65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में समरदीप सिंह ने जीता रजत पदक

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी समरदीप सिंह ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता के चौथे दिन सायंकालीन सत्र में आयोजित पुरुष शॉट पुट स्पर्धा में समरदीप सिंह ने 20.40 मीटर का प्रभावशाली थ्रो करते हुए रजत पदक अर्जित किया।

एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

समरदीप सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर एशियाई खेल 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक भी प्राप्त कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने न केवल पदक हासिल किया, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है।

राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की सशक्त पहचान

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में समरदीप सिंह का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं की निरंतर प्रगति और खेल अकादमियों में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है। राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने समरदीप सिंह को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समरदीप आगामी एशियाई खेलों में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

समरदीप सिंह की यह सफलता प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि समर्पण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है।

 

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर हुए विशेष सत्र

भोपाल

अंतराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर समृद्ध एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश थीम पर रवींद्र भवन में शनिवार को हुई समिट के दौरान नये बाज़ार, नई उड़ान और पूंजी की व्यवस्था सत्रों मे निवेशको, उद्यमियों और विभिन्न व्यावसायिक तथा बैंकिंग संस्थाओं के बीच सार्थक संवाद हुआ।

एमएसएमई एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए नवीन बाज़ार अवसर

इस सत्र में एमएसएमई के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों, विशेषकर सीमित बाजार पहुंच, पर ध्यान केंद्रित किया गया तथा निर्यात, डिजिटल कॉमर्स, शोध एवं विकास, जोखिम कम करने तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधानों पर विचार-विमर्श किया गया।

सुश्री अंकिता पांडे, सीनियर प्रोजेक्ट कंसल्टेंट एंड यंग एलएलपी (मॉडरेटर) एवं विशेषज्ञों ने संस्थागत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया, जिसमें फियो (FIEO) ने प्रथम बार निर्यात करने वाले उद्यमियों को दस्तावेजीकरण, बाजार चयन तथा वैश्विक व्यापार गतिकी के संबंध में मार्गदर्शन देकर निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने पर बल दिया। सीएसआईआर-एएमपीआरआई के डॉ. भास्कर ने कच्चे एवं अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने में नवाचार तथा सतत प्रक्रियाओं की भूमिका पर बल दिया तथा शोध एवं उद्योग के मध्य सुदृढ़ सहयोग की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। ओएनडीसी (ONDC) तथा ईसीजीसी (ECGC) के प्रतिनिधियों ने बाजार पहुंच विस्तार हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तथा विशेष रूप से छोटे एवं नवीन निर्यातकों के लिए भुगतान जोखिमों से सुरक्षा हेतु निर्यात्त ऋण बीमा के लाभों को रेखांकित किया। चर्चा में इंडिया पोस्ट के विस्तृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एक विश्वसनीय एवं किफायती समाधान के रूप में उजागर किया गया तथा यह निष्कर्ष निकाला गया कि एमएसएमई डिजिटल उपकरणों, नवाचार, वित्तीय संरक्षण तथा सुदृढ़ सप्लाई चेन सहायता का लाभ उठाकर प्रभावी रूप से अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।

पूंजी तक पहुंच सत्र से एमएसएमई को मिला नया क्षेत्र

नई पीढ़ी के एमएसएमई के लिए वित्त-पोषण सत्र में मॉडरेटर सुश्री ऋचा सिंह, सीनियर मैनेजर, अन्र्स्ट एंड यंग एलएलपी ने तकनीकी सत्र का संचालन किया।विकसित हो रहे वित्त पोषण परिदृश्य पर चर्चा की गई तथा डिजिटल एवं वैकल्पिक वित्त-पोषण माध्यमों के द्वारा ऋण प्राप्ति में आने वाली बाधाओं को कम करने पर बल दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद, एमएसएमई को समय पर एवं सुलभ वित प्राप्त करने में कोलैटरल की कमी, अपूर्ण दस्तावेज़ीकरण तथा सीमित क्रेडिट इतिहास जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चर्चा में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया, जिसमें यूपीआई डेटा को नकद प्रवाह तथा साख-योग्यता के आकलन हेतु एक उपयोगी उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैंकिंग दृष्टिकोण से एमएसएमई द्वारा वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, दस्तावेजीकरण में सुधार करने तथा ऋण पात्रता बढ़ाने हेतु सुदृढ साख प्रोफाइल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इनवॉइस डिस्काउंटिंग के माध्यम से कार्यशील पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में ट्रेड्स (TReDS) की भूमिका को भी रेखांकित किया गया, जिससे त्वरित नकदी प्रवाह तथा औपचारिक क्रेडिट ट्रेल स्थापित करने में सहायता मिलती है। सत्र में यह निष्कर्ष निकाला गया कि एमएसएमई को विकास के लिए पूंजी तक पहुंच तथा सतत विस्तार सक्षम बनाने में डिजिटल अंगीकरण, वित्तीय साक्षरता, वैकल्पिक वित्त पोषण तथा सुदृढ़ संस्थागत सहयोग को समाहित करने वाला एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र आवश्यक है। दोनों सत्रों में नव उद्यमियों के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान भी किया गया।   

पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में नव आरक्षकों को नशामुक्त समाज निर्माण का दिया गया संदेश

भोपाल 

“नशे से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” इसी संदेश के साथ विश्व मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन में संचालित 6वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी द्वारा किया गया। उन्होंने मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, नशा मुक्ति के महत्व, पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी तथा समाज में नशा विरोधी जन-जागरूकता अभियान की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी।

कार्यशाला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), इंदौर के निरीक्षक श्री गौरव जायसवाल ने मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, अवैध तस्करी की कार्यप्रणाली, नशे की लत से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं नैतिक दुष्परिणाम तथा इससे जुड़े अपराधों के संबंध में बताया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मादक पदार्थों से संबंधित सूचना देने हेतु संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 की जानकारी दी गई तथा नागरिकों से इस हेल्पलाइन का अधिकाधिक उपयोग कर नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहें, अपने साथियों को भी नशे की ओर बढ़ने से रोकें तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी नव आरक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहने, समाज में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

 

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 9.32 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन; जल्द बनेगा सामुदायिक भवन

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को नर्मदापुरम रोड स्थित नट बाबा शिव मंदिर परिसर में 9 लाख 32 हजार रुपए की लागत से बनने वाली बाउंड्री वॉल एवं ‘वैष्णो भवन’ का भूमिपूजन किया। इस गरिमामय अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की कर्मठता और निरंतर परिश्रम के कारण ही गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य अनवरत जारी हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर हमारी आस्था के प्रमुख केंद्र होते हैं, जो हमारी मनोकामनाओं को भी पूर्ण करते हैं। ऐसे में आस्था के इन केंद्रों को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुविधा संपन्न बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि क्षेत्र की जनता की सुविधाओं का निरंतर ध्यान रखते हुए विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने क्षेत्रीय रहवासियों द्वारा की गई सामुदायिक भवन की मांग को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

वार्ड 53 में आयोजित इस भूमि-पूजन कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद श्री प्रताप वारे, श्री जितेन्द्र शुक्ला,  शीला पाटीदार और श्री किशोर पटेल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

मध्यप्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात को जीआई-टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों का हुआ पहला वाणिज्यिक निर्यात

भोपाल

रीवा का सुंदरजा आम अब वैश्व‍िक बाजारों की शान बन गया है। केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आम मध्यप्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पहले वाणिज्यिक निर्यात के रूप में पहुंच गये हैं। वैश्विक बाजारों में भारत के वि‍शिष्‍ट कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कृषक कल्याण वर्ष के चलते यह एक बड़ी उपलब्ध‍ि है।

पिछले कई महीनों से एपीडा ने मध्यप्रदेश सरकार के बागवानी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), पैकिंग हाउस संचालकों और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर इस उत्‍कृष्‍ट किस्म के आम के निर्यात के लिए संपर्क स्थापित करने का काम किया है। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप संयुक्त अरब अमीरात में एक खरीदार की पहचान हुई जिससे प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम के अंतर्राष्ट्रीय विपणन का मार्ग खुला।

जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों की पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप में एक मीट्रिक टन आम शामिल थे और यह 26 जून 2026 को मेसर्स साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त अरब अमीरात को निर्यात की गई। यह ऐतिहासिक खेप रीवा सुंदरजा आम की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है और आने वाले समय में नियमित निर्यात का मार्ग प्रशस्त करने की उम्मीद है।

निर्यात खेप में उच्च गुणवत्ता वाले जीआई टैग से युक्त रीवा सुंदरजा आम शामिल थे जिन्हें मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ निवासी से ओन्धा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और प्रगतिशील किसानसोनू गुप्ता से प्राप्त किया गया था। आमों की कटाई निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार की गई थी और उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित त्रिसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के एपीडा-सुविधा प्राप्त पैक हाउस में इनकी ग्रेडिंग, छँटाई और निर्यात-योग्य पैकेजिंग की गई थी। निर्यात पैकेजिंग और पौध स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद आमों की खेप को वाराणसी हवाई अड्डे लाया गया जहां से उसे हवाई मार्ग द्वारा आगे संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया।

इस व्यावसायिक निर्यात से रीवा क्षेत्र के आम उत्पादकों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय बाजार में रीवा सुंदरजा आम का मौजूदा भाव लगभग 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि निर्यातक ने इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा है। प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपये का यह लाभ किसानों को सीधे तौर पर मिलता है जो निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखलाओं में उत्पादकों को शामिल करने के आर्थिक लाभों को दर्शाता है। इस पहल से अधिक से अधि‍क किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़ने की भी उम्मीद है।

इस सफल निर्यात से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्र-विशिष्ट कृषि उत्पादों को एक अलग पहचान दिलाने में भौगोलिक संकेत (जीआई) पंजीकरण के महत्व पर और जोर दिया गया है। असाधारण मिठास, भरपूर सुगंध, रेशे रहित गूदे और विशिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। वाणिज्यिक निर्यात से इस स्वदेशी किस्म की वैश्विक पहचान बढ़ने की उम्मीद है और इसके साथ ही मध्यप्रदेश उत्‍कृष्‍ट कि‍स्‍म के आम निर्यात के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

संयुक्त अरब अमीरात को जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों की पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 26 जून 2026 को ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्यप्रदेश से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्‍ध‍ि साबित हुआ और एपीडा मध्यप्रदेश सरकार के बागवानी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, पैक हाउस संचालकों और किसानों के बीच सहयोग की सफलता दर्शाता है।

एपीडा निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करके, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित कर, बाजार संपर्क विकसित करके और वैश्विक बाजारों में भारत के कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर जीआई-टैग वाले और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रीवा सुंदरजा आमों के वाणिज्यिक निर्यात की सफल शुरुआत से भारत से जीआई उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा होने, कृषि निर्यात तंत्र को मजबूत करने और रीवा क्षेत्र के आम उत्पादकों की स्थायी आय में वृद्धि में योगदान देने की उम्मीद है।

सुंदरजा की विशेषता

दो साल पहले रीवा ज़िले के गोविंदगढ़ में उगने वाले सुंदरजा आम को जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन टैग मिला। 1968 में सुंदरजा पर एक पोस्टेज स्टैम्प जारी किया गया था। यह दिखने में सुंदर और स्वाद में लाजवाब होता है और इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी होती है। यह पहली बारिश के बाद पक जाता है और सिर्फ़ गोविंदगढ़ के माहौल में ही उगता है क्योंकि यहाँ की मिट्टी और तापमान सुंदरजा के पेड़ के फलने-फूलने के लिए सही हैं। पत्ती, छाल, बीज हर हिस्सा काम का होता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है और इसमें विटामिन-A, विटामिन-C और आयरन भरपूर होता है। डायबिटीज़ के मरीज़ भी इसे पसंद करते हैं क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है। सुंदरजा रीवा ज़िले और पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बन गया है।

रीवा के फ्रूट रिसर्च सेंटर, कथुलिया में आम पर और रिसर्च चल रही है। यहाँ अलग-अलग वैरायटी के 2345 आम के पेड़ उगाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से बॉम्बे ग्रीन, इंदिरा, दशहरी, लंगड़ा, गधुवा, आम्रपाली, मल्लिका शामिल हैं। बाणसागर डैम नहर रीवा और आस-पास के जिलों में बागवानी फसलों के लिए लाइफलाइन साबित हुई है, जिससे फूड प्रोसेसिंग के छोटे उद्योगों के लिए काफी अवसरA बने हैं। गोविंदगढ़ इलाके में ही आम के अच्छे बाग हैं। यहां करीब 237 तरह के आम उगाए जाते हैं। सभी का स्वाद बहुत अच्छा होता है। रीवा फ्रांस, USA, UK और UAE को आम एक्सपोर्ट कर रहा है। 

इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर्ड शिक्षकों के 50 दिन वाले आदेश पर रोक; 300 दिन के अर्जित अवकाश का रास्ता साफ

इंदौर 

 मध्यप्रदेश में टीचर्स के लिए अर्जित अवकाश पर इंदौर हाईकोर्ट नया फैसला आया है। हाईकोर्ट ने रिटायर्ड सहायक शिक्षकों को 300 दिन की अर्जित अवकाश (लीव एनकैशमेंट) का लाभ न देने के मामले में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार के सिर्फ 50 दिन की लीव एनकैशमेंट देने संबंधी आदेशों को रद्द कर नए सिरे से विचार के लिए अफसरों को भेज दिया। इसी के साथ रिटायर्ड टीचर्स के लिए 300 दिन के अर्जित अवकाश का रास्ता खुल गया है। जस्टिस दीपक खोट की एकलपीठ ने 11 याचिकाओं पर ये फैसला सुनाया। खास बात यह है कि वित्त विभाग ने भी हाल ही में प्रदेश में कर्मचारी के लिए अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ देने के निर्देश जारी किए हैं।

अभिभाषक अभिनव धानोतकर ने बताया, इंदौर हाईकोर्ट ने आदेश में लिखा है, अफसरों ने वित्त विभाग के 1991 और 2008 के परिपत्रों के आधार पर शिक्षकों को सिर्फ 50 दिन की लीव एनकैशमेंट का लाभ दिया, जबकि 28 जुलाई 2018 को मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम, में संशोधन व 8 मार्च 2019 के प्रपत्र पर विचार नहीं किया।

कोर्ट की टिप्पणी…
कोर्ट ने टिप्पणी की, विवादित आदेशों में यह भी नहीं बताया गया कि वर्ष वार अवकाश की गणना कैसे की गई और 50 दिन कैसे तय किए। इसलिए आदेश विधिसम्मत नहीं माने जा सकते। कोर्ट ने कहा, सिविल सेवा के नियमानुसार कर्मचारियों के अवकाश का पूरा रिकॉर्ड संधारित करना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि अवकाश की गणना ही वर्ष वार उपलब्ध नहीं कराई गई, तो कर्मचारी के अधिकारों का सही निर्धारण नहीं किया जा सकता। संशोधन व 8 मार्च 2019 के नवीनतम परिपत्र पर विचार नहीं किया।

कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अर्जित अवकाश के नकदीकरण का प्रावधान
बता दें कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अर्जित अवकाश के नकदीकरण का प्रावधान है। इसको लेकर वित्त विभाग ने हाल ही में सभी विभागों को निर्देश जारी कर कर्मचारी के पूरे सेवाकाल में अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ देने को कहा है। अधिक अवकाश होने पर उसका कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा।

विभिन्न विभागों में लंबे समय से अर्जित अवकाशों पर भ्रम की स्थिति
प्रदेश के विभिन्न विभागों में लंबे समय से अर्जित अवकाशों पर भ्रम की स्थिति बनी है। वित्त विभाग के नए निर्देश से इसकी समाप्ति के साथ ही बड़ी स्पष्टता भी मिल गई है।

वित्त विभाग ने पूर्णत: स्पष्ट कर दी प्रक्रिया
सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, असमर्थता पेंशन अथवा सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में अवकाश नकदीकरण की गणना की प्रक्रिया भी वित्त विभाग ने पूर्णत: स्पष्ट कर दी है।

भोपाल को 3900 करोड़ की बड़ी सौगात, बनेगा 10-लेन ईस्टर्न बायपास; ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

भोपाल 

 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जल्द ही एक बड़ी आधारभूत सौगात मिलने जा रही है। शहर में प्रस्तावित 52 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न बायपास को अब 10-लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 3,900 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए री-डिजाइन किया जा रहा है। नई डिजाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

हाल ही में हुई एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में मल्टीलेन ईस्टर्न बायपास परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परियोजना की नई डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि आने वाले वर्षों की ट्रैफिक मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।

 राजधानी को बड़ी सौगात मिली है। भोपाल में 52 किमी लंबा ईस्टर्न बायपास अब दस लेन होगा। इसे वेस्टर्न बायपास से 11 मील व भानपुर, भौंरी पर मिलना था, लेकिन अब इसमें समय लगेगा। पीडब्ल्यूडी MPPWD को इसे री-डिजाइन करने के लिए भेजा है। नई डिजाइन के साथ इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलेगी, फिर काम शुरू होगा। ये 3900 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। गौरतलब है कि हाल में एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में मल्टीलेन ईस्टर्न बायपास पर फिर से काम शुरू करना तय हुआ है। दरअसल भविष्य की अनुमानित मांग को देखते हुए मौजूदा सड़क कनेक्टविटी को मजबूत और बेहतर बनाने की आवश्यकता थी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार ईस्टर्न बायपास के लिए प्रक्रिया शुरु हो गई है।

शिक्षा-प्रशिक्षण प्रोजेक्ट होंगे किनारे पर
प्रस्तावित मार्ग पर कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, विशेष रूप से शिक्षा और प्रशिक्षण क्षेत्रों में, विकसित की जा रही हैं। अफसरों के अनुसार, क्षेत्र में आगामी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर कनेक्टविटी और जनता की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए इसके रूट और डिजाइन में संशोधन किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण ट्रेनिंग हब और एजूकेशन हब के तौर पर विकसित होगा।

वेस्टर्न बायपास को हाल में साधिकार समिति से मंजूरी मिली
वेस्टर्न बायपास को हाल में साधिकार समिति से मंजूरी मिली है। इसके अलाइनमेंट और लागत अनुमानों में बदलाव के बाद अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।

एमपीआरडीसी अभी वेस्टर्न पर काम कर रहा, फिर ईस्टर्न पर भी काम शुरू होगा
पीडब्ल्यूडी के जीएम कैपिटल, पीसी वर्मा बताते हैं कि अभी एमपीआरडीसी वेस्टर्न पर काम कर रहा है। फिर ईस्टर्न पर भी काम शुरू होगा। इसे री-डिजाइन किया जा रहा है। अभी के बायपास से यह बेहतर होगा।

एजुकेशन और ट्रेनिंग हब से जुड़ेगा बायपास
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित ईस्टर्न बायपास के आसपास कई बड़े शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। इसी वजह से इसके रूट और डिजाइन में बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।

वेस्टर्न बायपास के बाद ईस्टर्न पर होगा काम
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल एमपीआरडीसी वेस्टर्न बायपास परियोजना पर काम कर रहा है। इसके बाद ईस्टर्न बायपास के निर्माण को गति दी जाएगी। नई डिजाइन के साथ यह परियोजना पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और उपयोगी होगी।

रिंग रोड नेटवर्क होगा पूरा
ईस्टर्न और वेस्टर्न बायपास बनने के बाद भोपाल का लंबे समय से लंबित रिंग रोड नेटवर्क पूरा होने की उम्मीद है। इससे दूसरे शहरों की ओर जाने वाले वाहन बिना शहर के भीतर प्रवेश किए सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे राजधानी में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।

पर्यावरण मंजूरी भी होगी जरूरी
परियोजना को शुरू करने से पहले पर्यावरण विभाग और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से आवश्यक मंजूरी भी लेनी होगी। प्रस्तावित मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय अनुमति अहम मानी जा रही है।

रिंग रोड पूरा होने की उम्मीद
ईस्टर्न और वेस्टर्न बायपास से भोपाल के बहुप्रतीक्षित रिंग रोड नेटवर्क के पूरा होने की उम्मीद है। एक बार चालू होने के बाद, वाहन शहर में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। देशभर में भोपाल ही एकमात्र ऐसी राजधानी है, जिसकी पूरी रिंग रोड नहीं है। ईस्टर्न कॉरिडोर के साथ पश्चिमी का काम पूरा होने पर ये रोड भी पूरी हो जाएगी।

प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण के साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) एनजीटी की मंजूरी की भी दरकार हो सकती है। मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई को लेकर NGT में मामला जा सकता है।

भोपाल के ESIC अस्पताल के उन्नयन की मांग, राज्यमंत्री गौर ने केंद्रीय मंत्री मांडविया को लिखा पत्र

भोपाल के ESIC अस्पताल के उन्नयन और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने की मांग की

केंद्रीय मंत्री मांडविया को राज्यमंत्री गौर ने लिखा पत्र

भोपाल

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल, सोनागिरी के उन्नयन के संबंध में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए निवेदन किया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उल्लेख किया है कि यह अस्पताल भोपाल, मंडीदीप, सतलापुर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों तथा उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। वर्तमान में लगभग 6.5 लाख बीमित कामगार इस अस्पताल से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व में यह अस्पताल राज्य शासन के श्रम विभाग द्वारा राज्य कर्मचारी बीमा सेवाएं द्वारा संचालित था, लेकिन दिनांक 22 जून 2023 को भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने इसका संचालन अपने हाथ में ले लिया और आज भी भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के नियंत्रण में है। इसलिए बीमित श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए इसका 300 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेष चिकित्सकों एवं मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता और सेकेंडरी व सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए निवेदन किया है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकसित औद्योगिक परिवेश का संदेश देती प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को 10वें अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर समृद्ध एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश समित के पूर्व रवींद्र भवन में ही दो पवेलियन में विकसित औद्योगिक परिवेश का संदेश देती प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के एमएसएमई एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की उद्यमिता, नवाचार तथा विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनेक उत्पादों की जानकारी ली और स्टार्टअप एवं सूक्ष्म,लघु मध्यम उद्यमियों से चर्चा कर उनका उत्साह वर्धन किया

प्रदर्शनी में 60 से अधिक स्टाल लगाये गए थे ।ड्रोन निर्माण समाधान, आईओटी-आधारित फिजियोथेरेपी उपकरण, सोलर वाटर हीटर एवं डीट पंप, रेलवे तथा रक्षा इंजीनियरिंग उत्पाद, पेटेंटयुक्त इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स एवं ईवी चार्जिंग समाधान, कृषि-अवशेष पैलेट्स तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उत्पादों सहित विविध नवाचारी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बाजार से’ नामक एआई-आधारित प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया, जो ग्राहकों एवं व्यवसायों को जोड़ता है तथा इसे देश के पहले एआई-संचालित बाज़ार के रूप में स्थापित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांसकारी स्टॉल पर बांस से बनी अनेक वस्तुओं की जानकारी ली।

एमएसएमई विभाग द्वारा मध्यप्रदेश के सात जिलों के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित पवेलियन (एमपी पवेलियन) भी स्थापित किया गया। इसके साथ ही औद्योगिक नीतियों एवं योजनाओं संबंधी एमएसएमई की जिज्ञासाओं के निवारण संबंधी एक हेल्पडेस्क तथा उद्यमियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेसिलिटेशन डेस्क की भी स्थापना की गई।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई), एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) सहित विभिन्न संस्थानों ने भी राज्य में एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के विकास के लिये इस प्रदर्शनी में सहभागिता की। 

इंदौर बना EV और ग्रीन एनर्जी का नया हब, कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के निवेशक और स्टार्टअप

इंदौर 

इंदौर में आयोजित कॉन्क्लेव ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देशभर से आए निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों।

ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा आयोजित इस सकॉन्क्लेव में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे शहर की स्वच्छ और टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता भी सामने आई।

कॉन्क्लेव में ईवी इकोसिस्टम, बैटरी एवं ऊर्जा प्रबंधन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर एक्सपर्टस ने विस्तृत चर्चा की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने इन क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चयनित स्टार्टअप्स की लाइव पिच प्रस्तुति रही। लगभग 2,400 आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद नौ स्टार्टअप्स को निवेशकों के समक्ष अपने नवाचार और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस दौरान स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक चर्चाएं और नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित किए गए।

सम्मेलन में कईअग्रणी कंपनियों की भागीदारी रही। आयोजन ने उद्योग, निवेशकों और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान किया।

एचईवी सीईओ डॉ. ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ परिवहन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे मंच नवाचार तथा निवेश को नई गति प्रदान करते हैं। वहीं, सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि इंदौर जैसे शहरों में होने वाले ऐसे आयोजन टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय पहचान और निवेश के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने कहा कि यह कॉन्क्लेव इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छ ऊर्जा और ईवी आधारित नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं। मध्य भारत भी तेजी से इस बदलाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

 

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