भोपाल, 17 अप्रैल 2026 — मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना तथा आमजन से सीधे संवाद की रणनीति को सशक्त करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका और दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। डॉ. संजय कामले ने आगामी “जनसंवाद सम्मेलन” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने प्रदेश स्तरीय “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है, इसलिए कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करनी होगी। उन्होंने बूथ और ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पद की प्राप्ति नहीं बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थिति को कर्ज, अपराध और भ्रष्टाचार से प्रभावित बताते हुए कार्यकर्ताओं से समर्पण की अपील की।

कार्यक्रम के अनुसार, 25 अप्रैल से 25 मई तक विधानसभा प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर संगठनात्मक ढांचे का सत्यापन करेंगे। इसके बाद प्रत्येक ब्लॉक में “जनसंवाद कार्यक्रम” आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वरिष्ठ नेता भी भाग लेंगे।
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि संगठन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक परिवार से 100 रुपए सहयोग लेने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह राशि जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण में उपयोग की जाएगी।

उन्होंने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर संगठन की इकाइयों को मजबूत करें और कार्यकर्ताओं की सक्रियता सुनिश्चित करें। साथ ही जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया और राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक अध्यक्ष उपस्थित रहे।

