातार उठा रहा है चेंबर

गोविंद गोयल ने बताया कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत है। चेंबर द्वारा प्रदेश के सांसदों, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, भोपाल की महापौर, विभिन्न विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और पत्र सौंपे गए हैं।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक संगठनों की राय है कि यदि यह शुल्क समाप्त होता है तो कारोबारियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : गोयल

बैठक के बाद गोविंद गोयल ने कहा कि भोपाल चेंबर सदैव व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे शामिल

नगर निगम आयुक्त से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में गोविंद गोयल के अलावा सुनील जैन (जैनाविन), अजय देवनानी, वात्स्यायन जैन (सोनू भाभा), अनिल चुग, अनिल मिश्रा, आदित्य सिंघई और मनोज नागरानी भी शामिल रहे।

व्यापारियों की प्रमुख मांगें

  • भोपाल नगर निगम द्वारा लगाए गए व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।
  • प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों की तरह भोपाल के व्यापारियों को भी समान राहत मिले।
  • व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कर संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाए।
  • “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति समाप्त कर पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू की जाए।

क्या बोले आयुक्त?

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से संबंधित सभी दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन करने के बाद विषय पर उचित और सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

MP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 300 EL का मिलेगा पैसा; सरकार ने जारी किया कैलकुलेशन फॉर्मूला

भोपाल 

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव इनकैशमेंट राशि को लेकर आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या ड्यूटी के दौरान मौत की स्थिति में मिलने वाली छुट्टी लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान खुद लगा सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

सरकार के फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग विभागों में भ्रम और विवाद की स्थिति बनती रही है। नए निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया लागू होगी।

अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड रखने के निर्देश
वित्त विभाग के आदेश में सभी विभागों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए।

भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी न हो और गणना में गलतियां न हों।

अधिकतम 300 दिन के अवकाश का मिलेगा भुगतान
राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण लाभ दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश मौजूद है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा।

पहले लाभ लिया है तो घटेंगे उतने दिन
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो जितने दिनों का लाभ पहले लिया गया है, उसे 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा। कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिल सकेगा।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
    नए आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है।
    कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।
    विभागों में गणना को लेकर होने वाली गलतियों में कमी आएगी।
    भुगतान संबंधी विवाद कम होंगे।
    सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।
    रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शिता बढ़ेगी।

ईएल इनकैशमेंट पर पारदर्शी लाना
राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और एकरूप बनाना है। अलग-अलग विभागों में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण कई बार कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वित्त विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी।

क्या होता है लीव इनकैशमेंट
सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपने पूरे अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण उनके खाते में बड़ी संख्या में छुट्टी बचे रह जाते हैं।

जब कर्मचारी रिटायर होता है या सेवा के दौरान उसकी मौत हो जाती है, तब उसके खाते में बचे हुए ईएल के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। यह राशि कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। कई मामलों में यह लाखों रुपए तक पहुंच सकती है।

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, वैट अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने सहित तीन प्रमुख मांगें उठाईं

विवेक झा, भोपाल, 25 जून। प्रदेश के व्यापारियों, करदाताओं और कर पेशेवरों की समस्याओं के समाधान को लेकर टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल ने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से लंबित वैट अपीलों के त्वरित निस्तारण, डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने और वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।

एसोसिएशन का कहना है कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी, अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख ने बताया कि ज्ञापन में पहली प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट प्रथम अपीलों की सुनवाई की समय-सीमा को 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किए जाने की है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुराने प्रकरण अभी भी लंबित हैं और कई मामलों में आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संकलन में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। वर्तमान में वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था के कारण प्रतिदिन सीमित मामलों की ही सुनवाई हो पा रही है, जिससे करदाताओं को अपने पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा।

पेट्रोलियम उत्पादों के लिए डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने का सुझाव

ज्ञापन में दूसरी महत्वपूर्ण मांग वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने की की गई है।

एसोसिएशन का मानना है कि इस व्यवस्था से अनावश्यक जांच और स्क्रूटनी की आवश्यकता कम होगी, कर अनुपालन सरल बनेगा और विभाग तथा करदाताओं—दोनों का समय एवं संसाधनों की बचत होगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी भी बन सकती है।

वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की कमी से बढ़ रही परेशानी

तीसरी प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति की है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि अधिकारियों की कमी के कारण अपीलों के निपटारे में काफी विलंब हो रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि समयबद्ध सुनवाई और पर्याप्त न्यायिक व्यवस्था से लंबित मामलों का तेजी से समाधान संभव होगा।

अपील लंबित रहने तक कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि जिन मामलों में विवादित राशि पहले से राज्य सरकार के पास सुरक्षित है, उन मामलों में अंतिम अपील के निर्णय तक व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव या कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

एसोसिएशन के अनुसार, इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी और करदाता निष्पक्ष तरीके से अपनी अपील की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

व्यापारिक माहौल को मिलेगा बढ़ावा

संस्था का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण होगा, अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी और व्यापारिक वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा। साथ ही, कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी।

इनकी रही उपस्थिति

उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख, सीए संजय श्रीवास्तव, सीए एस. कृष्णन (पूर्व अध्यक्ष) तथा मुनेंद्र वेद उपस्थित रहे और उन्होंने व्यापारियों एवं करदाताओं से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

ज्ञापन की तीन प्रमुख मांगें

  • वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की जाए।
  • वित्तीय वर्ष 2024-25 के पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू की जाए।
  • मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक अधिकारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए।

एसोसिएशन का दावा

इन मांगों के लागू होने से लंबित कर विवादों का तेजी से समाधान होगा, व्यापारियों को राहत मिलेगी, विभागीय कार्यभार कम होगा और राज्य में बेहतर व्यापारिक एवं निवेश अनुकूल वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी।

MP ट्रांसको का बड़ा कदम, वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च; बिल से भुगतान तक होगी रियल-टाइम ट्रैकिंग

एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल

बिल से लेकर भुगतान तक की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी संभव : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान में प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और आगे बढाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कंपनी के वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे।

तोमर ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल संचालित है। इस व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं तथा उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान एवं अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। साथ ही वे किसी भी समय लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं।

बढेगी पारदर्शिता

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स एवं अधिकारियों के समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा देयक निपटान प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बन सकेगी।

सुविधा का किया जा रहा है विस्तार

एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कंपनी ने इस सुविधा का विस्तार करते हुए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल प्रारंभ की है। इसके माध्यम से वेंडर्स अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर से कहीं से भी लॉग-इन कर संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे। पोर्टल की विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक अवस्था की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।

 

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नितिका आकरे ने जीता कांस्य पदक

भोपाल 

मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित एथलेटिक्स अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नितिका आकरे ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में आयोजित महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में नितिका ने 4.10 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक अर्जित किया।

एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफा

नितिका आकरे ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशियाई खेल 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया। महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में कुल तीन खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें नितिका भी शामिल रहीं। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है।

राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं की बढ़ती क्षमता और खेल अकादमियों में उपलब्ध उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है। नितिका की यह सफलता प्रदेश की महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

खेल मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने नितिका आकरे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिका आगामी एशियाई खेलों में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए मिसाल बनी नितिका

नितिका आकरे की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों, विशेषकर महिला एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

 

आपातकाल दिवस पर भोपाल में बड़ा आयोजन, 2 हजार मीसाबंदी परिवारों का होगा सम्मान

भोपाल

भोपाल के प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में आपातकाल दिवस के अवसर पर आज  शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष तपन भौमिक के साथ-साथ आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शिरकत करेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं मीसाबंदियों तथा उनके परिजनों को मंच से सम्मानित करेंगे, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष और बलिदान के प्रति सरकार की कृतज्ञता को प्रकट करेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वे आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों को सम्मानित करेंगे।

लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया जाएगा याद
समारोह में आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और बलिदान को याद किया जाएगा। राज्य सरकार उनके संघर्ष के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मंच से सम्मान प्रदान करेगी।

2000 परिवारों की रहेगी मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 2000 मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए त्याग और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इंदिरा सरकार के अहंकार ने आपातकाल लगाया- सीएम 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 25 जून, 1975… देश में लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन, जब इंदिरा सरकार के अहंकार ने आपातकाल लगाया। इस विभीषिका के विरुद्ध डटकर खड़े होने वाले लोकतंत्र के प्रहरियों को सादर नमन करता हूं। आइए, संकल्प लें कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव समर्पित होकर देश की सेवा करते रहेंगे। 

25 जून 1975 को लगा था आपातकाल
उल्लेखनीय है कि देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया गया था। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय के 50 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा होगा, जिसमें लोकतंत्र सेनानियों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।

25 जून 1975 को लागू हुआ था आपातकाल
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 25 जून 1975 का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन देश में आपातकाल लागू किया गया था, जो मार्च 1977 तक प्रभावी रहा। इस अवधि में कई नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और अनेक राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा हर वर्ष आपातकाल दिवस के अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

क्या है आपातकाल दिवस ?
आपातकाल दिवस भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के उस सबसे काले अध्याय की याद दिलाता है, जिसकी शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान हुई थी। 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आधिकारिक रूप से आपातकाल (इमरजेंसी) की घोषणा की गई थी, जो 21 महीनों तक यानी 21 मार्च 1977 तक लागू रही।

इस दौरान भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे, प्रेस और मीडिया पर सख्त सेंसरशिप लागू कर दी गई थी, और सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे के जेलों में डाल दिया गया था।

MP में फिर शुरू होंगे प्रमोशन! 4.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल 

मध्यप्रदेश के सरकारी सेवकों के लिए अच्छी खबर आई है। प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारियों की 10 साल से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया 10-15 दिन में शुरू हो सकती है। राज्य सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। पदोन्नति की प्रक्रिया में बाधा बन रहे कानूनी मसले को सुलझाने के लिए अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी परामर्श लिया गया है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर जबलपुर के अलावा दिल्ली के वरिष्ठ वकीलों और विधि विशेषज्ञों की राय ली है। संबंधित अधिकारियों ने सलाह के आधार पर ही मसौदा तैयार किया है। सीएम मोहन यादव CM Mohan Yadav ने 2016 से बंद पदोन्नति चालू करने का 2025 में ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा होगा। कर्मचारियों, अधिकारियों के प्रमोशन से कई पद भी खाली होंगे जिनपर युवाओं को भर्ती के मौके मिलेंगे।

सरकार ने अलग से अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, भारसाधक सचिवों व विभागाध्यक्षों को मौखिक रूप से पदोन्नति शुरू करने को कहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों, अधिकारियों के पदोन्नत होने से करीब दो लाख पद खाली होने की उम्मीद है। इससे युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा।

प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों से कहा कि वर्षों पुराने बने गैर जरूरी कानूनों को खत्म करने पर काम करें। वे गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नरों संग वीसी करेंगे, उसके लिए सभी विभाग प्रमुखों को तैयार रहने के लिए कहा है।

प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद
बता दें कि प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद है। इससे कर्मचारी, अधिकारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर्ड हो रहे हैं। अभी तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हो चुके हैं। सीएम मोहन यादव ने पिछले साल प्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों के हित में पदोन्नतियां देने की घोषणा की थी। तब से इस संबंध में अनेक बैठकें हो चुकी हैं।

17 जून को कैबिनेट ने मप्र लोकसेवा पदोन्नति नियम- 2025 को मंजूरी दी। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी, कोर्ट केस प्राथमिकता से निराकृत करने, केंद्र-राज्य के काम को गंभीरता से करने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा करने के लिए कहा। बताते हैं, बैठक में पदोन्नति संबंधी बात भी कही।

10 साल में ऐसे हालात
2016 मई से प्रदेश में पदोन्नति बंद है।
10 साल से बिना पदोन्नति ही रिटायर्ड हो रहे कर्मचारी
2026 मई तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हुए
सीएम यादव ने पदोन्नति देने की घोषणा की
2025 में बंद पदोन्नति चालू करने का किया ऐलान
10 दिन में शुरु करने की कवायद
4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा
पदोन्न्ति से दो लाख पद खाली होंगे
युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल 

उज्जैन जिले के थाना बड़नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई सहायता से बालक सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सका।

24 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़नगर क्षेत्र अंतर्गत व्यास कॉलोनी में एक 05 वर्षीय बालक मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बड़नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री राकेश एवं पायलट श्री नरेंद्र ने मौके पर पहुँचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को डायल 112 वाहन में साथ लेकर आसपास क्षेत्र में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की। साथ ही बालक के मिलने की जानकारी स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में साझा की। कुछ समय पश्चात बालक के परिजन थाना पहुँचे। आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बालक खेलते-खेलते घर से निकल गया था और रास्ता भटक गया था। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।

 

‘सेफ क्लिक’ अभियान के तहत प्रदेशभर के नव आरक्षकों को दिया जा रहा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

भोपाल 

पुलिस महानिदेशककैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों को 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी प्रशिक्षण में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 637 नव आरक्षकों को राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड), ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। नव आरक्षकों को साइबर अपराध होने की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र, साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के प्रभावी उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन श्रीमती मनीषा पाठक सोनी, राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई की पुलिस अधीक्षक श्रीमती लीना मारोठ, उप पुलिस अधीक्षकनंदकिशोर मालवीय, श्रीमती शैलजा भदोरिया, सहायक लोक अभियोजन अधिकारीप्रहलाद घटिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘सेफ क्लिक’ अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न प्रशिक्षण, जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

मानसून को लेकर नया अपडेट, 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

भोपाल

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अब 27 से 30 जून के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ही मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

भोपाल में तेज धूप, नौगांव सबसे गर्म

राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का असर बढ़ गया। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। छतरपुर जिले का नौगांव गुरुवार को प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडला में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
दक्षिणी हिस्सों में आंधी और बौछारें

प्रदेश के आसपास बने प्रेरित चक्रवात के प्रभाव से गुरुवार को दक्षिणी हिस्सों में मौसम बदला। कई जगह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं।

सबसे अधिक 11 मिलीमीटर वर्षा श्योपुर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में भी हल्की से तेज वर्षा हुई।
 

45 जिलों के लिए अलर्ट जारी

मौसम केंद्र ने प्रदेश के 45 जिलों के लिए आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

आरेंज अलर्ट: सीहोर, आगर

येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपूर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढ़ुर्णा।
वर्षा आंकड़े (शाम साढ़े पांच बजे तक)
शहर     वर्षा (मिलीमीटर)

इंदौर     9.0
खंडवा     6.0
श्योपुर     11.0
शिवपुरी     4.0
छिंदवाड़ा     0.6
बालाघाट जिले का मलाजखंड     11.0
चार बड़े शहरों का तापमान

शहर     अधिकतम तापमान     न्यूनतम तापमान

भोपाल     32.8     22.0
इंदौर     33.9     21.5
ग्वालियर     40.5     29.5
जबलपुर     38.1     26.1

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