BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का जल्द ऐलान, MP के कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में

भोपाल 

 भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की जल्द ही घोषणा कर सकती है। इस नई टीम मध्य प्रदेश नेताओं का खासा दबदबा होने की संभावना है।  इस बार सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के नेताओं को लेकर हो रही है, जिनकी संगठन में भूमिका पहले की तुलना में और मजबूत होने की जानकारी निकलकर सामने आई है। इसे लेकर मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। जल्द ही नई राष्ट्रीय टीम को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

सबसे ज्यादा चर्चा संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति को लेकर है। इन दोनों शीर्ष इकाइयों में जगह मिलना किसी भी नेता के लिए बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक कैलाश विजयवर्गीय और एक अन्य नेता का नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। अगर इनमें से किसी को इन समितियों में शामिल किया जाता है, तो यह मध्यप्रदेश के राजनीतिक प्रभाव को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा।

कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रमुख पद मिलने की चर्चा है। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए नरोत्तम मिश्रा और राकेश सिंह को संभावित दावेदार माना जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय महासचिव पद पर विष्णुदत्त शर्मा और कविता पाटीदार के नामों पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इस बार पार्टी महिला नेतृत्व को भी बढ़ावा देने के मूड में दिख रही है, ऐसे में मध्यप्रदेश से किसी महिला नेता को महासचिव बनाए जाने की संभावना भी मजबूत मानी जा रही है।

राष्ट्रीय मंत्री पद के लिए अरविंद भदौरिया और गौरव तिवारी के नाम चर्चा में हैं, जबकि राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर आशीष अग्रवाल और जीतू जिराती को लेकर अटकलें तेज हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रामेश्वर शर्मा और भक्ति शर्मा के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इस बार संगठन में बड़े स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश हो रही है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को खास महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश भाजपा को नया प्रभारी और सह-प्रभारी मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। चर्चा है कि गुजरात से किसी वरिष्ठ नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कुल मिलाकर, अगर मध्यप्रदेश को अपेक्षित प्रतिनिधित्व मिलता है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए कई बड़े नाम चर्चा में
भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा और राकेश सिंह को इस पद के संभावित दावेदारों में माना जा रहा है। दोनों नेताओं का संगठन और चुनावी राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए अनुभवी और संगठनात्मक पकड़ रखने वाले नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। ऐसे में इन नामों पर गंभीरता से विचार होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

महासचिव पद पर महिला नेतृत्व को मिल सकता है महत्व
राष्ट्रीय महासचिव पद को लेकर विष्णुदत्त शर्मा और कविता पाटीदार के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। भाजपा इस बार महिला नेतृत्व को संगठन में अधिक महत्व देने के संकेत भी देती दिखाई दे रही है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश से किसी महिला नेता को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। संगठन के भीतर महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति को आगामी चुनावी समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

राष्ट्रीय मंत्री और प्रवक्ता पदों के लिए भी मंथन जारी
राष्ट्रीय मंत्री पद के लिए अरविंद भदौरिया और गौरव तिवारी के नामों पर चर्चा चल रही है। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर आशीष अग्रवाल और जीतू जिराती को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा मीडिया और जनसंपर्क रणनीति को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, ऐसे में प्रवक्ता पद पर ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है जो आक्रामक और प्रभावी तरीके से पार्टी का पक्ष रख सकें। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रामेश्वर शर्मा और भक्ति शर्मा के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।

मध्य प्रदेश की बढ़ती भूमिका के कई राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा संगठन में मध्य प्रदेश के नेताओं की बढ़ती भागीदारी केवल क्षेत्रीय संतुलन का मामला नहीं है, बल्कि यह आगामी राष्ट्रीय राजनीति की रणनीति का भी हिस्सा हो सकती है। मध्य प्रदेश लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है और यहां के नेताओं ने संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में नई राष्ट्रीय टीम में प्रदेश को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलना भविष्य की चुनावी तैयारियों और राजनीतिक संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें भाजपा नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में पार्टी की नई राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर सकता है।

राजा भोज और रानी कमलापति के नाम पर जारी होंगे स्मारक डाक टिकट : सांसद आलोक शर्मा

केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को दी स्वीकृति, मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने महान परमार शासक सम्राट राजा भोज एवं गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सांसद शर्मा ने कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति के योगदान को चिरस्थायी बनाने तथा नई पीढ़ी को उनके कार्यों से प्रेरणा मिले, इस उद्देश्य से उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया था। अब इस प्रस्ताव की स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

उन्होंने कहा कि सम्राट राजा भोज भारतीय इतिहास के ऐसे यशस्वी शासक थे जिन्होंने शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, स्थापत्य, जल प्रबंधन एवं सुशासन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। भोपाल का बड़ा तालाब सहित अनेक जल धरोहरें उनकी दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक हैं।

सांसद आलोक शर्मा ने महारानी कमलापति को साहस, स्वाभिमान, त्याग और नारी शक्ति की प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका योगदान प्रदेश की जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण अध्याय है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों महान विभूतियों के नाम पर जारी होने वाले स्मारक डाक टिकट मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे।

संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन बना भोपाल का दूसरा जंक्शन, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे हुजूर विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक सौगात बताया, कहा— बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

भोपाल के संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को अब आधिकारिक रूप से जंक्शन का दर्जा मिल गया है। आदेश जारी होने के बाद यह स्टेशन भोपाल का दूसरा जंक्शन बन गया है। इस उपलब्धि पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा का आभार व्यक्त किया।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह निर्णय हुजूर विधानसभा क्षेत्र और संत नगर के समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। जंक्शन बनने से क्षेत्र की व्यापारिक पहचान को मजबूती मिलेगी, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से आवागमन और परिवहन अधिक सुगम होगा।

उन्होंने बताया कि ट्रेन सुविधाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। संत हिरदाराम नगर को आधुनिक रेलवे सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में पहले भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विधायक शर्मा के प्रयासों से ही स्टेशन को रतलाम डीआरएम से भोपाल डीआरएम में शामिल किया गया था तथा ‘बैरागढ़ स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन’ किया गया।

वर्तमान में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य भी तेज गति से जारी है। जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद अब क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, ट्रेनों की संख्या में वृद्धि, व्यापारिक विकास और रोजगार के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।

राजीव गांधी को याद कर कांग्रेस ने लिया संकल्प, पटवारी ने सरकार की समीक्षा बैठकों पर कसा तंज

राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कांग्रेस नेताओं ने तकनीकी क्रांति और पंचायती राज व्यवस्था को बताया ऐतिहासिक कदम।

भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नेताओं ने राजीव गांधी के देश में तकनीकी और दूरसंचार क्रांति लाने, युवाओं को राजनीति से जोड़ने और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने में दिए गए योगदान को याद किया। कार्यकर्ताओं ने “राजीव गांधी अमर रहें” के नारे लगाए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा मंत्रियों और विभागों की समीक्षा बैठकों के बीच PCC चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। पटवारी ने मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह देखा जाना चाहिए कि मंत्रियों के पास निर्णय लेने के अधिकार कितने हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्रियों के काम का मूल्यांकन अधिकारी और पीएस कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार में मंत्रियों की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है और हर फैसले में मुख्यमंत्री कार्यालय का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि यदि मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार हो रहा है, तो मुख्यमंत्री के पास मौजूद विभागों का रिपोर्ट कार्ड भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल दिखावटी समीक्षा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह नौकरशाही के भरोसे चल रही है।

पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग लंबित मामलों पर सख्त, नई सदस्य साधना स्थापक ने तेज की कार्यप्रणाली

25-26 तारीख को लगेगी विशेष बेंच, रोजाना 25 से 40 मामलों की होगी सुनवाई; काउंसलिंग और त्वरित न्याय पर रहेगा फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग अब लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सख्त नजर आ रहा है। आयोग की नई सदस्य साधना स्थापक ने कार्यप्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने के संकेत दिए हैं।

महिला आयोग अब महिलाओं के सशक्तिकरण और अत्याचार से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर फोकस कर रहा है। इसी कड़ी में 25 और 26 तारीख को विशेष बेंच लगाई जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 25 से 40 मामलों की सुनवाई की जाएगी।

हाल ही में साधना स्थापक ने उज्जैन सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयोग अब केवल मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काउंसलिंग के जरिए परिवारों में सामंजस्य बनाए रखने पर भी विशेष जोर देगा।

साधना स्थापक ने कहा,

“हमारा फोकस कार्यशैली को मजबूत करना है और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।”

मध्य प्रदेश महिला आयोग की इस नई पहल से साफ है कि अब प्रदेशभर में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में काम किया जाएगा। आयोग की बढ़ती सक्रियता से महिलाओं को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग का फोकस महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर

रेखा यादव बोलीं — हर महिला तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता, काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत

भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग की वरिष्ठ प्रतिनिधि रेखा यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं और बच्चियों तक हर योजना का सीधा लाभ पहुंचे। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

रेखा यादव ने कहा,

“हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज में हर महिला खुद को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करे। योजनाओं को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे उनकी सीधी पहुंच पीड़ितों तक हो। हम आने वाले समय में काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने जा रहे हैं ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके।”

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को लेकर सरकार की ये पहलें आने वाले समय में बड़े और सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत कर रही हैं।

कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले, भोजशाला विकास और तबादला नीति पर मुहर

मंत्री चैतन्य कश्यप ने दी जानकारी, नक्सलमुक्त क्षेत्रों के विकास से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और निगम-मंडल नियुक्तियों पर सरकार के अहम निर्णय

मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन और नार्वे में मिले सम्मान पर बधाई दी। इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव में व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के निवेशकों ने प्रदेश में निवेश की रुचि दिखाई है।

सरकार ने निगम-मंडलों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर जल्द प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

धार की भोजशाला मामले में वागदेवी मंदिर को मान्यता मिलने के बाद सरकार ने महाकाल लोक की तर्ज पर विकास करने और लंदन म्यूजियम में रखी वागदेवी प्रतिमा को वापस लाने की बात कही है। इसके अलावा नेमावर और सिवनी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में तबादले 1 जून से 15 जून तक होंगे, जबकि गंभीर बीमारी से जुड़े मामलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।

“Cockroach Janta Party” Meme नहीं, युवाओं का गुस्सा है — उमंग सिंघार

बेरोज़गारी, पेपर लीक और टूटी व्यवस्था से परेशान युवा अब अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने “Cockroach Janta Party” को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक meme या सोशल मीडिया trend नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह उस पीढ़ी का गुस्सा है, जो लगातार बेरोज़गारी, पेपर लीक और खराब व्यवस्था का सामना कर रही है।

12 Million+ लोग इसलिए नहीं जुड़े क्योंकि यह trend है, बल्कि इसलिए क्योंकि देश का युवा अब चुप रहने को तैयार नहीं है।

उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ को सुनिए, दबाइए मत।

स्वास्थ्य विभाग पर कुर्की का संकट

2011 में कीटनाशक सप्लाई करने वाली कंपनी ने 15 साल बाद भी भुगतान नहीं मिलने पर कोर्ट के आदेश के बाद शुरू की कार्रवाई

मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलकाता से आई एक टीम विभाग में कुर्की की कार्रवाई के लिए पहुंच गई। मामला साल 2011 में स्वास्थ्य विभाग को सप्लाई किए गए इंसेंटिसाइड यानी कीटनाशक के भुगतान से जुड़ा है।

कंपनी “नीतापुर इंडस्ट्रीज” का आरोप है कि उसने डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज को करीब 50 लाख 70 हजार रुपए का इंसेंटिसाइड सप्लाई किया था, लेकिन विभाग ने अब तक भुगतान नहीं किया। कंपनी प्रतिनिधि के मुताबिक मामला पहले आर्बिट्रेशन में गया, फिर सुप्रीम कोर्ट और बाद में जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचा।

प्रतिनिधि का दावा है कि ब्याज और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट जोड़ने के बाद बकाया राशि अब करीब 5 करोड़ रुपए हो चुकी है। कंपनी का कहना है कि कोर्ट के आदेशों और समय दिए जाने के बावजूद भुगतान जारी नहीं किया गया।

कंपनी प्रतिनिधि पुनानसेश बुनिया ने बताया कि यह एक छोटी प्रोपराइटरशिप कंपनी है और लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल कुर्की की कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों में हलचल बनी हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राज्यसभा चुनाव से पहले MP कांग्रेस सतर्क, क्रॉस वोटिंग की आशंका से बढ़ी हलचल

भोपाल
प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें इसी वर्ष जून में रिक्त हो रही हैं। इन सीटों पर निर्वाचन के लिए अधिसूचना शीघ्र जारी होने की आशा है। चुनाव नजदीक आते ही क्राॅस वोटिंग को लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। कारण, चार विधायक भी खिसक गए तो कांग्रेस के हाथ से सीट निकल जाएगी।

क्रॉस वोटिंग को लेकर मंथन
बता दें कि विधायकों के संख्या बल की दृष्टि से दो सीटें भाजपा को मिलनी तय हैं। बची एक सीट वर्तमान की स्थिति में कांग्रेस के खाते में जाएगी, पर कुछ राज्यों में कांग्रेस विधायकों द्वारा क्राॅस वोटिंग या अनुपस्थित रहने की वजह से मप्र में भी पार्टी को डर सता रहा है।

पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने गुपचुप तरीके से ऐसे विधायकों पर नजर रखना शुरू कर दिया है, जो क्रास वोटिंग कर सकते हैं।

विधायकों की अनुपस्थिति बनी चुनौती
दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता शून्य किए जाने के बाद अब कांग्रेस के 64 सदस्य विधानसभा में हैं। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता शून्य करने संबंधी निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक तो लगा दी है, लेकिन वह चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।

दलबदलुओं पर नजर
बीना से कांग्रेस के टिकट पर जीतीं निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दलबदल विरोधी कानून के अंतर्गत कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर सुनवाई चल रही है।सप्रे वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद कई बार भाजपा के मंच पर नजर आ चुकी हैं, हालांकि वह कई बार कह चुकी हैं कि कांग्रेस से त्याग पत्र नहीं दिया है। वह पार्टी में ही हैं। ऐसे में कांग्रेस इस वोट को अपने पक्ष में नहीं मान रही है।

हालांकि, पार्टी सूत्रों ने बताया कि हाल ही में प्रदेश पदाधिकारियों ने सप्रे से बात कर पार्टी के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया है। इस तरह मल्होत्रा और सप्रे को हटा दें तो कांग्रेस के पास चार अतिरिक्त वोट ही हैं। इस कारण पार्टी का डर बढ़ा हुआ है।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu