रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें! माता वैष्णो देवी रूट की ट्रेनें 12 घंटे तक लेट, कई गाड़ियां डायवर्ट

 जालंधर
 सिटी रेलवे स्टेशन पर बुधवार को कई रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंची। इस वजह से यात्रियों को परेशानी हुई और घंटों तक स्टेशन पर ही इंतजार करने के लिए मजबूर भी होना पड़ा। देश के विभिन्न मंडलों में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते कई रेलगाड़ियों को बदले हुए समय पर चलाया जा रहा है और कइयों को डायवर्ट रूट पर।

बुधवार को अमृतसर क्लोन स्पेशल 12 घंटे देरी से पहुंची। इसी तरह से अमृतसर कटिहार एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, लोहित एक्सप्रेस पौने पांच घंटे, अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल, गोल्डन टैंपल सवा चार घंटे, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, दादर एक्सप्रेस चार घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस सवा तीन घंटे, मालवा सुपरफास्ट तीन घंटे, सरयू यमुना एक्सप्रेस पौने तीन घंटे,

श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा सुपरफास्ट, जनसेवा एक्सप्रेस ढाई घंटे, जेहमल एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस दो घंटे, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, शान ए पंजाब एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, पठानकोट सुपरफास्ट, हेमकुंट एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, हावड़ा एक्सप्रेस, उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक घंटा, लुधियाना छेहर्टा एमईएमयू पौना घंटा, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सरबत दा भला एक्सप्रेस आधा घंटा देरी से पहुंची।

उमरिया में भीषण सड़क हादसा, NH-43 पर खड़े ट्रक से टकराई कार, 5 लोगों की दर्दनाक मौत

उमरिया 

 मध्य प्रदेश के उमरिया जिले दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के समीप गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया।

जब तेज रफ्तार आर्टिका कार हाइवे पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

चालक फरार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।

यह हुए प्रभावित
हादसे में मृतकों की पहचान खुशबू मार्को (22 वर्ष), रुद्र प्रताप (3 वर्ष), कुलपत सिंह (37 वर्ष) और सविता सिंह के रूप में हुई है। सभी ग्राम लीला, जिला अनूपपुर के निवासी बताए गए हैं। गंभीर रूप से घायल प्रियंका सिंह (24 वर्ष) का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

कार के उड़े फरखच्चे
दुर्घटनाग्रस्त कर शहडोल की बताई गई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और एक युवक कार के भीतर ही फंस गया, जिसे बाद में बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों को जानकारी दी गई, जिसके बाद वे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

इस हृदयविदारक हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, आदेश की अवहेलना पर ACS समेत 3 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी

जबलपुर 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS), वित्त विभाग के प्रमुख सचिव और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सभी अधिकारियों को 15 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और पूर्व आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है उनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) Manish Rastogi, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक Ajay Gupta शामिल हैं। अदालत ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला कृषि विभाग, जबलपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर देवदत्त विश्वकर्मा से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर बताया कि 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होने के बाद उनसे करीब 2.10 लाख रुपये की रिकवरी की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 मई 2024 को आदेश दिया था कि वसूली गई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए। आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक इसका पालन नहीं किया जिसके बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई।

अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराज हुआ कोर्ट
सुनवाई के दौरान तीनों वरिष्ठ अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने पक्ष रखा।

दो अन्य अधिकारियों को फोन कर बुलाया
सुनवाई के दौरान जबलपुर के कृषि विस्तार अधिकारी एस.के. निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी अदालत में उपस्थित नहीं थीं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार के वकील को दोनों अधिकारियों को तत्काल फोन कर अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से भी उनकी अनुपस्थिति को लेकर जवाब तलब किया है।

15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों और यह भी बताएं कि पूर्व आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि आदेशों की अनदेखी जारी रही तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

चित्रकूट दौरे पर CM योगी, कामदगिरि की परिक्रमा कर बरहा हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

चित्रकूट
दो दिवसीय प्र
वास के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान कामदनाथ के दरबार में माथा टेका। नंगे पैर करीब डेढ़ घंटे की कामदगिरि परिक्रमा कर उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया, महाआरती में शामिल हुए और संत-महंतों का आशीर्वाद लिया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंदरों को केले खिलाए और बच्चों को टाफियां बांटकर स्नेह भी जताया।

बुधवार रात न्यू सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री सुबह 7:25 बजे बरहा हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां श्रीराम-जानकी मंदिर में दर्शन-पूजन और आरती के बाद उन्होंने कामदगिरि परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग में सरयू धारा पर कुछ देर ध्यानमग्न होकर बैठे। इसके बाद कामदनाथ के प्रमुख मुखारबिंद में मंदिर व्यवस्थापक संत मदन गोपालदास के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की।

आगे प्राचीन मुखारबिंद और तृतीय मुखारबिंद में भी दर्शन कर आरती में शामिल हुए, जहां प्रमुख पुजारी भरतदास महाराज ने उनका पूजन कराया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने कामदगिरि की प्राकृतिक छटा का अवलोकन किया। बरहा हनुमान मंदिर में संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन करने के बाद वे कामदगिरि महाआरती स्थल पहुंचे, जहां विपिन विराट महाराज के नेतृत्व में ब्राह्मण बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान कामदनाथ की महाआरती में सहभागिता की।

पूरे परिक्रमा मार्ग पर स्थित मठ और मंदिरों में संत-महंतों ने तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यूपी और मध्य प्रदेश पुलिस की पांच स्तरीय सुरक्षा तैनात रही। श्रद्धालु मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए मार्ग के दोनों ओर खड़े दिखाई दिए।

परिक्रमा के दौरान लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, आलोक पांडेय, अश्वनी आवस्थी, एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मंडलायुक्त अजीत कुमार, डीआईजी राजेश एस, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परिक्रमा पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री न्यू सर्किट हाउस लौटे और वहां से सुबह 10:35 बजे चित्रकूट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से विशेष विमान से बांदा के लिए रवाना हो गए।

 

इंदौर के शख्स का बड़ा दावा! NASA के फॉर्मूले और गायत्री मंत्र से बंद कमरे में उगाई ₹5 लाख किलो वाली केसर

इंदौर
 क्या बिना मिट्टी और बिना खेत के घर के एक छोटे से बंद कमरे में ₹5 लाख किलो वाली कश्मीरी केसर उगाई जा सकती है? देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के एक किसान ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है।

इंदौर के रहने वाले अनिल जायसवाल ने अपने घर की दूसरी मंजिल के महज 320 वर्ग फीट के कमरे को हाईटेक कश्मीरी लैब में बदल दिया है। कश्मीरी वादियों जैसा माहौल देने के लिए इस कमरे में इन दिनों केसर के पर्पल फूलों की बहार आई हुई है।

नासा की एयरोपॉनिक्स तकनीक का कमाल
अनिल ने इस खेती के लिए पारंपरिक तरीका छोड़कर नासा द्वारा विकसित ‘एयरोपॉनिक्स’ तकनीक को अपनाया है। इसमें पौधों को मिट्टी की जरूरत नहीं होती, बल्कि जड़ें हवा में लटकती हैं और उन पर पोषक तत्वों का स्प्रे किया जाता है। कश्मीर के पंपोर से करीब 8 लाख रुपये के बीज लाकर इंदौर के इस बंद कमरे में चिलर और खास लाइटिंग के जरिए कश्मीर जैसा कड़ाके की ठंड वाला तापमान मेंटेन किया गया है।

शुरुआत में लोग इसे पागलपन कह रहे थे क्योंकि एमपी की गर्मी में केसर उगाना मजाक लगता है। लेकिन हमने रिस्क लिया, तापमान और नमी को हर सेकंड मॉनिटर किया। पौधों को लाइव फील देने के लिए हम इन्हें रोज सुबह-शाम गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट की आवाजें सुनाते हैं, जिससे इनकी ग्रोथ नेचुरल होती है।

अनिल जायसवाल, प्रगतिशील किसान, इंदौर

बेटे जुनैद ख़ान संग फ़िल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचे आमिर ख़ान, दिए पोज

केसर प्रोजेक्ट का पूरा गणित

    आइडिया की शुरुआत: परिवार के साथ कश्मीर के पंपोर टूर के दौरान केसर के खेत देखकर विचार आया।

    शुरुआती सेटअप: 320 वर्ग फीट के कमरे में वर्टिकल रैक, चिलर और स्पेशल ग्रोथ लाइटिंग लगाई गई।

    टोटल इन्वेस्टमेंट: इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹6.5 लाख और कश्मीर से बीज मंगाने में ₹7 से ₹8 लाख का खर्च आया।

    रोजाना की मेहनत: शुरुआत में जायसवाल परिवार रोज 3-4 घंटे देता था, अब सिर्फ 2 घंटे की निगरानी काफी है।

    मुनाफे का अनुमान: पिछले साल 3 किलो केसर हुई थी, इस साल करीब 4 किलो उत्पादन की उम्मीद है।

विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 से 15 जुलाई तक महाविद्यालयों में लगेगा प्रवेश मेला

विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 से 15 जुलाई तक महाविद्यालयों में लगेगा “प्रवेश मेला”

अतिरिक्त सीएलसी राउंड में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए मिशन मोड में चलेगा अभियान

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 से 15 जुलाई 2026 तक “प्रवेश मेला” आयोजित किया जा रहा है। अतिरिक्त सीएलसी राउंड के दौरान प्रवेश प्रक्रिया को गति देने एवं पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

प्रवेश मेले के दौरान महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन तथा शुल्क भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पात्र विद्यार्थी उसी दिन अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महाविद्यालयों में प्रवेश मेला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा।

महाविद्यालयों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध लंबित पंजीयन, सत्यापन, प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद भी शुल्क जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों की सूची का परीक्षण कर उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिन पाठ्यक्रमों एवं संकायों में रिक्त सीटों की संख्या अधिक है, वहां विशेष प्रयास किए जाएंगे। विद्यार्थियों को उपलब्ध पाठ्यक्रमों, विषय चयन एवं चॉइस संशोधन के संबंध में आवश्यक परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों, जनप्रतिनिधियों, पालकों एवं पूर्व विद्यार्थियों के सहयोग से प्रवेश जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य की निगरानी में प्रतिदिन प्रवेश की समीक्षा की जाएगी तथा विभागवार एवं संकायवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही की जाएगी। जिला नोडल अधिकारी अधिक रिक्त सीट वाले महाविद्यालयों की विशेष निगरानी करेंगे और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। समस्त महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रवेश मेला केवल औपचारिक आयोजन न होकर “अधिकतम प्रवेश, उसी दिन प्रवेश” की कार्यपद्धति पर संचालित किया जाए, जिससे अतिरिक्त सीएलसी राउंड में अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश का लाभ मिल सके।

 

भारतीय रेलवे की एमपी के यात्रियों को बड़ी सौगात, मात्र ₹850 में 5 धामों के दर्शन

 इंदौर

भारतीय रेलवे और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘देखो अपना देश’ के तहत भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से पंच महातीर्थ दर्शन यात्रा (जगन्नाथ पुरी, कामाख्या, गया, बनारस, अयोध्या) के लिए विशेष आध्यात्मिक दौरे की आधिकारिक शुरुआत की है। आईआरसीटीसी पश्चिम क्षेत्र अहमदाबाद की क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि यह 13 दिनी आध्यात्मिक यात्रा 29 अगस्त से भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के तहत गुजरात और मप्र से भारत के पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए 10 सितंबर को संपन्न होगी।
देश के इन प्रसिद्ध और पवित्र दार्शनिक स्थलों के होंगे दर्शन

इसके तहत ओडिशा में जगन्नाथ पुरी, कोणार्क और लिंगराज मंदिर, गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर, नवग्रह मंदिर, गया/बोधगया में विष्णुपद मंदिर, मां सर्वमंगला गौरी मंदिर, महाबोधि मंदिर, बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गंगा घाट और अयोध्या में रामजन्म भूमि, हनुमानगढ़ी आदि दार्शनिक स्थल सम्मिलित हैं। इस टूर के तहत मध्य प्रदेश के यात्री रतलाम, उज्जैन और संत हिरदाराम नगर से चढ़ और उतर सकते हैं।

मात्र 850 रुपये की ईएमआई पर बुकिंग, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी एलटीसी की सुविधा

इस टूर के लिए पैकेज की कुल कीमत (कर सहित) स्लीपर क्लास के लिए 24 हजार 200 रुपये, थर्ड एसी टियर के लिए 40 हजार 100 रुपये और सेकंड एसी क्लास के लिए 49 हजार 500 रुपये है। इस टूर के तहत सरकारी कर्मचारी एलटीसी सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। इस टूर को ईएमआई सुविधा के साथ मात्र 850 रुपये प्रतिमाह के भुगतान में भी बुक कर सकते हैं।

इस टूर में आपकी बुकिंग के अनुसार सेकंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर क्लास में ट्रेन यात्रा, रहने की व्यवस्था, दर्शनीय स्थलों की सैर के लिए स्थानीय परिवहन, शुद्ध शाकाहारी भोजन, यात्रा बीमा, सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

 

बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन को फिर मिला मौका! इंग्लैंड में 36 किमी तैराकी कर रचेंगे इतिहास

बैतूल 
हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के लिए उन्हें स्विमिंग और पायलटिंग फेडरेशन से स्वीकृति मिल चुकी है। तैराकी में लगभग 14 घंटे का समय लगेगा।

इस बार उनका स्लॉट 20 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच तय किया गया है। रामबरन ने बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रामबरन पाल ने बताया पिछले वर्ष भी उन्हें इंग्लिश चैनल पार करने का मौका मिला था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रतियोगिता नहीं हुई थी। जिसके लिए इंग्लैंड पहुंचे थे।

दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं

यहां 1 से 20 सितंबर 2025 तक डोवर में प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया आवश्यक औपचारिकताएं और तैयारियां पूरी कर चुके थे, लेकिन समुद्र में खराब मौसम और तूफान के कारण स्पर्धा नहीं हो सकी, जिससे उन्हें बिना तैराकी किए वापस लौटना पड़ा। अब दोबारा अवसर मिलने पर वे पूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि इस बार उन्हें दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पहले ही लंदन में कोच सत्येंद्र सिंह के मार्गदर्शन में इंग्लिश चैनल की तैराकी का विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रतियोगिता से पहले केवल मेडिकल परीक्षण होगा, जिसके बाद वे सीधे स्पर्धा में हिस्सा ले सकेंगे। रामबरन स्पर्धा में भाग लेने वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास कर रहे हैं।

दिव्यांगों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं पाल
रामबरन पाल ने बताया कि इंग्लिश चैनल पार करना हर तैराक का सपना होता है। यह प्रतियोगिता तेज लहरों, ठंडे पानी और बदलते मौसम के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तैराकी स्पर्धाओं में गिनी जाती है। उनका लक्ष्य चैनल पार कर भारत और बैतूल जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना है। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं।

मिल चुके कई अवार्ड
तैराक रामबरन पाल राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 22 पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीत चुके हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इंदौर में 26 नई बसें दौड़ेंगी! ‘नो कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ मॉडल से यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

इंदौर

 इंदौर शहर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआइसीटीसीएसएल) ने एक तरफ जहां इंदौर से आसपास के शहरों के लिए ई-बस चलाने की प्लानिंग कर रखी है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नर्सिंगपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले हैं। नो कास्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर यह टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर एआइसीटीएसएल को ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन और मेंटेनेंस भी ऑपरेटर को ही करना होगा।

टेंडर जारी करना शुरू
राज्य सरकार ने लोक परिवहन को अधिक सुलभ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एआइसीटीएसएल को मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के अधीन कर दिया है। इसके चलते अब एआइसीटीएसएल ने इंदौर से दूसरे शहरों के लिए बसें चलाने को लेकर टेंडर जारी करना शुरू कर दिया है। इंदौर के अलावा भी दूसरे शहरों से बसों को चलाने के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। पिछले दिनों इंदौर से आसपास के प्रमुख शहरों उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धारमां डव, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर के लिए 26 सर्वसुविधायुक्त इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के टेंडर जारी किए गए थे।

अब इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले गए हैं। इनके साथ ही झाबुआ से भोपाल, खरगोन से नीमच, खंडवा से शाजापुर, धार से पचमढ़ी, बुरहानपुर से नीमच, बड़वानी से शाजापुर, अलीराजपुर से देवास, बड़वानी से आगर-मालवा और धार से मंदसौर तक डीजल बस चलाने के भी टेंडर जारी किए गए हैं।

ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी बसें
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन ने कहा कि नो कॉस्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर 26 बसों के टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन व मेंटेनेंस भी उसे ही करना होगा। इंदौर और अन्य शहरों से चलने वाली सभी 26 बसें ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी। ई-बस को लेकर पिछले दिनों जारी किए गए टेंडर को लेकर उन्होंने कहा कि अभी टेंडर लाइव हैं।

589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी

भोपाल 

धार वन मंडल ने वन भूमि संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम वन समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 7 वन परिक्षेत्रों में का गई।

विभागीय कार्रवाई में वन परिक्षेत्र धार में 100.55 हैक्टेयर, धामनोद में 35.10हैक्टेयर, मांडव में 50.78 हैक्टेयर, सरदारपुर में 50.62 हैक्टेयर, टांडा में 93.76 हैक्टेयर, बाग में 202.82 हैक्टेयर तथा कुक्षी में 56.00 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। धार वन मंडल में कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि पुनः वन विभाग के संरक्षण में लाई गई। अभियान का उद्देश्य वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर उसका पुनर्वनीकरण करते हुए प्राकृतिक वन संपदा का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर सागौन रूट-शूट की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को वैज्ञानिक पद्धति से सागौन रूट-शूट रोपण, पौध संरक्षण एवं रखरखाव का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। वन भूमि सार्वजनिक एवं प्राकृतिक संपदा है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने चेतावनी दी है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर अतिक्रमण करता है अथवा ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण वन विभाग के साथ पुलिस में भी एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।

 

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