“SAFE CLICK 2.0” अभियान के तहत जीआरपी भोपाल द्वारा 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित “SAFE CLICK 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत जीआरपी भोपाल द्वारा आज शनिवार को 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देना था।

मैराथन का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल  राजाबाबू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे,  पंकज वास्तव, पुलिस अधीक्षक, रेलवे, भोपाल,  अंकित जायसवाल सहित रेल पुलिस कार्यालय एवं आरआरपी लाइन भोपाल के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया। उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध, डिजिटल अरेस्ट तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी प्रदान की गई।

इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग पूरी सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान जीआरपी के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने तथा समाज को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में यह निर्णय भी लिया गया कि मध्यप्रदेश जीआरपी के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक शनिवार कम से कम 5 किलोमीटर दौड़ अथवा पैदल चाल पूर्ण करेंगे, जिससे स्वस्थ एवं सक्षम पुलिस बल के निर्माण के साथ बेहतर पुलिसिंग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस का “SAFE CLICK 2.0” अभियान प्रदेशभर में लगातार विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क एवं सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। जीआरपी भोपाल द्वारा आयोजित यह मैराथन इसी अभियान की एक प्रभावी पहल रही, जिसमें जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं पुलिस फिटनेस का सफल समन्वय देखने को मिला।

 

टैलेंट सर्च में दिखा युवाओं का दम, बॉक्सिंग-बैडमिंटन और तीरंदाजी ट्रायल्स में उमड़ी प्रतिभाएं

भोपाल 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित “टैलेंट सर्च 2026-27” अभियान प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर बनकर उभर रहा है। राज्य खेल अकादमियों के लिए योग्य खिलाड़ियों के चयन के लिये आयोजित ट्रायल्स में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित टी.टी. नगर स्टेडियम तथा झाबुआ में आयोजित चयन ट्रायल्स में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में उमड़ा खिलाड़ियों का उत्साह

टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल्स में कुल 148 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 84 बालक एवं 64 बालिकाएं शामिल रहीं। चयन प्रक्रिया अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संपन्न हुई। ट्रायल्स का संचालन मुख्य प्रशिक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सहायक प्रशिक्षक नेहा कश्यप, सोनम नायक एवं भरत पंसोरिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया।

बैडमिंटन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित बैडमिंटन चयन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी दक्षता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। चयन प्रक्रिया का नेतृत्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अगुस द्वी सन्तोसा ने किया, जो वर्ष 2021 एवं 2023 में भारतीय स्टार शटलर P. V. Sindhu के पूर्व कोच रह चुके हैं। उनके साथ इंडोनेशिया के डबल्स विशेषज्ञ प्रशिक्षक सोफियान तथा सहायक प्रशिक्षक विनीत सरोदे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

झाबुआ में तीरंदाजी ट्रायल्स का सफल आयोजन

झाबुआ में आयोजित तीरंदाजी चयन ट्रायल्स में 22 खिलाड़ियों ने सहभागिता कर अपनी एकाग्रता, तकनीकी कौशल एवं लक्ष्यभेदन क्षमता का प्रदर्शन किया। दूरस्थ अंचलों से खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि प्रदेश के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया से होगा प्रतिभाओं का चयन

विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है। खिलाड़ियों का मूल्यांकन शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, फिटनेस एवं खेल विशेष की आवश्यकताओं के आधार पर किया जा रहा है, जिससे सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें राज्य खेल अकादमियों में आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रदेशभर में जारी रहेगा प्रतिभा खोज अभियान

“टैलेंट सर्च 2026-27” के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने पात्र खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में ट्रायल्स में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि मध्यप्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

आगामी चरण में भी जारी रहेंगे चयन ट्रायल्स

टैलेंट सर्च अभियान के आगामी चरणों में एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, क्याकिंग एवं केनोइंग, पुरुष हॉकी, महिला हॉकी, तीरंदाजी, ताइक्वांडो सहित विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के अधिकाधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

 

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलेगी सुठालिया परियोजना : राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों, उच्च गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील की बैराड ग्राम के नजदीक

पार्वती नदी पर निर्मित हो रही यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख वृहद सिंचाई योजनाओं में शामिल है। वर्ष 2018 में इस परियोजना को ₹1,375.24 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत लगभग 25.50 मीटर ऊंचा, लगभग 4 किलोमीटर लंबा तथा 20 रेडियल गेटयुक्त कंपोजिट बांध निर्मित किया जा रहा है। बांध की सकल जल भंडारण क्षमता 201.35 मिलियन घनमीटर (MCM) तथा लाइव स्टोरेज क्षमता 183.70 MCM होगी। इसके साथ दो अत्याधुनिक पंप हाउसों का निर्माण कर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 49,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 174 ग्रामों को प्रत्यक्ष सिंचाई लाभ मिलेगा, जिनमें सुठालिया तहसील के 73, ब्यावरा तहसील के 71 तथा नरसिंहगढ़ तहसील के 30 ग्राम शामिल हैं। ग्राम मऊ एवं कानरखेड़ी स्थित पंप हाउसों से क्रमशः 21,077 हेक्टेयर एवं 28,723 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है।

परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्य बांध का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में राजगढ़ जिले के 34, गुना जिले के 8, भोपाल जिले के 18 तथा सीहोर जिले के 3 ग्रामों में लगभग 90 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना से प्रभावित लगभग 1,675 परिवारों के पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला में सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण भी किया जा चुका है। परियोजना के शेष निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार एवं किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना केवल एक बांध निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इसके पूर्ण होने से हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि परियोजना के सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ कपूर ने की भेंट

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर  अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीईओ सुजलॉन ग्रुप  कपूर ने प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजना के विस्तार तथा हाइब्रिड क्षमता में वृद्धि संबंधी चर्चा की।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) होते हैं लोकतंत्र की नींव : मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार

भोपाल 

भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, सुलभ और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया है। उन्होंने कहा कि जिस दक्षता और पारदर्शिता के साथ यह कार्य मध्यप्रदेश में हुआ है, वैसा उदाहरण देश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय प्रक्रियाओं में से एक है। मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि इसी पारदर्शिता और दक्षता के कारण भारत आज विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के संगठन इंटरनेशनल आइडिया (International IDEA) की 2026 की अध्यक्षता कर रहा है।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  शिवम वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद थे।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान वृद्धजन, दिव्यांगजन, प्रवासी श्रमिक, अशिक्षित नागरिकों तथा वंचित समुदायों तक मतदाता सेवाएँ पहुँचाने पर केंद्रित रहा है, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, साथ ही यह सुनिश्चित ‍किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। इसके लिये ‍विशेष गहन पुनरीक्षण का सफलतापूर्वक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा सरल भाषा में दिशा-निर्देश, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, समाचार पत्र, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, पंचायत स्तरीय बैठकों एवं मोहल्ला सूचना अभियानों के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया गया।  कुमार ने बीएलओ की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करते हैं, नए मतदाताओं का पंजीयन करते हैं तथा मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले बीएलओ की सराहना की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संचालन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया है। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं। देश में चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में 1 करोड़ 80 लाख चुनावकर्मी शामिल होते हैं। यह संख्या दुनिया की कई बड़ी सरकारी और निजी संस्थाओं से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इतने विशाल स्तर पर भी भारत की चुनाव प्रणाली पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है। चुनाव आयोग के डिजिटल नवाचारों का उल्लेख करते हुए ‘ईसीआई नेट’ (ECI Net) ऐप को पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐप बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधे संपर्क का माध्यम बना है और देश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसका सफल उपयोग हो रहा है। मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता समझाते हुए बताया कि मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल, मतदान के दौरान पोलिंग एजेंट की उपस्थिति, फॉर्म 17-सी के माध्यम से रिकॉर्ड सत्यापन और मतगणना के दौरान एजेंटों की मौजूदगी भारत की चुनाव प्रणाली को अत्यंत विश्वसनीय बनाती है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल आकार में ही नहीं, बल्कि सहभागिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी सबसे सशक्त है। उन्होंने विभिन्न देशों के मतदान प्रतिशतों की तुलना करते हुए कहा कि भारत में स्वैच्छिक मतदान होने के बावजूद मतदान प्रतिशत कई अनिवार्य मतदान वाले देशों से अधिक रहता है, जो लोकतंत्र में जनता के विश्वास का प्रमाण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध करना संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुरूप निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट और अपात्र मतदाताओं को चिन्हित कर सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने एसआईआर अभियान को उत्कृष्टता के साथ पूरा कर देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सभी बीएलओ को लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी बताते हुए उनके समर्पण, परिश्रम और संवैधानिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए बधाई दी तथा कहा कि सशक्त मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने बीएलओ से संवाद करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए प्रेरणा है और इसकी मजबूती में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) की उपलब्धियों, नवाचारों एवं सफलताओं पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार से सीधा संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। बीएलओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के परिशोधन एवं अद्यतन कार्य को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ने बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने कहा कि मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी टीम की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है तथा इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को बधाई दी। भारत इस वर्ष International IDEA की अध्यक्षता कर रहा है और भारत निर्वाचन आयोग की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को वैश्विक स्तर पर साझा किया जाएगा। यह देश के लिए गर्व का विषय है।  झा ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक और सामाजिक विविधताओं से भरा राज्य है, जिसके कारण मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में कई चुनौतियाँ सामने आईं। वर्ष 2003 के पुराने डेटा को वर्तमान सॉफ्टवेयर सिस्टम के अनुरूप परिवर्तित करना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि नए निर्देशों के तहत स्थानीय क्षेत्र के बीएलओ की नियुक्ति की गई, जिससे कई पुराने शिक्षकों की जगह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य मैदानी कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई। इनकी क्षमता वृद्धि के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए गए।  झा ने प्रदेश में हुए कार्यों और प्राप्त उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सफलता कलेक्टरों, संभागायुक्तों, बीएलओ, राजनीतिक दलों और निर्वाचन टीम के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने बीएलओ को लोकतंत्र की प्रथम कड़ी बताते हुए कहा कि मतदाता सबसे पहले उन्हीं से संपर्क करता है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची को निरंतर अद्यतन और शुद्ध बनाए रखें। अंत में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलओ के मानदेय को 6 हजार रुपये तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उनकी भूमिका और अधिक सशक्त होगी। सभी से आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा और मनोयोग से पालन करने की अपील की। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  शिवम वर्मा ने आभार व्यक्त किया।

 

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार सम्पन्न

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए उप पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार का उद्देश्य अधिकारियों को वित्तीय नियमों, लेखा प्रक्रियाओं, कल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों की अद्यतन जानकारी प्रदान कर उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों के प्रभावी एवं दक्ष निर्वहन के लिए सक्षम बनाना था।

सेमीनार का समापन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण)  सोलोमन यश कुमार मिंज की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व किसी भी शासकीय संस्था की कार्यकुशलता के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करते हुए वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक सुचारु, नियमसम्मत एवं पारदर्शी बनाने का आह्वान किया।

सेमीनार के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक (लेखा एवं कल्याण), पुलिस मुख्यालय, भोपाल  अवधेश गोस्वामी ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन में अद्यतन नियमों की जानकारी रखने तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की आवश्यकता पर बल दिया।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व, मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं उपार्जन नियम-2015 (यथासंशोधित-2022), वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, पुलिस विभाग की कल्याणकारी गतिविधियां, आईएफएमआईएस (IFMIS) प्रणाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन नियम, दंडों का प्रभावी क्रियान्वयन, देय स्वत्व, टी.ए./डी.ए., अवकाश नियम, जीपीएफ संबंधी कार्यवाहियों में बरती जाने वाली सावधानियां तथा मध्यप्रदेश वित्तीय शक्ति अधिकार पुस्तिका-2025 एवं बजट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस मुख्यालय, वित्त विभाग तथा आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय के विशेषज्ञ अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

समापन समारोह में पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक कल्‍याण मती इरमीन शाह, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) मती रश्मि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मती यास्मीन जहरा सहित अकादमी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास वित्तीय प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिकारियों की क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

 

इंदौर में मानसून का धमाका, अगले हफ्ते फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर

इंदौर

प्रदेश में अब तक सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में देवास के साथ इंदौर अव्वल है। पिछले सप्ताह में शहर में हुई झमाझम वर्षा ने न सिर्फ औसत कोटा पूरा किया, बल्कि इंदौर में अब तक के औसत से 90 फीसद ज्यादा वर्षा हो चुकी है।

इंदौर में अगले सप्ताह भी झमाझम वर्षा का दौर जारी रहेगा। रविवार को इंदौर में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। उसके बाद दो दिन मध्यम वर्षा होगी और फिर भारी वर्षा होने की संभावना है।
इन तीन मौसम प्रणालियों (सिस्टम) के कारण हो रही है झमाझम बारिश

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक सियर जोन (दो अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवाओं का मिलन) मुंबई के पास बना हुआ है। इसके वजह से अरब सागर से आर्द्रता पश्चिमी मप्र की ओर आ रही है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तरी उड़ीसा तक जा रही है। इसके प्रभाव से इंदौर सहित संभाग के जिलों में झमाझम वर्षा का दौर दिखाई दे रहा है।

शनिवार को एक निम्न दाब क्षेत्र उत्तरी उड़ीसा पर बना हुआ है। यह अगले तीन दिन में उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मप्र की ओर बढ़ेगा। ऐसे में इंदौर में सप्ताह के मध्य में भी शहर में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
अगले 7 दिनों का मौसम और तापमान पूर्वानुमान
दिनांक     अधिकतम तापमान     न्यूनतम तापमान     वर्षा की संभावना
5 जुलाई     29     22     भारी
6 जुलाई     29     22     मध्यम
7 जुलाई     29     22     मध्यम
8 जुलाई     29     22     भारी वर्षा
9 जुलाई     30     22     भारी वर्षा
10 जुलाई     30     23     हल्की से मध्यम
11 जुलाई     30     23     हल्की से मध्यम

नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

 

राजगढ़ में बाल विवाह पर बड़ी कार्रवाई, नाबालिगों की शादी कराने के आरोप में 16 लोगों पर केस

 राजगढ़
जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका और नाबालिग युवक का विवाह कराने के मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

आरोपियों में दोनों पक्षों के परिजन और विवाह आयोजन में शामिल अन्य लोग शामिल हैं।

बाल विवाह की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार ग्राम झंझाड़पुर, प्रेमपुरा और खोखरिया के लोगों ने 17 वर्षीय बालिका और 18 वर्षीय युवक का विवाह कराया था। प्रशासन को मामले की सूचना मिलने के बाद जांच की गई, जिसमें सामने आया कि विवाह 12 जून को संपन्न हो चुका है।

इसके बाद पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

इन पर केस दर्ज हुआ
प्रकरण में झंझाड़पुर निवासी कांताबाई, कोयलबाई, शिवसिंह, कनीराम, शैतानबाई, कैलाश, मदन, पांचूबाई और देवसिंह सहित प्रेमपुरा और खोखरिया निवासी थानसिंह, रामनाथ, भगवानसिंह, इंदरसिंह, बीरम, हेमराज और शिवनारायण तंवर को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस का कहना है कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति है और इसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

 

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत ऑनलाईन आवेदन 31 अगस्त तक आमंत्रित

भोपाल 

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए है। सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, तकनीक और गतिशीलता से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के मार्ग को सरल और सुलभ बनाएगी। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से समय-सीमा के भीतर आवेदन करने तथा जिला अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने बताया कि योजना का संपूर्ण संचालन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी। उन्होंने सभी संयुक्त एवं उप संचालकों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 से पूर्व ऑनलाइन आवेदन कर इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें। छात्र-छात्राओं से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने की अपील की है। योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।

निर्देशानुसार पात्र छात्र-छात्राएं स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिला कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्रता के आधार पर उन्हें स्वीकृत किया जाएगा। आवेदन परीक्षण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूर्ण की जाएगी। इसके उपरांत 15 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार लैपटॉप अथवा मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल क्रय की कार्रवाई की जाएगी।

योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को विश्व दिव्यांग दिवस (3 दिसंबर 2026) के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लैपटॉप एवं मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित किए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों को वितरण की जानकारी एवं फोटो 5 दिसंबर 2026 तक पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवपुरी में करेंगे 2,500 करोड़ रुपए के अत्याधुनिक अडानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 5 जुलाई को शिवपुरी में अडानी समूह द्वारा स्थापित किए जा रहे लगभग 2,500 करोड़ रुपए की लागत वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के औद्योगिक विकास के विज़न को नई गति प्रदान करेगी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया 211.29 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया भी जाएगा।

रोजगार के अवसर और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसमें स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

 

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