इंदौर में युवती से दुष्कर्म का आरोप, पहचान छिपाने के दावे के बीच आरोपी गिरफ्तार; सिलीगुड़ी से MP पहुंची पीड़िता

 इंदौर
 धार्मिक पहचान छुपाकर गायिका के साथ दुष्कर्म करने वाले मुस्लिम युवक को बाणगंगा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।उसने अपना नाम राहुल बताकर युवती से दोस्ती की और बातचीत के बहाने कमरे पर ले गया। वहां जबरन संबंध बनाए, विरोध करने पर मांग पर सिंदूर भर दिया और कहने लगा आज से वह उसका पति हो गया।

बाणगंगा थाने के टीआइ सियारामसिंह गुर्जर के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम अगस्त 2024 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ। पीड़िता वहां एक इवेंट के लिए गई थी।

बाद में जब उसे पता चला कि राहुल मुस्लिम है, उसका पूरा नाम मोहम्मद राहुल पुत्र अब्दुल शेख है और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं तो विरोध जताया। आरोपित ने युवती को कमरे में कैद कर लिया और मारपीट करने लगा।

अक्टूबर 2025 में पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से निकली और दिल्ली में रहने वाली सहेली के पास पहुंची। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया। इस साल मार्च में पीड़िता इंदौर में बेटे को लेकर मां के साथ रहने लगी।

आरोपित उससे मिलने के बहाने इंदौर पहुंचा और पुन: संबंध बनाए। बाद में मारपीट भी की। पीड़िता ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद ली और आरोपित को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। टीआइ के अनुसार, आरोपित पुलिस को बरगला रहा है।

इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति से अलग रह रही गर्भवती महिला को गर्भपात की अनुमति

इंदौर
 इंदौर हाई कोर्ट ने एक महिला को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है. महिला अपने पति से काफी दिनों से अलग रह रही थी और दोनों के बीच तलाक को लेकर सहमति भी बन गई थी. लेकिन पति के मुकर जाने के बाद और कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होने के चलते इंदौर हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में पीड़िता को इस तरह की अनुमति दी है. कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 के तहत यह फैसला सुनाया है। 

गर्भवती महिला ने लगाई थी याचिका
इंदौर हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ में महिला की ओर से एक याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला पति से अलग रह रही है और आगे वैवाहिक संबंध नहीं रखना चाहती है. ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसे अपनी प्रजनन संबंधित स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. इसी कानून के तहत उसे गर्भपात करने की अनुमति दी जाना चाहिए। 

कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ पति
बता दें कि पति-पत्नी दोनों में तलाक को लेकर सहमति बन गई थी, लेकिन इसी दौरान पति तलाक देने से मुकर गया जिसके चलते कोर्ट ने उसे नोटिस जारी किया. लेकिन वह कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और लेकिन उसके बाद भी पति-पत्नी अलग रह रहे थे. पत्नी ने गर्भपात करवाने को लेकर इंदौर हाईकोर्ट की शरण ली और कोर्ट को उसके द्वारा इस बात की जानकारी दी कि उसे 13 हफ्ते का गर्भ है. कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद उसे गर्भपात करने की अनुमति दे दी है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि, महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पति उससे अलग रह रहा है। 

क्या है मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट एक मौलिक मानवाधिकार है, जो महिलाओं को परिवार नियोजन, गर्भधारण करने या न करने, और बच्चों की संख्या व अंतराल के बारे में फैसला करने का अधिकार देता है. खास बात यह है कि, पति-पत्नी के बीच चल रहा अलगाव भी अबॉर्शन की अनुमति के लिए एक वैध और कानूनी आधार माना जा सकता है। 

MP Rain Alert: उज्जैन में उफनी शिप्रा, राम घाट के मंदिर जलमग्न; इंदौर-भोपाल भी बारिश से बेहाल

उज्जैन /भोपाल /इंदौर 

मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है, जहां जुलाई की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश ने एमपी में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. बुधवार शाम से देर रात तक हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में जलभराव हो गया और नालों में तेज बहाव की स्थिति बन गई. इंदौर और भोपाल में बारिश का कहर देखने को मिला. इंदौर में तेज बारिश जानलेवा साबित हुई. शहर में अलग-अलग स्थानों पर दो युवक नालों के तेज बहाव में बह गए। 

इस दौरान उज्जैन के इंगोरिया थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी लोधा में सहायक सचिव नाले में बह गए, जिनका शुक्रवार सुबह तक कोई सुराग नहीं लग पाया. वहीं, एक युवक रपट पुलिया पार करने के दौरान बाइक सहित पानी के तेज बहाव के साथ बह गया. गनीमत रही कि वह तैरने जानता था, जिससे तैरकर वह किनारे पहुंचा और झाड़ियां पकड़ कर अपनी जान बचा ली. लेकिन इस घटना में उसी बाइक पानी में बह गई. वहीं, इंदौर में नाले में बहकर 2 युवकों की मौत हो गई है। 

सहायक सचिव नहीं मिला कोई सुराग
इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया, “गांवड़ी लोधा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम 07:30 बजे करीब घर लौट रहे थे. तभी नाले पर बनी पुलिया को बाइक से पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे बाइक सहित बह गए.” इस मामले में होमगार्ड की प्लाटून कमांडर शीला ने बताया, “बड़नगर से जवानों को भेज दिया गया है. रात होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है. रेस्क्यू टीम सुबह 6 बजे रवाना होगी.” रात के करीब 1 बजे सहायक सचिव की बाइक मिली, तो लोगों को उम्मीद जगी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक सहायक सचिव का कोई सुराग नहीं मिला है। 

मंडला में जलमग्न हुई सड़कें
मंडला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 14 सुभाष वार्ड में पहली ही बारिश पूरी सड़क जलमग्न हो गई. गंदा पानी कई घरों में घुस गया. करीब एक घंटे बाद सड़क से पानी तो उतर गया, लेकिन पूरी सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैल गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान नगरपालिका अधिकारियों ने 1 सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव के कारण भविष्य में कोई दुर्घटना, जनहानि या अन्य अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी। 

निगम मुख्यालय में पहली बारिश में भरा पानी
मध्य प्रदेश के नए निगम मुख्यालय में पहली बारिश में ही पानी घुस गया. इससे करोड़ों रुपए के बने नए भवन की पोल खुल गई है. लगभग 75 करोड रुपए में बनी बिल्डिंग का पिछले महीने ही लोकार्पण हुआ था. नगर निगम के नए मुख्यालय में तेज बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया. अब बारिश के बाद आधुनिक निगम मुख्यालय वॉटर लॉबी बना नजर आया। 

थोड़ी बारिश में सड़कें हुई लबालब
इसके अलावा भोपाल के कई क्षेत्रों में थोड़ी बारिश के बाद ही सड़कें लबालब हो गईं. तेज बारिश में निचले इलाकों में वाटर लॉगिंग की समस्या साफ दिखाई दी. इससे भोपाल नगर निगम के दावों की पोल खोल दी. सड़क किनारे के छोटे नाले भी कई जगह ओवरफ्लो दिखाई दिए. इसके अलावा बारिश की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया और धीमी गति से वाहन रेंगते हुए नजर आए। 

जबलपुर में तेज बहाव में बह गई बोलेरो
जबलपुर में सुबह से लगातार बारिश हो रही है. बेलखेड़ा क्षेत्र में नाले उफान पर हैं. इस दौरान उफनते नाला पार करते समय बड़ा हादसा हो गया, जब बोलेरो नाले में बह गई. इसमें ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई और तीन लोग बोलेरो का शीशा तोड़कर बाहर निकल आए. मृतक ड्राइवर का नाम रवि पिल्ले बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नाले में तीन फुट से ज्यादा पानी था. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। 

उज्जैन में बारिश के बाद जलभराव
उज्जैन में हुई बारिश के बाद जगह-जगह जल भराव की स्थिति नजर आई. नई सड़क, बहादुर गंज, चामुंडा माता मंदिर चौराहा, इंदौर गेट, गदा पुलिया, नीलगंगा, एटलस चौराहा से लेकर ऐसे तमाम जगहों पर पानी भरा हुआ नजर आया. वहीं ग्राम पंचायत गांवड़ी लोधा में पानी के तेज बहाव में अपनी टूव्हीलर बाइक सहित गांव में ही खंती में बहे सहायक सचिव बह गए. सहायक सचिव का नाम सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा है। 

पिता के लिए खाना ले जाते समय नाले में बहा युवक
इंदौर में बारिश के दौरान जलभराव हो गया. इसी दौरान लसूड़िया मोरी निवासी 34 साल के गोलू पंवार रात करीब 9 बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था. नाले के किनारे से गुजरते समय उसका पैर फिसला और वह नाले के तेज बहाव में बह गया. सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया. गुरुवार सुबह गोलू का शव बरामद कर लिया गया। 

वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी क्षेत्र में महेश चौहान अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था. अचानक दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए. मनीष किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन महेश अब भी लापता है. पुलिस और रेस्क्यू टीम आसपास के नालों और नदी किनारों पर लगातार उसकी तलाश कर रही है. प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नालों, पुलिया और रपट पार नहीं करने तथा सतर्क रहने की अपील की है। 

पुलिस ने लोगों से की अपील
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल एक युवक का शव बरामद हो चुका है, जबकि नाले में बहा दूसरा युवक अब भी लापता है. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 

PM मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत: त्रिपुरा CM डॉ. साहा

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है: त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा

ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान, शोध और प्रशिक्षण का सशक्त मंच है MIDCOMS : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
28 वें AOMSI मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14 वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 का किया शुभारंभ

भोपाल

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अधोसंरचना और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में देश की प्रगति उल्लेखनीय है। डॉ. साहा भोपाल में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) के 28वें मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14वें पीजी कन्वेंशन—MIDCOMS 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी जैसे विशेषज्ञता आधारित क्षेत्रों में निरंतर प्रशिक्षण, शोध और आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सम्मेलन चिकित्सकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने कहा कि त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एमबीबीएस सीटों में कई गुना वृद्धि की गई है। राज्य ने जीएसटी संग्रह, कानून-व्यवस्था एवं अन्य विकास संकेतकों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सशक्त अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा शिक्षा विस्तार, टेलीमेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से देश का स्वास्थ्य क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी चिकित्सा शिक्षा, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, ट्रॉमा केयर और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि MIDCOMS 2026 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन युवा सर्जनों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध और नवाचार से जोड़ते हैं। देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें अधिक दक्ष, आत्मविश्वासी और संवेदनशील चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित करेगा।

AOMSI के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन रोहित पंडित AOMSI के महासचिव डॉ. कलारामन बालारामन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए 1300 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, विशेषज्ञ, शिक्षकगण, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं प्रतिनिधिगण भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम शोध, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं नवाचार पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

 

स्कूल चलें अभियान के दौरान ही कराएं सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

“स्कूल चलें अभियान के दौरान ही कराएं सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

होम गार्ड्स की कराएं भर्ती, अग्निवीरों को दिया जाएगा सुरक्षा बलों की नियुक्ति में आरक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समय पाबंदी के लिए मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल में लगाई जाएंगी बॉयोमेट्रिक मशीन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भेल से भूमि वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से करें समन्वय
यूनियन कार्बाइड की भूमि पर बनेगा भव्य स्मारक
ग्रामीण क्षेत्रों आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए चलेगा अभियान
धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों पर धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र निर्माण के लिए
धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को दें प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रासंगिक विषयों की अद्यतन प्रगति एवं आगामी कार्यवाही की समीक्षा बैठक लेकर दिए निर्देश

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन की प्राथमिकता वाले विषयों पर त्वरित कार्यवाही की जाए। अभियान चलाकर लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों स्कूल चलो अभियान चल रहा है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान अधिकाधिक सांदीपनि विद्यालय भवनों को लोकार्पण एवं स्कूलों का युक्तियुक्तकरण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसी सत्र में अधिकतम लाभ मिल  सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा उत्कृष्ट नवाचार है। स्कूल शिक्षा विभाग इसकी राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग के लिए कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। यहां सती अनुसुईया मंदिर परिसर, सती अनुसुईया मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर का निर्माण होना है, यह काम तेजी से पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार तैयार है। जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री की बैठक में इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थलों (जैसे माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा, मैहर आदि) में धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र, प्याऊ, पेयजल टंकी, अस्पताल एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवन निर्माण के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जाए। यह प्रोत्साहन रजिस्ट्री शुल्क में छूट, अनुदान या अन्य रियायत स्वरूप में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंत्रालय में विभिन्न प्रासंगिक विषयों पर विभागों की अद्यतन प्रगति एवं आगामी कार्य योजना (कार्यवाही) के संबंध में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन सहित अन्य प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) को शासन द्वारा दी गई जमीन की भेल के लिए वर्तमान में अनुपयोगी भूमि उनसे वापस लेने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय से समन्वय कर यह कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की रासायनिक कचरे से मुक्त भूमि पर एक भव्य स्मारक का निर्माण होना है, इसके लिए एप्को कार्य योजना तैयार करे और वर्तमान में गुजरात के भुज में तैयार म्यूजियम का मौका मुआयना कर भोपाल में भी ऐसा ही भव्य स्मारक तैयार करने के लिए विधिवत् प्रस्ताव दे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए राज्य के 53 हजार गांवों में अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।  उन्होंने कहा कि इसके लिए गाँव-गाँव शिविर लगाकर ग्रामीणों के पंजीयन किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रकिया को और भी सरल बनाया जाए। ग्रीष्मकाल में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए पहले से बेहतर तैयारी कर ली जाए। इस वर्ष प्रदेश के किसी भी जिले में पेयजल परिवहन की स्थिति निर्मित नहीं हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में महाकालेश्वर मंदिर की तरह होमगार्ड्स के पदों का सृजन किया जाए और मंदिर समिति के वहन पर इनकी नियुक्ति की जाए। अग्निवीरों को मध्यप्रदेश पुलिस में विशेष सशस्त्र बल (आरक्षक पद) की नियुक्ति में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव गृह को निर्देशित किया कि वे इस संबंध में अतिशीघ्र कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन की व्यवस्था है कि सभी शासकीय सेवक कार्य दिवसों में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालय में रहकर अपने पदेन कार्य  सम्पन्न करें। समय की पाबंदी सबके लिए जरूरी है। राज्य मंत्रालय, विध्याचल एवं सतपुड़ा में  अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तय समय पर उपस्थिति एवं रवानगी के लिए बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभाग अपने-अपने स्कूल चला रहे हैं, इन सभी स्कूलों को युक्तियुक्तकरण किया जाए। सभी वर्गों के छात्रावासों को संयुक्त रूप से एक छात्रावास में परिवर्तित कर विद्यार्थियों को यहां रखा जाए। इससे उनमें समरसता का भाव विकसित होगा। इन्हें समरसता छात्रावास का नाम दिया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट एवं ममलेश्वर के विकास के लिए भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए वन भूमि का उपयोग कर लिया जाए। बताया गया कि इस कार्य के निमित्त भूमि आवंटन की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राम वन गमनपथ परियोजना एवं श्रीकृष्ण पाथेय के निर्माण में तेजी लाएं और इसे समय-सीमा में पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की दताना-मताना हवाई पट्टी के स्थान पर नवीन हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में शीघ्र कार्यवाही की जाए। प्रयास करें कि यहां जल्द से जल्द यहां भूमि-पूजन कर लिया लाए। बताया गया कि नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए धारा 11 की कार्रवाई भी की जा चुकी है। जल्द ही नवीन हवाई अड्डे निर्माण का भूमि-पूजन करवाया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों को दिए गए लक्ष्यों की जल्द से जल्द पूर्ति के लिए कार्य योजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

 

नाबालिग को बाइक देना पड़ा भारी: कोर्ट ने अभिभावक पर ₹30 हजार का जुर्माना लगाया

भोपाल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

भोपाल में नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना एक अभिभावक को महंगा पड़ गया। गौतम नगर थाना पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाते हुए पकड़ा। इसके बाद मामला मोटरयान अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया।

अभिभावक ने कोर्ट में स्वीकार किया अपराध

सुनवाई के दौरान वाहन स्वामी एवं अभिभावक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद न्यायालय ने मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 और 199ए के तहत अभिभावक पर ₹30 हजार का अर्थदंड लगाया।

जुर्माने के साथ मिली न्यायालय उठने तक की सजा

कोर्ट ने जुर्माने के अलावा अभिभावक को न्यायालय उठने तक की सजा भी सुनाई। वहीं, निर्धारित जुर्माना जमा होने के बाद जब्त की गई बाइक को छोड़ने के आदेश दिए गए।

भोपाल पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के जरिए भोपाल पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के हाथ में वाहन सौंपने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर भी लगातार सख्ती बरती जा रही है।

पुलिस की अपील

भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए न दें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के “संपर्क अभियान 2026” को मिली बड़ी सफलता

भोपाल 

बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को उनके घर के नजदीक ही निराकरण करने के उद्देश्य से मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संचालित “संपर्क अभियान 2026” को सफलता मिली है। 14 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत भोपाल और ग्वालियर रीजन के 16 जिलों में व्यापक स्तर पर 2598 विशेष शिविर आयोजित किए गए। इनमें 1 लाख 25 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।

भोपाल रीजन

भोपाल रीजन के अंतर्गत 191 शिविर शहर वृत्त भोपाल में आयोजित किए गए। इसमें 13046 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण किया गया। साथ ही बैतुल वृत्त में 230 शिविरों में 13403 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, सीहोर वृत्त में 168 शिविरों में 3908 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, राजगढ़ वृत्त में 189 शिविरों में 2542 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, नर्मदापुरम वृत्त में 175 शिविरों में 16884 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, रायसेन वृत्त में 133 शिविरों में 9907 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, भोपाल (ग्रामीण) वृत्त में 132 शिविरों में 4486 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, विदिशा वृत्त में 102 शिविरों में 6764 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण एवं हरदा वृत्त में 69 शिविरों में 11309 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण किया गया है।

ग्वालियर रीजन

ग्वालियर रीजन के अंतर्गत मुरैना वृत्त में 201 शिविरों में 6736 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, शहर वृत्त ग्वालियर में 154 शिविरों में 3626 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, भिंड वृत्त में 148 शिविरों में 3334 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, गुना वृत्त में 133 शिविरों में 5428 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, ग्वालियर (ग्रामीण) वृत्त में 131 शिविरों में 2530 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, श्योपुर वृत्त में 98 शिविरों में 3569 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, दतिया वृत्त में 91 शिविरों में 5431 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण, शिवपुरी वृत्त में 176 शिविरों में 4582 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण एवं अशोकनगर वृत्त में 77 शिविरों में 7616 उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण किया गया।

शिकायतों और सेवाओं पर हुआ त्वरित काम

इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान करना था। शिविरों में मुख्य रूप से उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्‍प कनेक्शन प्रदान किये गए। वहीं भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्‍थाई कनेक्‍शन विच्‍छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्‍मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किया गया ।

नवीन विद्युत कनेक्शन मिलने से मिली राहत (डोलरिया, नर्मदापुरम)

संपर्क अभियान के अंतर्गत नर्मदापुरम वृत्त के डोलरिया वितरण केंद्र के ग्राम बाईखेड़ी में आयोजित शिविर में भारती चौरे ने नवीन घरेलू विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन पर विभागीय अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें तत्काल नवीन विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया। स्वयं का विद्युत कनेक्शन मिलने पर उन्होंने राहत व्यक्त करते हुए कंपनी की त्वरित एवं जनहितकारी सेवा की सराहना की।

एलटी केबल की समस्या का हुआ त्वरित समाधान (खुजनेर, राजगढ़)

संपर्क अभियान के अंतर्गत राजगढ़ संभाग के खुजनेर वितरण केंद्र के कुलवाड़ मोहल्ला में आयोजित शिविर के दौरान उपभोक्ता किशनलाल पिता भेरूलाल ने जली हुई एलटी केबल की समस्या से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जली हुई एलटी केबल को तत्काल बदल दिया। समस्या का शीघ्र समाधान होने पर उपभोक्ता ने संतोष व्यक्त करते हुए विभाग की त्वरित एवं सरल सेवा की सराहना की।

 

बैतूल बनेगा देश का ग्रीन मॉडल, जंगल और वनवासियों के लिए ₹100 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

बैतूल
बैतूल में विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर 100 करोड़ रुपए का ‘लैंडस्केप प्रोजेक्ट’ तैयार हो रहा है। इस परियोजना में पहली बार जंगल, वन्यजीव, जल, जैव विविधता और वन अधिकार पाने वाले हजारों परिवारों को एक ही विकास मॉडल में शामिल किया जाएगा।

यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसे देशभर के लिए मॉडल बनाया जा सकता है। अभी तक जंगलों का प्रबंधन अलग-अलग वन मंडलों के हिसाब से होता है, लेकिन इस परियोजना में पूरे सतपुड़ा से मेलघाट तक फैले जंगल, वन्यजीवों के कॉरिडोर, नदियां, गांव, खेती और वनाधिकार वाले क्षेत्रों को एक इकाई मानकर योजना बनाई जाएगी। यानी जंगल और गांव को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाएगा।

एक ओर जंगलों के संरक्षण की जरूरत है, तो दूसरी ओर वन अधिकार अधिनियम के तहत हजारों परिवारों को जंगलों के आसपास रहने और आजीविका का अधिकार मिला है। अब पहली बार इस चुनौती का समाधान तलाशने की कोशिश बैतूल से शुरू हो रही है।

पूरी परियोजना का राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व बैतूल के पूर्व मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) एवं वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) में सीनियर एडवाइजर राकेश भूषण सिन्हा कर रहे हैं।

आखिर ‘लैंडस्केप प्रोजेक्ट’ है क्या? अब तक वन विभाग अलग-अलग वन मंडलों के हिसाब से वर्किंग प्लान तैयार करता रहा है। एक वन मंडल की योजना दूसरे से अलग होती है, लेकिन जंगल किसी प्रशासनिक सीमा को नहीं मानते। वन्यजीव, नदियां, पहाड़ और जैव विविधता पूरे क्षेत्र में फैली होती है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लेकर मेलघाट टाइगर रिजर्व तक के पूरे वन क्षेत्र को एक लैंडस्केप यानी एक साझा पारिस्थितिकी तंत्र मानकर योजना बनाई जाएगी। इसमें जंगल, वन्यजीवों के कॉरिडोर, जल स्रोत, ग्रामीण आबादी, खेती, वनाधिकार वाले गांव और प्राकृतिक संसाधनों को एक साथ जोड़कर विकास और संरक्षण की रणनीति तैयार होगी।

सबसे बड़ी चुनौती... जंगल भी बचें और वनवासी भी आगे बढ़ें राकेश भूषण सिन्हा बताते हैं कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद जंगलों के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को वन भूमि पर अधिकार मिले हैं। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका उपलब्ध कराना था। अब चुनौती यह है कि इन परिवारों की आय बढ़े, लेकिन जंगलों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

दो राज्यों का साझा मॉडल सतपुड़ा और मेलघाट भले ही दो राज्यों में स्थित हों, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से दोनों एक ही लैंडस्केप का हिस्सा हैं। बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीव प्रशासनिक सीमाओं को नहीं पहचानते।

ऐसे में यह परियोजना मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करेगी। अभी तक दोनों राज्यों की योजनाएं अलग-अलग बनती रही हैं, जबकि नई व्यवस्था में साझा रणनीति के साथ काम होगा।

 

दक्षिण वन मंडल के डीएफओ अरिहंत ने बताया कि यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के संयुक्त प्रयासों से तैयार की जा रही है। इसका क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों के साथ महाराष्ट्र के मेलघाट तक फैले वन्यजीव कॉरिडोर क्षेत्र में प्रस्तावित है।

‘9 साल में कोई 10वीं कैसे पास करेगा?’ जबलपुर हाईकोर्ट ने POCSO मामले में 20 साल की सजा रद्द की

जबलपुर
 मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो कानून और पीड़िता की उम्र निर्धारण को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि अभियोजन पक्ष पीड़िता की जन्मतिथि को संतोषजनक और पुख्ता ढंग से साबित नहीं कर पाता है, तो केवल ‘पॉजिटिव डीएनए रिपोर्ट’ के आधार पर आरोपी को दोषी मानकर सजा नहीं दी जा सकती।

कोर्ट का सवाल, 9 साल में कैसे पास कर ली 10वीं कक्षा?
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्कूल रिकॉर्ड और मार्कशीट में दर्ज पीड़िता की उम्र पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने तार्किक विसंगति को रेखांकित करते हुए कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार पीड़िता ने जुलाई 2014 में एलकेजी में दाखिला लिया था। ऐसे में कोई भी बच्ची महज 9 साल के भीतर (2023 के आसपास) कक्षा 10वीं कैसे उत्तीर्ण कर सकती है? युगलपीठ ने इस विसंगति के चलते 10वीं की मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि जो 27 फरवरी 2007 थी को सही मानने से इनकार कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सिंगरौली के रहने वाले मुन्ना राम को जिला अदालत ने पीड़िता को नाबालिग मानते हुए पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अधिकतम 20 साल की जेल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

    जन्मतिथि साबित न हो तो केवल डीएनए रिपोर्ट से दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
    जबलपुर हाईकोर्ट ने POCSO मामले में 20 साल की सजा रद्द की।
    दसवीं की मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि पर कोर्ट ने जताया संदेह।
    मेडिकल रिपोर्ट में जबरन संबंध के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले।
    अभियोजन उम्र साबित नहीं कर पाया, आरोपी को दोषमुक्त किया।

पीड़िता के परिजन के बयानों में विरोधाभास
अपील पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पीड़िता के माता-पिता के बयानों में उनकी शादी के साल और पीड़िता के जन्म को लेकर गहरा विरोधाभास था। पिता के अनुसार उनकी शादी 19 साल पहले हुई थी और उसके 1 साल बाद पीड़िता का जन्म हुआ, जबकि मां के अनुसार शादी 20 साल पहले हुई थी और जन्म 2 साल बाद हुआ था।

आपसी सहमति से संबंध और मेडिकल रिपोर्ट बनी आधार
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में नोट किया कि पीड़िता ने खुद अपने बयानों में स्वीकार किया था कि वह अपनी मर्जी से अपीलकर्ता के साथ बनारस गई थी, जहां दोनों ने शादी की और पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इसके अलावा, मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर कोई बाहरी या अंदरूनी चोट के निशान नहीं मिले। प्राइवेसी के उल्लंघन को लेकर भी डॉक्टरों की कोई निश्चित राय नहीं थी।

हाईकोर्ट का अंतिम आदेश
युगलपीठ ने कहा कि, चूंकि अभियोजन पक्ष पीड़िता की जन्मतिथि को संदेह से परे साबित नहीं कर सका, इसलिए पीड़िता को घटना के समय बालिग माना जाएगा। चूंकि संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए केवल डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने से आरोपी अपराधी सिद्ध नहीं होता। हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के आदेश को पूरी तरह निरस्त करते हुए अपीलकर्ता मुन्ना राम को तत्काल दोषमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं।

 

MP Weather: मध्य प्रदेश में एक्टिव हुआ मॉनसून, झमाझम बारिश; इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी

भोपाल 

कुछ दिनों की देरी से आने के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुरुवार को मध्य प्रदेश में और भी आगे बढ़ गया और इसके असर से प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिन राज्य के अन्य हिस्सों में भी मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। ऐसे में IMD ने प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में जबरदस्त बारिश होने की संभावना जताई है।

विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के छह जिलों शाजापुर, राजगढ़, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी । इस दौरान इन जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चलने की संभावना है।

इन जिलों में भारी वर्षा की संभावना
इसके अलावा विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, देवास, मंदसौर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और मंडला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में झंझावत और बिजली गिरने के साथ ही 40 से 50 की स्पीड से हवा चलने का अनुमान लगाया है।

3 जुलाई (शुक्रवार) के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के हरदा और खंडवा जिलों के लिए भारी से भी भारी बारिश (204.5 MM से ज्यादा) का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान इन पांचों जिलों में बहुत भारी बारिश (115.6 MM से 204.4 MM) होने की संभावना जताई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए यहां बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही विभाग ने पूरे प्रदेश में 40 से 50 की स्पीड से हवा चलने का अनुमान लगाया है।

4 जुलाई (शनिवार) के लिए मौसम विभाग ने तीन जिलों धार, बड़वानी और खरगोन के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए यहां भारी से बहुत भारी वर्षा (204.5 MM से ज्यादा) का अनुमान लगाया है, वहीं झाबुआ, अलीराजपुर और बुरहानपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश (115.6 MM से 204.4 MM) की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और इस दौरान रतलाम, उज्जैन, इंदौर, देवास, खंडवा, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही पूरे प्रदेश में 40 से 50 की गति से तेज हवा चलने का अनुमान लगाया है।

बीते दिन केवलारी में हुई 166 मिमी बारिश
बीते दिन के मौसम की बात करें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रतलाम में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश सिवनी जिले के केवलारी 166 मिली मीटर और चांद 140 मिमी दर्ज की गई। वहीं मुलताई में 112.0, सिंगरौली में 104.0, जैसीनगर में 102.1, उज्जैन में 101.0, बिछुआ में 100.0, नैनपुर में 96.6, पीथमपुर में 87.0, बेनीबारी में 83.6, पांढुर्णा में 78.3, सांवेर में 72.5, चौराई में 68.0, मंडला में 65.8, बदनावर में 65.1, कसरावद में 65 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई।

मौसम की विशेष परिस्थितियां
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2 जुलाई को गुजरात के कुछ और भागों, उत्तर प्रदेश के शेष भागों, संपूर्ण दिल्ली तथा मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब के अधिकांश भागों तथा राजस्थान के कुछ भागों में आगे बढ़ गया है। फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और भटिंडा से होकर गुजर रही है।

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