ATM हैक करने का नया तरीका? वायरल VIDEO से मची सनसनी, जानिए क्या है पूरा सच

 नई दिल्ली

कुछ दिन पहले BAT-BMS ऐप को लेकर ई-रिक्शा बंद होने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. अब उसी तरह का एक नया वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शख्स मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद और फिर चालू कर देता है। 

वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब ATM भी मोबाइल ऐप से हैक किए जा सकते हैं? क्या किसी आम इंसान के लिए फोन से ATM को कंट्रोल करना मुमकिन है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई। 

वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल वीडियो में एक शख्स अपने मोबाइल फोन में एक ऐप खोलता है. ऐप में मौजूद बटन दबाते ही सामने खड़ी ATM मशीन बंद होती हुई दिखाई देती है. कुछ सेकंड बाद वह फिर दूसरा बटन दबाता है और ATM दोबारा चालू हो जाती है। 

वीडियो में दिखने वाले ऐप का इंटरफेस काफी हद तक BAT-BMS ऐप जैसा नजर आता है, जो हाल ही में ई-रिक्शा विवाद के कारण चर्चा में आया था। 

क्या सच में मोबाइल से ATM कंट्रोल किया जा सकता है?
फिलहाल इसका कोई सबूत नहीं है, अब तक किसी बैंक, ATM नेटवर्क ऑपरेटर या सरकारी एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की है कि किसी नॉर्मल मोबाइल ऐप से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता है. इसलिए वायरल वीडियो में किया गया दावा साबित नहीं हुआ है। 

साइबर सिक्योरिटी से जुड़े जानकारों का कहना है कि ATM मशीनें नॉर्मल Bluetooth या ओपन वायरलेस नेटवर्क पर काम नहीं करतीं. ये बैंक के सुरक्षित नेटवर्क, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और कई लेवल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी होती हैं. ऐसे में किसी आम मोबाइल ऐप से इन्हें कंट्रोल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। 

वीडियो में ऐसा कैसे दिख रहा है?
इसका जवाब अभी साफ नहीं है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वीडियो पहले से प्लान किया गया हो सकता है. यह भी संभावना जताई गई है कि ATM नॉर्मल तरीके से रीस्टार्ट हो रहा हो और उसी समय मोबाइल ऐप का इस्तेमाल दिखाकर ऐसा माहौल बनाया गया हो कि मशीन ऐप से कंट्रोल हो रही है. कुछ जगहों पर AI या वीडियो एडिटिंग की भी आशंका जताई गई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

BAT-BMS ऐप से क्या है कनेक्शन?
हाल ही में BAT-BMS ऐप चर्चा में आया था. इस ऐप का इस्तेमाल कुछ ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर उन्हें दूर से बंद करने के लिए किए जाने के आरोप लगे थे. इसके बाद सरकार ने मामले की जांच शुरू की और BAT-BMS समेत कुछ ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश भी दिए। 

यही वजह है कि अब ATM वाले वायरल वीडियो को भी लोग उसी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं. कुछ लोगों को ये सच भी लग रहा है, क्योंकि वीडियो इस तरह से तैयार किया गया है कि ये किसी को भी सही लगे। 

किराए की THAR पर लगेगा बैन? हादसों के बाद सरकार की बड़ी तैयारी, जानिए पूरा प्लान

पणजी 

गोवा का नाम सुनते ही दिमाग में बीच, छुट्टियां और किराये पर दौड़ती महिंद्रा थार की तस्वीर बनती है. लेकिन यही THAR सरकार की नज़र में आ गई है, जिसकी रफ्तार पर राज्य सरकार ब्रेक लगाने की तैयारी में है. वजह हैं लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे. गोवा सरकार ने नई रेंटल महिंद्रा थार और थार रॉक्स के लाइसेंस पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह सिर्फ एक गाड़ी पर फैसला नहीं होगा, बल्कि पूरे रेंटल कार कारोबार और टूरिज़्म से जुड़े समीकरण भी बदल सकते हैं। 

ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या हादसों की वजह सिर्फ गाड़ी है, या फिर उसे चलाने का तरीका? यही बहस अब गोवा से निकलकर पूरे देश में शुरू हो सकती है. आइये जानें क्या है पूरा मामला- 

गोवा के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो (Mauvin Godinho) ने हाल ही में राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े कई नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई. मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादा जोखिम वाली रेंटल महिंद्रा थार गाड़ियों को लेकर नए नियम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. दरअसल सरकार महिंद्रा थार को (हाई-रिस्क रेंट-कार) मान रही है और और इस मीटिंग में थार गाड़ियों को रेगुलेट करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई. इसे अब स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 

सरकार ने साफ किया है कि बड़े सड़क हादसों में शामिल रेंटल कार चालकों के साथ-साथ गाड़ी मालिकों और ऑपरेटरों पर भी कार्रवाई होगी. इसके अलावा प्राइवेट गाड़ियों का अवैध तरीके से कमर्शियल और रेंटल इस्तेमाल करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा. रेंटल गाड़ियों की पार्किंग को लेकर भी अलग नियम बनाए जा सकते हैं। 

अभी नहीं लगी है रोक
यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, फिलहाल महिंद्रा थार पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है. यह सिर्फ एक प्रस्ताव है, जिस पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की अगली बैठक में वोटिंग होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा. महिंद्रा थार और थार रॉक्स देश के कई टूरिस्टम प्लेसेज पर सबसे ज्यादा किराये पर ली जाने वाली SUVs में शामिल हैं। 

शानदार ऑफ-रोडिंग कैपेसिटी, दमदार इंजन और बोल्ड रोड प्रेजेंस इस एसयूवी को टूरिस्ट के बीच लोकप्रियम बनाती हैं. इसके अलावा टफ टेरेन (खराब रास्तों) पर चलने की क्षमता के कारण पर्यटक इन्हें काफी पसंद करते हैं. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि गोवा सरकार ने किन आंकड़ों के आधार पर इन्हें दूसरी गाड़ियों की तुलना में ज्यादा जोखिम वाला माना है। 

पहले भी आ चुके हैं ऐसे प्रस्ताव
यह पहली बार नहीं है जब गोवा सरकार ने रेंटल गाड़ियों को लेकर बड़ा कदम उठाने की कोशिश की है. साल 2023 में भी प्रस्ताव आया था कि 2024 से राज्य में सभी कार और बाइक रेंटल ऑपरेटर सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही किराये पर दें. हालांकि यह योजना लागू नहीं हो सकी. वहीं उबर और ओला जैसी टैक्सी एग्रीगेटर सेवाओं को राज्य में शुरू करने की कोशिशें भी अब तक सफल नहीं हुई हैं। 

बैठक में रोड सेफ्टी को बेहतर करने के लिए AI बेस्ड ट्रैफिक कैमरे, स्पीड गवर्नर और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाने पर भी चर्चा हुई. मंत्री के मुताबिक, राज्य के 26 स्थानों पर लगाए गए AI ट्रैफिक कैमरों ने एक ही दिन में 56,500 से ज्यादा ट्रैफिक वॉयलेशन के केस पकड़े हैं. फिलहाल लोगों को चेतावनी दी जा रही है. 15 जुलाई के बाद मौके पर ही चालान काटे जाएंगे. सितंबर तक कैमरों की संख्या 52 औ    र दिसंबर तक 90 स्थानों तक बढ़ाने की योजना है। 

क्या THAR है दोषी?
हालांकि, अभी रेंटेड थार के रोक पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है. लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि, क्या सड़क पर होने वाले हादसों के लिए गाड़ी जिम्मेदार है? इससे पहले भी थार को लेकर इस तरह की कई बातें सामने आ चुकी हैं. कुछ दिनों पहले हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) ओपी सिंह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, “अब थार गाड़ी है, इसे छोड़ने का क्या मतलब है… सारे बदमाश इसी से चलते हैं. मतलब जिस तरह की गाड़ी का च्वॉइस है… वो आपका माइंडसेट शो करता है। 

ब्रह्मोस से आकाश तक! दुनिया में बढ़ी भारतीय हथियारों की धाक, इन स्वदेशी मिसाइलों की विदेशों में जबरदस्त मांग

 नई दिल्ली

भारत अब डिफेंस सेक्टर में सिर्फ खरीदार नहीं बल्कि विश्व स्तर पर सप्लायर के रूप में उभर रहा है. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे स्वदेशी हथियार अब विदेशी देशों की पहली पसंद बन रहे हैं. इन हथियारों का युद्धक्षेत्र में सफल प्रदर्शन, विश्वसनीयता और लागत प्रभावी होने की वजह से कई देश इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं. भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. इन हथियारों ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। 

ब्रह्मोस: दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस भारत और रूस का ज्वाइंट प्रोजेक्ट है. यह विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो समुद्र, जमीन और हवा से लॉन्च की जा सकती है. फिलीपींस पहले विदेशी खरीदार के रूप में ब्रह्मोस को खरीद चुका है, जहां यह तटीय सुरक्षा के लिए तैनात है. हाल ही में वियतनाम और इंडोनेशिया ने भी ब्रह्मोस की खरीद के लिए समझौते किए हैं। 

वियतनाम के साथ सौदा करीब 700 मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है, जबकि इंडोनेशिया ने भी सैकड़ों मिलियन डॉलर का ऑर्डर दिया है. UAE, थाईलैंड, सऊदी अरब, ब्राजील और चिली जैसे देश भी ब्रह्मोस में रुचि दिखा रहे हैं. इस मिसाइल की गति और सटीकता इसे दुश्मन के लिए खतरनाक बनाती है। 

अस्त्र: स्वदेशी बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल
अस्त्र मिसाइल DRDO द्वारा विकसित की गई स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVRAAM) एयर-टू-एयर मिसाइल है. यह Su-30 MKI जैसे फाइटर जेट्स पर आसानी से फिट होती है. हाल ही में इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का फैसला किया है, जो भारत के लिए बड़ा ब्रेकथ्रू है। 

ब्राजील अपने ग्रिपेन फाइटर जेट्स के लिए और आर्मेनिया Su-30 के लिए अस्त्र में दिलचस्पी दिखा चुका है. वियतनाम, मलेशिया, अल्जीरिया और अन्य कई देश भी इस मिसाइल को खरीदने पर विचार कर रहे हैं. अस्त्र की लंबी रेंज, आधुनिक सर्च और ट्रैक रडार तथा इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स से लैस होने के कारण यह विदेशी बाजार में लोकप्रिय हो रही है। 

आकाश: सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम
आकाश सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (SAM) भारतीय सेना की एयर डिफेंस का मजबूत स्तंभ है. यह 25 किलोमीटर तक दुश्मन के विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम है. आर्मेनिया पहले ही आकाश सिस्टम खरीद चुका है, जो भारत का सफल एक्सपोर्ट ऑर्डर है। 

फिलीपींस भी 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा के सौदे के लिए बातचीत कर रहा है. वियतनाम, UAE, मलेशिया और मिस्र जैसे देश आकाश में गहरी रुचि दिखा रहे हैं. इसकी मोबाइल क्षमता, रडार सिस्टम और बहु-टारगेट एंगेजमेंट की क्षमता इसे आकर्षक बनाती है। 

आकाशतीर: एयर डिफेंस का कमांड और कंट्रोल सिस्टम
आकाशतीर (Akashteer) भारत का स्वदेशी AI आधारित एयर डिफेंस कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है. यह BEL द्वारा विकसित किया गया है. कई रडार तथा हथियारों को जोड़कर एकीकृत एयर डिफेंस बनाता है। 

UAE समेत कई देश इस सिस्टम में रुचि दिखा रहे हैं क्योंकि यह आधुनिक खतरों (ड्रोन, मिसाइल स्वार्म) से निपटने में बेहद प्रभावी है. हाल के ऑपरेशन सिंदूर ने आकाशतीर की साख और बढ़ा दी है। 

विदेशी देशों में बढ़ती मांग के कारण
भारत के इन हथियारों की मांग बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण इनका युद्ध में सिद्ध प्रदर्शन है. साथ ही ये हथियार विश्वसनीय, लागत प्रभावी और आसानी से मेंटेनेंस किए जा सकते हैं।  

कई देश रूस और पश्चिमी हथियारों पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. भारत उन्हें विश्वसनीय विकल्प दे रहा है. भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल और मजबूत डिप्लोमेसी ने भी इन एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा दिया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट और बढ़ेगा. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे सिस्टम न सिर्फ राजस्व बढ़ाएंगे बल्कि भारत को वैश्विक डिफेंस प्लेयर के रूप में स्थापित करेंगे. इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों के साथ मजबूत साझेदारी भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को भी मजबूत करेगी। 

लोक कलाओं में शुरू होंगे नए सर्टिफिकेट कोर्स, राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी के निर्देश

संस्कृति विभाग के विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक में प्रवेश, प्लेसमेंट, अधोसंरचना और शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर; रिक्त पदों की भर्ती और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश।

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लोक कलाओं से जुड़े नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं और कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे

बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट, अधोसंरचना विकास और विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई। राज्य मंत्री ने शासन स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में वर्तमान में 122 पाठ्यक्रम संचालित हैं, जिनमें संगीत, नृत्य, ललित कला, नाट्य एवं रंगकर्म सहित विभिन्न विषय शामिल हैं। राज्य मंत्री ने विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं पाठ्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इनका लाभ उठा सकें।

सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 16 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में संस्कृति विभाग के संचालक श्री एन.पी. नामदेव, उपसचिव श्री राजेश गुप्ता, राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे, सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री रामनिवास गुप्ता सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

गुजरात में मूसलाधार बारिश का कहर, सूरत का पोद्दार मॉल फर्स्ट फ्लोर तक पानी में डूबा

लगातार भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में जलभराव; मॉल के फर्स्ट फ्लोर तक पानी पहुंचने से लोगों में दहशत।

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी बीच सूरत के पोद्दार मॉल से सामने आई तस्वीरों ने सभी को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि मूसलाधार बारिश के कारण मॉल के फर्स्ट फ्लोर तक पानी भर गया, जिससे दुकानों और प्रतिष्ठानों को नुकसान होने की आशंका है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मॉल के अंदर बड़ी मात्रा में पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है।

भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल, इस घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन जलनिकासी और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

 

भारत पर लगाए आरोप निकले बेबुनियाद! कनाडा पुलिस की जांच ने खोली पूर्व PM ट्रूडो के दावों की पोल

 नई दिल्ली

लगभग तीन साल पहले कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था. लेकिन अब कनाडा की पुलिस का कहना है कि हमारी जांच में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के अधिकारियों की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं। 

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने निज्जर हत्याकांड में भारतीय मूल के गैंगस्टर्स के खिलाफ आरोप तय किए हैं. कनाडाई पुलिस का यह बयान ट्रूडो सरकार के उस पुराने रुख से बिल्कुल अलग है, जिसने भारत और कनाडा के बीच दशकों का सबसे गंभीर कूटनीतिक संकट खड़ा कर दिया था। 

ट्रूडो के आरोपों को भारत ने शुरू से ही बेतुका और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. इन आरोपों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था, द्विपक्षीय वार्ताएं ठप हो गई थीं और रिश्तों में गहरी तल्खी आ गई थी। 

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) का यह खुलासा अमेरिकी अधिकारियों द्वारा एक आरोपपत्र सार्वजनिक किए जाने के कुछ घंटों बाद आया है. इस आरोपपत्र में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बरार पर 2023 में कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का निर्देश देने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी आरोपपत्र में भी भारतीय सरकार की किसी भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है। 

बता दें कि कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर को भारत ने 2020 में आतंकवादी घोषित किया था. वह प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था. जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सर्रे शहर में एक गुरुद्वारे की पार्किंग में दो नकाबपोश हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

जस्टिन ट्रूडो के पद छोड़ने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और कनाडा ने वर्षों की कड़वाहट के बाद अपने संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और राजनयिक संवाद दोबारा शुरू हुए। 

RCMP की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच अभी भी जारी है. उन्होंने कहा कि संगठित अपराध सिंडिकेट की इस जांच और अब तक लगाए गए आरोपों के आधार पर ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि भारतीय सरकार के अधिकारी इस मामले में शामिल थे या उनके खिलाफ आरोप लगाए जाएंगे. अब तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जो भारतीय सरकार को इस मामले से जोड़ती हो। 

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों और जब्ती की कार्रवाई के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. मोरलैंड ने कहा कि भारतीय सरकार इस जांच में सहयोग कर रही थी. RCMP का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सितंबर 2023 में कनाडाई संसद में ट्रूडो द्वारा किए गए दावों से अलग है. उस समय ट्रूडो ने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां निज्जर की हत्या और भारतीय एजेंटों के बीच संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोपों की जांच कर रही हैं। 

भारत ने लगातार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि कनाडा ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत साझा नहीं किया. वहीं, कनाडा पुलिस का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत कई आरोपपत्र सार्वजनिक किए हैं। 

आरोपपत्र में बिश्नोई को निज्जर की हत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है. बिश्नोई अगस्त 2023 से गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है. न्याय विभाग के अनुसार, ऑपरेशन हार्ड बॉल का उद्देश्य ऐसे भारतीय संगठित अपराध सिंडिकेटों पर कार्रवाई करना था जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार रंगदारी, टारगेटेड किलिंग, गोलीबारी, बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। 

ट्रूडो के जाने के बाद पटरी पर लौट रहे भारत-कनाडा संबंध?
लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ आरोपपत्र इस पूरे मामले को संगठित अपराध के दायरे में रखता है, जबकि RCMP का ताजा बयान भारतीय सरकार की संलिप्तता वाले पुराने राजनीतिक दावे को कमजोर करता है। 

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ओटावा और नई दिल्ली ट्रूडो काल के कूटनीतिक गतिरोध से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क फिर से शुरू हुए हैं और संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। 

मई 2026 के पहले सप्ताह में कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) की 2025 की रिपोर्ट में खालिस्तानी उग्रवादियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था. रिपोर्ट में कहा गया कि एक छोटा लेकिन सक्रिय नेटवर्क कनाडा की जमीन का इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों के लिए धन जुटाने और समर्थन देने के आधार के रूप में कर रहा है. इसमें फंडिंग, प्रभाव नेटवर्क और भारत से जुड़े उग्रवादी संगठनों के साथ संबंधों पर चिंता जताई गई थी। 

कनाडा के रुख में बड़ा बदलाव
कनाडा के शीर्ष पुलिस अधिकारी की यह टिप्पणी देश के रुख में एक बड़ा बदलाव दिखाती है, जो कनाडा के पूर्व प्रधनमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में लगाए गए आरोपों के उलट है। साल 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि उनके पास खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों के संबंधों के विश्वसनीय सबूत हैं।

ट्रूडो के दौर में बिगड़े रिश्ते
भारत में आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल कनाडाई नागरिक निज्जर की जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने हत्या में शामिल होने के ट्रूडो के आरोपों को खारिज कर दिया और इसे मनगढ़ंत और बेबुनियाद कहा था। भारत ने कनाडा से इस बारे में सबूत की भी मांग की थी, जिसे कभी उपलब्ध नहीं कराया गया। ट्रूडो के कार्यकाल में इस मामले ने कूटनीतिक विवाद का रूप लिया और दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया। 

मार्क कार्नी ने की नई शुरुआत
हालांकि, ट्रूडो के उत्तराधिकारी मार्क कार्नी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों ने गति पकड़ी, जब ओटावा ने इसे सुधारने की पहल की। उच्चायुक्तों को उनके पदों पर बहाल किया गया। वीजा सेवाएं शुरू की गईं। इसी साल फरवरी के आखिर में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की।

 

34 करोड़ लोगों के खाते में आएगी बड़ी रकम! सरकार ने बताई तारीख, तुरंत चेक करें अपना अकाउंट

नई दिल्ली

देश के करीब 34 करोड़ खातों में EPFO एक साथ ब्याज की राशि डिपॉजिट करने वाला है. सरकार की ओर तारीख भी तय कर दी गई है, यानी 33 करोड़ लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है। 

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार EPFO 15 जुलाई को देश के लगभग 34 करोड़ (कुल पंजीकृत एवं निष्क्रिय खातों सहित) लाभार्थियों के खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज की राशि क्रेडिट करने जा रहा है. सरकार इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम ब्याज राशि सीधे सब्सक्राइबर्स के खातों में ट्रांसफर करेगी। 

आप घर बैठे कर सकते हैं चेक

आज से ठीक एक हफ्ते बाद यानी अगले बुधवार को 34 करोड़ लोगों के पीएफ खातों में ब्याज क्रेडिट हो जाएगा. अगर आप भी एक पीएफ खाताधारक हैं, तो 15 जुलाई के बाद उमंग ऐप (UMANG App), EPFO पोर्टल या अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से मिस-कॉल/एसएमएस भेजकर अपना पीएफ बैलेंस और क्रेडिट हुई ब्याज राशि की जांच कर सकते हैं। 

दरअसल केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अगुवाई में हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी की वार्षिक ब्याज दर को बनाए रखने की सिफारिश की गई थी. वित्त मंत्रालय द्वारा इस दर को मंजूरी मिलने के बाद अब सब्सक्राइबर्स के खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं. यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब सरकार ने PF पर अपनी ब्याज दर को 8.25% पर स्थिर रखा है, जो बाजार के अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर रिटर्न प्रदान करता है। 

ब्याज क्रेडिट होने का नया सिस्टम
इस बार खाताधारकों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. EPFO द्वारा विकसित किए गए नए तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम के माध्यम से सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही ब्याज की राशि सब्सक्राइबर्स के खातों में तुरंत ट्रांसफर कर दी जाएगी. इससे पहले अक्सर पीएफ खाताधारकों को अपने खातों में ब्याज दिखने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस नई डिजिटल व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है। 

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद EPFO खाता धारकों के ब्याज में कोई कटौती नहीं की गई है. संगठन को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और अपने मजबूत निवेश पोर्टफोलियो से बेहतरीन रिटर्न प्राप्त हुआ है, जिसके कारण वह बिना किसी वित्तीय दबाव के पिछले कई वर्षों से लगातार 8% से ऊपर ब्याज देने में सफल रहा है. इसके साथ ही, इस बैठक में निष्क्रिय पड़े खातों में जमा छोटी और लावारिस राशियों के निपटान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। 

E20 पेट्रोल पर गडकरी का खुला चैलेंज! बोले- ‘एक भी गाड़ी खराब हुई तो नाम बताइए’

 नई दिल्ली

E20 पेट्रोल पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही. कोई कह रहा है माइलेज घट रही है, कोई इंजन की लाइफ पर सवाल उठा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक चर्चा गर्म है. अब इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने बहस को और तेज कर दिया है. गडकरी ने साफ कहा, अगर E20 पेट्रोल से किसी एक भी कार में खराबी आई है, तो उसका नाम बताइए. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि E20 के खिलाफ झूठी और पेड मुहिम चलाई जा रही है। 

दरअसल, E20 पेट्रोल को लेकर कई लोग दावा कर रहे हैं कि 20 फीसदी इथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और गाड़ियों के कंपोनेंट पर भी असर पड़ रहा है. इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आलोचकों को सीधी चुनौती दे दी. उन्होंने कहा कि, “अगर E20 पेट्रोल से किसी कार, बाइक या स्कूटर में दिक्कत आई है तो उसका सिर्फ एक उदाहरण सामने लाकर दिखाइए। 

‘E20 से किसी गाड़ी में दिक्कत नहीं आई’
नितिन गडकरी ने साफ कहा कि देश में अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसमें E20 पेट्रोल की वजह से किसी कार में खराबी आई हो. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास ऐसा कोई मामला है तो उसका नाम बताया जाए. गडकरी ने यह भी आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं और इसके खिलाफ पेड कैंपेन चलाए जा रहे हैं। 

गडकरी ने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करता है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ पड़ता है. साथ ही प्रदूषण भी बढ़ता है. उनका कहना है कि ग्रीन फ्यूल और दूसरे ऑप्शनल फ्यूल को अपनाना देश की जरूरत है. इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। 

गडकरी ने कहा कि देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी बड़ा लाभ मिला है. उन्होंने बताया कि जब सरकार ने मक्के से इथेनॉल बनाने का फैसला लिया था, तब मक्के की बाजार में कीमत करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (MSP) 1,800 रुपये प्रति क्विंटल था. इसके बाद मक्के की कीमत बढ़कर करीब 2,800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई. उन्होंने दावा किया कि इससे उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की आय करीब 45,000 करोड़ रुपये बढ़ी है। 

परिवार की कंपनियों पर क्या बोले गडकरी
इथेनॉल उत्पादन में परिवार की कंपनियों के शामिल होने के आरोपों पर गडकरी ने कहा कि उनके परिवार के पास चीनी मिलें जरूर हैं, लेकिन उनकी कंपनियां इथेनॉल के कारोबार पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि E20 को बढ़ावा देने का फैसला देश और किसानों के हित में लिया गया है, किसी निजी लाभ के लिए नहीं। 

सरकार अब E20 के बाद और ज्यादा इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ाने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत E85, E100, B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-CNG जैसे ऑप्शनल फ्यूल के इस्तेमाल का रास्ता साफ किया जाएगा. इससे भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल और बायो-फ्यूल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। 

कर्नाटक में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन! कृषि अधिकारी पुष्पा के घर छापे में सोना-नकदी बरामद, जांच जारी

 बेंगलुरु

कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार को राज्य भर में एक साथ छापेमारी की और 10 सरकारी अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी. इन सभी अफसरों पर अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु सिटी, बेंगलुरु साउथ, रायचूर, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, शिवमोगा और कलबुर्गी में इन अफसरों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई। 

इसी बीच कृषि विभाग की एईओ पुष्पा के घर से बड़ी मात्रा में सोने के गहने और भारी नकदी बरामद हुई है, जिसकी कीमत जानने के लिए सुनार को बुलाया गया है। पुष्पा के घर से मिले गहनों और नकदी की गिनती और वैल्यूएशन का काम अभी जारी है, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी। 

लोकायुक्त की टीम ने जिन 10 अफसरों के यहां छापेमारी की, उनमें कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड रायचूर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बसनगौड़ पाटिल, कृषि इंजीनियरिंग (बागवानी) यूनिवर्सिटी चित्रदुर्ग के असिस्टेंट प्रोफेसर शंकर एम और वॉटरशेड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट चित्रदुर्ग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर दुग्गप्पा बी एच शामिल हैं। 

इसके अलावा बेंगलुरु पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नरेंद्र कुमार, केआरआईडीएल बेंगलुरु रेंज ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण बी श्री हरि और बेंगलुरु एपीएमसी में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) पुष्पा डी आर पर भी छापा पड़ा। 

इनके अलावा तुमकुरु के माइनर इरिगेशन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट इंजीनियर मधुसूदन एन, बेंगलुरु साउथ के कुंबलगोडु पंचायत के पीडीओ थिम्मे गौड़ा, शिवमोगा फॉरेस्ट रिसर्च डिवीजन के असिस्टेंट कंजरवेटर किरण अंगड़ी और कलबुर्गी की जीईएससीओएम के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अमृत राव भी इस कार्रवाई में शामिल किए गए। 

इन सभी अफसरों की संपत्ति की जांच लोकायुक्त की टीम कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके पास मौजूद संपत्ति इनकी सैलरी और कमाई से मेल खाती है या नहीं। 

5 दिन तक सुरक्षाबलों को चकमा देता रहा लश्कर आतंकी जाकिर गनई ढेर, पुलिस बोली- ‘भाग सकते हो, बच नहीं सकते’

श्रीनगर 

जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सफलता की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, ‘तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।’

आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों के निगरानी कैमरों ने इस इलाके के एक घने बाग में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल को रिकॉर्ड किया था। इसके तुरंत बाद ये आतंकवादी सुरक्षा बलों के रडार पर आ गए।

CCTV में कैद हुए थे आतंकी
सुरक्षाबलों को इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई और उसके सहयोगी लतीफ भट (Latief Bhat) की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। ये दोनों सैदपोरा के छन्नापोरा इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गए थे। आतंकियों की लाइव लोकेशन मिलते ही बिना वक्त गंवाए सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया।

विक्टर फोर्स के चक्रव्यूह में फंसे आतंकी
इस ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से किया। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले इसके लिए सेना की विशिष्ट काउंटर इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स (Victor Force) को मैदान में उतारा गया।

विक्टर फोर्स के जवानों ने भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। ऑपरेशन पांच दिनों तक खिंच गया, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए पूरे इलाके को फ्लड लाइट्स से रोशन किया गया था। हर पल निगरानी की जा रही थी।

जैसे ही सुरक्षा बल बाग के भीतर आतंकियों के बिल्कुल करीब पहुंचे खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।

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