यूसीसी पर उच्च स्तरीय समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक

यूसीसी पर उच्च स्तरीय समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक

विधेयक के प्रारूप पर हुई निर्णायक चर्चा
रिपोर्ट एवं ड्रॉफ्टिंग अंतिम चरण में

भोपाल 
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए अध्ययन और परीक्षण संबंधी उच्च स्तरीय समिति की बैठक नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में हुई। समिति की अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई है। समिति का कार्य अंतिम चरण में है और आशा है कि जल्दी ही रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी।

बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति समेत अन्य विषय जो समान नागरिक संहिता की विषय वस्तु हैं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समिति के वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह सहित समिति के सदस्य अनूप नायर, प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, सुशोभा पैठणकर उपस्थित थे।

समिति सदस्य सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि समिति की रिपोर्ट की ड्राफ्टिंग अंतिम चरण में है। समिति की रिपोर्ट के 2 भाग होंगे, जिसमें पहला भाग समिति के अनुशंसाओं का एवं दूसरा भाग समिति द्वारा किए गए जन परामर्शों से संबंधित होगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की बैठक में समिति द्वारा तैयार किए जा रहे विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई है। समिति द्वारा शीघ्र ही राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत किये जाने की संभावना है।

 

भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट
जापान में 29 मई से 06 जून तक हुआ था अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप टूर्नामेंट

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने निवास पर भेंट के लिए आये अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 में पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। टूर्नामेंट का आयोजन जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया गया था। पदक विजेता पुरूष और महिला खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी के खिलाड़ियों में से कुछ खिलाड़ी बहुत साधारण परिवार से हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर इन खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले एशियाई खेलों में इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी हॉकी में कई ओलम्पियन दे चुका हैं, कुछ वर्ष इस खेल में पीछे रहा, लेकिन अब हरियाणा जैसे राज्यों के समान अग्रणी हो रहा हैं।

खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जापान में हुए टूर्नामेंट के लिए समीर दाद जैसे कोच खिलाड़ियों को दक्ष बनाने में लगे थे। अंडर-18 की श्रेणी में 6 पुरुष खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण पदक और 4 महिला खिलाड़ियों ने 4 कांस्य पदक जीते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर आयुक्त खेल एवं युवक कल्याण संजीव कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

टूर्नामेंट से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

                 अंडर-18 बालिका/महिला हॉकी एशिया कप में पुरूष वर्ग में एशिया के 9 देश (भारत, कोरिया, जापान, चीनी- ताइपे, कजाकिस्तान, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन) एवं महिला वर्ग में एशिया के 8 देश (भारत, कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर, चीन, जापान, चीनी ताइपे, बांग्लादेश) ने भाग लिया।

                 प्रतियोगिता में भारत की 18 सदस्यीय बालक / बालिका हॉकी टीम ने भाग लिया।

                 भारतीय बालक हॉकी टीम में म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी, भोपाल के 06 बालक खिलाड़ी सदस्य रहे तथा स्वर्ण पदक अर्जित किया।

                 भारतीय बालिका हॉकी टीम में म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी, ग्वालियर की 04 बालिका खिलाड़ी सदस्य रही तथा कांस्य पदक अर्जित किया।

                 म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी की खिलाड़ी सुनौसीन नाज ने प्रतियोगिता में 12 गोल कर टूर्नामेन्ट की ‘टॉप स्कोरर’ बनने का गौरव प्राप्त किया।

                 म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी के खिलाड़ी आयुष रजक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट गोलकीपर अवार्ड’ प्राप्त किया ।

                 मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ग बालक के हॉकी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3 लाख प्रति खिलाड़ी एवं बालिका वर्ग के हॉकी कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को एक लाख प्रति खिलाड़ी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है।

इन खिलाड़ियों ने किया प्रतिनिधित्व

पुरुष खिलाड़ी :-

आयुष रजक, पिता स्व. अनिल रजक, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। अंश बहुत्रा, पिता नीरज बहुत्रा, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक। करन गौतम, पिता मनोज गौतम, जिला उमरिया, स्वर्ण पदक। अवि माणिपुरी पिता जितेन्द्र माणिपुरी, जिला भोपाल, स्वर्ण पदक। सिद्धार्थ बेन, पिता लेखराम बेन, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। गाजी खान, पिता महबूब खान, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक।

महिला खिलाड़ी:-

सुनौसीन नाज, पिता अहफाज खान, जिला सिवनी, कांस्य पदक। सुमहक परिहार, पिता महरवान सिंह परिहार, कांस्य पदक। सुस्नेहा दावड़े पिता राजेश दावड़े , जिला बड़वानी, कांस्य पदक। सुनम्मी गीताश्री, पिता नम्मी ताताराव, तिम्मापुरम, विशाखपट्टनम (आन्ध्रप्रदेश), कांस्य पदक।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल

सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट देगी मध्यप्रदेश भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश
एमएसएमई और स्टार्ट-अप को सिंगल क्लिक से अंतरित होगी 225 करोड़ से अधिक की राशि
रवींद्र भवन में 2000 प्रतिभागी-उद्यमियों और विभागों की प्रदर्शनी तथा क्रेता-विक्रेता मीट के साथ 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण का केन्द्र

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वां अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर रवींद्र भवन में शनिवार,27 जून को होने वाले ‘सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ में शामिल होंगे। समृद्ध भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश देने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख और स्टार्ट-अप को लगभग 39 लाख की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में महत्वूर्ण एमओयू के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमि-पूजन भी होगा। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार ने बताया कि समिट में स्टाल से खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन करेंगे। विभिन्न विभागों और उद्यमियों के प्रदर्शनी में लगभग 60 से स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्ट-अप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि,वालमार्ट, फ्लिप्कार्ट जैसे संस्थान सम्मिलित होंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी।

समिट में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्य योजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।

समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उद्यमी, स्टार्ट-अप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्य योजना प्रदर्शित होगी।

समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ‘नये बाजार, नई उड़ान’ (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र ‘पूंजी तक पहुँच’ (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड’ (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा।

उद्योग आयुक्त ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस” के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का 10वां वर्ष है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल

ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय भ्रमण पर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे सनसेट पॉइंट का अवलोकन कर ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित रात्रि चौपाल में शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू रेस्ट हाउस से हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 12:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को प्रातः 6:30 बजे सनराइज एवं बुच प्वाइंट पर मेडिटेशन करेंगे। इसके बाद वे स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 7:30 बजे पौध-रोपण कार्यक्रम के बाद कॉफी प्लांटेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 10 बजे मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और 11 बजे प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के सामूहिक श्रवण में शामिल होंगे।

अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु में आयोजित कार्यक्रम की समुचित तैयारियों का शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ल, डीआईजी वीरेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और एसपी वीरेंद्र जैन ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, रात्रि चौपाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेडिटेशन, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद और “मन की बात” कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।

 

विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल पटेल

विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल पटेल

हमारी आत्मीयता, साम्यता का मंच स्थापना दिवस
लोक भवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर घुल जाती है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में बंगाल के मूल निवासी घुल मिल गये हैं। हमारी अनेकता में एकता की आत्मीयता और साम्यता को राज्य स्थापना दिवस के आयोजन साकार करते है। आयोजन के मंच पर हमारी वेशभूषा, गीत, नृत्य में समाई हमारी सांस्कृतिक विविधता में एकता की झलक मिलती है। पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा नृत्य और वेशभूषा में असम राज्य की झलक दिखाई दी।

राज्यपाल पटेल आज लोकभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के प्रसंग में आयोजित समारोह में सम्मिलित भोपालवासी बंगाली मूल के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न कालीबाड़ियों के सदस्य उपस्थित थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र प्रथम की भावना को सुदृढ़, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदाय करने और राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास अद्भुत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने गत वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। पर्व में सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक दलों और बच्चों की सहभागिता से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मंच प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में 300 बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की थी। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाने में बंगाल राज्य का योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर विगत वर्षों से देश की युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार विकसित भारत निर्माण के लिए युवाओं के साथ संवाद करते हैं। लोक भवन के  आयोजन में 7 से 60 साल के कलाकारों की सहभागिता और महिलाओं की बहुलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बदलते भारत की झलक और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में श्रीमती सपना गुहा ने स्वागत उद्बोधन में बंगाल की समृद्ध परम्पराओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण जन जीवन की सरलता और सांस्कृतिक छटा की रुपरेखा प्रस्तुत की सांस्कृतिक आयोजन की सूत्रधार श्रीमती महुआ चटर्जी ने “हमारा बंगाल रे” की थीम पर बंगाल के लोकगीत, नृत्य और जन जीवन को बाउल, झूमर, धमाइल, भटयाली लोक संगीत की प्रस्तुति के द्वारा सभागार में पश्चिम बंगाल के जन जीवन को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का स्थापना दिवस का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अंत में मध्यप्रदेश के विकास और वैभव से परिचित कराने वाली लघु फिल्म का प्रसारण किया गया।

राज्यपाल का कार्यक्रम में बंगाली समाज के सचिव सर्वसलिल चटर्जी, निलॉय घोष ने अभिनन्दन किया। आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी ने किया। संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सुसृष्टि श्रीवास्तव ने किया।

 

राष्ट्र सेवा ही शालिगराम जी के जीवन का था ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्र सेवा ही शालिगराम जी के जीवन का था ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वरिष्ठ समाज सेवी सदाशिव देवधर और अरविंद मोघे सम्मानित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्व. शालिगराम तोमर राष्ट्र सेवी थे। उन्होंने राष्ट्र की सेवा करने वाले अनेक कार्यकर्ता भी तैयार किए। राष्ट्र सेवा और राष्ट्रसेवियों का निर्माण उनके जीवन का प्रमुख ध्येय था। वे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ अनूठा परिवार भाव रखते थे। उनकी कार्य शैली से युवा सहज ही उनके सेवा प्रकल्पों के साथ जुड़ जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानस भवन में स्व. शालिगराम तोमर स्मृति राष्ट्र सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। नवलय संस्था द्वारा इस वर्ष वरिष्ठ समाज सेवी सदाशिव देवधर पुणे और अरविंद मोघे को सम्मानित किया गया। दोनों समाज सेवियों ने विद्यार्थी परिषद, श्रमिक कल्याण, वनवासी कल्याण के साथ ही अनेक सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. शालिगराम तोमर ने एक कक्ष के कार्यालय से संगठन से कार्य करते हुए उसे विराट रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उनके आदर्श जीवन से हजारों लाखों युवाओं ने प्रेरणा ली और सामाजिक क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए स्वयं को तैयार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मानित समाज सेवियों को बधाई दी और संस्था के उद्देश्यों एवं सम्मान कार्यक्रम की सराहना की। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के जीवन को संवारने में स्व. शालिगराम का समर्पण और सहयोग यादगार रहेगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्व. शालिगराम के जीवन से जुड़े संस्मरण सुनाये। सेवानिवृत्त न्यायाधीश और संगठन पदाधिकारी अशोक पांडे ने कहा कि स्व. शालिगराम राष्ट्र सेवा का भाव रखते थे। राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल ने नवलय संस्था को एक प्रेरणापुंज की स्मृति में सम्मान स्थापित करने के लिए बधाई दी। महासमुंद छत्तीसगढ़ से आए डॉ. विमल चोपड़ा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने सम्मान के लिए चयनित समाज सेवियों देवधर और मोघे को एक लाख रूपए की सम्मान निधि, शॉल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। दोनों समाजसेवियों के प्रशस्ति पत्र का वाचन भी किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, वरिष्ठ समाज सेवी शशि भाई सेठ, विभीषण सिंह, अनेक लोकतंत्र सेनानी, नागरिक और समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

कान्हा में CDV का खतरा, ग्वालियर जू अलर्ट पर; बाघिन मीरा के तीनों शावक फिलहाल आइसोलेशन में रहेंगे

ग्वालियर
 कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से सात बाघों की मृत्यु होने के बाद अब गांधी प्राणी उद्यान (ZOO) प्रबंधन अलर्ट पर आ गया है। यही कारण है कि दो माह पहले जन्मे सफेद बाघिन मीरा के शावकों को फिलहाल आइसोलेशन में ही रखा जाएगा।

सैलानियों को इन नन्हें शावकों की पहली झलक पाने और अठखेलियों को देखकर आनंद लेने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि तीनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से हुई बाघों की मौत के बाद जू प्रबंधन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

चिड़ियाघर में सफेद बाघिन मीरा ने गत पांच अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें दो शावक पीले और एक सफेद शावक है। बीते दो माह दिनों से शावक आइसोलेशन में ही अपनी मां की देखरेख में सुरक्षित हैं और उनकी गतिविधियां भी सामान्य हैं। इन शावकों को एक माह पूरा होने पर ही केज से बाहर निकालने की तैयारी की गई थी, लेकिन इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए शावकों को केज से बाहर नहीं निकाला गया।

अब जब शावकों को बाहर निकालने की बारी आई, तो कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की संभावना को देखते हुए इस निर्णय को टाल दिया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भी एडवायजरी जारी कर वन्य जीवों को इस वायरस से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। यह वायरस जानवरों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है और खासतौर पर शावकों के लिए अधिक खतरनाक साबित होता है।

 

9 साल का इंतजार खत्म, मध्यप्रदेश में GST अपीलीय न्यायाधिकरण ने शुरू की सुनवाई

विवेक झा, भोपाल। वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था लागू होने के लगभग नौ वर्ष बाद मध्यप्रदेश के करदाताओं, उद्योगों और टैक्स पेशेवरों का लंबा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। प्रदेश में GST अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के समक्ष द्वितीय अपीलों की नियमित सुनवाई शुक्रवार से प्रारंभ होने जा रही है। इसे जीएसटी व्यवस्था के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कदम माना जा रहा है, जिससे वर्षों से लंबित कर विवादों के निस्तारण का रास्ता खुल गया है।

प्रारंभिक चरण में भोपाल बेंच के समक्ष 300 से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई हैं। इससे प्रदेश के सैकड़ों करदाताओं और उद्योगों को शीघ्र न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

26 जून से भोपाल बेंच में होगी नियमित सुनवाई

जानकारी के अनुसार भोपाल स्थित GSTAT बेंच में 26 जून 2026 से अपीलों की सुनवाई शुरू होगी। फिलहाल तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण प्रत्येक सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को ही मामलों की सुनवाई निर्धारित की गई है।

विशेष बात यह है कि सुनवाई हाइब्रिड मोड में होगी। यानी करदाता और उनके अधिवक्ता आवश्यकता अनुसार न्यायाधिकरण में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी अपनी पैरवी कर सकेंगे।

लंबे समय से लंबित थे हजारों कर विवाद

जीएसटी लागू होने के बाद अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन में हुई देरी के कारण देशभर में बड़ी संख्या में द्वितीय अपीलें लंबित थीं। मध्यप्रदेश भी इससे अछूता नहीं रहा। प्रदेश में अनेक करदाता अंतिम न्यायिक मंच उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्षों से अपने मामलों के निस्तारण की प्रतीक्षा कर रहे थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब न्यायाधिकरण की नियमित सुनवाई शुरू होने से कर विवादों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी आएगी और करदाताओं को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।

पुराने वैट मामलों के निस्तारण की भी बड़ी चुनौती

जीएसटी मामलों के अलावा मध्यप्रदेश में पूर्व कर कानूनों, विशेषकर वैट से संबंधित करीब 3,500 अपीलें भी विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। कर विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत किए जाने पर इन मामलों के निस्तारण में भी तेजी लाई जा सकेगी।

व्यापारिक संगठनों की लंबे समय से थी मांग

जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन और नियमित सुनवाई की मांग विभिन्न व्यापारिक संगठनों, उद्योग संघों और टैक्स प्रोफेशनल्स द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। उनका कहना था कि अंतिम अपीलीय मंच उपलब्ध नहीं होने से करदाताओं को अनावश्यक आर्थिक और कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

करदाताओं को मिलेगा प्रभावी न्यायिक मंच : मनोज पारख

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख ने कहा कि GSTAT की नियमित सुनवाई शुरू होना करदाताओं और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि अब वर्षों से लंबित विवादों का समयबद्ध निस्तारण संभव होगा, जिससे कर प्रशासन और व्यापार जगत दोनों को लाभ मिलेगा। न्यायिक प्रक्रिया में गति आने से अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और करदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा।

30 जून तक अपील दाखिल करने का अंतिम अवसर

एडवोकेट मनोज पारख ने करदाताओं और कर सलाहकारों को आगाह करते हुए कहा कि वर्तमान में 30 जून 2026 GSTAT के समक्ष अपील दायर करने की महत्वपूर्ण अंतिम तिथि है। पात्र करदाताओं को निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे अपील के अधिकार से वंचित न हों।

उन्होंने कहा कि समय पर अपील दाखिल करने से करदाताओं को कानूनी राहत प्राप्त करने का पूरा अवसर मिलेगा।

कर व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता और विश्वास

कर विशेषज्ञों का मानना है कि GSTAT की शुरुआत से न केवल विवादों का शीघ्र समाधान होगा बल्कि कर प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा। उद्योग जगत को इससे बड़ी राहत मिलेगी और निवेश एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी सकारात्मक वातावरण मिलेगा।


GSTAT से जुड़ी प्रमुख बातें

  • करीब 9 वर्ष बाद मध्यप्रदेश में द्वितीय अपीलों की नियमित सुनवाई शुरू।
  • भोपाल बेंच में 300 से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध।
  • 26 जून 2026 से सुनवाई प्रारंभ।
  • प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार होगी सुनवाई।
  • हाइब्रिड मोड (फिजिकल + वर्चुअल) में होगी कार्यवाही।
  • प्रदेश में लगभग 3,500 पुराने वैट अपीलों के निस्तारण की भी चुनौती।
  • 30 जून 2026 तक GSTAT में अपील दाखिल करने की महत्वपूर्ण समय-सीमा।

क्या है GSTAT?

GST Appellate Tribunal (GSTAT) वस्तु एवं सेवा कर कानून के अंतर्गत गठित एक वैधानिक अपीलीय न्यायाधिकरण है, जहां प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध द्वितीय अपील की जाती है। इसका उद्देश्य कर विवादों का विशेषज्ञ और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है, जिससे करदाताओं को उच्च न्यायालय जाने से पहले प्रभावी न्यायिक मंच उपलब्ध हो सके।

MP School Education: विकासखंड अकादमिक समन्वयक और जन शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू, जानें पूरी जानकारी

भोपाल
 समग्र शिक्षा अभियान मिशन के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विकासखंड अकादमिक समन्वयक और जन शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को 20 सितंबर 2026 तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड स्रोत केंद्र कार्यालय में विकासखंड अकादमिक समन्वयक के पांच पद भरे जाएंगे। वहीं, प्रत्येक 21 विद्यालयों पर एक जनशिक्षा केंद्र के मान से प्रति जनशिक्षा केंद्र में 2 जन शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

52 वर्ष से अधिक न हो आयु
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि विकासखंड अकादमिक समन्वयक एवं जन शिक्षक के लिए वही उच्च श्रेणी या माध्यमिक शिक्षक पात्र होंगे, जिनकी आयु 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 52 वर्ष से अधिक न हो। साथ ही उनके विरुद्ध कोई विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण या लंबे समय तक अनुपस्थित रहने की शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए।

चयन के लिए बनेगी समिति
चयन प्रक्रिया के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त (जनजातीय कार्य), प्राचार्य डाइट, जिला परियोजना समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक तथा कलेक्टर का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

यह रहेगा चयन कार्यक्रम

– 25 जुलाई तक विषय एवं समूहवार वरिष्ठता सूची तैयार होगी।

– 5 अगस्त को जिला स्तर पर काउंसलिंग आयोजित की जाएगी।

– 13 अगस्त को अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जाएगी।

– 20 सितंबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

MP में निर्माण कार्य के नए नियम: बिना सूचना घर या दुकान बनाई तो हो सकती है जेल, श्रम विभाग का सख्त आदेश

भोपाल
 मध्य प्रदेश में अब घर, दुकान, बहुमंजिला इमारत या किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मकान मालिकों, ठेकेदारों और बिल्डर्स को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। श्रम विभाग ने नए और सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी कंस्ट्रक्शन साइट पर काम शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले इसकी लिखित या ऑनलाइन सूचना विभाग को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।

श्रम विभाग के अनुसार, नियमों की अनदेखी करने वाले नियोक्ताओं और बिल्डर्स के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की हवा खाने से लेकर भारी जुर्माने तक का प्रावधान शामिल है।

क्यों सख्त हुआ श्रम विभाग?
श्रम विभाग ने यह कदम निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए उठाया है। ‘भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ के तहत अब हर कंस्ट्रक्शन साइट पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य होगी।

‘श्रम सेवा पोर्टल’ पर देनी होगी तमाम जानकारी
नियोजकों को ‘श्रम सेवा पोर्टल’ मोबाइल ऐप के जरिए निर्माण स्थल की सटीक लोकेशन, वहां काम कर रहे श्रमिकों की कुल संख्या और उन्हें दी जा रही मूलभूत सुविधाओं (जैसे साफ पानी, शौचालय आदि) का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

30 दिन पहले सूचना नहीं दी, तो 3 महीने की जेल
भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के कड़े प्रावधानों के मुताबिक, अगर कोई भी नियोक्ता धारा 46 के तहत काम शुरू होने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
दोषी पाए जाने पर संबंधित बिल्डर, ठेकेदार या मकान मालिक को 3 महीने तक का कारावास , 2 हजार रुपए तक का जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी निर्माण विभागों जिनमें PWD, नगर निगम आदि को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे भी कोई भी काम शुरू करने से पहले श्रम विभाग को अनिवार्य रूप से लूप में लें।

‘श्रम प्रहरी’ बनकर आम जनता भी दे सकेगी सूचना
निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और मजदूरों के हक की रक्षा के लिए विभाग ने आम नागरिकों को भी एक बड़ी ताकत दी है। शहर का कोई भी जागरूक नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ की भूमिका निभा सकता है।

शिकायत के किलए टोल फ्री नंबर जारी
अगर आपके आसपास कोई ऐसा निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी सूचना श्रम विभाग को नहीं दी गई है या जहां मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है, तो आप इसकी गुप्त शिकायत विभाग के विशेष कंट्रोल रूम नंबर पर कर सकते हैं। इसके लिए श्रम प्रहरी हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर: 1800-233-8888 दिया गया है।

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