मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

विधानसभा के सेंट्रल हाल में अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. ईश्वर दास रोहाणी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हाल में स्व. रोहाणी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षगण की जयंती व पुण्यतिथि के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन अनुकरणीय पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. रोहाणी एक जननेता थे, उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन का पहला चुनाव वर्ष 1993 में जबलपुर से लड़ा। इसके बाद उनके विधायक निर्वाचित होने का सिलसिला चलता रहा और रोहाणी ने लगातार 4 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने जबलपुर की जनता के लिए संपूर्ण त्याग और समर्पण के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ाया। वे कर्मठ, स्पष्टवादी जनप्रतिनिधि होने के साथ एक आदर्श विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठन निर्माण के प्रति रोहाणी का अद्वितीय योगदान प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

 

MP Weather: भोपाल-सीहोर समेत कई इलाकों में बारिश, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत

भोपाल

मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।

आज भारी बारिश की संभावना

मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

आज भारी बारिश की संभावना
मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले।

छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया।

इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं
प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है।

पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है।

इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश
    कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।

    ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

बालाघाट में पत्नी का अनोखा एक्शन, शराबी पति को खंभे से बांधा; बोली- शराब छोड़ो, वरना यही होगा

बालाघाट 
बालाघाट के बुढ़ी क्षेत्र में महिलाएं पिछले करीब 80 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चल रही शराब दुकान के कारण परिवारों में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। 

45 साल से संचालित हो रही है शराब दुकान
स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ी क्षेत्र में यह शराब दुकान पिछले करीब 45 वर्षों से संचालित हो रही है। वार्ड की महिलाओं ने इसे हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है और वे लगातार धरना दे रही हैं। धरने के दौरान संजू चौधरी नाम का एक व्यक्ति अत्यधिक शराब पीकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। संजू चौधरी आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाओं में शामिल एक महिला का पति है।

महिलाओं से की अभद्रता
आरोप है कि संजू चौधरी ने नशे की हालत में आंदोलनकारी महिलाओं के बीच पहुंचकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की। अपने पति की हरकत देखकर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। उसने अन्य महिलाओं की मदद से संजू चौधरी को बीच सड़क पर बिजली के खंभे से बांध दिया।

मुंह पर चिपकाई सेलोटेप
महिलाओं ने गाली-गलौज और हंगामा रोकने के लिए संजू चौधरी के मुंह पर सेलोटेप भी चिपका दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझाइश दी और काफी मशक्कत के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद मामला शांत कराया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शराबी पति को खंभे से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग महिला के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

महिलाओं ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी
आंदोलनकारी महिला मंजीता सोनवाने और अन्य वार्डवासियों का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन 45 साल पुरानी शराब दुकान को वहां से नहीं हटाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

MP के टाइगर रिजर्व में रिकॉर्ड पर्यटन, 10 लाख से ज्यादा पर्यटकों ने किया बाघों का दीदार; आज से बंद होंगे पार्क

उमरिया
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में इस पर्यटन सत्र में वन्यजीव प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में इस बार 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी कर बाघों और अन्य वन्य प्राणियों का दीदार किया है। वहीं मंगलवार को शाम को सफारी के बाद प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही जंगल में तीन महीने का विश्राम काल शुरू हो जाएगा। एक अक्टूबर से टाइगर रिजर्व के गेट खुलेंगे।

बांधवगढ़ में पहुंचे 2 लाख से ज्यादा पर्यटक
बांधवगढ़ में दो लाख से ज्यादा पर्यटकों ने बाघों के दीदार किए हैं, जबकि मध्य प्रदेश के छह टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और संजय धुबरी में इस साल आठ लाख से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी मिली है। हालांकि अधिकृत आंकड़े एक जुलाई तक ही उपलब्ध हो पाएंगे।

तीन माह बंद रहेंगे पार्क
बरसात के तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान जंगल में बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को शांत वातावरण मिलेगा। इस अवधि में टाइगर रिजर्व प्रबंधन सफारी मार्गों की मरम्मत, पर्यटकों की सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी करेगा। विश्राम अवधि वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान जंगल में मानवीय दखल कम होने से वे प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे।

इसलिए बंद होते हैं पार्क
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि वर्षाकाल में सुरक्षा की दृष्टि से पार्क बंद किए जाते हैं। वर्षाकाल में जंगल के अंदर के कच्चे रास्तों में वाहनों के फंसने का खतरा रहता है। दूसरी तरफ वन्य प्राणी भी अधिक हिंसक हो जाते हैं।

बफर में जारी रहेगा पर्यटन
अलबत्ता, टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पर्यटक बारिश के मौसम में हरियाली से भरपूर जंगल, झरनों और वन्य प्राणियों की गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे। वहीं पार्क बंद होने के बाद जंगल और पर्यटन पर निर्भर रहने वाले प्रदेश के लगभग 20 हजार परिवारों का आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

कूनो भी 30 सितंबर तक बंद होगा
उधर, श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के गेट मंगलवार शाम से आगामी तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे। चीता परियोजना शुरू होने के बाद से यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। यहां लंबे समय से दिखाई नहीं दिए जंगली कुत्ते, दुर्लभ जंगली बिल्ली (कैरोल) विलुप्त प्रजाति के उल्लू, काले हिरण से लेकर कई प्रकार के अन्य वन्यजीव नजर आने लगे हैं। कूनो नेशनल पार्क में कुल 49 चीते हैं। इनमें से 32 कूनो की धरती पर जन्मे शावक हैं। 19 खुले जंगल में हैं।

कूनो के जंगल के रास्ते पर आया चीता, करीब एक घंटे रुकी रही सफारी 
कूनो नेशनल पार्क के अंदर चीता सफारी से जंगल भ्रमण कर रहे पर्यटक तब खुशी से झूम उठे जब अचानक जंगल से निकलकर एक चीता उनके रास्ते के सामने आ गया और रास्ते पर ही बैठा रहा, इस दौरान करीब एक घंटे तक सफारी के पहिए थम गए, पर्यटक आनंदित हो उठे, उन्होंने नजारे को अपने मोबाइल के कैमरे में रिकार्ड कर लिया, अब चीता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

 

भोपाल में खाने को लेकर बवाल! IPL क्रिकेटर और IPS पिता पर कुक से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

 भोपाल

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं. भोपाल पुलिस ने अपने घर के रसोइए के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। 

इस मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है. यह पूरी घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित उनके आवास की है. मूल रूप से रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय पीड़ित रसोइए विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। 

विपेंद्र के मुताबिक, उन्हें हाल ही में एक परिचित के जरिए ₹15000 प्रति माह वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर पूर्व पुलिस अधिकारी के नील बड़ बंगले पर काम के लिए लाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर खाने की क्वालिटी को लेकर उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई। 

कमरे में बंद होकर बचाई जान
पीड़ित कुक के अनुसार, जब उसने घर के खराब माहौल को देखकर नौकरी छोड़ने और वापस रीवा लौटने की इच्छा जताई, तो आरोपी भड़क गए. उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और उस पर जबरन काम करने का दबाव बनाया गया। 

खुद को बचाने के लिए कुक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र की जोड़ी और उनके ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है। 

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
रातीबड़ पुलिस ने औपचारिक शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर
ली है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 296(B) (अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना/मारपीट) और धारा 3(5) (साझा आपराधिक दायित्व/समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) शामिल हैं। 

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नीमच बन रहा ग्रीन पावर का ग्लोबल कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री जोशी ने किया नीमच एवं शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण
नीमच को 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों की सौगात, 38 इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
नीमच के भादवा माता मंदिर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ की योजना मंजूर
जल गंगा संवर्धन अभियान में नीमच बना नंबर 1, मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों को किया सम्मानित
छात्राओं को दिये हेलमेट, विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ कर किया अवलोकन
औद्योगिक विकास और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर केंद्रित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने सोलर एनर्जी कंपनी प्रतिनिधियों को दिये प्रशस्ति-पत्र

 नीमच

स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।

नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली, यह देश में सबसे सस्ती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप 10 में स्थान बनाने वाले नीमच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर आवश्यक लोन मिल रहा है और इसे चुकाने के लिए भी 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख से लोन लेंगे, उसके अगले 12 माह की अवधि में किसी भी तारीख पर लोन चुकाने की सुविधा मिलेगी। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का बराबर सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। राज्य सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएमएयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना में भी सड़क हादसों के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश में श्रीराम गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। राज्य में भव्य सांदीपनि विद्यालय और प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराम अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख लागत की गोशाला शुरू करने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच में भादवा माता मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में अव्वल रहे नीमच जिले की पंचायतों को जल संचयन कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित भी किया।

निवेश के लिए विशेष मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। करीब 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतरे। पिछले ढाई वर्षों में वैश्विक कंपनियों का 9 हजार 200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मध्यप्रदेश की धरती पर उतर रहा है, जिससे 4,200 से अधिक नौकरियां सृजित हो रही हैं। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य, जहां लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी और बिजली उपलब्ध है।

नवकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ता एमपी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, औषधीय संपदा और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध नीमच अब विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। आज 1 हज़ार 481 करोड़ रुपये की लागत से 30 औद्योगिक इकाइयों की सौगात नीमच क्षेत्र को मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। राज्य ने 12 हज़ार 18 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। जलूद में 271 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 60 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। मक्सी में जैक्सन इंटीग्रेटेड सोलर लिमिटेड द्वारा 6 गीगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सोलर विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक होगी। रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट देश में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।

अभ्युदय म.प्र. के घोष के साथ प्रदेश में हो रहा विकास का सूर्योदय : केन्द्रीय मंत्री जोशी

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मां वाग्देवी (सरस्वती) की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में राजाभोज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ विकास का सूरज उदय करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश के नीमच और शाजापुर को नए सोलर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है। दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है। मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है। इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है। दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम कुसुम जैसी योजनाएं किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम जन-मन जैसी योजनाओं में समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 5960 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने में अव्वल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव को रोड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में हवाई नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। उज्जैन में नए एयरपोर्ट बनाने की योजना और पीएमपर्यटन हेली सेवा की शुरुआत एक अभूतपूर्व पहल है।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 18 नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। मध्यप्रदेश भारत में ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। बहुत जल्द प्रदेश को पीएम कुसुम 2 योजना के अंतर्गत बड़ा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। आज देश के कुल बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश, पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को 2 वर्ष में 10 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखे। इससे बिजली उत्पादन की लागत और घट जाएगी। भारत ग्रीन हाइड्रोजन, चिप मेकिंग में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 में सोलर एनर्जी प्रोडक्शन मात्र 2.6 गीगावॉट था, जो अब बढ़कर 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने SUN की शक्ति को पहचाना, जबकि विपक्षी दल सिर्फ अपने एक SON को आगे बढ़ाने में लगा है। मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2023 के बाद हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आगामी वर्ष में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से लैस किया जाएगा। प्रदेश में सोलर और विंड एनर्जी क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

पूर्व मंत्री एवं विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात नीमच को दी है। उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए नीमच एयर स्ट्रिप को कमर्शियल करने का निर्णय लिया है।

विधायक दिलीप सिंह परिहार ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेश में अवकाश घोषित करने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नीमच को पहले मेडिकल कॉलेज और आज अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। नीमच में औद्योगिक इकाइयों का संचालन शुरू होने से 3000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जावद-मनासा सिंचाई परियोजना से नीमच के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी सुनिर्मला भूरिया, सांसद सुधीर गुप्ता, राज्य सभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, विधायक मनासा अनिरूद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जनसिंह चौहान, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खण्डेलवाल, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वयं के बनाये हुए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं : केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी
देश में अपनी तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का हुआ पॉवर परचेज एग्रीमेंट
देश में सबसे कम दो रुपए 70 पैसे प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई

मुरैना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश नए आयाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना युगांतरकारी है। मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों विशेषकर चंबल के निवासियों के लिए यह बधाई देने का विषय भी है। इस परियोजना में मात्र दो रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है जो देश में अब तक की न्यूनतम दर और इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है। परियोजना के विशेषता इसका अभिनव बैटरी मॉडल है जिसमें एक बैटरी का रोजाना 2 बार इस्तेमाल करना संभव होगा। इसके साथ ही नीमच और शाजापुर सौर पार्कों को लोकार्पण इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एतिहासिक उपलब्धि है। कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में देश में अपने तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह एग्रीमेंट और 2 सौर पार्कों का लोकार्पण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय घटना है। यह एग्रीमेंट निरंतर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के पश्चात इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एक नई उपलब्धि है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर सहित आज सम्पन्न एग्रीमेंट से जुड़े संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। सभी क्षेत्रों में नई वैज्ञानिक खोजों के कारण नागरिकों को बेहतर लाभ दिलवाने की पहल देश में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पानी के बंटवारे का 20-25 वर्ष पुराना विवाद समाप्त करवाने में पूरा सहयोग किया। उनके मार्गदर्शन में पार्वती- कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना मंजूर हुई, जिसमें राजस्थान भी लाभान्वित होगा और मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा से लेकर 13 जिलों के वृहद क्षेत्र को समृद्धि का लाभ मिलेगा। इसी तरह नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, कोल, हाइड्रो के साथ सोलर एनर्जी के कई प्रकार उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में मुरैना सोलर ऊर्जा भण्डारण की परियोजना वर्तमान दौर में ऊर्जा उत्पादन की नई संभावनाओं को क्रियान्वित करने का ठोस उदाहरण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्वयं के बनाये रिकॉर्ड तोड़ रहे: केंद्रीय मंत्री जोशी

केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाने में मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि सभी राज्य इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश की प्रगति सबसे तेज है। नई-नई नवकरणीयऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि गुजरात और उत्तर प्रदेश भी प्रगति कर रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश की प्रगति सबसे अनूठी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्य की शक्ति को समझा

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि सूर्य पहले भी था लेकिन इसका उपयोग पहले नहीं हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्य की शक्ति को समझा, अन्य लोगों ने नहीं समझा। प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े पैमाने पर इसका उपयोग किया है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश डॉ. यादव के नेतृत्व में अपने ही रिकॉर्ड तोड़कर देश में सबसे आगे है। मध्यप्रदेश सभी राज्यों में उन्नत है , नई-नई परियोजनाओं से निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो हमने सोलर पार्क में बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं पीएम सोलर पार्क और सरकारी भवनों पर सोलर एनर्जी के इस्तेमाल के बारे में आज मैंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से निवेदन किया है। एक साल के अन्दर हम सभी सरकारी बिल्डिंग को सोलाराइज करेंगे।

प्रदेश अक्षय ऊर्जा निवेश में अग्रणी

मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी अक्षय ऊर्जा निवेश गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर चुका है। राज्य अब केवल बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा भंडारण के माध्यम से स्वच्छ, विश्वसनीय एवं किफायती विद्युत उपलब्ध कराने की दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा भंडारण आधारित अक्षय ऊर्जा खरीद मॉडल को सक्रिय रूप से अपनाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

लगभग एक गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा राष्ट्र को समर्पित

सोमवार को 500 मेगावॉट नीमच एवं 450 मेगावॉट शाजापुर सोलर पार्कों के माध्यम से 950 मेगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता राष्ट्र को समर्पित की गई है। यह उपलब्धि रीवा सौर परियोजना से प्रारम्भ हुई मध्यप्रदेश की अक्षय ऊर्जा यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

आगर-शाजापुर-नीमच (एएसएन) सौर परियोजना से भारतीय रेल को स्वच्छ विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जबकि रीवा सौर परियोजना से दिल्ली मेट्रो को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश लगातार अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करते हुए अब देश में नवाचार आधारित अक्षय ऊर्जा मॉडलों का अग्रणी राज्य बन गया है। इन परियोजनाओं का विकास एनटीपीसी नवकरणीय ऊर्जा लिमिटेड, टाटा पॉवर तथा वारी एनर्जीस जैसे प्रतिष्ठित परियोजना विकासकों द्वारा किया गया है। इनकी सफल स्थापना डेवलपर्स, शासन, ट्रांसमिशन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों तथा स्थानीय प्रशासन के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।

ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में नया आयाम है मुरैना सोलर + बीईएसएस परियोजना

मुरैना सोलर + बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना के लिए पॉवर परचेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक नया आयाम है, जहाँ अक्षय ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्धता पर विशेष बल दिया जा रहा है।

इस परियोजना में ₹2.70 प्रति यूनिट की देश की अब तक की सबसे प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है, जो इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है। परियोजना की निविदा प्रक्रिया में देश-विदेश की 16 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया तथा लगभग 12 घंटे तक चली प्रतिस्पर्धी बोली के परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक टैरिफ प्राप्त हुआ।

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका अभिनव बैटरी उपयोग मॉडल है, जिसमें एक ही बैटरी का प्रतिदिन 2 बार उपयोग किया जाएगा। इससे बैटरी असैट्स की उत्पादकता बढ़ी तथा ऊर्जा भंडारण की लागत में उल्लेखनीय कमी आई। बैटरी ऊर्जा भंडारण के साथ अक्षय ऊर्जा अब अधिक किफायती और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक बनती जा रही है।

स्थापित क्षमता से सुनिश्चित आपूर्ति की दिशा में अग्रसर

प्रदेश अब केवल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अब प्रदेश में विश्वसनीय एवं सुनिश्चित विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। ऊर्जा भंडारण राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का प्रमुख आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में घोषित विज़न के अनुरूप राज्य ने 4 घंटे एवं 6 घंटे ऊर्जा भंडारण आधारित अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की निविदाएँ जारी कर दी हैं, जिन्हें उद्योग जगत से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इसके साथ ही भारत की अग्रणी 24×7 राउंड-द-क्लॉक अक्षय ऊर्जा परियोजना की दिशा में भी राज्य आगे बढ़ चुका है, जिसकी प्री-बिड बैठक आगामी एक जुलाई 2026 को आयोजित होगी।

प्रक्रियाओं को बनाया सरल, प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण

प्रदेश सरकार ने परियोजना स्वीकृति, भूमि आवंटन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग परियोजना की अवधारणा से लेकर कमीशनिंग तक निवेशकों को सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहा है।

किसानों को दिन में भी होगी विद्युत आपूर्ति

प्रदेश में 4,022 मेगावॉट फीडर सौर ऊर्जीकरण कार्यक्रम की निविदा में ₹2.40 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड न्यूनतम दर प्राप्त हुई है। किसानों को दिन के समय गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध होगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।

20 हजार मेगावॉट का लक्ष्य, हरित ऊर्जा राजधानी बनने की दिशा में अग्रसर प्रदेश

राज्य में वर्तमान में सौर, पवन, बैटरी ऊर्जा भंडारण तथा पम्प्ड स्टोरेज की अनेक परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। आगामी वर्षों में 20 हजार मेगावॉट से अधिक अतिरिक्त अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य की परियोजनाओं और पीपीए हस्ताक्षर से स्पष्ट है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज मध्यप्रदेश स्वच्छ, सस्ती एवं विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा, हरित विकास तथा “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे

11,470 करोड़ की ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना से होगा 1920 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन

परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को मिलेगी नई गति

नीमच 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  नीमच के 500 मेगावाट सोलर पार्क एवं ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना का एरियल सर्वे किया। सर्वे के बाद मुख्यमंत्री को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं एवं ऊर्जा उत्पादन क्षमता की विस्तृत जानकारी दी गई।

ग्रीनको ग्रुप द्वारा लगभग 11,470 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही 1920 मेगावाट क्षमता की गांधीसागर पम्प स्टोरेज परियोजना देश की अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 10,326 मेगावाट प्रति घंटा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के तहत गांधीसागर के मौजूदा जलाशय तथा खिमला में निर्मित किए जा रहे ऊपरी जलाशय का उपयोग पम्प स्टोरेज तकनीक से बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया में पानी का पुनः उपयोग होगा तथा वाष्पीकरण से होने वाली न्यूनतम हानि को छोड़कर अतिरिक्त जल की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना में 240 मेगावाट की 7 तथा 120 मेगावाट की 2 द्वि-दिशात्मक टर्बाइन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

खिमला परियोजना के निर्माण कार्य में वर्तमान में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके पूर्ण होने पर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी, प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, ग्रीनको के सीईओ मौर्या, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक माधव मारू, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्त्व, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

 जबलपुर
 हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति की रक्षा करना सरकार और उसके अधिकारियों का संवैधानिक दायित्व है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात मानी जाएगी।

अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा में नाकाम रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज की जा सकती है।

वर्षों तक फाइल दबाए रखने वालों को संदेश
हाई कोर्ट का यह आदेश सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में लंबे समय तक कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि अधिकारियों की लापरवाही के कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो केवल सरकारी खजाने पर इसका भार नहीं डाला जा सकता। ऐसी स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। कोर्ट ने प्रशासनिक निष्क्रियता को केवल सामान्य चूक नहीं माना, बल्कि इसे जनता की संपत्ति की सुरक्षा के संवैधानिक दायित्व की अनदेखी बताया।

बैतूल की 5.5 हेक्टेयर सरकारी जमीन का मामला
यह मामला बैतूल जिले के सूरगांव स्थित करीब 5.5 हेक्टेयर सरकारी भूमि के विवाद से जुड़ा है। इस मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जो वर्ष 2004 के निर्णय के खिलाफ लगभग 12 साल बाद दायर की गई थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि संबंधित अधिकारियों को मामले की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने समय रहते आवश्यक कानूनी कदम नहीं उठाए। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही माना।

सार्वजनिक संसाधनों की सरकार ट्रस्टी
अपने आदेश में हाई कोर्ट ने पब्लिक ट्रस्ट डाक्ट्रिन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की मालिक नहीं, बल्कि उनकी ट्रस्टी होती है। इसलिए सरकारी जमीन को निजी हाथों में जाने से रोकना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण में विफल रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

कलेक्टर से पटवारी तक जांच की अनुमति
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को तत्कालीन कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने की स्वतंत्रता दी है।

इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन 31 अक्टूबर तक

बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन 31 अक्टूबर तक

भोपाल

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। योजना के अंतर्गत बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत संतानों को स्‍कूली शिक्षा से लेकर उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा समय-सीमा में आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर एक जून से प्रारंभ हो चुके हैं। पात्र विद्यार्थी 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने महाविद्यालयों से अधिकाधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने और उनके आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है।

योजना के अंतर्गत कक्षा एक से लेकर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 1,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। कक्षा एक से चौथी तक के विद्यार्थियों को 1,000 रुपये, कक्षा 5 से 8 तक 1,500 रुपये, कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को 2,000 रुपये, कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को 3,000 रुपये तथा आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं डिग्री पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 25,000 रुपये प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है।

यह सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। योजना का लाभ बीड़ी श्रमिकों, लौह अयस्क, मैंगनीज एवं क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों, चूना पत्थर एवं डोलोमाइट खदान श्रमिकों के पात्र बच्चों को दिया जाता है। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

 

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