मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास

– भोपाल को मिलेगा 25 एकड़ क्षेत्रफल का विश्वस्तरीय कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर
– ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके। यह परियोजना ‘वर्क-लिव-ग्रो’ मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर सृजित होंगे।

25 एकड़ में बन रहा परिसर
सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह
स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा।

कुशल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा 
रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 लाख रुपये मूल्‍य के दो कंटेनर वाहन भी जब्त किए हैं तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश कुमार सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के परिवहन एवं कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु सघन एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना जोबट पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब के बड़े परिवहन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई।

सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जोबट द्वारा पुलिस की दो पृथक टीमों का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयशर कंटेनरों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में प्रथम कंटेनर से 930 पेटी तथा द्वितीय कंटेनर से 1074 पेटी, कुल 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में विभिन्न हाई-रेंज ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने शराब के परिवहन में प्रयुक्त दोनों कंटेनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है।

कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। थाना जोबट में आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा आरोपियों से जब्त शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला एवं इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध इसी प्रकार निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ इनके स्रोत एवं तस्करी श्रृंखला का भी पता लगाकर संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

 

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का तीसरा चरण 13 जुलाई से

भोपाल

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा “दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंचेंगे और नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे।

तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य विषय पर जागरुक किया जाएगा। इस चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की अवधि 6 दिन निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 9 दिन तक बढ़ाया जा सकेगा। अभियान के दौरान मैदानी अमले की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उप संचालक, कार्यालय में पदस्थ एवं राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों की रहेगी सहभागिता

अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा गया है। साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत पशुपालकों तथा न्यूनतम 10 गांवों का सत्यापन एवं मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। अभियान की निगरानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी, जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी तथा सभी पशु चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कम से कम दो गांवों का भ्रमण कर अभियान का निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही अभियान के प्रभावी क्रिन्यावन के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

 

“सेफ क्लिक 2.0” बना जनभागीदारी का प्रदेशव्यापी अभियान, स्कूलों से रेलवे स्टेशनों और गांवों से सोशल मीडिया तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान”सेफ क्लिक 2.0″के अंतर्गत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा निरंतर विविध एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं सामुदायिक आयोजनों में व्यापक जनसंपर्क स्थापित कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही सभी पुलिस इकाइयां अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रतिदिन जागरूकता पोस्ट, रील, वीडियो संदेश एवं जनहित अपील प्रसारित कर अभियान को डिजिटल स्तर पर भी जन-जन तक पहुंचा रही हैं।

अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में स्थानीय परिस्थितियों एवं जनसमूह के अनुरूप विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 6 हजार से अधिक नागरिकों की सहभागिता के साथ विशाल साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित कर “सेफ क्लिक, सुरक्षित जीवन” का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।

भोपाल कमिश्नरेट के थाना रातीबड़ द्वारा आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 1,500 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, यूपीआई एवं क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन द्वारा शासकीय विद्यालय ताजपुर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं विदिशा में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण नागरिकों, युवाओं एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया तथा “रुको… सोचो… एक्शन लो” का आह्वान किया गया।

खंडवा पुलिस द्वारा अभियान के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों, जनपद कार्यालयों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों, लोक सेवा केन्द्रों एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में एक साथ व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। इसी प्रकार राजगढ़ एवं अनूपपुर में शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर हाइजीन एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

टीकमगढ़ पुलिस ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा संदेश पहुंचाया, जबकि भोपाल ग्रामीण पुलिस ने गांवों एवं विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों तथा हेल्पलाइन 1930 के संबंध में जानकारी दी।

रेल यात्रियों को जागरूक करने के उद्देश्य से जीआरपी भोपाल द्वारा रेलवे स्टेशन खंडवा पर ध्वनि प्रसारण प्रणाली के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए। वहीं जीआरपी जबलपुर एवं जीआरपी इंदौर द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल, फर्जी लिंक एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।

कटनी पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के बीच पोस्टर एवं पम्पलेट वितरण कर साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। भोपाल जोन-3 पुलिस द्वारा नागरिकों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

सिंगरौली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। सीधी पुलिस ने स्थानीय लोक कलाकार के माध्यम से रचनात्मक संदेश प्रसारित कर आमजन को जागरूक किया। ग्वालियर पुलिस ने रन क्लब के प्रतिभागियों के बीच साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया, जबकि छिंदवाड़ा पुलिस ने सामाजिक सम्मान समारोह के साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम को जोड़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की।

सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से भी अभियान को व्यापक गति मिल रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स एवं स्थानीय भाषा में तैयार रचनात्मक वीडियो के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि गुना पुलिस द्वारा निजी फोटो एवं वीडियो साझा करने से जुड़े साइबर जोखिमों पर आधारित जागरूकता रील तैयार कर नागरिकों को सचेत किया जा रहा है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्रतिदिन जनहित संदेश, वीडियो, रील, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री साझा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियान को प्रभावी बना रही हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस का “सेफ क्लिक 2.0” अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने का एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर नवाचार करते हुए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक संस्थानों, बाजारों, शासकीय कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन1930पर संपर्क करें अथवाwww.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं तथा स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाएं।

 

पदोन्नति की तैयारी तेज, डीपीसी के बाद जारी होंगे प्रमोशन आदेश

भोपाल

 राज्य शासन से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिलने के बाद निगम प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों से पात्र कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है और सूची तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि शासन ने 31 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया है, लेकिन प्रयास है कि निर्धारित समय-सीमा से पहले ही आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए।
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश

हाल ही में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश में पदोन्नति पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों और अन्य कार्यालयों को पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा सचिवालय ने दो जुलाई को 12 अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश भी जारी कर दिए।

डीपीसी की तैयारी

वहीं, भोपाल नगर निगम में फिलहाल विभागवार पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
  
शासन के निर्देशों के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति दी जाएगी। अलग-अलग विभागों से जानकारी एकत्र कर सूची तैयार की जा रही है। शासन ने 31 जुलाई तक का समय निर्धारित किया है और इस समय-सीमा के भीतर ही पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।- वरुण अवस्थी, अपर आयुक्त, नगर निगम

 

MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज और भोपाल समेत 43 जिलों में येलो अलर्ट

भोपाल 

प्रदेश में मानसून की जोरदार वर्षा हो रही है। रविवार को राजधानी भोपाल सहित अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा हुई। शाम करीब साढ़े चार बजे राजधानी भोपाल में अचानक घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर आवाजाही करना पड़ा। यही हाल सीहोर और ग्वालियर का रहा, जहां घने काले बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। उसके बाद झमाझम वर्षा हुई।

छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भोपाल समेत 43 में येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के बैतूल, अलीराजपुर, देवास, अनूपपुर, दमोह और सागर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, भोपाल समेत 43 जिलों को येलो अलर्ट में रखा है। केंद्र के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं है।

छिंदवाड़ा में ढाई इंच (67 मिलीमीटर) बरसात हुई। हरदा में झमाझम वर्षा के कारण फसलें बह गईं और विदिशागुना में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। पांढुर्णा जिले के सीतापार के पगड़ी गांव में बिजली गिरने से 48 वर्षीय सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई।

मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के पूर्वी इलाके अभी तप रहे हैं। वहां का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री से लेकर 39.0 डिग्री तक रिकॉर्ड किए गए। वहीं पश्चिमी इलाकों में लगातार वर्षा की वजह से रविवार को दिन के तापमान में 4.7 डिग्री तक गिरावट हुई। यहां पारा 27.0 डिग्री से लेकर 36.2 डिग्री तक रहे। केंद्र के अनुसार अगले पांच दिनों तक मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना जताई गई है।

हरदा में बाढ़ से किसानों की मेहनत पर पानी

हरदा जिले में एक दिन पहले हुई भारी वर्षा के बाद नदीनाले उफान पर गए। इससे खेतों में बोई गई मक्का, सोयाबीन और उड़द की अंकुरित फसलें मिट्टी सहित बह गईं। किसानों का कहना है कि कई खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे दोबारा बोवनी की चिंता बढ़ गई है।

विदिशा और गुना में जलभराव की परेशानी

विदिशा की सौराई स्थित राजीव आवास कॉलोनी में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद वर्षा के समय जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। यहां नाले पर बनी पुलिया नीची होने से वर्षा के बाद रास्ता बंद हो जाता है और करीब 300 परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

गुना के वार्डदो के रहवासी भी चिंतित हैं। दरअसल नदी की सफाई का वादा किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। वर्षा शुरू होने के बाद लोगों को फिर बाढ़ का खतरा सताने लगा है।

शाम साढ़े पांच बजे तक कहां कितनी हुई वर्षा (फैक्ट फाइल)

शहर

मिलीमीटर

छिंदवाड़ा

67.0

सिवनी

22.0

श्योपुर

20.0

उज्जैन

19.0

टीकमगढ़

15.0

ग्वालियर

10.0

मंडला

8.0

रीवा

7.0

सागर

6.0

गुना

5.0

सीधी

5.0

जबलपुर

3.0

बालाघाट जिले के मलाजखंड

3.0

नरसिंहपुर

2.0

इंदौर

1.0

राजगढ़

1.0

दतिया

0.8

प्रदेश के चार बड़े शहरों के तापमान

शहर

अधिकतम तापमान

न्यूनतम तापमान

भोपाल

32.2

25.4

इंदौर

30.9

22.8

ग्वालियर

37.7

28.3

जबलपुर

34.0

24.4

(नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है)

 

मध्यप्रदेश में बैंकों का पैसा कहां पहुंच रहा, कहां नहीं, क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात की बड़ी खाई

विवेक झा, भोपाल। मध्यप्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार लगातार हो रहा है, लेकिन बैंकों द्वारा जमा राशि के मुकाबले ऋण वितरण (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) में जिलों के बीच भारी असमानता सामने आई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की मार्च 2026 तक की रिपोर्ट बताती है कि जहां आगर-मालवा जिले में प्रत्येक 100 रुपए की जमा राशि पर करीब 229 रुपए का ऋण दिया जा रहा है, वहीं सिंगरौली में 100 रुपए की जमा पर केवल 12.72 रुपए का कर्ज वितरित हो रहा है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि प्रदेश का औसत क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 83.20 प्रतिशत है, लेकिन कई जिले इससे काफी ऊपर और कई बहुत नीचे हैं।

क्या होता है CD रेशियो और क्यों है महत्वपूर्ण

क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो यह बताता है कि बैंक जमा की गई राशि का कितना हिस्सा ऋण के रूप में बाजार में वापस दे रहे हैं। यदि किसी जिले में यह अनुपात अधिक है तो इसका अर्थ है कि वहां उद्योग, व्यापार, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बैंक अधिक निवेश कर रहे हैं। वहीं कम CD रेशियो यह संकेत देता है कि जिले से जमा तो हो रही है, लेकिन उसी अनुपात में ऋण नहीं दिया जा रहा। इससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और निवेश की गति प्रभावित होती है।

आगर-मालवा बना प्रदेश का नंबर-1 जिला

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक CD रेशियो आगर-मालवा का 228.50 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसके बाद शाजापुर (184.49%), राजगढ़ (170.21%), रायसेन (144.08%), हरदा (141.69%), रतलाम (135.23%), देवास (135.05%), सीहोर (129.60%) और इंदौर (102.43%) प्रमुख जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में बैंक जमा राशि से कहीं अधिक ऋण वितरित कर रहे हैं, जो मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर क्रेडिट मांग का संकेत है। कुल 24 जिलों का CD रेशियो 100 प्रतिशत से अधिक है।

सिंगरौली सबसे पीछे, छह जिले 40 प्रतिशत से भी नीचे

प्रदेश के छह जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। सिंगरौली का CD रेशियो केवल 12.72 प्रतिशत है, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम है। इसके अलावा मऊगंज (24.33%), अनूपपुर (32.51%), निवाड़ी (32.84%), उमरिया (34.58%) और सीधी (39.50%) भी 40 प्रतिशत से नीचे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जिलों में जमा राशि की तुलना में ऋण वितरण बेहद कम है, इसलिए यहां बैंकिंग हस्तक्षेप और वित्तीय समावेशन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

भोपाल-जबलपुर जैसे बड़े शहर भी 100% से नीचे

राजधानी भोपाल का CD रेशियो 74.52 प्रतिशत है, जबकि ग्वालियर 69.29 प्रतिशत, जबलपुर 67.62 प्रतिशत, छिंदवाड़ा 80.89 प्रतिशत, बुरहानपुर 87.81 प्रतिशत, मुरैना 87.23 प्रतिशत, सिवनी 83.50 प्रतिशत और सागर 64.23 प्रतिशत के साथ मध्यम श्रेणी में हैं। इन जिलों में बैंकिंग गतिविधियां संतुलित हैं, लेकिन ऋण विस्तार की अभी भी पर्याप्त संभावना बनी हुई है।

प्रदेश का औसत CD रेशियो थोड़ा घटा

रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 में प्रदेश का CD रेशियो 83.51 प्रतिशत था, जो मार्च 2026 में मामूली गिरावट के साथ 83.20 प्रतिशत रह गया। यानी राज्य स्तर पर ऋण वितरण स्थिर बना हुआ है, लेकिन जिलावार असमानता लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम CD रेशियो वाले जिलों में उद्योग, कृषि, स्वरोजगार और एमएसएमई के लिए ऋण वितरण बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिल सके।

कम CD रेशियो वाले जिलों पर रहेगा विशेष फोकस

SLBC ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि जिन जिलों का CD रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, वहां क्रेडिट पेनिट्रेशन बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और उत्पादक क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार और निवेश में भी तेजी आएगी।

फैक्ट फाइल

प्रदेश का औसत CD रेशियो (मार्च 2026): 83.20%

सबसे अधिक CD रेशियो वाले जिले

  • आगर-मालवा : 228.50%
  • शाजापुर : 184.49%
  • राजगढ़ : 170.21%
  • रायसेन : 144.08%
  • हरदा : 141.69%

सबसे कम CD रेशियो वाले जिले

  • सिंगरौली : 12.72%
  • मऊगंज : 24.33%
  • अनूपपुर : 32.51%
  • निवाड़ी : 32.84%
  • उमरिया : 34.58%
  • सीधी : 39.50%

अन्य प्रमुख जिले

  • भोपाल : 74.52%
  • ग्वालियर : 69.29%
  • जबलपुर : 67.62%
  • इंदौर : 102.43%

MP स्कूल शिक्षा विभाग में 5,017 शिक्षकों की होगी भर्ती, DPI ने जारी किया आदेश

भोपाल.

मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5 हजार 17 शिक्षकों का नियु​क्ति आदेश जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती-2024 के तहत 5017 कैंडिडेट्स का चयन किया गया था। 3 और 4 जुलाई को संभागीय संयुक्त संचालकों के जरिए नियुक्तियां जारी की गईं, जिसमें 4 हजार 67 माध्यमिक और 950 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों को इसी सत्र से स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिलेगा।

गायन-वादन विषयों में भी शिक्षक नियुक्त
स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक स्तर पर हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल और गायन-वादन विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति की है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 21 जून 2026 तक चॉइस फिलिंग करा चुका है। करीब एक सप्ताह बाद विभाग ने नियुक्ति आदेश जारी किया है।

कैंडिडेट्स कर रहे 28 हजार पद पढ़ाने की मांग
प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा पास वर्ग 2 और वर्ग 3 के हजारों कैंडिडेट्स आंदोलन कर रहे हैं। कैंडिडेट्स प्रदेश में दोनों कैटेगरी में कुल 28 हजार से अधिक पदों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक स्कूल शिक्षा विभाग से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है।

डेढ़ लाख पद खाली, फिर भर्ती क्यों नहीं ?
कैंडिडेट्स का कहना है कि मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। सरकार 8-10 हजार पदों पर भर्ती करती है। भर्ती प्रक्रिया 4 साल चलती है। जिस वजह से हजारों योग्य उम्मीदवार, जो परीक्षा (TET) पास करके आते हैं उनका सिलेक्शन नहीं हो पता है।

दो-दो परीक्षाएं पास करने के बाद भी नौकरी नहीं
एक अन्य कैंडिडेट ने बताया कि पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा यानी दो-दो परीक्षाएं क्वालिफाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। 

20 साल से ESB की फीस भर रहे
बताया गया कि जनजाति कार्य विभाग में शिक्षकों के करीब 50 हजार पद रिक्त हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) एक लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं और 50 हजार अभ्यर्थी दो-दो परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन कम पदों पर भर्ती के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। ओवर ऐज हो जाते हैं। 20-20 साल तक ESB (मप्र कर्मचारी चयन मंडल ) की फीस भरते हैं, फिर भी बेरोजगार हैं। 

ये हैं कैंडिडेट्स की मांगें

  • शिक्षक वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) में 25 हजार पदों पर पद वृद्धि की जाए
  • शिक्षक वर्ग 2 (माध्यमिक शिक्षक) में प्रत्येक विषय में तीन-तीन हजार पदों पर पद वृद्धि करने की मांग है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क सतगढ़ी का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी भोपाल को आधुनिक औद्योगिक पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 6 जुलाई (सोमवार) को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

यह परियोजना ‘वर्क-लिव-ग्रो’ मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर सृजित होंगे।

सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।

परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा।

रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह

भोपाल 

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से की जायेगी। मंत्री सारंग रविवार को अपेक्स बैंक में आयोजित “सहकारी सप्‍ताह” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही बीज के मामले में भी लीड करेगा। इसके पहले कम्प्यूटराइजेशन के साथ पिछले साल ऑनलाइन ऑडिट में भी मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग आगे रहा। यही नहीं मध्यप्रदेश ऑनलाइन केसीसी देने वाला पहला राज्य भी बना है।

समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका

सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह में मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में अधिकारी-कर्मचारी समाज के उन्नयन के लिये योगदान दे रहे हैं। साथ ही अलग-अलग आयामों पर काम किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान सहित हर वर्ग के कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार की दिशा में समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी

मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश सहकारिता की दिशा में नित नये आयाम गढ़ रहा है। किसान, जवान, विज्ञान और अनुसंधान के जरिये सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। कॉर्पोरेट और को-ऑपरेटिव को जोड़कर नई अवधारणा बनाई जा रही है।

पुरस्कृत होना अन्य लोगों के लिये करता है प्रेरणा-स्रोत का कार्य

मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वहन किया। यह लोग दूसरों के लिये प्रेरणा-स्रोत बने हैं। इससे जिन्हें पुरस्कार नहीं मिले हैं वे लोग भी अच्छा कार्य कर सम्मानित हो सकेंगे और अपनी नई पहचान बना सकेंगे।

सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी हुए उत्साहवर्धक कार्य

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी उत्साह के साथ कार्यक्रम हुए। इस दौरान अधिक से अधिक पौध-रोपण भी किया गया। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने आभार माना।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्था हुईं पुरस्कृत

अमानत संग्रहण लक्ष्य के विरुद्ध पूर्ति में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा को 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 15 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 11 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पैक्स सदस्यता महाभियान में सर्वप्रथम लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक झाबुआ को सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताएँ हुईं। जरी-जरदोजी क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम यासमीन खान, द्वितीय गुड़िया और तृतीय आशिया खान रहीं। जूट क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम धीरू पटेल, द्वितीय संगीता यदुवंशी और तृतीय पूजावास्तव रहीं। कढ़ाई क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम दामिनी सोलंकी, द्वितीय सोनल महोबे और तृतीय रागिनी वर्मा नहीं। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कृष कुमार साहू, दीपक कुमार सोनी और तृप्ति कुशवाहा अव्वल रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सृष्टि जैन, वेदिका दीक्षित, टीना कारा क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में प्रथम स्थान पर सोलर पॉवर विस्तार सहकारी संस्था खरगोन, दूसरे स्थान पर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति रेहटी, सीहोर और तृतीय स्थान पर सुविधा साख सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में विशिष्ट प्रस्तुतिकरण के लिये मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ सहकारी मर्यादित भोपाल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ भोपाल को पुरस्कृत किया गया।

 

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