सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे, डिजिटल तकनीक से मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे, डिजिटल तकनीक से मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा मध्यप्रदेश
लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान किया तैयार
जीआईएस आधारित लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप किया गया विकसित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से एक नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “विकसित भारत” की परिकल्पना को मध्यप्रदेश साकार कर रहा है। प्रदेश में अभूतपूर्व गति से सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और आधुनिक सार्वजनिक अधोसंरचना निर्माण हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को अपना मूल मंत्र बनाकर विकास को सीधे जनता की सुविधा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विस्तार हुआ है। प्रदेश में सड़क संपर्क, शहरी यातायात, औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहा सड़क नेटवर्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सड़क श्रेणियों के पुनर्गठन तथा रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे सड़क निर्माण और रखरखाव की प्राथमिकताएँ अधिक स्पष्ट हुई हैं। विभाग द्वारा “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया गया है। यह ऐप GIS आधारित तकनीक पर कार्य करता है और इसके माध्यम से प्रदेश में 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों तथा 1400 से अधिक पुलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस सर्वेक्षण से विभाग को अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटा प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर योजनाएँ अधिक सटीक और व्यावहारिक तरीके से तैयार की जा रही हैं।

रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से बेहतर कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। मास्टर प्लान के अंतर्गत शहरों के लिए बायपास मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, जिला मुख्यालयों के बीच तेज कनेक्टिविटी तथा यातायात दबाव कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रा दूरी और समय कम करने के उद्देश्य से 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्गों की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलने की संभावना है।

जीआईएस आधारित डिजिटल बजट प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने जीआईएस आधारित बजट मॉड्यूल लागू किया है। इस प्रणाली से प्रत्येक सड़क प्रस्ताव को डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाता है। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित सड़क पहले से किसी अन्य योजना में शामिल है या नहीं। इस व्यवस्था ने योजनाओं में दोहराव को समाप्त करने के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है।

लोकपथ 2.0 : नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित “लोकपथ” ऐप को अब उन्नत स्वरूप में “लोकपथ 2.0” के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य कर रहा है। इस ऐप में रूट प्लानर, टोल जानकारी, अस्पताल एवं पेट्रोल पंप की लोकेशन, एसओएस सुविधा और सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिल रही है।

गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था, 25 ठेकेदार किये गये ब्लैक लिस्टेड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 25 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया गया तथा कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) लागू किया जा रहा है। इससे योजना निर्माण से लेकर भुगतान तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से मॉनिटर की जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ अधोसंरचना विकास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से निर्मित गड्ढों को “लोक कल्याण सरोवर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 506 सरोवर तैयार किए जा चुके हैं और 600 नए सरोवर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सड़क किनारे भूजल रिचार्ज व्यवस्था, फ्लाई-ओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग निर्माण जैसे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

तेजी से आगे बढ़ रहा सड़क और पुल निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में विभाग द्वारा 11,632 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 190 पुल एवं फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य तथा 531 पुल एवं फ्लाईओवर परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड परियोजनाओं से मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी विस्तार के लिए 6 प्रमुख विकास पथ (एक्सप्रेसवे) परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहरों में यातायात दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।

NHAI के साथ लगभग 1 लाख करोड़ का समझौता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का समझौता किया गया है। इनमें से 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा कई परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश देश के प्रमुख आर्थिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर से अधिक प्रभावी रूप से जुड़ सकेगा।

विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विकासोन्मुखी सोच से मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता, गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर अधोसंरचना विकास की नई कहानी लिख रहा है।

“लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को केंद्र में रखकर प्रदेश में सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और सार्वजनिक अधोसंरचना निर्माण के माध्यम से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह विकास यात्रा मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगी।

 

CM मोहन के नेतृत्व में जल आत्मनिर्भर बन रहा MP, खेत तालाब और डग वेल रिचार्ज में मिली बड़ी सफलता

भोपाल 
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश ‘जल आत्मनिर्भरता’ का एक नया इतिहास लिख रहा है। प्रदेश की जल संरचनाओं के पुनरुद्धार और नवीन जल स्रोतों के निर्माण के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब अपने निर्णायक दौर में है। अभियान में न केवल लुप्त हो रही जल संरचनाओं को जीवनदान मिल रहा है, बल्कि वैज्ञानिक पद्धतियों से वर्षा जल के संग्रहण (Rain Water Harvesting) की क्षमता में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 77 हजार 121 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक सुखद संकेत है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) के समन्वय से संचालित इस विशाल अभियान के लिए राज्य सरकार ने व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। पूरे प्रदेश में कुल 2 लाख 42 हजार 188 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 6,201.81 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में अब तक 4,443.85 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में’ रोकने की अवधारणा पर है, ताकि आगामी मानसून में वर्षा की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित किया जा सके।

सूक्ष्म स्तर पर हो रही मॉनिटरिंग
अभियान के अंतर्गत कार्यों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर सूक्ष्म स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेष रूप से ‘डग वेल रिचार्ज’ (सूखे कुओं का पुनर्भरण) में प्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है, जहां 88,123 से अधिक कुओं को रिचार्ज करने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और पशुपालन की सुविधा के लिए 53,568 खेत तालाबों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जल संरक्षण और पुनर्भरण की अन्य विधियों के तहत 27,332 कार्य संपन्न हुए हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण को मजबूती देने के लिए वृक्षारोपण और स्कूलों में जल टैंकों की सफाई जैसे रचनात्मक कार्यों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया गया है। JSJB 2.0 (जल संचयन जल भागीदारी) पहल के तहत भी 10 लाख से अधिक कार्यों का पंजीकरण राज्य की सक्रियता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता को जन-भागीदारी का परिणाम बताया है। जल संरक्षण समाज के अस्तित्व से जुड़ा विषय है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन स्थायी जल संरचनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाया जाए, ताकि भविष्य में पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सके और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से मध्य प्रदेश आज देश के अन्य राज्यों के लिए जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक बनकर उभर रहा है।

खंडवा अग्रणी जिलों में शामिल  
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिलों के प्रदर्शन की नवीनतम रैंकिंग (14 मई, 2026) के अनुसार, खंडवा जिला 7.51 के स्कोर के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। खंडवा में अब तक कुल 9,131 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें से 2,944 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 5,400 कार्यों की भौतिक पूर्णता (Physical Completion) सुनिश्चित की गई है। रैंकिंग में दूसरे स्थान पर खरगोन जिला (स्कोर 7.38) है, जिसने 81.17 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक ‘बुक्ड एक्सपेंडिचर’ (वित्तीय प्रगति) दर्ज की है। इसके पश्चात बड़वानी 7.23 के स्कोर के साथ तीसरे, उज्जैन 7.08 के स्कोर के साथ चौथे और राजगढ़ 6.90 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में:

    कुल लक्षित कार्य : 2,42,188
    पूर्ण हुए कार्य : 1,77,121
    कुल स्वीकृत बजट : ₹6,201.81 करोड़
    खेत तालाब पूर्ण : 53,568
    कुआं पुनर्भरण (Dug Well Recharge) : 88,123

 

मुख्यमंत्री ने वाग्देवी प्रतिमा को विदेश से लाने की पहल को बताया विधिसम्मत प्रक्रिया का हिस्सा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले की भोजशाला के संबंध में बरसों पुराने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजशाला के संबंध में न्यायालय ने माना है कि यह स्थान भोजशाला का ही था, जहां राजा भोज ने मां वाग्देवी के माध्यम से इस स्थान की महत्ता को स्थापित किया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे स्थान के गौरव को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से विधिसम्मत तरीके से विदेश से वाग्देवी की प्रतिमा लाने का प्रबंधन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस निर्णय के लिए बधाई देते हुए अपील की कि न्यायालयीन निर्णय को शिरोधार्य करें। अयोध्या के देवस्थान के संबंध में न्यायालय के निर्णय के बाद सामाजिक सौहार्द्रता की उत्कृष्ट मिसाल कायम की गई थी। उसी परंपरा का निर्वहन करने वाला मध्यप्रदेश ऐसा दूसरा स्थान बन सकता है, जब हम इस समाधान और न्यायालय के निर्णय के आधार पर हम निर्णय को स्वीकार कर आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए इसे स्थायी समाधान बनाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त की कि भविष्य में ऐसे स्थान को अधिक गौरवमयी बनाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

 

कुटीर और ग्रामोद्योग को नए आयाम देने की तैयारी में मध्यप्रदेश हथकरघा, खादी, रेशम और महिला रोजगार पर विशेष फोकस

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को रोजगार, नवाचार और बाजार से जोड़कर नया स्वरूप देने जा रही है। पारंपरिक शिल्प को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाने और ग्रामीण कारीगरों को बेहतर आय और पहचान दिलाने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की पहचान महेश्वरी, चंदेरी, खादी और रेशम जैसे उत्पादों को सिर्फ संरक्षित ही नहीं, बल्कि विस्तारित और प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

हथकरघा क्लस्टर का विस्तार : महेश्वरी और चंदेरी की सफलता को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी नए हथकरघा क्लस्टर चिन्हित कर विकसित किए जाएंगे।

खादी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा: पुराने कॉटन मिल क्षेत्रों और पारंपरिक बुनाई वाले इलाकों को जोड़कर खादी उत्पादन की नई योजना बनेगी। इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना और स्थानीय रोजगार सृजित करना है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: लूम और चरखा प्रदाय योजना को महिला एवं बाल विकास तथा कृषि विभाग के साथ जोड़कर रोजगारपरक बनाया जाएगा। रेशम उत्पादन को लखपति दीदियों से जोड़ने का लक्ष्य है।

ब्रांड आउटलेट का विस्तार : मृगनयनी, कबीरा और विंध्यावैली जैसे ब्रांड के एम्पोरियम अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर अन्य जिलों में खुलेंगे। पर्यटन निगम के साथ मिलकर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

धार्मिक और सांस्कृतिक उत्पादों को बढ़ावा: धार्मिक स्थानों के लिए गुणवत्तापूर्ण पूजन सामग्री के उत्पादन और विक्रय को अनुदान और बैंक ऋण आधारित योजना से जोड़ा जाएगा।

नवाचार और युवा जुड़ाव: इंदौर की साड़ी वॉकथॉन की तर्ज पर उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में आयोजन होंगे। साड़ी पहनावे को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना भी शुरू होगी।

रेशम और सिल्क टेक पार्क का विस्तार: ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में “प्राकृत” रेशम शोरूम खुलेंगे। पचमढ़ी के सिल्क टेक पार्क की तर्ज पर रातापानी और अमरकंटक में भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

ग्रामोद्योग इकाइयों को एमएसएमई से जोड़ना: ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए एमएसएमई विभाग की उद्यम क्रांति योजना के तहत लक्ष्य और आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार कुटीर और ग्रामोद्योग सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का आधार है।

भोपाल में पूर्व जज और उनके वकील बेटे पर दहेज हत्या का केस, 18 घंटे में मिली अग्रिम जमानत

भोपाल
 
कटाराहिल्स क्षेत्र स्थित बागमुगालिया में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे वकील समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब एक बजे मृतका के पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

केस दर्ज होने के 18 घंटे के भीतर भोपाल कोर्ट से गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई। वहीं जज ने समर्थ सिंह की जमानत की याचिका सुरक्षित रखी है, जिस पर 18 मई को सुनवाई की जाएगी।

उधर केस दर्ज होने के बावजूद तीसरे दिन भी ट्विशा का शव एम्स की मर्चूरी में रखा है। स्वजनों ने शव नहीं लिया, जिससे अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शनिवार को सुबह वे शव लेकर नोएडा जाएंगे।

अग्रिम जमानत के लिए उम्र का हवाला दिया

केस दर्ज होने के बाद पूर्व जज जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 गिरीबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए जिला कोर्ट में आवेदन किया था। अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने सुनवाई की। न्यायालय ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में आरोपित को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए।

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गिरीबाला सिंह उच्च न्यायिक सेवा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। साथ ही उनकी उम्र 63 वर्ष होने का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की गई।

वहीं अभियोजन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया। अभियोजन ने न्यायालय को बताया कि मृतिका का गर्भपात कराए जाने की बात सामने आई है तथा भ्रूण की एफएसएल जांच कराई जानी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

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सेना के जवान भी रहे कोर्ट में मौजूद

शुक्रवार शाम जमानत पर सुनवाई के लिए ट्विशा के स्वजन भी कोर्ट में पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट में उनसे वकीलों द्वारा धक्का-मुक्की की गई थी। स्वजनों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कोर्ट परिसर में सेना के जवान भी तैनात रहे। शाम करीब चार बजे से जवान परिसर में मौजूद थे, जो शाम करीब सात बजे तक मौजूद रहे।
यह था प्रकरण

12 मई की रात 32 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि ट्विशा ने अपने छत पर फांसी लगाई थी। वहीं घटना के बाद मायके पक्ष के लोगों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर हत्या के आरोप लगाए थे। भाई हर्षित शर्मा का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। उसका गर्भपात भी करवाया गया था। कटाराहिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे का कहना है कि केस दर्ज कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

जल गंगा संवर्धन अभियान में व्यापक रूप से हो रहे हैं जल-संरक्षण और जल-संवर्धन के कार्य : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गांव-गांव, नगर-नगर में जल-संरक्षण एवं जल-संवर्धन के कार्य व्यापक रूप से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में गत तीन वर्षों से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य वर्षा काल के पूर्व जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, जीणोद्धार एवं आवश्यक मरम्मत कराए जाना है, जिससे वर्षा काल में इनमें पर्याप्त मात्रा में जल संग्रहण हो सके। इस अभियान में समाज के हर वर्ग का सहयोग लिया जा रहा है तथा इसे जन-आंदोलन का रूप दिया गया है। इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत 19 मार्च को इंदौर से की गई थी, तब से यह अनवरत जारी है और 30 जून तक चलाया जाएगा।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रमुख रूप से जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय जल स्तोत्रों के समीप की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, नहरों की साफ-सफाई, सुदृढ़ीकरण एवं सोंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के किनारे फैंसिंग एवं वृक्षारोपण, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो, घाट मरम्मत, लघु सिंचाई परियाजनाओं के फ्लशबार एवं स्लूस मरम्मत, स्टॉपडैम, बैराज, वियर, गेट मरम्मत, जलाशयों में रिसाव रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत आदि कार्य कराए जा रहे हैं। विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के 1040 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी के साथ विभाग के सभी 9 कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं में 102 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए महत्वपूर्ण कार्य

मंत्री  सिलावट ने बताया कि अभियान के अंतर्गत भोपाल ज़िले में केरवा नदी के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, उज्जैन में काजी खेड़ी, कृष्ण सुदामा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई एवं उण्डासा तालाब व घाटों की साफ-सफाई, शाजापुर में रनायरा केलवा तालाब स्‍लूस वैल की सफाई, रतलाम में हसन पालिया एवं इंद्रपुरी बैराज गेट की मरम्मत, मुरैना में कोटा तालाब पर जंगल सफाई, लालोर स्टॉप डैम पर जंगल सफाई एवं मोधना स्टॉप डैम व अंबा शाखा नहर की साफ-सफाई, दतिया में दतिया नहर की सफाई, नर्मदापुरम में उपनहर पर जंगल सफाई एवं तवा बांध के डाउनस्ट्रीम में सफाई, सिवनी में अटारी जलाशय के स्लूस अप्रोच चैनल की साफ-सफाई, सीहोर में दोराहा जलाशय की सफाई, कोलार बांध के रोस्टम पर वृक्षारोपण व बुराड़ी लघु सिंचाई परियोजना एवं झालपिपली लघु सिंचाई परियोजना की पाल की सफाई, सागर में तिनसिमरपनी जलाशय के पाल की सफाई, दमोह में बंदरकोला लघु स्लूस वैल मरम्मत, छतरपुर में बैनी सागर मध्यम बांध की साफ-सफाई, पन्ना में देवी बैराज लघु गेट इंस्टॉलेशन एवं बृजपुर बैराज निर्माण, झाबुआ में काला पीपल तालाब की पाल की साफ-सफाई, सतना में बाणसागर वृहद परियोजना के अंतर्गत पुरवा नहर दुआरी सब माइनर को अतिक्रमण मुक्त करना, निवाड़ी में बेतवा नदी के घाट की साफ-सफाई, भिंड में राजघाट नहर परियोजना के अंतर्गत वी.आर.बी. मरम्मत एवं बेसली डैम पर सफाई, राजगढ़ में कुशलपुरा बांध के आसपास वृक्षारोपण, अशोक नगर में बरखेड़ा छज्जू तालाब की सफाई, गुना में नरेन मध्यम परियोजना के पाल की सफाई, विदिशा में सगड़ परियोजना के पाल की सफाई, रायसेन में ऊंचाखेड़ा जलाशय एवं लोअर पलकमती जलाशय के डाउनस्ट्रीम बंड पर साफ-सफाई, हरदा में तवा परियोजना माचक उपनहर में पुलिया निर्माण, बैतूल में सुनद्रा जलाशय मुख्य नहर साफ-सफाई एवं पारसडोह मध्यम परियोजना की पाइपलाइन मरम्मत, टीकमगढ़ में महेंद्र सागर जंगल सफाई एवं चतुरकारी तालाब कैनाल सफाई, देवास में दतुनी मध्यम परियोजना अंतर्गत गहरीकरण, मंदसौर में काका साहब गाडगिल सागर जलाशय में वृक्षारोपण और छिंदवाड़ा में पेंच व्यपवर्तन परियोजना हरदुआ नहर की साफ सफाई आदि के कार्य किए गए हैं।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान विभिन् जिलों की पुलिस टीमों ने विगत 5 दिनों में 1 करोड़ 43 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री जब्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

शहडोल

पुलिस द्वारा अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग 04 क्विंटल अवैध गांजा, 03 चारपहिया वाहन एवं 07 मोबाइल फोन सहित 75 लाख रूपए की संपत्ति जब् कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मंदसौर

जिले में पुलिस द्वारा अलगअलग कार्यवाही करते हुए मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त की है। थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक कार से 01 किलो अवैध एमडी ड्रग्स जब् कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्यवाही में लगभग 30 लाख रुपये की संपत्ति जप् की गई।

वहीं थाना अफजलपुर पुलिस ने अवैध डोडाचूरा की तस्करी करने वाले आरोपी को वाहन सहित गिरफ्तार कर लगभग 8 लाख 24 हजार रुपये की संपत्ति जप् की है। दोनों कार्यवाहियों में लगभग 38 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जप् की है।

रतलाम

जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करते हुए थाना रिंगनोद पुलिस ने एमडी ड्रग्स सहित एक आरोपी को गिरफ्तार कर 5 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब् की है।

वहीं थाना बरखेड़ा पुलिस ने 735 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी एवं एक विधि विरूद्ध बालक को पकड़ा। दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जप् की है।

राजगढ़

जिले मेंऑपरेशन शुद्धिके तहत कार्यवाही करते हुए थाना छापीहेड़ा पुलिस ने स्मैक एवं एक्टिवा स्कूटी सहित 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 20 हजार रूपए की संपत्ति जब् की है।

वहीं बोडा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 40.30 ग्राम अवैध स्मैक ( 5 लाख रूपए) जब् किया।

गुना

जिले के मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से स्मैक तस्करी कर रहे अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 06 लाख रुपये की संपत्ति जब् की है।

भोपाल

थाना हनुमानगंज पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 37 ग्राम एमडी ड्रग्स (लगभग 04 लाख रुपये) जब् कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

रीवा

रीवा के थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए 608 शीशी कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जप्त कफ सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 22 हजार रुपये है।

जबलपुर

थाना संजीवनीनगर पुलिस ने गांजा तस्करी में लिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 03 किलो 110 ग्राम गांजा, मोबाइल फोन, एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब् की है।

सीहोर

जिले के थाना शाहगंज पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 8 किलो 459 ग्राम अवैध गांजा जब् कर लगभग 90 हजार रुपये की संपत्ति जब् की है।

बैतूल

जिले के सारणी थाना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 4.783 किलोग्राम गांजा जब् किया। जब् गांजे की कीमत लगभग 80 हजार रुपये है।

उज्जैन

थाना चिमनगंज मंडी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 09 किलो 142 ग्राम अवैध गांजा जप्त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन भी जप्त किए गए। जब् संपत्ति की कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं वितरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

 

1902 के सर्वे से लेकर 2026 के फैसले तक ऐतिहासिक तथ्य उजागर, मस्जिद से पहले सरस्वती मंदिर होने के दावे पर चर्चा तेज

 इंदौर

 98 दिन चले एएसआई सर्वे में भोजशाला परिसर में कई मूर्तियां, सिक्के, स्तंभ और पत्थरों पर संस्कृत में लिखे श्लोक मिले। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अयोध्या फैसले का आधार देते हुए तर्क रखा कि किसी एक समुदाय द्वारा उपयोग करने से दूसरे समुदाय के धार्मिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते।
ऐतिहासिक सर्वे और प्राचीन साक्ष्य

वकीलों ने कोर्ट को बताया कि लगभग सवा सौ साल पहले हुए सर्वे में सिद्ध हो चुका है कि धार भोजशाला सरस्वती मंदिर ही है। उस वक्त सर्वे में मिले साक्ष्य इसकी पुष्टि भी करते हैं। यह सर्वे वर्ष 1902 में एएसआई ने किया था। सर्वे से यह बात भी सिद्ध हुई कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है। भोजशाला के पत्थरों को ही मस्जिद बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

लिपि विश्लेषण और निर्माण काल का प्रमाण

उज्जैन के जूना महाकालेश्वर मंदिर में लगे पत्थर पर लिखी लिपि और भोजशाला के पत्थरों पर लिखी लिपि एक ही समय की है। इससे यह सिद्ध हुआ कि भोजशाला मंदिर है और इसका निर्माण मस्जिद से बहुत पहले हो चुका था। वकीलों ने हदीस का हवाला दिया और कहा कि इस्लाम के अनुसार जबरन जमीन लेकर मस्जिद बनाई ही नहीं जा सकती।

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मस्जिद पक्ष की दलीलें जो निरस्त हो गई

 पूजा स्थल अधिनियम 1991 को लेकर रखे गए तर्क कोर्ट ने अस्वीकार कर दिए। कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह लागू नहीं होता।
    
मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा कि विवाद 2003 के आदेश को लेकर है। याचिका आदेश के 19 वर्ष बाद दायर हुई है, समय सीमा के बाहर है, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार कर दिया।
   
 मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा था कि स्वामित्व का निर्धारण आस्था और विश्वास से नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया से किया जा सकता है। अयोध्या मामले में रामलला विराजमान पक्षकार थे, लेकिन भोजशाला मामले में ऐसा नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया।

मस्जिद पक्ष की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि राजा भोज की मृत्यु के बाद कई बार धार को लूटा गया, हिंदू राजाओं ने ही मंदिरों में की तोड़फोड़ की थी, लेकिन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने इसे नहीं माना।
मस्जिद पक्ष का कहना था कि धार दरबार ने वर्ष 1935 में ही स्पष्ट कर दिया था कि भोजशाला में नमाज की अनुमति देते हुए इसे मस्जिद मान लिया था, लेकिन तर्क अस्वीकार कर दिया गया।

 

भोपाल के डायल 112 हीरोज सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से तालाब में कूदी युवती की बचाई जान

भोपाल 

भोपाल के थाना तलैया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाही से आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूदी एक युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

14 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तलैया क्षेत्र अंतर्गत राजा भोज सेतु के पास एक महिला तालाब में कूद गई है और तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तलैया थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षकशाहीद खान एवं पायलटविपिन श्रीवास ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात कारणों से 25 वर्षीय युवती आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूद गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद युवती को डायल 112 वाहन की सहायता से हमीदिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 जवानों द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराते हुए युवती को समझाइश दी गई तथा मेडिकल परीक्षण उपरांत परिजनों के सुपुर्द किया गया।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि संकटग्रस्त लोगों को समय पर संवेदनात्मक सहयोग और जीवन रक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

युवाओं को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अभियान है शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना: राज्यमंत्री गौर

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शुक्रवार को अपेक्स बैंक परिसर के समन्वय भवन में ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर  मालती राय, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में योजना के अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम और रायसेन जिले के चयनित अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें राज्यमंत्री  गौर ने प्रशिक्षण किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्यमंत्री  गौर ने युवाओं का स्वागत करते हुए इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमने यह प्रण लिया था कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं का जीवन बेहतर बनाने के लिए हम कुछ ठोस करेंगे और यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने का एक बड़ा अभियान है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि 45 दिन तक चलने वाली यह विभाग की पहली ऐसी रोजगार परक प्रशिक्षण योजना है, जो ओबीसी अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, शौर्य, समर्पण और संकल्प का ज्ञान भी देगी। हमारी योजना का नाम ही ‘शौर्य और संकल्प’ है, जो अपने आप में एक प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नियत किए गए विकास के 4 स्तंभों में युवाओं को एक अहम स्तंभ बताते हुए मंत्री  गौर ने युवा शक्ति का आह्वान किया कि वे किसी के भ्रम में न आएं। हमारी केंद्र और राज्य सरकार कौशल, संकल्प और प्रेरणा के जरिए युवाओं को निखारने का काम कर रही है, जो राष्ट्रसेवा की सशक्त राह पर आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए मंत्री  गौर ने विभागीय उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ओबीसी हॉस्टल में ‘मेस’ की सुविधा शुरू होने जा रही है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता है कि ‘दिल्ली छात्रगृह योजना’ की सहायता राशि को 1,550 रुपए से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा छात्राओं को बेहतर वातावरण देने के लिए 31 कन्या छात्रावासों को ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य और हमारा विभाग पहला विभाग है, जो ‘सोशल इंपैक्ट बॉन्ड’ के माध्यम से युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है। ‘सरदार पटेल कोचिंग योजना’ के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी विद्यार्थियों को नीट, क्लैट और जेईई जैसी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प हमारी सरकार ने किया है।

कार्यक्रम में महापौर  मालती राय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि राज्यमंत्री  गौर ने ओबीसी वर्ग के छात्रों की बेहतरी के लिए एक शानदार योजना को जमीन पर उतार दिया है। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि राज्यमंत्री  गौर के प्रयासों से ही आज यह ऐतिहासिक योजना मूर्त रूप ले रही है। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण’ जैसी योजना देशभर में केवल मध्यप्रदेश सरकार ने ही शुरू की है। इससे प्रतीक होता है कि सरकार सभी वर्गों के विकास के प्रति कितनी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है।

आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन ने बताया कि इस योजना के लिए कुल 6,687 आवेदन प्राप्त हुए थे। पारदर्शी स्क्रीनिंग के बाद 3,664 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें 2,030 छात्र और शेष छात्राएं शामिल हैं। इन चयनित अभ्यर्थियों को सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा, आधुनिक तरीके से तैयारी करने के लिए ‘ऐप बेस्ड ट्रेनिंग मटेरियल’ भी उपलब्ध रहेगा। आयुक्त श्री सुमन ने छात्रों को विश्वास दिलाया कि योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अगर आवश्यकता हुई तो मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद अन्य जिलों तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा और सीटों की संख्या में भी विस्तार किया जाएगा।

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