जान जोखिम में डालकर रपटे से गुजर रही बस, तेज बहाव के बीच कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रपटे से हो रही आवाजाही, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।

नरसिंहगढ़ क्षेत्र में पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पुल बंद होने के कारण बसों सहित अन्य वाहन रपटे से होकर गुजरने को मजबूर हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक बस तेज बहाव के बीच रपटे को पार करती दिखाई दे रही है। पानी के बीच से बस का गुजरना यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकता है। यदि जलस्तर अचानक बढ़ता है या चालक से थोड़ी भी चूक होती है, तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से रोजाना हजारों लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ गया है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और रपटे से खतरनाक आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।

तुलसी नगर में 46 लाख की लागत से बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान एवं खेल मैदान का लोकार्पण

विधायक भगवानदास सबनानी और महापौर मालती राय ने किया उद्घाटन, कहा— उद्यान बनेगा स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र

भोपाल | 6 जुलाई। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 31 स्थित तुलसी नगर में 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान एवं खेल मैदान का लोकार्पण विधायक भगवानदास सबनानी एवं महापौर मालती राय द्वारा किया गया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर क्षेत्रवासियों को यह महत्वपूर्ण सौगात समर्पित की गई।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि यह उद्यान एवं खेल मैदान क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचार और जनसेवा के आदर्श हम सभी को सदैव राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

महापौर मालती राय ने भी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए उद्यान के संरक्षण एवं बेहतर उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्वजनिक स्थान शहर के विकास के साथ-साथ स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में जोन अध्यक्ष एवं पार्षद ब्रजुला सचान, मंडल अध्यक्ष सोनू पालीवाल, प्रमोद पोलघंटलवार, आशा पारोचे, कविता अनुरागी, अर्चना उपाध्याय, विशाल सबकाले, तृप्ति भारद्वाज, विमला विश्वकर्मा, सुनीता सोनी, गुंजन मिश्रा, कामाक्षी विश्वकर्मा, जितेन्द्र मालवीय, सीताराम चौरसिया, वीणा सिन्धु सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश : पीएम स्वनिधि में घटी लंबित फाइलें, फिर भी 78 हजार से ज्यादा हितग्राही बैंक मंजूरी के इंतजार में

विवेक झा, भोपाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के तहत मध्यप्रदेश में लंबित आवेदनों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन अब भी 78,426 स्ट्रीट वेंडर्स बैंक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में जहां 88,290 आवेदन लंबित थे, वहीं जून 2026 के पहले सप्ताह तक यह संख्या घटकर 78,426 रह गई। यानी करीब ढाई महीने में लगभग 9,864 मामलों का निपटारा हुआ, लेकिन लंबित मामलों की संख्या अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। इसी कारण मुख्य सचिव ने बैंकों को लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

SLBC बैठक में उठाया गया लंबित आवेदनों का मुद्दा

रिपोर्ट के अनुसार 197वीं SLBC बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (UADD) के आयुक्त ने बैंकों से कहा कि वे लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दें और पात्र हितग्राहियों के आवेदन जल्द स्वीकृत अथवा निरस्त करें। बैठक में यह भी कहा गया कि अनावश्यक लंबित फाइलें योजना के उद्देश्य को प्रभावित कर रही हैं।

मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS) दोनों योजनाओं को नियमित रूप से कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे में शामिल किया जाए, ताकि जिलों में लंबित मामलों की लगातार समीक्षा हो सके और बैंक समय पर कार्रवाई करें। रिपोर्ट के अनुसार इस निर्देश के पालन के लिए संबंधित विभागों ने सहमति भी दे दी है।

तीन महीने में करीब 10 हजार आवेदन कम हुए

SLBC की एक्शन टेकन रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 में पीएम स्वनिधि योजना के तहत 88,290 आवेदन लंबित थे। बैंकों और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद 5 जून 2026 तक यह संख्या घटकर 78,426 रह गई। हालांकि यह सुधार सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लंबित आवेदन यह भी दर्शाते हैं कि योजना के क्रियान्वयन में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है।

छोटे कारोबारियों की आजीविका से जुड़ा है मामला

पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है। बैंक मंजूरी में देरी होने से हजारों स्ट्रीट वेंडर्स समय पर वित्तीय सहायता नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय और आय पर सीधा असर पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार और SLBC ने बैंकों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया है।

पीएम आवास योजना में भी दिखा सुधार

रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS) के तहत CNA स्वीकृत मामलों की संख्या भी बढ़ी है। मार्च 2026 में जहां 7,491 मामले स्वीकृत थे, वहीं 5 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 9,830 हो गई। सरकार का लक्ष्य इसे 10 हजार तक पहुंचाना है। इससे स्पष्ट है कि दोनों योजनाओं में बैंकिंग प्रक्रियाओं को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी

SLBC ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में पीएम स्वनिधि के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिला स्तर पर भी कलेक्टरों और लीड बैंकों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण मिल सके और योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

फैक्ट फाइल

  • मार्च 2026 में लंबित आवेदन: 88,290
  • 5 जून 2026 तक लंबित आवेदन: 78,426
  • करीब ढाई महीने में निपटे आवेदन: 9,864
  • PMAY (ISS) के CNA स्वीकृत मामले: 7,491 से बढ़कर 9,830
  • निर्देश: पीएम स्वनिधि और PMAY की नियमित समीक्षा कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में होगी।

दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

देश की प्राचीन मेधा को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव  शुक्ला
ज्ञान भारतम् ऐप पर मध्यप्रदेश ने अपलोड की सबसे अधिक दुर्लभ पांडुलिपियाँ
प्रदेश की 34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण, 12 लाख से अधिक पांडुलिपियों का हुआ सत्यापन

भोपाल :

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की धरती ने भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के विषय में देश भर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की डिजिटल पहल ‘ज्ञान भारतम् ऐप’ के अनुसार, दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना दर्ज करने और उनके संरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर आ गया है। यह सफलता राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनः स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से 3 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश ने अब तक कुल 34 लाख 45 हजार 439 पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण किया जा चुका है। 12 लाख 13 हजार 127 पांडुलिपियों का ‘ज्ञान भारतम्’ द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन हुआ है शेष सत्यापन की प्रक्रिया में हैं, जिनका चरणबद्ध तरीके से परीक्षण एवं प्रमाणीकरण किया जा रहा है।

देश की प्राचीन मेधा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला

अपर मुख्य सचिव संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा सामान्य प्रशासन श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि आज भी विश्वभर के मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और संग्रहालयों में संरक्षित भारतीय पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण, डिजिटलीकरण और पुनर्प्रसार भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। इसी के साथ भारत अपनी ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करते हुए ‘विश्व गुरु’ की अपनी गौरवशाली पहचान को सशक्त बना रहा है। मध्यप्रदेश के जिलों के उत्कृष्ट प्रयासों ने न केवल प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण को नई दिशा दी है, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर को संरक्षित करने के राष्ट्रीय अभियान को भी मजबूती प्रदान की है।

प्रदेश में पांडुलिपियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान

ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत पांडुलिपियों के पंजीकरण में मध्यप्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 1 जुलाई तक के आकंड़ों के अनुसार इनमें भोपाल ने सबसे अधिक 24 लाख 26, हजार 172 पांडुलिपियों का पंजीकरण किया है। इसके बाद इंदौर में 3,99,477, रीवा में 2,68,763, बैतूल में 1,00,593 तथा छिंदवाड़ा में 77,094 पांडुलिपियां दर्ज की गईं। पन्ना से 64,257, सागर से 60,025, ग्वालियर से 29,870, उज्जैन से 20,995, रायसेन से 15,539, मंदसौर से 12,412, अनूपपुर से 11,829, नीमच से 8,950, मऊगंज से 8,406, खंडवा से 5,740, जबलपुर से 4,715, सतना से 4,061, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से 4,049, गुना से 3,937, उमरिया से 3,824, दतिया से 3,179, विदिशा से 2,745, सीधी से 2,497, अशोकनगर से 1,908, बालाघाट से 1,741, शहडोल से 1,397, टीकमगढ़ से 1,290, मंडला से 957, शिवपुरी से 943, धार से 870, भिंड से 800, रतलाम से 731, मुरैना से 655, शाजापुर से 638, बड़वानी से 614, सीहोर से 607, सिवनी से 564, छतरपुर से 381, देवास से 330, श्योपुर से 310, नरसिंहपुर से 254, राजगढ़ से 198, निवाड़ी से 177, खरगोन से 171, मैहर से 146, दमोह से 133, बुरहानपुर से 120, हरदा से 84, कटनी से 83, आगर मालवा से 57, सिंगरौली से 33, झाबुआ से 17, अलीराजपुर से 8, पांढुर्ना से 3 तथा डिंडोरी से 1 पांडुलिपि का पंजीकरण किया गया। यह व्यापक सहभागिता दर्शाती है कि प्रदेश के सभी जिलों ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण के राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘ज्ञान भारतम् ऐप’ और इसका उद्देश्य

‘ज्ञान भारतम् ऐप’ भारत सरकार की एक अनूठी डिजिटल पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखना और दुर्लभ पांडुलिपियों का एक विशाल डिजिटल अभिलेख (Digital Archive) तैयार करना है। ये भारतीय पांडुलिपियाँ केवल अतीत की स्मृतियाँ नहीं हैं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (विश्व एक परिवार है) की भावना से प्रेरित ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों का जीवंत स्रोत हैं, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इस डिजिटल अभियान के माध्यम से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए इन अमूल्य ग्रंथों तक पहुँच बेहद आसान हो गई है।

पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण में नागरिक भी बन सकते हैं भागीदार

ज्ञान भारतम् ऐप न केवल सूचना देता है, बल्कि आम जनता को भी इस सांस्कृतिक महायज्ञ से जोड़ता है। स्मार्ट सर्च: उपयोगकर्ता शीर्षक, लेखक, भाषा, विषय और संग्रह स्थल के आधार पर किसी भी पांडुलिपि की जानकारी आसानी से खोज सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कोई दुर्लभ पांडुलिपि उपलब्ध है, तो वे ऐप के माध्यम से उसके संरक्षण या डिजिटलीकरण के लिए सीधे अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। आम नागरिक अपने पास मौजूद प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की जानकारी साझा कर भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दे सकते हैं।

जिलों से मिलीं दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ

ज्ञान भारतम् मिशन से हुए संरक्षण कार्य से कई प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का पता चला है। टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का रहस्यमयी नक्शा मिला है। इसमें प्राचीन भारतीय भूगोल को दर्शाने वाला ‘जम्बूद्वीप’ का एक अत्यंत रहस्यमयी और दुर्लभ नक्शा अंकित है।चित्र में बीच में वृत्ताकार संरचना है, उसके चारों ओर पर्वत-मालाएं और क्षेत्र दिखाए गए हैं।

इसी तरह पन्ना से महाकवि केशव दास रचित रसिक प्रिया(1591 ई) की हस्त लिखित पांडुलिपि श्री राम जानकी मंदिर में मिली है। यह रीतिकाल का एक प्रतिष्ठित ‘लक्षण-ग्रंथ’ है जो काव्यशास्त्र, श्रृंगार रस और नायिका-भेद पर आधारित है। इसमें अमूर्त शास्त्रीय नियमों को राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों और मौलिक छंदों के माध्यम से समझाया गया है।

बुरहानपुर से 220 वर्ष पुराना हस्तलिखित 20 फीट लंबा प्राचीन ‘श्रीमद्भागवत महापुराण’ ग्रंथ भी शामिल है, जिसका आधिकारिक तौर पर पंजीयन कर लिया गया है। दतिया के श्री राधा वल्लभ मिश्रा के आवास से ओरछा नरेश राजा उद्दोत सिंह के समय का एक ताम्रपत्र अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिस पर विक्रम संवत 1828 अंकित है।

 

बिजली कंपनी फैसला: जिस ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश, वही करेगा काम

बिजली कंपनी फैसला: जिस ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश, वही करेगा काम

भोपाल 

मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने लाइन एवं सबस्टेशन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिस पैनलबद्ध (Empanelled) ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश (Purchase Order) जारी किया गया है, वही संबंधित कार्य करेगा। किसी भी स्थिति में वह कार्य किसी अन्य ठेकेदार, एजेंसी या व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकेगा।

कंपनी के संज्ञान में आया था कि कुछ स्थानों पर कार्य आदेश एक ठेकेदार के नाम पर जारी होने के बावजूद काम किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराया जा रहा था। इसे कंपनी ने नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य केवल अधिकृत ठेकेदार द्वारा ही किया जाए। इसके लिए नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण भी किया जाएगा।

यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि कार्य किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार का कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है, उसे भविष्य के कार्यों से वंचित किया जा सकता है, सुरक्षा राशि जब्त की जा सकती है तथा आवश्यकता होने पर ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

कंपनी ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

 

सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

– डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर भोपाल को मिली बड़ी सौगात
– राजधानी के सतगढ़ी में स्थापित होगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग पहचान बना रहा भारत

भोपाल
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है। प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

नंबर-1 राज्य बनेगा मध्यप्रदेश
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक प्रदेश बन रहा है। आज हुजूर विधानसभा के सतगढ़ी में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन एक नई सौगात है, जिसकी सालों से प्रतीक्षा थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) आयोजित की, जिसमें कई बड़े औद्योगिक घरानों ने प्रदेश में निवेश प्रस्ताव दिए। अब निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास की यात्रा में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के धार में पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी ने किया। अब सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में संतुलन के साथ कार्य किया है। मध्यप्रदेश संतुलित विकास के साथ आदर्श और नंबर-1 राज्य बनेगा। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री थे। उनके नाम पर बन रहा सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर भोपाल की नई पहचान बनेगा। तालाब और झीलों की नगरी भोपाल अब औद्योगिक विकास का केंद्र बन रही है। सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क से युवाओं के लिए अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस पार्क से सीधे तौर पर 5 हजार से अधिक बहनों को गारमेंट सेक्टर में काम मिलेगा।

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क
मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन
कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट
प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रूपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य
इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित35 हजार रोजगार होंगे सृजित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर
मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत हुआ एग्रीमेंट

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।

एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का भी होगा उत्पादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।

मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध

यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।

 

राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास

डॉ. मुखर्जी की जयंती पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की हो रही है शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के ‘एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है।

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है।

हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है।

अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मंगुभाई पटेल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा! क्या फिर बनेंगे मध्य प्रदेश के राज्यपाल या होगा नया चेहरा?

भोपाल 

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति की ओर से लिया जाएगा। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राज्यपाल मंगू भाई पटेल को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय माना जाता है। राज्यपाल के रूप में उनका पूरा कार्यकाल बिना किसी विवाद का रहा है और उनकी ट्यूनिंग राज्य सरकार से काफी अच्छी है। इन सब स्थितियों को देखते हुए मंगू भाई पटेल का कार्यकाल बढ़ने की पूरी संभावना है।

15 साल बाद कोई राज्यपाल पूरा करेगा पांच साल का कार्यकाल
मंगुभाई पटेल पिछले डेढ़ दशक में दूसरे ऐसे राज्यपाल होंगे, जो मध्य प्रदेश में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले रामनरेश यादव ने 8 सितंबर 2011 से 7 सितंबर 2016 तक राज्यपाल के रूप में पूरा कार्यकाल पूरा किया था।

2016 से 2021 के बीच तीन बार बदले राज्यपाल
रामनरेश यादव के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश में लगातार राज्यपाल बदले गए। इस दौरान लालजी टंडन, आनंदीबेन पटेल और ओपी कोहली ने अलग-अलग समय पर राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। आनंदीबेन पटेल दो बार मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। 7 जुलाई 2021 को मंगुभाई पटेल ने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अभियान पर रहा फोकस
राज्यपाल रहते हुए मंगुभाई पटेल ने आदिवासी परिवारों में सिकल सेल बीमारी को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। इस दिशा में हुए प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश देश में सिकल सेल बीमारी की पहचान और रोकथाम के अभियान में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा।

अब राष्ट्रपति लेंगी अंतिम फैसला
मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें राज्यपाल के रूप में दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति की ओर से किया जाएगा, जिसका इंतजार राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में किया जा रहा है।

आईएएस विवेक अग्रवाल ने बढ़ाया प्रदेश का मान
विवेक अग्रवाल को वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल भारत सरकार में संस्कृति सचिव हैं। अग्रवाल देश के पहले ब्यूरोक्रेट हैं जिन्हें वैश्विक संस्था का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह संस्था मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग को रोकने के लिए नियम और कानून बनाती है। भारत 2010 से इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का सदस्य है, लेकिन भारत को पहली बार उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश में इंदौर और उज्जैन के कलेक्टर रहे हैं। वे मध्य प्रदेश शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहने के साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।

मनोज अग्रवाल हो सकते हैं वन विकास निगम के एमडी
वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान जुलाई में सेवानिवृत होने जा रहे हैं। उनकी जगह वरिष्ठता और मेरिट के आधार पर 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को प्रबंध संचालक बनाने की चर्चा है। वर्तमान में मनोज अग्रवाल पीसीसीएफ कैंपा के पद पर हैं और उन्हें पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पूरे महकमे में अग्रवाल की छवि वित्तीय प्रबंध के मामले में एक्सपर्ट के रूप में देखी जाती है। जानकारों का मानना है कि अग्रवाल के अनुभव और वित्तीय प्रबंधन से निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद मिल सकती है।

जल्द घोषित हो सकते हैं इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष
इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों के नाम जल्द सामने आ सकते हैं। पता तो यहां तक चला है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस पर चर्चा हुई। इस चर्चा में वही दोनों नाम फिर फाइनल किए गए हैं, जिन्हें पूर्व में तय किया गया था। उस वक्त तात्कालिक विरोध को देखते हुए आदेश जारी नहीं किए गए थे। 

हमीदिया अस्पताल में मेडिकल चमत्कार: 10.2 किलो ओवरी ट्यूमर के साथ गर्भवती महिला का सफल ऑपरेशन, स्वस्थ शिशु का जन्म

भोपाल के हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ही सर्जरी में कराया 2.6 किलो के स्वस्थ शिशु का सुरक्षित जन्म और 10.2 किलो के विशाल ओवरी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर जटिल चिकित्सा मामलों में अपनी विशेषज्ञता का शानदार उदाहरण पेश किया है। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक गर्भवती महिला का अत्यंत चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया, जिसकी ओवरी में लगभग 10.2 किलोग्राम वजन का विशाल ट्यूमर मौजूद था।

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने सबसे पहले सुरक्षित तरीके से 2.6 किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ शिशु का जन्म कराया। इसके बाद उसी सर्जरी के दौरान महिला की ओवरी से 10.2 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर भी सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद माँ और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।

इस जटिल शल्य चिकित्सा का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पल्लवी सिंह और डॉ. अदिति खरे ने किया। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. तृप्ति वत्सल्य, डॉ. जितेन्द्र कुमार और डॉ. देवांशु सराफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन में विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी अहम सहयोग दिया।

चिकित्सकों की सूझबूझ, अनुभव और बेहतरीन टीमवर्क के कारण यह अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफल रहा। यह उपलब्धि साबित करती है कि हमीदिया अस्पताल में अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के दम पर गंभीर से गंभीर मामलों का भी सफल उपचार संभव है।

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