*आस्था का दिव्य केंद्र*
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित सलकनपुर देवीधाम न सिर्फ एक मंदिर है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां लाखों भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मन्नतें लेकर आते हैं।
*400 साल पुरानी कथा और चमत्कार*
करीब 400 साल पुराने इस देवीधाम से कई चमत्कारी कथाएं जुड़ी हुई हैं। मान्यता है कि यहां माता ने राक्षस रक्तबीज का वध किया था, जिसके बाद उन्हें ‘विजयासन माता’ के नाम से पूजा जाने लगा।एक प्रचलित कथा के अनुसार, एक चरवाहे को यहां माता ने दिव्य कन्या के रूप में दर्शन दिए थे और उसकी खोई हुई मवेशियां वापस मिल गई थीं। तभी से यह स्थान आस्था का केंद्र बन गया।
*नर्मदा आस्था से जुड़ा पवित्र संबंध*
यह धाम नर्मदा नदी से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। श्रद्धालु पहले नर्मदा स्नान कर ब्रह्म मुहूर्त में माता के दर्शन करने पहुंचते हैं, जिससे यात्रा और भी पवित्र मानी जाती है।
*अनूठी परंपरा:*
उल्टे हाथ से मन्नतसलकनपुर की सबसे खास परंपरा है उल्टे हाथ से मन्नत मांगना। श्रद्धालु माता को उल्टे हाथ से स्पर्श कर अपनी इच्छा व्यक्त करते हैं और मुराद पूरी होने पर सीधे हाथ से धन्यवाद देते हैं।निःसंतान दंपत्ति, कुंवारी कन्याएं और नवविवाहित जोड़े यहां विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं।
*नवरात्रि में आस्था का सैलाब*
चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं, वहीं कई भक्त ‘लोट लगाकर’ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
*दर्शन के तीन प्रमुख मार्ग*
मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन सुविधाजनक रास्ते उपलब्ध हैं:करीब 1400 सीढ़ियों वाला पारंपरिक मार्गआधुनिक रोपवे (लगभग 5 मिनट)4.5 किलोमीटर लंबा सड़क मार्गइन सुविधाओं से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन आसान हो गए हैं।
*‘देवी लोक’ से बदलता स्वरूप*
पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसर में ‘देवी लोक’ के तहत बड़े स्तर पर विकास किया गया है। यहां धर्मशालाएं, विश्रामगृह, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा की आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
*प्राकृतिक सौंदर्य और पवित्र तालाब*
मंदिर के पास स्थित पवित्र तालाब श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। विशेषकर रात के समय इसकी रोशनी इसे और भी मनमोहक बना देती है।
*भैरव दर्शन से होती है यात्रा पूर्ण*
मान्यता है कि माता के दर्शन के बाद भैरव दर्शन करना आवश्यक होता है। इसके साथ ही पास में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और खेड़ापति माता मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं।
*हर भक्त की होती है मनोकामना पूर्ण*
सलकनपुर देवीधाम में आम से लेकर खास तक हर कोई माता के दरबार में शीश नवाने आता है। यहां की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत जरूर पूरी होती है।
सलकनपुर देवीधाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि वह आस्था का केंद्र है जहां हर प्रार्थना सुनी जाती है और हर भक्त मां के आशीर्वाद के साथ लौटता है।

