पुलिस सैलरी पैकेज योजना से दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिला आर्थिक संबल

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण तथा उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) योजना के अंतर्गत जिला दमोह में पदस्थ दिवंगत दो पुलिसकर्मियों के आश्रित परिवारों को 1-1 करोड़ रूपए की दुर्घटना बीमा दावा राशि प्रदान की गई।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय दमोह में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक  आनंद कलादगी ने दिवंगत प्रधान आरक्षक  शमीम खान एवं दिवंगत आरक्षक  भूपेंद्र ठाकुर के आश्रित परिजनों को 1-1 करोड़ रूपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

दिवंगत प्रधान आरक्षक  शमीम खान एवं आरक्षक  भूपेंद्र ठाकुर का जून 2025 में दुर्घटना के उपरांत उपचार के दौरान दुखद निधन हो जाने पर उनके वेतन खाते भारतीय स्टेट बैंक में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में 1-1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

पुलिस परिवहन शोध संस्थान का प्रदेशव्यापी विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान

भोपाल 

प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस एवं परिवहन विभाग के समन्वय से 08 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक “विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान” संचालित किया जा रहा है। दस दिवसीय इस अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में स्कूल बसों, वैन एवं अन्य स्कूली वाहनों का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य स्कूली वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

अभियान के अंतर्गत वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, पंजीयन, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC), चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, परिचालक की उपलब्धता,  जीपीएस, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी (जहां लागू हो), निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही चालक के आचरण, वाहन संचालन की सुरक्षित पद्धति एवं मोटरयान अधिनियम तथा केंद्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।

जांच के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चालानी कार्रवाई सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

बस संचालकों से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी बस संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में निर्धारित सभी सुरक्षा उपकरण सदैव क्रियाशील एवं अद्यतन रखें तथा मोटरयान अधिनियम एवं यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें। प्रदेशवासियों से भी आग्रह किया गया है कि वे केवल वैध एवं सुरक्षित लोक परिवहन सेवाओं का ही उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की सूचना तत्काल निकटतम यातायात पुलिस अथवा परिवहन कार्यालय को दें, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

प्रदेशव्यापी “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” हुआ सफल

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस परिवहन शोध संस्‍थान द्वारा परिवहन विभाग के समन्‍वय से संयुक्त रूप से प्रदेशव्यापी “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” सफलतापूर्वक संचालित किया गया। एक सप्ताह तक चले इस विशेष अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित एवं उत्तरदायी बनाना था। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस एवं परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त रूप से सघन जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में 12,209 लोक परिवहन बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट,  बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई।

विशेष अभियान के दौरान बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा अन्य आवश्यक वैध दस्तावेजों के बिना संचालित वाहनों सहित मोटरयान अधिनियम एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 4,787 चालान बनाए गए तथा लगभग 33 लाख रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया।

निरीक्षण के दौरान 128 बसों में गंभीर सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार उपलब्ध नहीं था अथवा उसे बंद कर उसके स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी बाधित हो सकती थी। इन गंभीर मामलों में पुलिस द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर परिवहन विभाग ने 22 वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए हैं, जिसके फलस्वरूप इन वाहनों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) भी निलंबित हो गया है। शेष वाहनों के विरुद्ध भी फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रचलन में है तथा इस संबंध में परिवहन आयुक्त को आवश्यक प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की लूट का महज 18 घंटे में किया खुलासा

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में लूट, डकैती,  चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का मात्र 18 घंटे में खुलासा कर त्वरित एवं प्रभावी पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। पुलिस ने दो मुख्य लुटेरों, उन्हें फरार होने में मदद करने वाले एक आरोपी तथा मुखबिरी करने वाले एक अन्य आरोपी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई लगभग संपूर्ण राशि, घटना में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।

ग्वालियर जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविन्द सक्सेना के निर्देशन, पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. असित यादव के मार्गदर्शन तथा गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक विवेचना, मुखबिर तंत्र एवं त्वरित फील्ड कार्रवाई के माध्यम से यह सफलता हासिल की है।

08  जुलाई को गुना शहर के निचला बाजार रपटे के समीप कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के कर्मचारी की तीन अज्ञात बदमाशों ने आंखों में स्प्रे कर 17 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था। सूचना मिलते ही गुना कोतवाली थाना में प्रकरण दर्ज कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविन्द सक्सेना ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। इसके साथ ही 06 विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस टीमों ने घटनास्थल एवं शहर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया, जिले की सीमाओं पर सघन नाकाबंदी की, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए घटना के मात्र 18 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा लूट की पूरी साजिश का खुलासा किया गया, जिसके आधार पर उन्हें फरार होने में सहायता करने वाले आरोपी तथा मुखबिरी करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान लूट की राशि में से 16 लाख 77 हजार 100 रूपए एवं घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया गया। यह सफलता पुलिस की पेशेवर कार्यप्रणाली, उत्कृष्ट टीमवर्क एवं त्वरित प्रतिक्रिया का सशक्त उदाहरण है।

मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लूट, डकैती, चोरी सहित संपत्ति संबंधी एवं अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

 

कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए स्कॉटलैंड रवाना हुईं मध्यप्रदेश की अंजली सिंह और माही लामा

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी की प्रतिभाशाली महिला मुक्केबाज अंजली सिंह (57 किग्रा) एवं माही लामा (60 किग्रा) का चयन 10 से 24 जुलाई 2026 तक ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है। दोनों खिलाड़ी आज स्कॉटलैंड के लिए रवाना हुईं। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में वे विभिन्न देशों के शीर्ष मुक्केबाजों के साथ अभ्यास कर अपनी तकनीकी क्षमता, फिटनेस एवं प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को और अधिक सशक्त बनाएंगी।

अंतर्राष्ट्रीय अनुभव से मिलेगा प्रदर्शन को नया आयाम

कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करेगा, जहां उन्हें अनुभवी विदेशी कोचों के मार्गदर्शन के साथ विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के विरुद्ध अभ्यास का अवसर मिलेगा। यह शिविर आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के साथ खिलाड़ियों के तकनीकी एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मध्यप्रदेश बॉक्सिंग अकादमी लगातार गढ़ रही है अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी देश की अग्रणी खेल अकादमियों में शामिल है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, वैज्ञानिक फिटनेस कार्यक्रम तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के कारण अकादमी ने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी तैयार किए हैं। अकादमी प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय : मंत्री  सारंग

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने अंजली सिंह एवं माही लामा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “मध्यप्रदेश की दोनों प्रतिभाशाली मुक्केबाजों का कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग कैंप के लिए चयन प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह अवसर उनके खेल कौशल को और अधिक निखारने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। मुझे विश्वास है कि दोनों खिलाड़ी इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी तथा देश और मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी।”

खिलाड़ियों की सफलता से बढ़ रहा प्रदेश का खेल गौरव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सतत प्रयासों से खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अधोसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को नई पहचान दिला रहे हैं।

 

ओंकारेश्वर में स्थापित एकात्मता की मूर्ति (स्टैच्यू ऑफ वननेस) पूर्णतः सुरक्षित और सुदृढ़

भोपाल 

पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में ‘एकात्म धाम’ में स्थापित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची बहुधातु प्रतिमा—’एकात्मता की मूर्ति’ पूर्णतः सुरक्षित, सुदृढ़ और संरचनात्मक रूप से अत्यंत मजबूत है। संस्कृति विभाग के ‘आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास’ द्वारा वर्ष 2023 में स्थापित की गई यह भव्य प्रतिमा अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और उच्चतम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके निर्माण, अभिकल्पना और सुरक्षा आकलन में देश-विदेश की सर्वोच्च और अत्यंत प्रतिष्ठित विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवाएँ ली गई हैं।

मुख्य अभियंता एवं परियोजना संचालक एकात्मधाम श्री राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ऐतिहासिक प्रतिमा ‘एकात्मता की मूर्ति’ का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का सफलतापूर्वक निर्माण करने वाली देश की अग्रणी कंपनी मैसर्स एल एंड टी (L&T) के माध्यम से संपन्न कराया गया है। मूर्ति के कॉस्टिंग का महत्वपूर्ण कार्य भी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जैसी वैश्विक धरोहर बनाने वाली ख्याति प्राप्त कंपनी जेटीक्यू द्वारा किया गया है। परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनी मैसर्स माइनहार्ट सिंगापुर ने अपनी सेवाएँ दी हैं, जिन्हें इस प्रकार की विशाल संरचनाओं का व्यापक वैश्विक अनुभव है। साथ ही, प्रतिमा के डिजाइन सलाहकार के रूप में देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’, ‘भारत मंडपम्’ और ‘वल्लभ भवन एनेक्सी’ जैसी महत्वपूर्ण शासकीय व राष्ट्रीय इमारतों को स्वरूप देने वाली प्रतिष्ठित फर्म मैसर्स सी.पी. कुकरेजा एसोसिएट्स ने भूमिका निभाई है।

प्रतिमा के संरचनात्मक स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) चेन्नई (मद्रास) एवं IIT दिल्ली जैसी सर्वोच्च संस्थाओं से विस्तृत तकनीकी परामर्श प्राप्त किया गया है। प्रतिमा का मिक्स डिजाइन और अत्याधुनिक ‘सीज़मिक एनालिसिस’ (भूकंपीय विश्लेषण) जैसे अत्यंत संवेदनशील परीक्षण IIT मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए हैं। वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली द्वारा किए गए तकनीकी आकलन के अनुसार, इस भव्य प्रतिमा की ‘डिजाइन लाइफ’ (अभिकल्पना अवधि) 500 वर्ष या उससे अधिक निर्धारित की गई है, जो इसके दीर्घकालिक स्थायित्व को अकाट्य रूप से प्रमाणित करती है।

‘एकात्मता की मूर्ति’ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए ओंकारेश्वर कार्य स्थल के सीज़मिक जोन-III में होने के बावजूद, प्रतिमा की संरचनात्मक गणनाएँ अत्यधिक संवेदनशील और उच्चतर सीज़मिक जोन-IV के कड़े मानकों के आधार पर की गई हैं। इन कठोर पैमानों पर भी प्रतिमा की डिजाइन पूर्णतः सुरक्षित और अचूक पाई गई है। इसी क्रम में, विश्व विख्यात जर्मन विंड इंजीनियरिंग कंपनी मैसर्स वर्नर सोबेक एजी द्वारा प्रतिमा का व्यापक ‘विंड टनल एनालिसिस’ किया गया है। ओंकारेश्वर क्षेत्र के लिए निर्धारित मानक वायु दबाव (140 किमी/घंटा) की तुलना में इस प्रतिमा की गणना 169 किमी/घंटा की अत्यधिक उच्च वायु गति पर की गई है, जो विपरीत से विपरीत मौसम में भी इसके अडिग रहने की गारंटी देती है।

विश्वस्तरीय स्ट्रक्चरल सॉफ्टवेयर ‘ETABS’ के माध्यम से किए गए वास्तविक सॉफ्टवेयर विश्लेषण में भी प्रतिमा की वास्तविक सुदृढ़ता स्थापित हुई है। स्वीकृत एवं अनुमोदित डिजाइन के अनुक्रम में, अनुमेय स्ट्रेस रेशियो की निर्धारित सीमा 0.85 के विरुद्ध इस भव्य संरचना का वास्तविक स्ट्रेस रेशियो मात्र 0.4 पाया गया है, जो कि तय मानकों से बहुत बेहतर और पूरी तरह सुरक्षित सीमा के भीतर है।

तकनीकी विशेषज्ञों और परियोजना अधिकारियों के अनुसार, ‘एकात्मता की मूर्ति’ का पेडेस्टल (पिलर) और मुख्य ढांचा पूरी तरह से अपने निर्धारित अक्ष पर मजबूती से स्थिर है। यह भव्य प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित, सुदृढ़ और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्मित है, जो आने वाली कई सदियों तक देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र बनी रहेगी।

 

ऑपरेशन हमदर्द : जीआरपी ने आठवें दिन 32 निराश्रित एवं बेसहारा लोगों का तैयार किया डिजिटल डोजियर

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश जीआरपी द्वारा पूरे प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान “ऑपरेशन हमदर्द” संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं आसपास के क्षेत्रों में रह रहे निराश्रित, बेसहारा, परित्यक्ता महिलाओं, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों तथा भटके हुए बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार उनके पुनर्वास एवं परिजनों से मिलाने की कार्रवाई की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल श्री राजाबाबू सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे भोपाल श्री अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश की सभी जीआरपी इकाइयों द्वारा अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

अभियान के आठवें दिन 08 जुलाई 2026 को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 26 पुरुष, 5  महिलाएं एवं 1 बालक सहित कुल 32 व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनके डिजिटल डोजियर तैयार किए गए। जिन व्यक्तियों के परिजन उपलब्ध थे, उन्हें परिजनों से संपर्क कर मिलवाया गया तथा जिनका कोई आश्रय नहीं था, उनके पुनर्वास के लिए संबंधित सामाजिक संस्थाओं एवं आश्रय गृहों से समन्वय स्थापित किया गया।

अभियान प्रारंभ होने से अब तक कुल 270 निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा चुका है। इस डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान, पुनर्वास एवं अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य

  •     रेलवे स्टेशनों पर लंबे समय से रह रहे निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों की पहचान करना।
  •     प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल फोटो एवं आवश्यक विवरण संकलित कर रिकॉर्ड तैयार करना।
  •     दिव्यांग, महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय से पुनर्वास सुनिश्चित करना।
  •     भिक्षावृत्ति में सक्रिय संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करना।
  •     गुमशुदा एवं भटके हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाना।

मानवीय संवेदनाओं के उदाहरण

जीआरपी आमला द्वारा स्टेशन चेकिंग के दौरान एक निराश्रित वृद्ध व्यक्ति पांडू परते मिले, जो पिछले दो वर्षों से स्टेशन पर भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन कर रहे थे। विस्तृत पूछताछ एवं सतत प्रयासों के बाद उनकी पुत्री से संपर्क स्थापित किया गया। नागपुर से पहुंची पुत्री को उनके पिता से सुरक्षित मिलवाया गया, जिससे लंबे समय बाद परिवार का पुनर्मिलन संभव हो सका।

जीआरपी रानी कमलापति (आरकेएमपी) ने मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में घूम रहे सुरेश कुमार, निवासी राजस्थान, की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। जांच में पता चला कि उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट महाराष्ट्र के नासिक जिले में दर्ज थी। सूचना मिलने पर परिजनों ने भोपाल पहुंचकर उन्हें अपने साथ ले जाने की सहमति व्यक्त की।

जीआरपी ग्वालियर ने स्टेशन पर परिजनों से बिछड़े 11 वर्षीय बालक को त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पिता से संपर्क कर सुरक्षित सुपुर्द किया।

रेलवे पुलिस का यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर सामाजिक सरोकार एवं मानवीय सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। अभियान के माध्यम से निराश्रित, असहाय एवं भटके हुए व्यक्तियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके पुनर्वास तथा परिवारों से पुनर्मिलन की दिशा में प्रभावी प्रयास निरंतर जारी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5,017 करोड़ रुपये की उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का करेंगे भूमि पूजन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सड़क अधोसंरचना विकास में 10 जुलाई को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस दिन उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग परियोजना का भूमि पूजन होगा। लगभग 98.73 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण 5,017 करोड़ रुपये की लागत से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। दो वर्ष में पूर्ण होने वाली इस परियोजना से लगभग 35 लाख आबादी तथा 62 ग्राम प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा एवं तेज संपर्क मिलेगा। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान राजस्थान, गुजरात तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह मार्ग अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। साथ ही इंदौर, भोपाल एवं मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी और अधिक सुदृढ़ होगी। परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जावरा बायपास पर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू–नीमच फोरलेन मार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड का भी निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। किसानों को अपनी उपज विभिन्न कृषि उपज मंडियों तक शीघ्र पहुँचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं उद्योगों, लॉजिस्टिक्स एवं निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना मध्यप्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसके पूर्ण होने पर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी तथा मालवा क्षेत्र के समग्र विकास को महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी।

 

कृषि और कृषक कल्याण है सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आधारभूत विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ‘कृषि और कृषक’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर से अधिक पहुंच गया है, जिससे कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30.86 करोड़ रुपए के 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 01 करोड़ 45 लाख 56 हजार रूपये की लागत के 04 कार्यों का भूमि पूजन और 29 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये लागत के 8 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। सम्मेलन में किसान भाइयों ने भावांतर भुगतान योजना एवं केसीसी ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का गजमाला से साथ ही हल भेंटकर एवं महिला किसानों ने राखी बांधकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को हितलाभ वितरण कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधा भी लगाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं उपस्थित अतिथियों ने एक पेड़ मॉ के नाम, हर भरा कालापीपल अभियान अंतर्गत 04 लाख पौधे रोपण के लक्ष्य अन्तर्गत कृषि उपज मण्डी प्रांगण में पौध-रोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौध-रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी से पौध-रोपण अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल क्षेत्र 04 लाख पौधे रोपित करने के लक्ष्य का यह वृक्ष गंगा अभियान का नया रिकॉर्ड बना रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौपालकों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत अब तक लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना सहित विभिन्न नदी जोड़ो योजनाओं से लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे शाजापुर सहित अनेक जिलों के किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले के प्रत्येक गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार चरणबद्ध तरीके से किसानों को दिन के समय ही सिंचाई के लिये विद्युत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों को अब खरीफ और रबी फसल के लिए अलग-अलग ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कृषि लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उद्योगों में बड़े निवेश के साथ युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचनात्मक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकास कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदरसिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में शाजापुर जिला प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शाजापुर जिला मेडिकल शिक्षा, आयुर्वेदिक और शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा का हब बनने जा रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि शाजापुर में मेडिकल कॉलेज व शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की सौगात तथा कई सांदीपनि विद्यालय शाजापुर जिले में बनाए जा रहे हैं, इससे शाजापुर जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

क्षेत्रीय सांसद  महेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शाजापुर लोकसभा क्षेत्र में किये जा रहे नए-नए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। कालापीपल विधायक  घनश्याम चंद्रवंशी एवं डॉ. रवि पांडे ने भी सभा को संबोधित किया।

विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को कालापीपल के सम्मेलन में शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल ग्राम भैसायागढ़ा में अतिरिक्त कक्ष 5, बॉयलॉजी, केमेस्ट्री एवं फिजिक्स लेब निर्माण लागत 01 करोड़ 07 लाख 31 हजार रुपए, वार्ड नं. 07 में टीन शेड निर्माण कार्य लागत 9 लाख 22 हजार रुपए, टीन शेड निर्माण वार्ड नं. 01 में कार्य लागत 17 लाख 52 हजार रुपए, वार्ड नं. 04 में सी.सी. रोड निर्माण कार्य लागत 11 लाख 51 हजार रुपए इस प्रकार कुल 01 करोड़ 45 लाख रुपए के कार्यों का भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 06 ग्राम पंचायतों कुमेर, कोलबा, मोहम्मदपुर मछनई, कमालपुर, कांकरिया, गणेशपुर में अटल पंचायत भवन निर्माण, 25 लाख रूपये लागत के सामुदायिक भवन नांदनी, 2 करोड़ 95 लाख 45 हजार रूपये लागत के ग्राम खरदौनकलां ब्लॉक कालापीपल में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन मय जी-01 एवं 01 एच टाईप आदि आवासगृहों का निर्माण, 6 करोड़ा 89 लाख 08 हजार रूपये लागत के शुजालपुर आष्टा मार्ग से अवंतिपुर बड़ोदिया मार्ग (पुल कार्य चैनेज क्रमांक 5900 मीटर), 11 करोड़ा 69 लाख 61 हजार रूपये लागत के भैंसायागढ़ा से पिपल्या नगर मार्ग (पुल कार्य चैनेज क्रमांक 18700 मीटर), 2 करोड़ 95 लाख 45 हजार रूपये लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खरदौनकलां, 2 करोड़ 31 लाख 17 हजार रूपये लागत के खेजड़िया स्टॉप डेम काम काजवे (बैराज), 9 लाख 16 हजार रूपये लागत के वार्ड में 03 आंगनवाड़ी भवन इस प्रकार कुल 29 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये लागत के कार्यों का लोकार्पण किया।

सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमराज सिंह सिसोदिया, नगर परिषद कालापीपल अध्यक्ष  जयप्रकाश अग्रवाल, नगरपालिका शुजालपुर अध्यक्ष मती बबीता परमार, ऊर्जा विकास निगम पूर्व अध्यक्ष  विजेंद्र सिंह सिसोदिया,पूर्व विधायक  जसवंत सिंह हाड़ा, प्रसिद्ध कथावाचक संत  गोविंद जाने, कथावाचक रामस्वरूप मनावर,  महा मंडलेश्वर कल्याणदास जी महाराज,  अम्बाराम कराड़ा,  अशोक नायक,  श्याम टेलर,  विजय बैस, संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, डीआईजी  नवनीत भसीन, कलेक्टर सु ऋजु बाफना, पुलिस अधीक्षक मती प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण एवं जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिवादन, हुआ जगह-जगह भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को कालापीपल में रोड शो कर जनता का अभिवादन किया। नगरवासियों ने उनका जगह-जगह ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग पर नागरिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रोड शो नायरा पेट्रोल पंप से प्रारंभ होकर  सभा स्थल तक पहुंचा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों तथा आमजन ने जगह-जगह स्वागत मंच बनाकर मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ भेंट, पुष्प हार एवं पारम्परिक साफा बांधकर हार्दिक अभिनन्दन किया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और जयघोष के बीच मुख्यमंत्री का नागरिकों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

 

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम रघुवंशी की जमानत फिलहाल बरकरार, अब इस दिन होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

इंदौर 

इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई हत्या के मामले मे आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब मंगलवार को सुनवाई करेगा. तब तक यानी फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत पर रिहाई बरकरार रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 14 जुलाई को करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार को सोनम की गिरफ्तारी के समय उसे दिए अरेस्ट मेमो और अन्य दस्तावेजों की कॉपी दायर करने को कहा है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि टाइपो एरर को कोर्ट ने जमानत का आधार बनाकर सोनम को जमानत पर रिहाई दे दी है। 

बता दें, भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 103 की जगह गलती से 403 टाइप हो गया था. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है. आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में खुद को बेगुनाह बताया है। 

पहले के दो फैसले देखने होंगे’
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को विस्तार से सुनेगी क्यों कि ये विचार करने का विषय है. अदालत ने कहा कि उसके पहले के दो फैसले हैं. देखना होगा कि दो फैसलों में मतभेद होने के कारण क्या इसे बड़ी बेंच को भेजा जाए. अदालत ने तुषार मेहता से कहा कि वह इसमें लिखित दलीलें दाखिल करें. इस पर तुषार मेहता ने कहा कि यहां ये मुद्दा नहीं है. यहां लिखित में आधार दिए गए थे. हमने सारे दस्तावेज दाखिल किए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये देखना होगा कि जो आधार दिया गया वो टिकने वाला है या नहीं. अगर आधार गलत है तो जमानत आदेश चला जाएगा। 

आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता
इससे पहले सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर खुद को बेकसूर बताते हुए कहा था कि उसे झूठे तरीके से फंसाया गया है. अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित है,जिन्हें अदालत में संदेह से परे साबित करना अभियोजन की जिम्मेदारी है. केवल आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता इसीलिए अदालत के पास उसकी जमानत रद्द करने का कोई आधार नहीं है. वह ट्रायल में पूरा सहयोग कर रही है. वहीं मेघालय सरकार ने उसकी जमानत रद्द करने की मांग की है। 

सोनम रघुवंशी ने कही सहयोग करने की बात
सोनम ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में कहा है कि वह ट्रायल में पूरा सहयोग कर रही है और ट्रायल में यदि कोई देरी हुई है तो उसके लिए वह जिम्मेदार नहीं है. सोनम ने अदालत से कहा कि उसे 27 अप्रैल 2026 को जमानत मिली थी और 28 अप्रैल 2026 को वह जेल से रिहा हो गई थी. ऐसे में उसे दोबारा जेल भेजने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि जमानत रद्द करने के लिए आवश्यक कानूनी आधार इस मामले में मौजूद नहीं हैं। 

जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया
 हलफनामे में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने यह आरोप नहीं लगाया है कि उसने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया है. साथ ही, मामले में अब उससे कोई बरामदगी बाकी नहीं है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है.इसलिए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी नहीं है. वह फिलहाल जमानत की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही है। 

‘मुझे झूठा फंसाया गया’
सोनम ने अपने बचाव में यह भी कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है. बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सोनम बेल पर बाहर आ चुकी है तो वो उसकी जमानत रद्द करने को इच्छुक नहीं है. हालांकि कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 

सोनम ने अदालत से कहा है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है. ऐसे में केवल आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता। 

हलफनामे में सोनम ने कहा है कि उससे कोई बरामदगी बाकी नहीं है. कोर्ट की ओर से लगाई शर्तों के मुताबिक वो शिलांग में ही रह रही है. इस केस में चार्जशीट पहले ही दायर हो चुकी है. ऐसे में इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वो सबूत के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं। 

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