किसान कल्याण वर्ष:चार वर्षों में सब्जी उत्पादन में 21.58 लाख मीट्रिक टन की हुई अभूतपूर्व वृद्धि

किसान कल्याण वर्ष:चार वर्षों में सब्जी उत्पादन में 21.58 लाख मीट्रिक टन की हुई अभूतपूर्व वृद्धि

मध्यप्रदेश, देश में सब्जी उत्पादन में तीसरे स्थान पर

भोपाल

मध्यप्रदेश आज कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि का विविधीकरण तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहते है कि कृषि को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण को भी समान महत्व देना आवश्यक है। विगत 4 वर्ष में प्रदेश के सब्जी उत्पादन में लगभग 21.58 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश देश में सब्जियों के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा “समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश” की थीम पर सब्जी क्षेत्र विस्तार की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेश की अनुकूल जलवायु, उपजाऊ भूमि, सिंचाई संसाधनों का विस्तार तथा किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने के कारण सब्जी उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2022-23 में प्रदेश में सब्जियों का उत्पादन 236.41 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 257.99 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह वृद्धि राज्य के कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की सुदृढ़ प्रगति को दर्शाती है।

राष्ट्रीय स्तर पर सब्जियों का कुल उत्पादन लगभग 2177 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी लगभग 259 लाख मीट्रिक टन है। इससे स्पष्ट है कि देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रदेश के लाखों किसान सब्जी उत्पादन से अपनी आय भी बढ़ा रहे हैं और देश की बढ़ती मांग को भी पूरा कर रहे हैं।

प्रदेश में किसानों द्वारा प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, फूल-गोभी, पत्ता-गोभी, हरी मटर, भिंडी, पालक, लौकी, अरबी, करेला, ककड़ी, मूली, तुरई (तोरी), गाजर, शकरकंद, शिमला मिर्च, परवल सहित अनेक प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। इनमें प्याज उत्पादन का विशेष स्थान है। प्रदेश में सर्वाधिक क्षेत्र प्याज की खेती के लिए उपयोग किया जाता है। वर्ष 2022-23 में प्याज का रकबा 2.17 लाख हैक्टेयर था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 2.30 लाख हैक्टेयर हो गया है। यह वृद्धि किसानों के बढ़ते विश्वास और बाजार में प्याज की मांग को दर्शाती है।

प्रदेश में छोटी जोत वाले किसानों को सब्जी फसलों के उत्पादन के लिये ओर प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। जिनसे कम भूमि में अधिक आय प्राप्त हो सके। सब्जी उत्पादन इस दृष्टि से सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक होने से ही किसान कल्याण वर्ष में सब्जी क्षेत्र विस्तार को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की कार्य योजना में प्रदेश में 54 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का विस्तार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 13 हजार 300 हैक्टेयर में आलू, 9 हजार 800 हैक्टेयर में टमाटर, 16 हजार 500 हैक्टेयर में प्याज, 3 हजार 500 हेक्टेयर में मटर, 3 हजार 500 हेक्टेयर में फूल-गोभी एवं पत्ता-गोभी, 01 हजार 200 हेक्टेयर में उच्च मूल्य वाली सब्जियां तथा 6 हजार 200 हैक्टेयर में कद्दूवर्गीय सब्जियों का विस्तार किया जाएगा। इस योजना से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विपणन सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

किसान कल्याण वर्ष का मूल उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सब्जी उत्पादन में वृद्धि से किसानों को वर्ष भर नियमित आय प्राप्त होती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। साथ ही प्रदेश में पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है। सब्जियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, परिवहन, भंडारण एवं विपणन से जुड़े हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के नेतृत्व में विभाग किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विभागीय योजनाओं का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ अधिक मूल्य वाली सब्जियों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे कम भूमि में अधिक लाभ अर्जित कर सकें। आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई तथा गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग से उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।

मध्यप्रदेश में कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में जो सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं, वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों का परिणाम हैं। किसान कल्याण वर्ष में सब्जी क्षेत्र विस्तार की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी उद्यानिकी राज्य बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समृद्ध किसान, समृद्ध कृषि और समृद्ध मध्यप्रदेश की अवधारणा को साकार करने में प्रदेश के सब्जी उत्पादक किसानों का योगदान आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

 

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना

भोपाल 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से महिला सुरक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं बरामदगी तथा पीड़ित सहायता से संबंधित विषयों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में प्रभावी कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय एवं विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं सुरक्षित बरामदगी के मामलों में निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि दूरस्थ एवं अंतरराज्यीय गुमशुदगी के मामलों में भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, पीड़ित सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) श्री अनिल कुमार सहित महिला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

इंदौर के डायल-112 हीरोज घर की राह भटकी 4 वर्षीय बालिका को सुरक्षित परिजन से मिलाया

भोपाल 

इंदौर जिले के थाना चन्दन नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटकी 04 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय रहते की गई सहायता से बालिका सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सकी।

10 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना चन्दन नगर क्षेत्र अंतर्गत राजनगर स्थित सांवरिया टेंट हाउस के पास एक छोटी बच्ची अकेली मिली है, जो घर का रास्ता भटक गई है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल चन्दन नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री विपिन रघुवंशी, आरक्षक श्री अनिल एवं पायलट श्री पंकज पांडे ने मौके पर पहुँचकर बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बच्ची से उसके परिजनों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, किन्तु कम आयु होने के कारण वह अपने परिवार के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी।

इसके बाद डायल-112 टीम ने बच्ची को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं पूछताछ प्रारंभ की। तलाश के दौरान बच्ची के परिजन उसे खोजते हुए मिले। आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता : विगत एक माह में 1 हजार 136 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल बरामद

भोपाल

“देशभक्ति जनसेवा” के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में नागरिकों की गुम एवं चोरी हुई संपत्ति को वापस दिलाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। आधुनिक तकनीक, साइबर विशेषज्ञता, सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, साइबर हेल्प डेस्क तथा जिला पुलिस बलों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप विगत एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1 हजार 136 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये है। मोबाइल फोन वापस प्राप्त होने पर नागरिकों ने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया तथा पुलिस के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

विभिन्न जिलों की प्रमुख उपलब्धियां

इंदौर

क्राइम ब्रांच इंदौर ने सिटीजन कॉप एप्लीकेशन एवं सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से 230 गुम मोबाइल फोन खोजकर नागरिकों को लौटाए। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रूपये है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआं थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण एवं सतत प्रयासों से 13 मोबाइल फोन कीमत 3 लाख 60 हजार तथा विजय नगर थाना पुलिस ने मोबाइल दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 17 मोबाइल फोन, नगदी, मोबाइल एसेसरीज एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 13 लाख रूपये का की संपत्ति जब्‍त करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इस प्रकार तीनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 260 मोबाइल फोन सहित लगभग 66 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की।

दमोह

पुलिस द्वारा चलाए गए “गुम मोबाइल खोज अभियान” के अंतर्गत 208 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख 60 हजार रुपये है।

शिवपुरी

तकनीकी विश्लेषण एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से पुलिस ने 120 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया। बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।

खण्डवा

पुलिस ने “ऑपरेशन सहयोग” के तहत दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से 151 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। इन मोबाइल फोन की कीमत लगभग 22 लाख 84 हजार रूपये से अधिक है।

भोपाल

जीआरपी भोपाल ने ट्रेनों में मोबाइल चोरी करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन सहित 4 लाख 82 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं थाना हनुमानगंज पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 50 गुम मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए, जिनकी कीमत लगभग 12 लाख रूपये है।

दोनों कार्रवाइयों में कुल 60 मोबाइल फोन सहित लगभग 16 लाख 82 हजार मूल्य की संपत्ति बरामद की गई।

अशोकनगर

साइबर सेल के विशेष प्रयासों से 120 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 20 हजार रुपये है।

धार

जिला साइबर शाखा एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए लगभग 12 लाख रुपये से अधिक के 124 गुम मोबाइल फोन बरामद किए है।

छतरपुर

पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत लवकुशनगर एवं बड़ामलहरा अनुभागों में कार्रवाई करते हुए 48 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइल फोन की कीमत लगभग 7 लाख 20 हजार रूपए है। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर एवं गृहणियां शामिल रहीं।

अनूपपुर

पुलिस ने थाना कोतमा एवं बिजुरी क्षेत्र से गुम हुए 22 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रूपये है। इसके अतिरिक्त जीआरपी अनूपपुर ने चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3 मोबाइल फोन कीमत 51 हजार रूपये जब्त किए।

इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 25 मोबाइल सहित लगभग 3 लाख 81 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। 

सिवनी

पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 20 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर आवेदकों को लौटाए गए। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 4 लाख रूपये है।

आधुनिक तकनीक और साइबर विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर तकनीक, सीईआईआर पोर्टल, डिजिटल विश्लेषण एवं अंतरराज्यीय समन्वय का प्रभावी उपयोग करते हुए गुम एवं चोरी हुई संपत्ति को नागरिकों तक वापस पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में भी आमजन की संपत्ति की सुरक्षा तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए ऐसे प्रयास सतत जारी रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों से मुलाकात

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल कृषि मंत्रियों एवं अन्य विदेशी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों से मुलाकात की। उन्होंने अतिथियों का देश के दिल मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इन्दौर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के सम्मान में रात्रि भोज भी दिया। अतिथियों के स्वागत के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और पर्यटन वैभव को प्रदर्शित करने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना पर आधारित प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।

रात्रि भोज एवं सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसी राम सिलावट, कृषि मंत्री  एदल सिंह कंषाना, सांसद  शंकर लालवानी तथा सु कविता पाटीदार, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष के मती रीना सतीश मालवीय, विधायक मती मालिनी गौड़, सु उषा ठाकुर,  रमेश मेंदोला,  मधु वर्मा तथा  गोलू शुक्ला,  सावन सोनकर,  प्रताप करोसिया,  सुमित मिश्रा,  श्रवण सिंह चावड़ा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

आदिवासियों की करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम खरीदने का मामला, कलेक्टर ने बैठाई जांच

छिंदवाड़ा

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में राजस्व अधिकारियों ने मिलीभगत कर भारिया जनजाति के परिवार की 6.60 करोड़ की 11 एकड़ जमीन मात्र छह लाख रुपये में खरीद ली। प्रमुख पर्यटन स्थल तामिया में यह जमीन चौरा पठार और पातालकोट व्यू पॉइंट के पास सड़क किनारे स्थित है, जिसे तत्कालीन तहसीलदार उमराव वारले की पत्नी प्रियंका वारले, बीएमओ जितेंद्र शाह और जुन्नारदेव एसडीएम कामिनी ठाकुर के पिता दिलीप सिंह (सभी आदिवासी) के नाम पर खरीदा गया है। शिकायत पर कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जांच के आदेश दिए हैं।
पहले मांगी, फिर साजिश कर ई-केवाईसी के बहाने ले ली जमीन

दरअसल, भारिया परिवार की यहां 22 एकड़ पुश्तैनी जमीन है। पिता नान्हों भारती की मौत के बाद पुत्री विप्पा भारती और सिमिना बाई के बीच सीमांकन और बंटवारे को लेकर सालों से विवाद चल रहा था। दोनों की मौत के बाद वारिस बढ़े तो विवाद भी गहरा गया। इसी बीच सिमिना बाई के पुत्र रामदास भारती ने 11 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा दी।

पीड़ित परिवार के सदस्य बिसन लाल भारती का आरोप है कि जुन्नारदेव एसडीएम पिछले साल उनके घर जमीन मांगने आई थीं। मना करने पर तत्कालीन पटवारी लेखराम यदुवंशी और कोटवार ने सरकारी योजना के लिए ई-केवाईसी के नाम पर कोरे कागजों पर अंगूठे और दस्तखत ले लिए। बाद में उनका इस्तेमाल कर जमीन का बंटवारा करवा दिया। बता दें कि तहसील ऑफिस में दो मई 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन पहुंचा और 30 मई को नामांतरण हो गया। दो जुलाई 2025 को रजिस्ट्री हो गई। इसके बाद अधिकारियों के परिवार के नाम जमीन हो गई।
60 लाख रुपये प्रति एकड़ है जमीन की वास्तविक कीमत

तामिया स्थित इस जमीन का बाजार मूल्य 60 लाख रुपये प्रति एकड़ और शासकीय गाइडलाइन में करीब 27 लाख रुपये प्रति एकड़ है। यानी व्यावसायिक उपयोग की यह 11 एकड़ जमीन करीब 6.60 करोड़ रुपये होती है, जिसे छह लाख रुपये (तीन लाख चेक और तीन लाख नकद) में खरीदा गया है।

 

वर्ल्ड चैंपियनशिप्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे मध्यप्रदेश के अजय अहिरवार

भोपाल

मध्यप्रदेश के युवा प्रतिभागी अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल कंपीटिशन 2025- 26 में ब्रिक लेइंग स्किल में स्वर्ण पदक प्राप्त कर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारत की ओर से वर्ल्ड स्किल्स कंपीटिशन 2026 के लिए हुआ है, यह कंपीटिशन सितंबर 2026 में शंघाई, चीन में आयोजित होगी।

अजय अहिरवार का चयन

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जिसका आयोजन 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में किया जाएगा। प्रतियोगिता में वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वर्तमान में अजय अहिरवार कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं।

अजय की यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत, लगन और कौशल के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के माध्यम से युवा वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।

अजय की उपलब्धियों और उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे वे आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।

मध्यप्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के युवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के रूप में सामने आ रहे हैं। राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

 

मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी राहत, गांवों में मकान और दुकान की रजिस्ट्री होगी निःशुल्क

भोपाल

मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि पर आवास, दुकान या भूखंडधारकों को अचल संपत्ति का मालिकाना हक देने के लिए निःशुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया गया है। इसके तहत सरकार अतिरिक्त शुल्क लेने से छूट दे सकती है।

अधिकार पत्र के बाद भी नहीं मिल रहा था लोन, इसलिए बनी नई योजना

प्रदेश में स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया, जिसमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इन्हें अधिकार पत्र तो दे दिए गए लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं हुआ क्योंकि बैंकों ने इसके आधार पर ऋण नहीं दिया। उन्हें रजिस्ट्री चाहिए, इसलिए सरकार ने ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ बनाई।

अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी, मानसून सत्र में आएगा विधेयक

चूंकि, नियम में शुल्क से छूट का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन किया गया है। इससे सरकार को अतिरिक्त शुल्क लेने से छूट देने का अधिकार मिल गया। अभी ग्रामीण क्षेत्र में रजिस्ट्री पर एक प्रतिशत पंचायत उपकर और आधा प्रतिशत सेस लगता है।

इसी तरह मध्य प्रदेश उपकर अधिनियम में स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से छूट देने का प्रावधान भी अध्यादेश के माध्यम से किया जाएगा। दोनों संशोधनों के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक प्रस्तुत होंगे।

 

खजराना गणेश मंदिर का भव्य मास्टर प्लान: गर्भगृह के सामने सभा मंडप होगा नीचे, बनेगा दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर

इंदौर
 देश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के बड़े केंद्र, प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के कायाकल्प का काम अब मास्टर प्लान के अनुसार शुरू होने जा रहा है। मंदिर में भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को देखते हुए पहले चरण के विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को इस तरह प्लान किया गया है कि मंदिर आने वाले भक्तों को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो।

पहले चरण में गर्भगृह का द्वार होगा चौड़ा
विकास कार्य के पहले चरण में सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार (गेट) की चौड़ाई को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए द्वार पर लगी करीब 150 किलो चांदी को सुरक्षित निकालकर सरकारी खजाने (ट्रेज़री) में जमा करा दिया गया है। चांदी हटाने के बाद द्वार की मजबूती और बनावट की जांच इंदौर के एसजीएसआईटीएस (SGSITS) कॉलेज द्वारा की गई है। कॉलेज की तकनीकी रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके सुझावों के आधार पर अगले एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

रात में होगा काम, दर्शन व्यवस्था नहीं होगी प्रभावित
श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए एक खास रणनीति बनाई गई है। गर्भगृह के आगे एक पारदर्शी प्लास्टिक शीट लगाई गई है ताकि काम की धूल अंदर न जाए। इसके अलावा, सारा निर्माण कार्य रात के समय किया जाएगा, जब मंदिर आम जनता के लिए बंद रहता है। पहले चरण के इन कामों पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जिसे एक दानदाता और उनके सहयोगियों की मदद से पूरा किया जा रहा है।

सभा मंडप को ढाई फीट नीचे किया जाएगा
अक्सर देखा जाता है कि आगे खड़े लोगों की वजह से पीछे कतार
में लगे भक्तों को भगवान के दर्शन ठीक से नहीं हो पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए गर्भगृह के सामने बने सभा मंडप को करीब दो से ढाई फीट नीचे (गहरा) किया जाएगा। इससे पीछे खड़े लोग, वीआईपी मेहमान और नवविवाहित जोड़े बिना किसी बाधा के बप्पा के दर्शन कर सकेंगे।

बनेगा दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर
भक्तों की भारी भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए मंदिर परिसर में एक दो मंजिला (टू-स्टोरी) दर्शन कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें मजबूत रेलिंग लगी होंगी। इसके साथ ही मुख्य गर्भगृह के सामने ‘स्टेप दर्शन’ (सीढ़ीनुमा) व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि कतार में खड़े हर आखिरी व्यक्ति को भगवान साफ नजर आएं। इसके अलावा परिसर में मौजूद 33 छोटे मंदिरों में से कुछ झुके हुए मंदिरों को ठीक करके एक कतार में व्यवस्थित किया जाएगा।

पार्किंग, प्रवेश द्वार और नई गाड़ियों की पूजा की भी होगी व्यवस्था
पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, अगले चरण में पार्किंग सहित मास्टर प्लान के अन्य कामों को पूरा किया जाएगा। इसके तहत पार्किंग क्षेत्र का विकास, पार्किंग तक पहुंचने के लिए रोटरी निर्माण, नई गाड़ियों की पूजा के लिए अलग व्यवस्था और मंदिर परिसर में मौजूद प्रसाद दुकानों के ऊपर शेड लगाए जाएंगे।

इसके अलावा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र, हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए पेड़-पौधों का रोपण और अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

पंडित भट्ट ने बताया कि मान्यता के अनुसार, खजराना गणेश मंदिर परमारकालीन और काफी प्राचीन मंदिर है। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और जरूरतों के अनुसार मंदिर का स्वरूप भी बदलता और विकसित होता गया है।

भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और वैश्विक बंधुत्व के संदेश को विश्वभर में आगे बढ़ा रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : मंत्री परमार

भोपाल 

भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों  सारिपुत्र एवं  महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेष मंगोलिया के दस दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास के उपरांत गुरुवार को भोपाल स्थित राजा भोज विमानतल पहुंचे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमा के साथ स्वागत समारोह आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों ने पुष्पवर्षा कर पवित्र अवशेषों का आत्मीय अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो एवं बान गल विमल तिस्स थेरो, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति  एन.पी. नामदेव तथा मंगोलिया प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि भगवान बुद्ध द्वारा प्रदत्त शांति, करुणा और मानव कल्याण का संदेश आज भी विश्व को दिशा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम से इसी मानवीय और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों तक भगवान बुद्ध का संदेश पहुंचा है, वहां भारत के साथ सांस्कृतिक आत्मीयता और आध्यात्मिक जुड़ाव की मजबूत आधारशिला निर्मित हुई है।

अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के विशेष प्रयासों से भगवान बुद्ध एवं उनके प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन विश्व के बौद्ध समुदायों को उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगोलिया के गंदन मठ में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों से विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पवित्र अवशेष महाबोधि सोसायटी एवं जिला प्रशासन रायसेन को विधिवत सौंपे गए। कार्यक्रम के अंत में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के संचालक कर्नल यश सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।

मंगोलिया में एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

पवित्र अस्थि अवशेष 28 मई 2026 को भोपाल से मंगोलिया रवाना किए गए थे। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर स्थित गंदन तेगचेनलिंग मठ में 31 मई से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित किए गए। दस दिनों तक चली इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी में मंगोलिया के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत और मंगोलिया बौद्ध धर्म की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। पवित्र अवशेषों की यह यात्रा, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। 10 जून को भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन पवित्र अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पुनः भारत लेकर आयेंगे।

 

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