MP को मिली बड़ी मेजबानी, इंदौर में पहली बार होगी विश्व स्नूकर चैंपियनशिप; नवंबर में होगा आयोजन

इंदौर
 दुनिया को स्नूकर का खेल सिखाने वाले मध्य प्रदेश में 100 साल में पहली बार विश्व स्नूकर चैंपियनशिप होने जा रही है। यह प्रतिष्ठित आयोजन 12 से 23 नवंबर तक इंदौर के यशवंत क्लब में होगा। इस दौरान दुनिया के करीब 50 देशों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने आएंगे। चैंपियनशिप का कुल व्यय पांच करोड़ रुपये होगा। कुल पुरस्कार राशि 40 हजार डालर यानी 37 लाख, 75 हजार रुपये के करीब होगी।

भारतीय बिलियर्ड्स और स्नूकर महासंघ के सचिव सुनील बजाज ने बताया कि देश में 2014 में बेंगलुरू में विश्व चैंपियनशिप हुई थी, जिसके बाद अब यह टूर्नामेंट भारत में होने जा रहा है। भारतीय बिलियर्ड्स और स्नूकर महासंघ की स्थापना के 100 वर्ष के यादगार अवसर पर इंदौर को मेजबानी के लिए चुना गया है।

विश्व चैंपियनशिप के दौरान पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मैच होंगे। पुरुषों के वर्ग में 100 से 125 के करीब खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जबकि महिला वर्गों में 40 से 60 खिलाड़ी शामिल होंगी। इनमें 15 के करीब विश्व चैंपियन खिलाड़ी भी होंगे। स्पर्धा के मुकाबले 12 टेबलों पर खेले जाएंगे जबकि पांच टेबलें अभ्यास के लिए होंगी। विश्व चैंपियनशिप के लिए 17 टेबलें बाहर से आयात की जा रही हैं।

मध्य प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाए
हाल ही में चीन में वर्ल्ड टीम स्नूकर चैंपियनशिप में रजत विजेता भारतीय टीम में इंदौर के केतन चावला भी शामिल थे। नेहरू स्टेडियम स्थित अकादमी में केतन चावला को मप्र बिलियर्ड्स व स्नूकर संघ द्वारा सम्मानित किया गया। उनसे पहले मप्र की खिलाड़ी अमी कमानी, सान्वी शाह, इशिका शाह, कनिष्का जुरानी, ऋतिक जैन, ओवेश खान सहित कई अन्य युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

 

Aadhaar Update: 1 जुलाई से ईमेल आईडी अपडेट करना होगा मुफ्त, UIDAI ने खत्म की ₹75 फीस

 ग्वालियर
 यदि आपके आधार कार्ड में अभी तक ईमेल आईडी अपडेट नहीं है या आप उसे बदलना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद अच्छी और राहत भरी खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि यूआईडीएआई ने एक नया नोटिफिकेशन जारी करते हुए आधार कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत अब आधार कार्ड पर ईमेल आईडी अपडेट कराने के लिए नागरिकों को कोई शुल्क नहीं देना होगा, यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त कर दी गई है।

यह नया नियम आगामी एक जुलाई से पूरे देश के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल अंचल में भी लागू होने जा रहा है। सरकार के इस कदम से उन करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जो अपने आधार को डिजिटल रूप से अधिक सुरक्षित और अपडेटेड रखना चाहते हैं। मुफ्त में ईमेल अपडेट छह महीने तक कर सकते हैं।

छह महीने के लिए खुली है मुफ्त सुविधा की खिड़की
यूआईडीएआई द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, आम जनता को सहूलियत देने के लिए प्रशासन ने छह महीने की एक विशेष समय-सीमा तय की है। इसके अंतर्गत, नागरिक जुलाई से लेकर दिसंबर तक कभी भी अपनी ईमेल आईडी को आधार कार्ड में बिल्कुल मुफ्त में अपडेट करवा सकते हैं। आपको बता दें कि इस नए नियम के लागू होने से पहले तक, आधार कार्ड में ईमेल आईडी जुड़वाने या उसमें किसी भी तरह का संशोधन कराने के लिए उपभोक्ताओं को 75 रुपये का निर्धारित शुल्क देना पड़ता था, जिसे अब पूरी तरह से हटा लिया गया है।

ईमेल आईडी अपडेट होना क्यों है जरूरी
    सुरक्षित ओटीपी:
कई बार मोबाइल नेटवर्क न होने या सिम बंद होने की स्थिति में आधार से जुड़े जरूरी काम रुक जाते हैं। ईमेल आईडी अपडेट होने पर आधार वेरिफिकेशन का ओटीपी आपकी मेल पर भी आ जाता है।

    फर्जीवाड़े पर रोक: यदि कोई आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो तुरंत आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर अलर्ट आ जाता है, जिससे आप होने वाले फ्राड से बच सकते हैं।

    ऑनलाइन सेवाएं: कई सरकारी और बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन में ईमेल आईडी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

 

BJP के 7 लाख कार्यकर्ताओं की होगी ऑनलाइन परीक्षा, ऐप पर सवालों के जवाब देने पर मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट

भोपाल
 भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज देशभर में बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस दौरान करीब 7 लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन ऐप के माध्यम से कराई जाएगी। पार्टी के अनुसार, 65 हजार से अधिक बूथ समितियों के कार्यकर्ता और मंडल स्तर के मोर्चा पदाधिकारी इस डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य संगठन को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा एवं योजनाओं की बेहतर जानकारी देना है।

संगठन ऐप के जरिए होगा प्रशिक्षण
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के तहत कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठन का सफर, नेतृत्व और केंद्र की मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संगठन ऐप पर ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी।

संगठन एप के जरिए मिलेगी ट्रेनिंग
बीजेपी की 65 हजार से ज्यादा बूथ समितियों में शामिल कार्यकर्ताओं और मंडल स्तर के 6 मोर्चों की कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों को संगठन एप के जरिए डिजिटल लर्निंग यानी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चार पाठ्यक्रम संगठन एप पर दिए जाएंगे।

इनमें बीजेपी की विचारधारा, पार्टी का सफर, नेतृत्व, मोदी सरकार की विकास योजनाएं जैसे चार पाठ्यक्रम शामिल होंगे।

कार्यकर्ता अपने मोबाइल पर हर पाठ्यक्रम के वीडियो देखकर उस पाठ्यक्रम से संबंधित शब्दावली के उत्तर ऑनलाइन दर्ज करेंगे। चारों पाठ्यक्रमों के सवाल-जवाब पूरे होने के बाद उनके मोबाइल पर प्रशिक्षित होने का सर्टिफिकेट जनरेट होगा।

इस प्रशिक्षण को लेकर सभी जिला अध्यक्षों को कार्ययोजना भेज दी गई है। यह महाअभियान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से शुरू होकर उनकी जयंती 6 जुलाई 2026 तक पूरे 14 दिनों तक चलेगा।

बीजेपी क्यों और कैसे कराने जा रही है यह कोर्स?
बीजेपी इस बड़े अभियान को पूरी तरह अचूक बनाने के लिए इसे अपने नियमित कार्यक्रमों से जोड़ रही है। रणनीति के अनुसार, बूथ अध्यक्ष और ‘मन की बात’ प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तुरंत बाद बूथ समिति के सभी सदस्यों को मौके पर ही संगठन ऐप खुलवाकर डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण पूरा कराया जाए और सर्टिफिकेट डाउनलोड करवाया जाए ।

तीन सदस्यों की टीम भी बनाई
इसके साथ ही, शक्ति केंद्र प्रभारियों और मंडल कार्यकारिणी को सभी बूथों पर प्रवास (दौरा) करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे हर कार्यकर्ता के स्मार्टफोन में इस प्लेटफॉर्म की जानकारी और ट्रेनिंग सुनिश्चित कर सकें । बीजेपी यह कदम इसलिए उठा रही है ताकि उसका पूरा कैडर ‘कागज-रहित’ और ‘हाई-टेक’ हो सके। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए जिलों में (1+2 सदस्यों की) विशेष डिजिटल प्रशिक्षण टीमें बनाई गई हैं, जिनकी कमान प्रदेश स्तर पर संयोजक शैलेन्द्र बरूआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) और सदस्यों के रूप में राजेन्द्र सिंह, सुयश त्यागी संभाल रहे हैं।

6 जुलाई तक पूरा होगा अभियान
बीजेपी ने इस डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को 6 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी पहले ही जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित कर चुकी है। अब अंतिम चरण में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि डिजिटल प्रशिक्षण से संगठन की कार्यशैली अधिक प्रभावी होगी और कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं व संगठनात्मक गतिविधियों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

 

MP में राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारी बनेंगे IPS, DPC बैठक में नाम तय; 2 अफसरों पर नहीं हुआ विचार

 भोपाल
राज्य पुलिस सेवा के आठ (1997 बैच के एक और 1998 बैच के सात) अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत होंगे। गुरुवार को मंत्रालय में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इनके नाम तय किए गए। लगभग दो माह में अधिसूचना जारी होने पर इन्हें आईपीएस संवर्ग आवंटित होगा।

कुल नौ पदों के लिए डीपीसी की बैठक की गई थी, जिसमें 1997 बैच के अमृत लाल मीणा का नाम विचार में लिया गया, पर निर्णय घोषित नहीं किया गया। मीणा का जाति प्रमाण पत्र का मामला छानबीन समिति में लंबित है। वहीं, राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा के नामों पर विचार नहीं किया। राजेश मिश्रा के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, जबकि संदीप मिश्रा की एसीआर अनुकूल नहीं होने के चलते उन्हें बाहर रखा गया है।

डीपीसी में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाणा और एसीएस होम संजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।

27-28 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति
यह डीपीसी वर्ष 2025 के लिए हुई है। पदोन्नत होने वाले अधिकारियों को 2017 बैच आवंटित होगा। 27 से 28 वर्ष की सेवा के बाद इन्हें पदोन्नति मिलने जा रही है। बड़े राज्यों में सबसे देरी से पदोन्नति मध्य प्रदेश में ही हो रही है। तेलंगाना सहित कुछ राज्यों में तो 2010 से 2012 बैच तक के पुलिस अधिकारी पदोन्नत होकर आईपीएस बन चुके हैं। यानी पदोन्नति में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा 10 वर्ष पीछे चल रहे हैं।

बता दें, राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस संवर्ग में 13 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए भी शीघ्र डीपीसी की बैठक होने वाली है। इसमें वर्ष 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार चल रहा है।

ये अधिकारी होंगे पदोन्नत
1997 बैच के सीताराम सस्त्या, 1998 बैच की मनीषा पाठक सोनी, निमिषा पांडेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, सुमन गुर्जर, सव्यसाची सराफ और समर वर्मा।

 

एमपी ट्रांसको ने पेंशनर एवं कार्मिकों को अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना में शामिल होने का दिया एक और अवसर

भोपाल

मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा संचालित अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अब तक शामिल होने से वंचित रह गए कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है।

एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से 25 जून से 20 जुलाई 2026 तक पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो पात्र हितग्राही वर्तमान में योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं और अब इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें योजना के प्रारंभ होने की तिथि से अब तक देय सभी अंशदान किस्तों का भुगतान एकमुश्त करना होगा।

योजना के अन्य सभी नियम एवं शर्तें यथावत रहेंगी। एमपी ट्रांसको प्रबंधन ने पात्र कार्मिकों, पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने का आग्रह किया है।

 

रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से ताजिया टकराया; 3 की मौत, 20 से ज्यादा झुलसे

रतलाम

रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया पंचमुखी महादेव मंदिर के समीप से गुजर रहा था, तभी वह 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट फैलने से 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग झुलसकर घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई है।

पल भर में चीख-पुकार में बदल गया माहौल
वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी भी मृत्यु होने की सूचना सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दोनों मौतों की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पतालों की ओर पहुंच गए।

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों का उपचार जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर अधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।

यह दिल दहला देने वाली घटना पिपलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा गांव की है। बताया जा रहा है कि जुलूस में लगभग 200 लोग शामिल थे। लोग पूरे उत्साह और अकीदत के साथ ताजिया लेकर आगे बढ़ रहे थे।

इसी दौरान ताजिये का ऊपरी हिस्सा करीब 20 फीट की ऊंचाई से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया। पलक झपकते ही पूरे ताजिये में तेज करंट दौड़ गया और जो लोग उसे कंधा दे रहे थे, वे इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए।

CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का किया गया प्रयास

भोपाल 

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्ज की  मांग उठाई।कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है।

वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

आपातकाल के सेनानियों (मीसाबंदियों) के अखिल भारतीय संगठन ‘लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश’ के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग दो हजार मीसाबंदी और उनके परिवार शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिरकत कर रहे हैं। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक भी मंच साझा कर रहे हैं।

सीएम बोले-कांग्रेस ने आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ी, जबकि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को रोकने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के समय कई देश हमारे साथ या हमारे बाद स्वतंत्र हुए थे। इजरायल हमसे एक वर्ष बाद आजाद हुआ, लेकिन आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पांचवीं पीढ़ी राजनीति में आ चुकी है, लेकिन उसकी कार्यशैली नहीं बदली। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आपातकाल लगा, तब उनकी उम्र मात्र नौ वर्ष थी। उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरा, लेकिन थोड़ी-बहुत खेती होने के कारण घर का गुजारा चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस के लोग जेल में बंद लोगों से कांग्रेस की सदस्यता लेने की शर्त पर रिहाई की बात करते थे।

डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक स्थिति सभी के सामने है। लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने का श्रेय लोकतंत्र सेनानियों को जाता है।

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। उन्हें सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भी उपचार की व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिक आयु के कारण जिन लोकतंत्र सेनानियों को जिला या बैंक शाखा बदलने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, लेकिन उसने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने और सत्ता के बल पर दूसरों को दबाने का प्रयास किया।

इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों का सम्मान समारोह है। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बीजेपी के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह मंत्री कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विधायक रामेश्वर शर्मा मौजूद हैं।

पूर्व मंत्री सहित तीन वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।

इमरजेंसी पर बनी फिल्म भी दिखाई
कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल द्वारा तैयार किया गया है।

इंदौर में नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹44 हजार की फेक करेंसी और प्रिंटिंग मशीन बरामद

इंदौर

इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा।

रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक, मौके पर पकड़ लिया
नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए।

खंडवा एसटीएफ ने भी पकड़ा था
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है।

पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का नाम
सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था।

पहले भी नकली नोट मामले में जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

MP Weather Update: 15 जिलों में झमाझम बारिश, 2 दिन में भोपाल-उज्जैन पहुंचेगा मानसून; ग्वालियर-चंबल में इंतजार जारी

 भोपाल
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

 दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं।

शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात
गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई।

बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

15 जिलों में हुई बारिश
गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत
शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

कई शहरों में तापमान गिरा
बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अभी भी सामान्य से कम बारिश
मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है।

किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश
अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून
अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

बड़नगर वैन ब्लास्ट का रहस्य गहराया: पटाखों से किया गया विस्फोट, ‘फिर आ गए’ लिखने के पीछे क्या था मकसद?

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

23 जून का है वीडियो
घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया।

मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-

    विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?
    गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?
    विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था?

40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन
दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था।

कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है।

जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे
पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे।

पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है।

2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन
क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी।

शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे।

भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

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