महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल – मंत्री भूरिया

भोपाल 

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और ‘अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म’ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे।

डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व

महिला एवं बाल विकास मंत्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी।  मंत्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके।

कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता

इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना

बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।

महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम

गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी।

 

शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी और एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर करेंगे कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी और एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर करेंगे कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से एनीमिया, शिशु एवं मातृ मृत्यु तथा बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण की योजना
यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की

भोपाल

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से वल्लभ भवन में यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) श्री जैस्पर मिलर, यूनीसेफ इंडिया की चीफ फील्ड सर्विसेज सुश्री सोलेदाद हेरेरो, यूनीसेफ मध्यप्रदेश के प्रमुख श्री विलियम हैनलोन और मध्यप्रदेश के कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट श्री अनिल गुलाटी उपस्थित रहे। बैठक में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण, बाल विवाह की रोकथाम तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था के प्रभावी प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने तथा एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में कार्य कर रही है। हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने इस कार्ययोजना के निर्माण में यूनीसेफ से तकनीकी सहयोग का आग्रह किया।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यूनीसेफ राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग कर सकता है, ताकि वे जिलों में प्रशिक्षण देकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल को मजबूत कर सकें। उन्होंने पंचायतों के सहयोग से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने यूनीसेफ से ऐसे सरल एवं प्रभावी मुख्य संदेश उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिन्हें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से एनीमिया, शिशु एवं मातृ मृत्यु तथा बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की यूनिसेफ प्रतिनिधि श्री मिलर ने की सराहना

यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) श्री मिलर ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस दिशा में राज्य द्वारा लागू किए जा रहे ‘सुमन रोडमैप’ की प्रशंसा की। साथ ही, राज्य में मदर एंड न्यूबॉर्न चाइल्ड केयर यूनिट्स (एमएनसीयू) की स्थापना की पहल के लिए भी मध्यप्रदेश को बधाई दी। सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कुपोषण और बाल विवाह के परस्पर संबंधों पर चर्चा की।

 

GSTAT में अपील प्रक्रिया होगी और आसान, बार प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से की विस्तृत चर्चा

विवेक झा, भोपाल। वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) में अपील प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बार एट GST ट्रिब्यूनल, भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने GSTAT, मध्यप्रदेश के माननीय उपाध्यक्ष जस्टिस रूपेश चंद्र वर्श्नेय तथा सदस्य (न्यायिक) उपेंद्र कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान अपीलकर्ताओं और कर सलाहकारों को अपील दायर करने में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में GSTAT के डिप्टी रजिस्ट्रार विनीत कुमार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार अमित जैन एवं न्यायाधिकरण का प्रशासनिक स्टाफ भी उपस्थित रहा।

पोर्टल पर कॉज लिस्ट और आदेश देखने की दी सलाह

बैठक के दौरान सदस्य (न्यायिक) उपेंद्र कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि करदाता, अधिवक्ता और कर सलाहकार नियमित रूप से GSTAT पोर्टल का अवलोकन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर अपलोड की जा रही कॉज लिस्ट (Cause List) और न्यायालयीन आदेश (Orders) आसानी से देखे जा रहे हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि यदि पोर्टल के संचालन या किसी अन्य तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक विषय में कोई कठिनाई आती है तो उसे तत्काल GSTAT के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क

सदस्य (न्यायिक) ने बताया कि अपीलकर्ताओं और अधिवक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए GSTAT में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। इसके माध्यम से पोर्टल संचालन, दस्तावेजों की अपलोडिंग, अपील दायर करने की प्रक्रिया और अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण का उद्देश्य करदाताओं और कर पेशेवरों को पारदर्शी एवं सुविधाजनक न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।

पावर ऑफ अटॉर्नी सही तरीके से जमा करने पर दिया जोर

माननीय उपाध्यक्ष जस्टिस रूपेश चंद्र वर्श्नेय ने अधिवक्ताओं एवं कर सलाहकारों से अपील की कि वे पावर ऑफ अटॉर्नी अथवा लेटर ऑफ अथॉरिटी जैसे अधिकृत दस्तावेज पूर्ण और त्रुटिरहित तरीके से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी अपील प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब का कारण बन सकती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप और नियमों के अनुरूप प्रस्तुत करने से अपीलों के शीघ्र पंजीकरण और सुनवाई में सुविधा होगी।

अतिरिक्त समय का लाभ उठाने की अपील

माननीय उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा अपील दायर करने के लिए प्रदान की गई अतिरिक्त समय-सीमा का करदाताओं को पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जितनी अपीलें अपेक्षित थीं, उनकी तुलना में अब तक काफी कम अपीलें दायर हुई हैं।

उन्होंने कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे पात्र करदाताओं को समय-सीमा के भीतर अपील दायर करने के लिए जागरूक करें, ताकि वे अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहें।

बार और न्यायाधिकरण के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक के दौरान बार प्रतिनिधिमंडल ने अपील दाखिल करने की प्रक्रिया में आने वाली विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियात्मक मुद्दों से अधिकारियों को अवगत कराया। दोनों पक्षों ने न्यायाधिकरण और बार के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की, ताकि भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

बार एट GST ट्रिब्यूनल, भोपाल के अध्यक्ष अमित जैन व प्रतिनिधिमंडल ने न्यायाधिकरण के अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे करदाताओं, अधिवक्ताओं और कर सलाहकारों को बड़ी सुविधा मिलेगी।


बैठक से निकले प्रमुख बिंदु

  • GSTAT पोर्टल पर कॉज लिस्ट और आदेश नियमित रूप से देखें।
  • पोर्टल या अपील प्रक्रिया में किसी भी समस्या की सूचना तत्काल हेल्प डेस्क को दें।
  • पावर ऑफ अटॉर्नी और लेटर ऑफ अथॉरिटी सही एवं पूर्ण रूप से जमा करें।
  • अपील दायर करने के लिए मिली अतिरिक्त समय-सीमा का पूरा लाभ उठाएं।
  • करदाताओं को समय-सीमा के भीतर अपील दाखिल करने के लिए जागरूक किया जाए।
  • बार और GSTAT के बीच नियमित संवाद से अपील प्रक्रिया और अधिक सुगम होगी।

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल – मंत्री सुश्री भूरिया

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल – मंत्री सुश्री भूरिया

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को साइबर फ्रॉड व डीपफेक से बचाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
सिंहस्थ 2028 में गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलाने के लिए AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल

मंत्री सुश्री भूरिया से गूगल और अहान फाउंडेशन के दल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल 

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और ‘अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म’ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे।

डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी।  मंत्री सुश्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके।

कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता

इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना

बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।

महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम

गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी।

 

MP के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमोशन प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल

भोपाल 
 मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए विभागों में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया की रफ्तार तेज कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को अब तक की गई और रुकी हुई पदोन्नतियों का पूरा विवरण आज ही आनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने का आदेश दिया है. इससे अब बिना किसी देरी या पक्षपात के हर पात्र कर्मचारी को समय पर उच्च पद और बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। 

आज ही अपलोड होगी जानकारी, जल्द दूर होंगी प्रमोशन की अड़चनें
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार सभी विभागों को अपनी पदोन्नति प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा निर्धारित आनलाइन लिंक पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा. सरकार के इस फैसले से अब फाइलों में होने वाली देरी खत्म होगी और कर्मचारियों को उनके हक का प्रमोशन समय पर मिल सकेगा। 

डिजिटल ट्रैकिंग से रुकेगी लेट लतीफी और मनमानी
​इस आनलाइन व्यवस्था से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी. शासन सीधे मॉनिटर कर सकेगा कि किस कर्मचारी का प्रमोशन कहां और क्यों अटका हुआ है. इससे बाबूशाही और मनमानी पर लगाम लगेगी और पात्र कर्मचारियों को बिना भटके उनका अधिकार मिलेगा। 

​लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025, मुख्यमंत्री खुद करेंगे समीक्षा
​मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत पिछले नौ दिनों में विभागों द्वारा की गई प्रमोशन की कार्रवाई का पूरा रिकार्ड खंगालने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री की इस सीधी समीक्षा से उन विभागों की पोल खुलेगी जहां कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले बेवजह लंबित रखे गए हैं, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। 

​मंत्रियों और अफसरों को सख्त निर्देश, किसी भी वर्ग के साथ नहीं होगा अन्याय
​हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि सभी विभागों में पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति बिना किसी भेदभाव के तय समय पर पूरी की जाए. सरकार का संकल्प है कि हर वर्ग के कर्मचारियों को उनके काम और वरिष्ठता का पूरा लाभ मिले। 

​कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता
​इसस पूर्व बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स के पदाधिकारियों द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह कर्मचारी हितों के साथ हैं और किसी भी स्तर पर योग्य कर्मचारियों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। 

दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी तय नहीं, लेकिन प्रचार तेज! नरोत्तम की 2 सभाएं, कांग्रेस का डोर-टू-डोर अभियान

दतिया 

 दतिया में हो रहे उपचुनाव का प्रत्याशी अभी किसी दल ने घोषित नहीं किया है, लेकिन चुनावी लड़ाई सड़कों पर उतर चुकी है। कहीं सभाएं हो रही हैं तो कहीं घर-घर दस्तक देकर वोट मांगे जा रहे हैं। भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने नामांकन फॉर्म खरीदने के साथ चुनावी सभाओं का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस में टिकट के दावेदार जनसंपर्क के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं, आजाद समाज पार्टी दावा कर रही है कि उसने चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। अब तक विधानसभा के 70 फीसदी हिस्से में पहुंच बना चुकी है।

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की पहली परीक्षा
कांग्रेस के लिए दतिया विधानसभा उपचुनाव सिर्फ एक सीट बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि राहुल गांधी की पहल पर शुरू किए गए ‘संगठन सृजन अभियान’ की पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है। बूथ से लेकर ग्राम स्तर तक नए संगठनात्मक ढांचे के गठन का दावा करने वाली कांग्रेस अब इस मॉडल की प्रभावशीलता को चुनावी मैदान में परखने जा रही है।

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई है। पार्टी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। हालांकि, स्थानीय संगठन और राजेंद्र भारती के बीच पूर्ण सामंजस्य नहीं होने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में बनी हुई हैं।

हार के बाद संगठन पर फोकस
वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने संगठन की कमजोरी को प्रमुख कारण माना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की समीक्षा के बाद संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया। इसके तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में जिला अध्यक्षों का चयन किया गया और नई जिला कार्यकारिणी तथा ब्लॉक इकाइयों का गठन हुआ।

इन्हीं इकाइयों ने आगे बूथ और पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया। पार्टी का दावा है कि नया संगठन व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल कांग्रेस की जीत के लिए काम करेगा, चाहे उम्मीदवार कोई भी हो।

बड़े मंच नहीं, मोहल्ला बैठकों पर रहेगा जोर
प्रदेश कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए प्रचार की रणनीति भी बदल दी है। इस बार बड़ी जनसभाओं के बजाय मोहल्ला बैठकें, घर-घर संपर्क और मतदाताओं से सीधे संवाद पर अधिक जोर दिया जाएगा। जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह चुनाव तक दतिया में सक्रिय रहेंगे। वहीं, सचिन यादव समेत युवा नेताओं की टीम भी चुनाव प्रचार की कमान संभालेगी।

नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी. हालांकि भारती के लिए एक एक दिन भारी हो रहा है. क्योंकि दतिया सीट खाली घोषित होने के बाद उपचुनाव के लिए 13 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख है। 

हाईकोर्ट में भारती ने अपनी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने और दतिया उपचुनावों के मद्देनजर राहत की गुहार लगाई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

इस मामले में कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. आयोग भी अपना जबाव पेश कर रहा है. आयोग ने 30 जुलाई को दतिया में उपचुनाव के लिए मतदान का कार्यक्रम भी घोषित कर रखा है। 

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल जज पीठ ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को तो निलंबित यानी सस्पेंड कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 1 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को एक दशक पुराने कॉपरेटिव बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले और धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया था. इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को उन्हें 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी। 

भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून के नियमों के तहत 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलने के कारण मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द (अयोग्य घोषित) कर दी थी. इसके साथ ही दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया था। 

राजेंद्र भारती की कानूनी टीम लगातार कोर्ट से दोषसिद्धि (Conviction) पर स्टे लगाने की मांग कर रही है, क्योंकि जब तक दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगती, तब तक उनकी विधायकी बहाल नहीं हो सकती. न ही वे आगामी चुनाव लड़ सकते हैं. दतिया उपचुनाव के लिए मैदान 30 जुलाई को और नतीजे 3 अगस्त 2026 को आएंगे। 

नरोत्तम ने मंच से पुरानी गलतियों के लिए मांगी माफी
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम पार्टी की ओर से घोषित नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने चुनावी मैदान संभाल लिया है। आमसभा के जरिए वे लोगों से जुड़ रहे हैं। अब तक वे दो सभा कर चुके हैं।

    पहली सभा : चुनाव की घोषणा होते ही डॉ. मिश्रा ने ठंडी सड़क पर छोटे फुब्बारे के पास की थी। उन्होंने लोगों से कहा- मुझसे जो पूर्व में गलती हुई है, उसे क्षमा करें। मैं अपने आचार-विचार में परिवर्तन लाया हूं। अगर आप मेरे घर आते हैं तो विश्वास रखिया में खड़ा रहूंगा और आप को बैठाऊंगा।

    दूसरी सभा : रावतपुरा कॉलेज की सभा में बोले- कांग्रेस जो 70 करोड़ की खरीद-फरोख्त की बात कह रही है। भाजपा रद्दी माल नहीं लेती है। उन्होंने कहा था कि, मेरे पास केंद्रीय मंत्री का पीए आया था। आज तक बता नहीं सके कि वह कौन सा पीए था।

आजाद समाज पार्टी का फोकस गांव में ज्यादा
आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव कहते हैं कि जब राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हुई थी, तभी से हमने चुनाव-प्रचार शुरू कर दिया था। हमारी पूरी तैयारी है। गांव-गांव जाकर हमारे कार्यकर्ता लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा के करीब 70 प्रतिशत तक गांव में जनसंपर्क कर चुके हैं। हमारी सभाएं लगातार जारी हैं।

 

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए एनजीओ, महिला आयोग और गूगल एक मंच पर

महिलाओं और बच्चों की डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए एनजीओ, महिला आयोग और गूगल एक मंच पर

भोपाल 

डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा आज देश के सामने सबसे बड़ी सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों में शामिल हो गई है। इसी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग, आहान फाउंडेशन और वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल के सहयोग से भोपाल में आयोजित विशेष एनजीओ मीट में डिजिटल सुरक्षा , साइबर अपराधों की रोकथाम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर व्यापक विमर्श हुआ।

मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आयोग की सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने कहा कि डिजिटल युग ने जितने अवसर उपलब्ध कराए हैं, उतनी ही नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा केवल कानून या तकनीक का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति को देखते हुए डिजिटल जागरूकता, समय पर शिकायत और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा।उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग सिखाना समय की आवश्यकता है। परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों और शासन के समन्वित प्रयासों से ही ऐसा डिजिटल वातावरण बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।

कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव सुरेश तोमर भी उपस्थित रहे। ‘रिस्पॉन्सिबल नेटिजन’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित संवाद में महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भाग लेकर जमीनी अनुभव साझा किए तथा डिजिटल सुरक्षा को लेकर सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में गूगल की डायरेक्टर (सर्च एंड जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी) सुस्निग्धा भारद्वाज ने ‘चाइल्ड सेफ्टी एंड एआई’ विषय पर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास बच्चों और समाज के हितों को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन जोखिमों की पहचान और बच्चों के लिए जिम्मेदार डिजिटल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं गूगल के ट्रस्ट एंड सेफ्टी विभाग के समीर ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं और सुरक्षा मानकों की जानकारी साझा की।

आहान फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुसोनाली पाटणकर ने डिजिटल सुरक्षा पर आयोजित विशेष सत्र में साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी लिंक, डेटा सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग से जुड़े व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता आज केवल एक कौशल नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी सहभागी स्वयंसेवी संस्थाओं ने महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और विश्वासपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शासन, तकनीकी संस्थान, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है तथा डिजिटल भारत के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

 

सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प

सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प

– शाजापुर में किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान
–  शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश 

शाजापुर
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को 30.86 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने यहां कई कामों के लोकार्पण और भूमिपूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इससे पहले कालापीपल में उनका ‘रोड शो’ हुआ। इस रोड शो में जनता ने अपने लाड़ले बेटे पर जमकर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसी महीने राज्य में यूसीसी लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल अद्भुत क्षेत्र है। मां राज-राजेश्वरी की इस पर असीम कृपा है। आज यह क्षेत्र पौधरोपण में नया रिकॉर्ड बना रहा है। नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती इन पांच नदियों की इस क्षेत्र को कृपा मिल रही है। परमात्मा ने शाजापुर को अद्भुत सौंदर्य दिया है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रदेश में शाजापुर जैसा जिला है। उन्होंने कहा कि एक गाना है, ‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती, मेरे देश की धरती…’  इसी गाने की तरह शाजापुर हमारे लिए सोना उगलने वाली धरती भी है, कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली धरती भी है, संगठन का सूर्य चमकाने वाली धरती भी है।

किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘जो धरती को हरियाली का उपहार देते हैं, वही आने वाले कल को आकार देते हैं’। ‘किसान मुस्कुराए तो मुस्कुराता जहां है, इन्हीं की मेहनत से महकता अपना हिंदुस्तां है’। आज का यह आयोजन केवल भूमि-पूजन, लोकार्पण का औपचारिकता का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों का 6-6 महीने के ब्याज का झंझट खत्म हो जाएगा। अब हम एक साल के लिए लोन देंगे। किसानों के लिए हमारी सरकार सबकुछ करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अलग पहचान बना रहा है। किसान सम्मान निधि से लेकर सभी योजनाएं लगातार जन कल्याण का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस के मित्रों से पूछना चाहता हूं कि आपको परेशानी क्या है। आप बताइए नर्मदा कहां और शाजापुर कहां। फिर भी, यहां के 118 गांवों में नर्मदा जल आता है। आने वाले दिनों में जो-जो गांव बचे हैं, वहां भी पानी देंगे, पूरे क्षेत्र में पानी देंगे। 

बीजेपी सरकार में बढ़ा सिंचाई का रकबा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती-मानुस चून। खेत में किसान और सीमा पर जवान, दोनों का सम्मान, ये है भाजपा की पहचान। हमने पारस पत्थर तो नहीं देखा, लेकिन यह पक्की बात है कि अगर सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो वह सोना उगलने लगता है। उन्होंने कहा कि राज्य से 250 से ज्यादा नदियां निकलती हैं। नर्मदा, पार्वती, कालीसिंध, चंबल, केन बेतवा जैसी नदियां बहती रहीं और कांग्रेस के लोग सरकार चलाते रहे। 1956 से मध्यप्रदेश बना है, लेकिन 2002-03 तक इन्होंने कुछ नहीं किया। उस काल तक सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हैक्टेयर होता था। लोगों को याद होगा 1956 के दौर में गेहूं का भाव 80 से लेकर 100 रुपये क्विंटल हुआ करता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल में गेहूं के भाव 400 रुपये भी नहीं बढ़ा पाई। जबकि, अभी किसानों ने गेहूं 2625 रुपये क्विंटल बेचा। यह बात कांग्रेसियों को सुनाओ कि यह है सरकार भाजपा की। यह है बीजेपी को वोट देने का परिणाम।  कांग्रेस केवल सत्ता चाहती है। जब बीजेपी की सरकार बनी तब जाकर सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ। 

कांग्रेस ने राज्यों को आपस में लड़वाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में लाइट जलती है। किसान सिंचाई के लिए डीजल की टंकी लेकर दौड़ता था, जगह-जगह धक्के खाता था, लेकिन बिजली नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में गांव की लाइट अलग, खेत की लाइट अलग है। आने वाले समय में हमारी सरकार और सौगात देगी। बरसात के बाद जब किसान गेहूं-चने की खेती करेंगे, तो आपको लाइट दिन में ही मिलेगी। आपको रात को पानी डालने की जरूरत ही नहीं होगी। कांग्रेस को अपने पापों के लिए किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसान को भगवान के समान पूजने के काम, अगर कोई सरकार करती है, तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार करती है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमारी सरकार एक के बाद एक काम करती जा रही है। किसान के लिए लागत कम, आमदनी डबल होनी चाहिए। अब हम किसान से एमएसपी पर फसल खरीदेंगे। कांग्रेसियों ने किसानों से कभी एक दाना नहीं खरीदा। किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता से कहा कि अगर कोई कांग्रेसी आपके दरवाजे आए तो उनसे ये सारे सवाल करना। कांग्रेस ने एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य के किसानों से लड़ाया। कांग्रेस की सरकार में पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वा दिया। किसानों के खून की नदियां बहती थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उनका काम ही है लोगों को आपस में बांटो और राज करो। अंग्रेज चले गए और कांग्रेस छोड़ गए। और ये कांग्रेसी हम सबके सिर पर बैठ गए।

अब प्यासा नहीं रहेगा बुंदेलखंड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर 20-30 साल तक झगड़ा चलता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना से इसका हल निकला। इस हल से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले प्रदेश के आनंद मनाएंगे। इस परियोजना का 90 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग बड़े जुझारू हैं, लेकिन केवल पानी की कमी की वजह से पलायन करते थे। आज हमने उत्तप्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी को लेकर एमओयू किया है। इस परियोजना के पूरा बुंदेलखंड पानी से सराबोर होगा। इसी तरह हमने महाराष्ट्र के साथ भी करार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा क्षेत्र बदल गया। सरदरा सरोवर परियोजना के लिए हमें 1500 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन अब हमें मात्र 231 करोड़ रुपये देने होंगे। यह हमारे काम करने का तरीका है। हमने सारी बातों का समाधान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कृष्ण जब तक द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद में नहीं आया। कांग्रेसियों ने बहनों को फूटी कौड़ी नहीं दी। हमारी सरकार जब योजना लाई, तो कांग्रेसी मजाक बनाते थे। कहते थे कि यह योजना केवल चुनाव तक सीमित है, पैसा कहां से लाएंगे। सरकार बर्बाद कर दी। मुझे गर्व है कि अभी तक 60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है। हम हर महीने राखी मनाते हैं। एक हजार से चलने वाली यात्रा 1500 तक आ गई। इन पैसों से बहनें अलग-अलग काम करने लगीं। वे घर के लिए वरदान हैं। वे हमारे घर का आधार हैं। वे अपना पेट काटकर बच्चों के लिए सारी व्यवस्थाएं करती हैं। इधर, कांग्रेसी कहते हैं कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये मत दो। कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने महिलाओं से कहा कि काग्रेसियों की इस बात को वैसे ही याद रखना जैसे भगवान कृष्ण ने शिशुपाल की बात को याद कर रखा था। जैसे ही चुनाव आए आप अपना वोट देना और कांग्रेसी मुंह के बल गिर जाएंगे। इनका हिसाब-किताब चुकता हो जाएगा। जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। कांग्रेस के षडयंत्रों का खेल, झूठ बोलने का खेल चलने वाला नहीं है। 

अलग-अलग कानूनों की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत से लेकर खलिहान तक और खलिहान से लेकर बागबां तक हम सभी का सम्मान करते हैं। हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। अभी तो कांग्रेसियों को और बड़ा झटका लगने वाला है। हमारे यहां हिंदू का कानून अलग, मुस्लमान का कानून अलग, ये अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। कानून एक ही होना चाहिए। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। उनके साथ जो होता है अब वो नहीं चलेगा। इन बहनों के आत्मसम्मान के लिए एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का प्रयास करेंगे। हम दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। दस साल से सब इंस्पेक्टर की भर्ती टल रही थी, हमने वो भर्ती शुरू कर दी। हमने पदोन्नति दी और रोजगार के रास्ते खोले। आज मध्यप्रदेश में दस लाख करोड़ का निवेश हो चुका है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपके पास ही पेप्सिको प्लांट लगा रहा है। यह कंपनी आपसे आलू खरीदेगी। इसलिए अपनी फसल में आलू की गुंजाइश भी रखो। किसान रोड किनारे अपनी जमीन पर होम स्टे बनाए। उसमें हम कोई अलग से बिजली बिल नहीं मांगेंगे। सांदीपनि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह काम हो रहे हैं।

MP Weather Alert: ग्वालियर-चंबल में आज भारी बारिश, भिंड में रेड अलर्ट; उज्जैन-सागर भी होंगे तरबतर

भोपाल 

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे ग्वालियर-चंबल संभाग में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर भिंड जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

उत्तरी मध्य प्रदेश में आफत की बारिश: इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश का उत्तरी हिस्सा पूरी तरह तरबतर रहेगा. भारी तबाही की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  जारी किया गया है. इनमें मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिले शामिल हैं। 

ऑरेंज अलर्ट के अलावा प्रदेश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग ने इन नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिले में इसकी संभावना जताई है। 

इसके अलावा राजधानी भोपाल समेत महाकौशल और निमाड़ अंचल के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। 

यहां बारिश का अनुमान
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ में हल्की बारिश देखने को मिलेगी. इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास जिले भी शामिल हैं. इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा और सतना भी हल्की बारिश वाले जिले रहेंगे। 

अलर्ट और संभावित प्रभाव

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक:

    रेड अलर्ट: भिंड (अत्यधिक भारी बारिश की आशंका)।
    ऑरेंज अलर्ट: मोरेना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर मालवा और रतलाम।
    भारी बारिश: नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में।

कल की बारिश का हाल
कल कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे सड़कें जलभराव से प्रभावित हुईं और नदियां-नाले उफान पर आ गए। कुछ इलाकों में शिक्षक और आम लोग बाढ़ वाले क्षेत्रों से गुजरने को मजबूर हुए। कई जगहों पर यातायात बाधित रहा।

आज भोपाल समेत कई जगह बारिश गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में पानी गिरेगा।

शाजापुर में नाला पार कर स्कूल पहुंचे टीचर इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा में ग्रामीण अंचलों के नदी-नाले उफान पर होने से जनजीवन प्रभावित रहा। शाजापुर में टीचर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए। रतलाम में अंडर ब्रिज पर पानी भर गया।

मौसम विभाग के अनुसार, दमोह में पौने 2 इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच, खजुराहो-टीकमगढ़ में पौन इंच, जबलपुर, खरगोन-बैतूल में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास, सीहोर में भी बारिश हुई।

बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 28 डिग्री, जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सीधी में 33.6 डिग्री और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश में 10 प्रतिशत बारिश ज्यादा प्रदेश में इस बार पूरे जून मूहीने आंधी-बारिश का दौर रहा। बावजूद इसके कोटे से 30 प्रतिशत पानी कम बरसा, लेकिन जुलाई के 8 दिनों ने यह कोटा न सिर्फ पूरा कर दिया, बल्कि 10 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा दिया।

आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 223.7 मिमी यानी, करीब 9 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य बारिश 202.5 मिमी (8.1 इंच) से 10 प्रतिशत ज्यादा है। पूर्वी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 30 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है।

जून में कम बारिश, जुलाई में बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

बारिश का कुल आंकड़ा
जून में बारिश की कमी के बावजूद जुलाई की शुरुआत में स्थिति सुधर गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। पश्चिमी हिस्सों में यह बढ़त और भी ज्यादा है, जबकि पूर्वी क्षेत्र अभी थोड़ा पीछे हैं। देवास जिले में इस सीजन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

बारिश से दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

 

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित

लोक निर्माण से लोक कल्याण

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित

प्रदेश के 7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों का मुख्य अभियंताओं ने किया निरीक्षण, 20 कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश

भोपाल 

लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में औचक निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। विगत 6 जुलाई को मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर एवं निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण में कुल 34 निर्माण कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, पीआईयू के 6, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का 1 कार्य शामिल रहा।

निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी निरीक्षण दल ऑनलाइन उपस्थित रहे।

समीक्षा में बुरहानपुर जिले के सुंदर नगर-कुंदन डेयरी रोड स्थित पंडारोल नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बुरहानपुर जिले में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा कार्य कर रही एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा के पंजीयन निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख अभियंता इंदौर को दिए गए।

 

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