अशोकनगर में 10 वर्षीय दिव्यांग बालिका से सामूहिक दुष्‍कर्म के प्रकरण में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास

भोपाल

महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराधों के प्रतिमध्यप्रदेश पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीतिके अनुरूप अशोकनगर जिले के एक जघन्य सामूहिक लैंगिक अपराध प्रकरण में त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा तीन दोषियों कोआजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन तक)एवं प्रत्‍येक को 20 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। साथ ही पीड़िता कोराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम, 2018 के प्रावधानों के अनुसार 5 लाख रूपए प्रतिकरप्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणाने इस निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील, त्वरित एवं पीड़ित-केंद्रित कार्यप्रणाली का परिणाम बताते हुए कहा कि महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रदेश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने उत्कृष्ट विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन से जुड़े पुलिस अधिकारियों एवं अभियोजन अधिकारियों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में अशोकनगर जिले में दर्ज इस प्रकरण में एक 10 वर्षीय मूक-बधिर दिव्यांग बालिकाके साथ सामूहिक लैंगिक अपराध किए जाने की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर पीड़िता को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई तथा विशेष संवेदनशीलता के साथ समस्त वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। पीड़िता के मूक-बधिर होने के कारण उसके कथन विधि अनुसारसांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (Sign Language Interpreter) की सहायता से दर्ज कराए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में उसके अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्राके निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तारकिया। विवेचना के दौरान डीएनए सहित अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए तथा पीड़िता की आयु एवं दिव्यांगता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं चिकित्सकीय साक्ष्य विधिसम्मत रूप से संलग्न किए गए।मात्र 30 दिवस में विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस एवं अभियोजन के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए सभी साक्षियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूपलगभग 8 माह के भीतरमाननीय न्यायालय द्वारा तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध घोषित करते हुएशेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावासएवं प्रत्येक पर अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

माननीय न्यायालय ने अपने निर्णय में NALSA Victim Compensation Scheme, 2018 के प्रावधानों तथा प्रासंगिक न्यायिक दृष्टांतों का उल्लेख करते हुए पीड़िता को 5 लाख रुपयेप्रतिकर प्रदान किए जाने का भी निर्देश दिया है, जिससे उसके पुनर्वास एवं संरक्षण में सहायता मिल सके।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं, बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के विरुद्ध अपराधों के प्रत्येक प्रकरण मेंत्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक विवेचना, संवेदनशील व्यवहार एवं प्रभावी अभियोजनके माध्यम से दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाना तथा पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल 

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा है कि भावी पीढ़ी के लिए हरित मध्यप्रदेश का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। साथ ही प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हरियाली महोत्सव, व्यापक वृक्षारोपण और जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित एवं हरित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विकास और पर्यावरण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।वृक्ष न केवल हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जैव विविधता, मृदा संरक्षण और प्रकृति के संतुलन के मुख्य आधार हैं। राज्यमंत्री  पंवार हरियाली महोत्सव अभियान में नरसिंहगढ़ के नवीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार कार्यालय के संयुक्त परिसर में पौध- रोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राज्यमंत्री  पंवार और विधायक  मोहन शर्मा ने नवनिर्मित संयुक्त शासकीय परिसर भवन का अवलोकन कर भवन में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, विभागीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परिसर नरसिंहगढ़ की जनता के लिए एक बड़ी सौगात है। पहले अनेक शासकीय कार्यालय अलग-अलग एवं छोटे भवनों में संचालित होते थे, जिससे नागरिकों को भटकना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे अधिकांश कार्यालय होने से जनता के समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण के निर्देश देते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

कुकिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी महिलाओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा

भोपाल

सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित कुकिंग कम्पटीशन के दूसरे दिन भी महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसमें शनिवार को महिलाओं ने विशेष रूप से पेठे की सब्जी, बीय जा पकोड़ा, कुट्टी साग, आलू जा टुक, बेसण  जे चिल्ले जी भाजी जैसे अनेक सिंधी व्यंजन को इस प्रतियोगिता में शामिल कर इस इस कूकिंग कॉम्पीटिशन को और भी आकर्षक बना दिया गया, जिससे उपस्थित निर्णायक मंडल को काफी असामंजस्य में डाल दिया जो इस प्रतियोगिता में चर्चा का विषय बना रहा, शनिवार को यह कॉम्पीटिशन सिंधी कॉलोनी, संत कवरराम कॉलोनी, मेपल ट्री, ग्रीन एकर्स, वैभव गार्डन कोलार, स्वागत गार्डन, ऐयरोसिटी, सिंधी कम्यूनिटी हाल, बावड़ियाँ कला में आयोजित की गई, जिसमें सिंधी समाज की लगभग दो हज़ार से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया।  सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस वर्ष सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित कूकिंग कंप्टीशन में महिलाओं का अच्छा खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, इस वर्ष समिति का उद्देश्य अपने सिंधी पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना और सामुदायिक जुड़ाव बढ़ाना होता है जिसके लिए सिंधी मेला समिति निरंतर अपने सभी साथियों के साथ मिलकर इस आयोजन को करने में सफल होती रही है।

लाड़ली बहनों को मिलेगी 38वीं किश्त की सौगात

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को जिला भिंड के लहार में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के तहत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सीधा अंतरण करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार की इस अत्यंत लोकप्रिय योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को योजना की शुरुआत से अब तक की 38वीं नियमित मासिक किश्त का भुगतान किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा माह नवंबर 2025 से इस मासिक आर्थिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से सभी पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है। योजना की शुरुआत यानी जून 2023 से लेकर जून 2026 तक सरकार द्वारा कुल 37 किश्तों का नियमित अंतरण सफलता पूर्वक किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 238.96 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 40 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही, क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 83.33 करोड़ की लागत वाली 16 नई लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का भूमि-पूजन और शिलान्यास भी किया जाएगा।

 

नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यमंत्री गौर

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन की समस्याओं का त्वरित और स्थाई समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसियों को सभी स्वीकृत कार्य पूरी प्रामाणिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे करने होंगे, जिससे स्थानीय नागरिकों को अधोसंरचनाओं का समय पर लाभ मिल सके। पार्कों का सौंदर्यीकरण, सुदृढ़ सड़कें और सार्वजनिक सुविधाओं का निरंतर विस्तार नागरिकों के जीवन स्तर को सुगम और उन्नत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

राज्यमंत्री  गौर शनिवार को गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-66 स्थित इंद्रपुरी में लगभग 72 लाख रुपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।

राज्यमंत्री  गौर ने क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए नैनागिरी पार्क में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली बाउंड्री वॉल तथा खेड़ापति मंदिर से नैनागिरी कॉलोनी तक 40 लाख रुपए की लागत से बनने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने भारत नगर स्थित समर्पण पार्क में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।

राज्यमंत्री  गौर ने इंद्रपुरी ‘ए’ सेक्टर के एकता पार्क में 3.80 लाख रुपए की लागत से पाथवे निर्माण एवं बाउंड्री वॉल की पुताई के कार्य का शुभारंभ किया। इंद्रपुरी ‘बी’ सेक्टर में पार्क की बाउंड्री वॉल के प्रगतिरत निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और वहां 11 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने इंद्रपुरी ‘बी’ सेक्टर की विभिन्न आंतरिक कॉलोनियों में निर्मित हो रही सीसी रोड का भी अवलोकन किया तथा इस दौरान स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में श्री लवकुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल, पार्षद  उर्मिला मौर्य,  शिरोमणी शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 

उत्साह व उमंग के साथ आज से शुरू हुआ सिंधी मेला द्वारा आयोजित कुकिंग कंप्टीशन

भोपाल 

सिंधी मेला समिति द्वारा सिंधी व्यंजन की परंपरा को बरकरार रखने के उद्देश्य से आयोजित कुकिंग कॉम्पीटिशन का शुक्रवार को भव्य आगाज  हुआ, इस आयोजन के पहले दिन संत हिरदाराम नगर, बेरागढ़ कला स्थित स्काईलैंड गार्डन एवं कोटरा सुल्तानाबाद स्थित खालसा मांगलिक भवन पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सिंधी समाज की महिलाओं एवं युवतियों ने प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। इस दौरान सिंधी मेला समिति के संरक्षक एवं विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस प्रतियोगिता में शामिल महिलाओं का उत्साह बड़ाने के लिए इस आयोजन में शिरकत की, उन्होंने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सिंधी मेला समिति द्वारा इन आयोजन के ज़रिए परंपरा और नवाचार को एक साथ पिरोने का सफल प्रयास किया गया है जो हमारी सिंधी सांस्कृतिक एवं समरसता का प्रतीक है। इस अवसर पर सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरियानी ने कहा कि शुक्रवार को इस प्रतियोगिता का आग़ाज़ हो चुका है पहले दिन दो स्थानों पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, कल शनिवार एवं रविवार को भोपाल के 15 से अधिक सेंटरो पर एक साथ इस कुकिंग कॉप्टिशन का आयोजन किया जायेंगा। इसके बाद यह आयोजन संभागीय क्षेत्र में आयोजित होगा, इस दौरान समिति के महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि रविवार 26 जुलाई को भोपाल के मानस भवन में समिति द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया है, जिसमे इस प्रतियोगिता में चयनित हुई महिलाओं को बेस्ट कुकिंग अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

युवाओं के सपनों को पूरा करने हर संभव मदद करेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिये हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2 करोड़ युवा विकसित भारत @2047 के निर्माण में सहभागी बनते हुए प्रदेश की समृद्धि के भी सूत्रधार बनेंगे। राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिये संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे कौशल उन्नयन संस्थानों के द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग दे रही है। दुनिया की सबसे बड़ी यंग जनरेशन भारत में है। हमारा देश युवाओं का देश है। युवाओं के बलबूते ही भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। अपनी क्षमता, दक्षता, योग्यता, जोखिम लेने का साहस, बुद्धिमता और उद्यमशीलता से यही युवा नये विकसित भारत का निर्माण करेंगे। भारत के हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने की डिजिटल कंटेंट अवार्ड की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘मध्यप्रदेश यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जन जागरूकता के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को सराहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डिजिटल इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड’ प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के साथ काम करने वाले युवा आज समाज में परिवर्तन के सशक्त वाहक बन रहे हैं और उनके योगदान को सम्मानित किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के 200 से अधिक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स शामिल हुये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए समाज निर्माण, सकारात्मक परिवर्तन और जनजागरूकता में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज को दिशा देने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। आज का यूथ केवल कंटेंट नहीं बना रहा, बल्कि विचारों को दिशा दे रहा है, समाज को जोड़ रहा है और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को स्वर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और जिम्मेदार डिजिटल कंटेंट के माध्यम से युवा समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

वर्ष 2027 होगा युवाओं का साल : युवाओं के कल्याण की इसी साल से हो गई शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगला साल (2027) प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। युवाओं के समग्र कल्याण सहित इन्हें रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण की शुरूआत इसी साल से इस ‘यूथ कॉन्क्लेव’ के जरिए हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की सहभागिता बेहद आवश्यक है। हम प्रदेश के विकास यज्ञ में युवाओं की शत्-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा साथी अपने जीवन में आगे बढ़ने और कुछ नया कर गुजरने के सपने देंखे, युवाओं के सपनों को पूरा करने में हमारी सरकार सभी प्रकार की मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कॉन्क्लेव में आए युवाओं ने ‘मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026’ का मसौदा सौंपा। मुख्यमंत्री ने दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने सुझाव देने वाले सभी युवा चिंतकों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक फैसला लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बैंकिंग प्रणाली और यूपीआई से जोड़ने के लिए करोड़ों लोगों के जीरो बैलेंस में बैंक खाते खुलवाए। यह वित्तीय समावेशन की दिशा में उठाया गया विश्व का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने कहा कि जो काम पहले असंभव मान लिया गया था, हमारी सरकार ने पुरजोर प्रयास कर उसे धरातल पर उतारा है। आज इंदौर शहर को भी नर्मदा का पवित्र जल मिल रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा नदी लिंक और पीकेसी नदी लिंक परियोजनाओं पर काम जारी है। हमारी सरकार युवा शक्ति को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। युवा शक्ति अवसरों का भरपूर लाभ उठाए।

होम-स्टे से युवाओं को ग्रामीण अंचलों में मिल रहा है रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति अपनी प्रतिभा से देश और समाज में अलग पहचान बनाए। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे तैयार करने के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने पर ऐसे उद्यमियों को हमारी सरकार प्रत्येक श्रमिक के वेतन में 5 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन सहायता दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने राहवीर योजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करते हुए किसी सड़क हादसे के घायलों की मदद करने वाले वीरों को सरकार द्वारा इनाम के रूप में 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को कठिन समय में पीएम हेली सेवा और पीएम एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा जैसे वीरों ने भारत माता की सेवा करते हुए स्वयं को बलिदान कर दिया। झाबुआ जिले के भाबरा में जन्मे चंद्रशेखर आजाद ने जिंदा रहते हुए तक खुद को अंग्रेजों को हाथ नहीं लगाने दिया। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा ने ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के पिता  धीरू भाई ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए संघर्ष किया और अपना व्यवसाय स्थापित किया। यह सब इस बात का प्रतीक है कि युवाओं ने ही देश को नई दिशा दी है।

युवाओं ने रखी अपनी बात

कॉन्क्लेव में युवा सु कशिश आहूजा और  संकल्प सिंह चौहान ने शिक्षा-कौशल विकास तथा सु अमीक अमानी ने खेल क्षेत्र में संकल्प पत्र का वाचन किया। डॉ. महक भंडारी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र पर अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आभा आईडी के माध्यम से सभी रिपोर्ट्स अब मोबाइल पर डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध हैं। हमारे युवा स्वास्थ्य कर्मी वॉलेंटियर्स बनकर सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें। सु सानिया जसवानी ने एमएसएमई सेक्टर के संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति नई ऊर्जा से भरी हुई है। हम नवाचारों को लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के संकल्प में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा  लखन पाटीदार और  जितेंद्र पाटीदार ने कृषि, उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग के संकल्प पत्र का वाचन करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन रहे हैं। हमारे युवा प्राकृतिक खेती कर अपना ब्रांड बनाएं और अपनी फसल डिजिटल मार्केटिंग से बेचकर अधिक आय कमाएं। अब ग्रामीण हाट बाजारों में प्राकृतिक खेती के उत्पाद नजर आने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस लगाने की सुविधा मिलती है। इससे युवा संरक्षित खेती अपना सकते हैं। इससे मौसम की मार और विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा फसल उत्पादन लिया जा सकता है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन  राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत दुनियाभर में अपने झंडे गाड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज ही आजाद बाइक रैली को झंडी दिखाई है, जो अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) तक जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में पांच अलग-अलग विषयों पर युवाओं ने अपने रोचक विचार व्यक्त किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। युवा शक्ति हमारा भविष्य है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कॉन्क्लेव में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं स्वास्थ्य और जनअभियान विषयों पर कार्यशाला एवं संस्कृति, कला, पर्यटन युवा संकल्प निर्माण और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ युवाओं के मार्गदर्शन के लिये उपयोगी संवाद सत्रों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद  शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सु ऊषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक  महेंद्र हार्डिया, विधायक  मधु वर्मा, विधायक मती मालिनी गौड़, विधायक  गोलू शुक्ला, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, प्रोफेशनल्स उपस्थित थे।

‘माय यूथ – माय प्राउड’ कॉन्क्लेव की प्रमुख झलकियां
    

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही युवाओं में अपार उत्साह, ऊर्जा और उमंग का माहौल देखने को मिला।
  • मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा के लिए आयोजित बाइक रैली और ओंकारेश्वर के लिए साइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया
  • मुख्यमंत्री भी बाइक पर सवार हुए और बाइकर्स का उत्साहवर्धन किया।  
  • मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर युवाओं को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।   
  • युवाओं के लिए कार्यक्रम स्थल पर इंदौरी जायकों से सुसज्जित फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें युवाओं का शानदार प्रतिसाद मिला  
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मालवा के प्रसिद्ध व्यंजनों—शिकंजी, भुट्टे की किस, कांजी वड़ा और रसगुल्ले का स्वाद लिया  
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
  • युवाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी मुक्त कंठ से सराहना की
  • विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट कर अपने नवाचार, स्टार्ट-अप, करियर और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
  • युवाओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की और सेल्फी खिंचवाई।  
  • लाइव म्यूजिक बैंड और ऑर्केस्ट्रा की आकर्षक प्रस्तुतियों ने युवाओं को रोमांचित कर दिया। मुख्यमंत्री स्वयं मंच पर पहुंचकर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों और बैंड के युवाओं का उत्साहवर्धन किया। 
  • पूरे कार्यक्रम में युवाओं का जोश, नवाचार, रचनात्मकता और मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी बनने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

EPFO Launches Amnesty Scheme 2026 for Provident Fund Trusts

Vivek Jha, Bhopal: In a significant compliance reform aimed at simplifying provident fund regulations, the Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) has invited applications under the newly introduced Amnesty Scheme 2026 for establishments operating Recognised Provident Fund (PF) Trusts. The one-time scheme offers a six-month opportunity for eligible establishments to regularize their trust status retrospectively and align with the revised statutory framework under the Employees’ Provident Funds & Miscellaneous Provisions Act, 1952 and the Code on Social Security, 2020.

Roshan Kashyap, Regional Provident Fund Commissioner, EPFO Regional Office, Bhopal, said that the Amnesty Scheme 2026, notified by the Central Government on 29 June 2026, provides a significant opportunity for establishments that have been operating recognised Provident Fund Trusts under the Income Tax Act, 1961, but have not obtained a formal exemption under Section 17 of the Employees’ Provident Funds & Miscellaneous Provisions Act, 1952. He said the scheme is expected to provide substantial relief by enabling such establishments to regularize their trust status through a simplified process. He further stated that the initiative would help reduce long-pending legal disputes, strengthen statutory compliance and enhance transparency in the administration of provident fund trusts, while ensuring that employees’ social security interests remain fully protected.

Finance Act 2026 Brings Major Regulatory Alignment

The introduction of the Amnesty Scheme follows an important legislative change under the Finance Act, 2026, which aligns the Income Tax provisions governing recognised provident funds with the statutory requirements of the EPF Act.

Under the revised framework, recognition under the Income Tax Act will now be available only to provident fund trusts that have obtained exemption under Section 17 of the Employees’ Provident Funds & Miscellaneous Provisions Act, 1952.

To facilitate this transition, the Government has introduced the Amnesty Scheme, allowing eligible establishments to obtain retrospective exemption and regularisation without undergoing prolonged litigation.

Who Can Apply?

The scheme is applicable to establishments that:

  • Have been operating a Recognised Provident Fund Trust under the Income Tax Act, 1961.
  • Do not possess a formal exemption notification issued by the Central or State Government under the EPF Act.

Such establishments can now regularize their trust status through the prescribed application process.

Two Categories of Eligible Establishments

EPFO has classified eligible applicants into two broad categories.

Category I

Establishments seeking retrospective regularisation that:

  • Have already started complying as un-exempted establishments, or
  • Intend to continue future compliance as un-exempted establishments.

Category II

Establishments seeking retrospective regularisation while continuing to function as Exempted Establishments under the Code on Social Security, 2020.

Retrospective Recognition of PF Trusts

One of the most significant features of the scheme is the provision for retrospective regularisation.

Eligible establishments will receive exemption status and trust recognition from the date of establishment of the trust up to the notified cut-off date, thereby providing legal certainty to trusts that have operated for years without formal exemption.

Major Compliance Relaxations

The Amnesty Scheme grants several important relaxations under the Code on Social Security, including:

  • Waiver of minimum employee strength requirements.
  • Waiver of minimum corpus size conditions.
  • Deemed fulfillment of the mandatory three-year prior compliance requirement.

These relaxations are expected to make regularisation significantly easier for long-standing provident fund trusts.

Pending Legal Proceedings May Be Closed

The scheme also offers substantial legal relief.

Subject to verification that employees have received provident fund contributions and interest equal to or higher than statutory requirements:

  • Pending assessments for dues, damages and interest may be withdrawn.
  • Ongoing legal proceedings may stand abated.
  • Earlier finalized orders may be treated as void ab initio.

This provision is expected to substantially reduce litigation involving provident fund trusts.

Application Process

Eligible establishments are required to submit a formal application addressed to the Central Government through the concerned EPFO Regional Office via email.

Employers may also submit an Expression of Interest indicating their willingness to avail the scheme by emailing:

rc.exemption@epfindia.gov.in

Mandatory Audit Requirements

The scheme makes audit compliance mandatory.

Applicants must:

  • Get their financial accounts audited by a Chartered Accountant.
  • Complete any special or compliance audit directed by EPFO authorities within three months of submitting the application.

EPFO Regional Offices to Provide Guidance

EPFO has directed all jurisdictional Regional Offices to provide necessary assistance to eligible establishments regarding documentation, procedural formalities and application processing.

Detailed operational guidelines, Standard Operating Procedures (SoPs), circulars and related documents are available through EPFO for employers seeking to avail the scheme.

Why the Scheme Matters

Labour law professionals believe the Amnesty Scheme is one of the most significant compliance reforms for provident fund trusts in recent years.

Many organisations established recognised PF trusts decades ago under the Income Tax framework but never obtained formal exemption under the EPF Act. The new scheme provides these employers with a unique opportunity to regularize their status, eliminate legacy disputes and strengthen future statutory compliance.

For employers, it offers legal certainty, reduced litigation and a structured pathway toward complete compliance. For EPFO, the initiative is expected to improve governance, simplify trust administration and ensure greater alignment with the country’s evolving social security framework.


Amnesty Scheme 2026 – At a Glance

Particular Details
Scheme Name Amnesty Scheme 2026
Implementing Authority Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO)
Notification Date 29 June 2026
Validity Six Months
Applicable To Recognised PF Trusts without formal exemption under Section 17
Major Benefit Retrospective regularisation of PF Trusts
Legal Relief Withdrawal/abatement of eligible pending proceedings
Audit Requirement Mandatory Chartered Accountant Audit
Application Mode Email through the concerned EPFO Regional Office
Expression of Interest rc.exemption@epfindia.gov.in

Who Should Consider Applying?

The scheme is particularly relevant for:

  • Manufacturing companies
  • Public Sector Undertakings (PSUs)
  • Large private enterprises
  • Banks and financial institutions
  • Educational institutions
  • Hospitals
  • IT and service sector companies
  • Infrastructure organisations
  • Industrial establishments operating recognised PF Trusts

Expert View

Employment law experts advise eligible employers to review their provident fund trust status immediately and submit applications well within the six-month window. Timely regularisation under the Amnesty Scheme 2026 can help organisations resolve long-pending compliance issues, reduce litigation risk and ensure seamless alignment with the latest EPFO and social security regulations.

EPFO की एमनेस्टी स्कीम 2026: पुराने PF ट्रस्टों को मिली बड़ी राहत

विवेक झा, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के उन प्रतिष्ठानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है, जो वर्षों से आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनके पास कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 (EPF Act) के तहत आवश्यक औपचारिक एक्जेम्प्शन (Exemption) नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित “एमनेस्टी स्कीम-2026” ऐसे प्रतिष्ठानों को छह महीने की विशेष अवसर अवधि प्रदान करती है, जिसके माध्यम से वे अपने ट्रस्ट का नियमितीकरण (Regularisation) करा सकेंगे।

भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि यह योजना निजी कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक उपक्रमों और बड़े संगठनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि इससे वर्षों से चली आ रही कानूनी एवं प्रशासनिक जटिलताओं का समाधान संभव होगा।

आयकर और EPF कानूनों में किया गया महत्वपूर्ण समन्वय

वित्त अधिनियम, 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि (Recognised Provident Fund) की व्यवस्था को EPF अधिनियम एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।

अब केवल वही PF ट्रस्ट आयकर अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त माने जाएंगे जिन्हें EPF Act की धारा 17 के अंतर्गत विधिवत छूट (Exemption) प्राप्त होगी।

इसी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Amnesty Scheme-2026 लागू की है ताकि पुराने ट्रस्टों को कानूनी रूप से नियमित होने का अवसर मिल सके।

किन प्रतिष्ठानों को मिलेगा योजना का लाभ?

यह योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होगी—

  • जो आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं।
  • लेकिन जिनके पास केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी औपचारिक Exemption Notification उपलब्ध नहीं है।

ऐसे प्रतिष्ठान अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपने ट्रस्ट को वैधानिक रूप से नियमित करा सकेंगे।

दो श्रेणियों में बांटे गए पात्र प्रतिष्ठान

EPFO ने पात्र प्रतिष्ठानों को दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया है।

कैटेगरी-1

ऐसे प्रतिष्ठान—

  • जो अपने ट्रस्ट का पिछली अवधि से नियमितीकरण चाहते हैं।
  • तथा वर्तमान में बिना Exemption वाले प्रतिष्ठान के रूप में EPF अनुपालन कर रहे हैं या भविष्य में इसी रूप में अनुपालन करना चाहते हैं।

कैटेगरी-2

ऐसे प्रतिष्ठान—

  • जो अपने ट्रस्ट का पिछली अवधि से नियमितीकरण चाहते हैं।
  • तथा भविष्य में भी Exempted Establishment के रूप में कार्य जारी रखना चाहते हैं।

पिछली अवधि से मिलेगा नियमितीकरण

रौशन काश्यप के अनुसार एमनेस्टी स्कीम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र प्रतिष्ठानों को उनके PF ट्रस्ट की स्थापना की तिथि से लेकर निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक Retrospective Regularisation प्रदान किया जाएगा।

अर्थात यदि कोई ट्रस्ट वर्षों से संचालित है लेकिन उसके पास औपचारिक Exemption नहीं था, तो भी योजना के तहत उसे पिछली अवधि से वैध माना जा सकेगा।

कई कानूनी शर्तों से मिलेगी छूट

योजना के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण शर्तों में राहत दी है।

इनमें प्रमुख हैं—

  • न्यूनतम कर्मचारी संख्या (Minimum Employee Strength) की अनिवार्यता से छूट।
  • न्यूनतम कॉर्पस (Corpus Size) संबंधी शर्तों से छूट।
  • तीन वर्ष के पूर्व अनुपालन (Three-Year Prior Compliance) की अनिवार्यता को पूरा हुआ माना जाएगा।

इससे बड़ी संख्या में पुराने PF ट्रस्ट बिना अतिरिक्त औपचारिकताओं के नियमित हो सकेंगे।

लंबित कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है समाप्त

एमनेस्टी स्कीम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि पात्र प्रतिष्ठानों के विरुद्ध चल रही कई कानूनी कार्यवाहियां समाप्त हो सकती हैं।

यदि यह सुनिश्चित हो जाता है कि कर्मचारियों के PF खातों में वैधानिक दर के बराबर अथवा उससे अधिक ब्याज तथा अंशदान जमा किया गया है, तो—

  • बकाया निर्धारण (Assessment)
  • Damages
  • Interest
  • अन्य लंबित कार्यवाहियां

समाप्त (Abated) मानी जाएंगी।

इतना ही नहीं, पूर्व में पारित कुछ अंतिम आदेश भी Void ab-initio (आरंभ से ही शून्य) माने जा सकते हैं।

आवेदन करना होगा अनिवार्य

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र प्रतिष्ठानों को केंद्र सरकार के नाम औपचारिक आवेदन करना होगा।

आवेदन संबंधित EPFO क्षेत्रीय कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से भेजा जा सकता है।

इसके अतिरिक्त प्रतिष्ठान अपनी रुचि (Expression of Interest) भी निम्न ई-मेल पर भेज सकते हैं—

rc.exemption@epfindia.gov.in

चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना होगा

योजना के तहत आवेदन करने वाले प्रतिष्ठानों को अपने वित्तीय अभिलेखों का ऑडिट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराना होगा।

यदि EPFO विशेष ऑडिट या Compliance Audit कराने का निर्देश देता है, तो उसे आवेदन की तिथि से तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा।

क्षेत्रीय कार्यालय देंगे पूरी सहायता

EPFO ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय पात्र प्रतिष्ठानों को आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों और नियमितीकरण से संबंधित सभी आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।

विस्तृत दिशा-निर्देश, Standard Operating Procedure (SoP), आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य जानकारी EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

उद्योग जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

श्रम कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना उन हजारों कंपनियों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्होंने वर्षों पहले अपने PF ट्रस्ट बनाए थे लेकिन किसी कारणवश EPF Act के तहत औपचारिक Exemption प्राप्त नहीं कर सके।

अब उन्हें कानूनी विवादों से बाहर निकलने, ट्रस्ट को नियमित करने तथा भविष्य के अनुपालन को सरल बनाने का अवसर मिलेगा।


एमनेस्टी स्कीम-2026 एक नजर में

बिंदु जानकारी
योजना का नाम Amnesty Scheme-2026
लागू करने वाली संस्था EPFO
अधिसूचना 29 जून 2026
वैधता 6 माह
लाभार्थी बिना औपचारिक Exemption वाले PF Trust
आवेदन ई-मेल के माध्यम से
प्रमुख लाभ पिछली अवधि से नियमितीकरण
विशेष राहत कानूनी कार्रवाई समाप्त होने की संभावना
ऑडिट CA द्वारा अनिवार्य
विशेष ई-मेल rc.exemption@epfindia.gov.in

किन संस्थानों के लिए सबसे अधिक उपयोगी?

  • बड़ी निजी कंपनियां
  • सार्वजनिक उपक्रम
  • विनिर्माण उद्योग
  • ऑटोमोबाइल कंपनियां
  • आईटी एवं सेवा क्षेत्र
  • शैक्षणिक संस्थान
  • अस्पताल
  • बैंक एवं वित्तीय संस्थान
  • पुराने PF ट्रस्ट संचालित करने वाले सभी प्रतिष्ठान

विशेषज्ञों की सलाह

यदि आपका प्रतिष्ठान वर्षों से Recognised Provident Fund Trust संचालित कर रहा है लेकिन EPF Act की धारा 17 के अंतर्गत औपचारिक Exemption उपलब्ध नहीं है, तो यह योजना एक महत्वपूर्ण अवसर है। समय रहते आवेदन करने, आवश्यक ऑडिट पूरा करने और सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखने से प्रतिष्ठान न केवल अपने ट्रस्ट का वैधानिक नियमितीकरण करा सकते हैं, बल्कि लंबित विवादों और संभावित कानूनी जटिलताओं से भी राहत प्राप्त कर सकते हैं।

लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त कल जारी, ₹1500 के साथ CM मोहन यादव दे सकते हैं नई सौगात

भिंड

मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई रविवार को भिंड के दौरे पर रहेंगे। वे यहां लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी करने आ रहे हैं। बता दें कि इस बार लाड़ली बहना योजना की किस्त के 1500 रुपए की राशि भेजने और बहनों के साथ संवाद का कार्यक्रम भिंड जिले के लहार में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के बाद सीएम लहार में भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा के घर जाएंगे, जहां वे मातृ शोक व्यक्त करने पहुंचेंगे।

पहले महेगांव से भेजने वाले थे 1500 रुपए

बता दें कि लाड़ली बहना योजना की 1500 रुपए राशि भेजने का कार्यक्रम पहले मेहगांव के मंडी परिसर में होना तय था।  मंत्री राजेश शुक्ला, कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना समेत जिले के अन्य अधिकारियों और जन्मप्रतिनिधियों के जायजे के बाद और बारिश की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम का स्थल को बदला गया है।

लहार में दो घंटे का कार्यक्रम (Ladli Behna Yojana 38th installment)
जानकारी के मुताबिक सीएम डॉ. मोहन यादव लहार में दो घंटे रुकेंगे। लाडली बहना योजना का कार्यक्रम (Ladli Behna Yojana Program) यहां 1 बजे शुरू होकर 3 बजे संपन्न होगा। लहार में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गईं। वहीं विधायक अम्बरीश ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक को लेकर भी दिशा-निर्देश दे दिए हैं।

प्रदेश की लाड़ली बहनों को नई सौगात देने की तैयारी
मोहन सरकार ने प्रदेश में लखपति गोपालक दीदी योजना (Ladli Behna Yojana and lakhpati gopalak didi yojana) शुरू की है। इसमें महिलाओं को मुफ्त में दुधारू नस्ल की गाय व भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अलग से बजट जरूरी नहीं होगा, बल्कि हितग्राहियों के घरों में गैर नस्लीय गाय-भैसों की पहचान कर उनका कृत्रिम तकनीक से उच्च नस्ल से गर्भाधान कराया जाएगा। इस तरह उच्च नस्ल की बछिया और पड़िया का जन्म होगा और नस्ल सुधार के जरिए बहनाओं के घरों में अच्छी नस्ल के दुधारू मवेशी तैयार होंगे।

प्रारंभिक चरण में सरकार का दावा है कि इस तरह महिलाओं के घरों में उच्च नस्ल की गाय और भैंसों से अतिरिक्त दूध मिलेगा, सालाना 3 से 4 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी।

कैसे मिलेगा योजना का लाभ?

– अब ज्यादा फोकस गैर नस्लीय मवेशियों के कृत्रिम गर्भाधान पर होगा। विकासखंडों को लक्ष्य दिए।

– प्रशिक्षण सत्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी, गैर नस्लीय मवेशियों की पहचान के लिए अभियान चलाया जाएगा।

– जो मैदानी अमला काम नहीं कर रहा, उन्हें हटाया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान किट वापस लेने होंगे।

– विकासखंड स्तर पर दक्षता मूल्यांकन समिति होंगी, इसमें हर माह समीक्षा होंगी। प्रत्येक पंचायत में एक मैत्री कार्यकर्ता होने चाहिए।

गांव की अर्थव्यवस्था को बदलने का मॉडल
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि यह योजना केवल एक डेयरी विकास कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था बदलने का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक मॉडल है। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। मासिक समीक्षा करेंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह बेहद असरदार होगी।

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