“इंटीग्रेटेड फार्मिंग से छोटे किसान भी बनेंगे समृद्ध”
“रायसेन–विदिशा–सीहोर बनेगा हॉर्टिकल्चर और दलहन हब”

“रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस भव्य कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया।
रायसेन बना किसानों का टेक्नोलॉजी हब
“मध्य प्रदेश के रायसेन में शुरू हुआ है ऐसा कृषि महोत्सव, जो सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए भविष्य की पाठशाला बन गया है।
यहाँ ड्रोन से लेकर इंटीग्रेटेड फार्मिंग तक, हर तकनीक किसानों को नई दिशा देने के लिए तैयार है।”
खेती से 2 लाख सालाना कमाई का मॉडल तैयार!
“क्या खेती से सालाना 2 लाख रुपये कमाना संभव है?
क्या ड्रोन और मोबाइल ऐप बदल सकते हैं किसानों की किस्मत?
मध्य प्रदेश के रायसेन में शुरू हुआ उन्नत कृषि महोत्सव इन सभी सवालों का जवाब दे रहा है।”
और आज हम आपको लेकर चलते हैं रायसेन के दशहरा मैदान,
जहाँ हजारों किसानों का महासंगम देखने को मिल रहा है।”
“रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस भव्य कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया।
तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में किसान, वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं।”

राजनाथ सिंह का बयान
“रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा—
‘किसान सिर्फ अन्न नहीं उगाता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को चलाता है।’
उन्होंने यह भी बताया कि अब किसानों को सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके खातों में मिल रहा है, बिना किसी बिचौलिये के।”

शिवराज सिंह चौहान का फोकस
“केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने की अपील की।
उनका कहना है कि एक ही खेत में फसल, पशुपालन और बागवानी को जोड़कर किसान सालाना 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं।”

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
“इस मेले की सबसे बड़ी खासियत है लाइव टेक्नोलॉजी डेमो—
कॉर्न कटर मशीन, ड्रोन, माइक्रो इरिगेशन और सोलर पंप जैसे आधुनिक उपकरण किसानों को दिखाए जा रहे हैं।
साथ ही नया मृदा eFARM ऐप किसानों को मिट्टी की सटीक जानकारी देगा।”
कृषि रोडमैप
“सरकार ने रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास को हॉर्टिकल्चर और दलहन हब बनाने का रोडमैप भी तैयार किया है।
इसके तहत 55 दाल मिलें खोलने की योजना है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा।”

मुख्यमंत्री का संदेश
“मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा—
‘सीमा पर जवान और खेत में किसान, दोनों का सम्मान बराबर है।’
उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे साल को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया।”

किसानों के लिए क्या खास?
“इस महोत्सव में 20 से ज्यादा तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं,
जहाँ किसान सीधे वैज्ञानिकों से सवाल पूछ सकते हैं और नई तकनीक सीख सकते हैं।
यानी यह मेला नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक पूरी पाठशाला है।”

“रायसेन का यह कृषि महोत्सव दिखाता है कि
अगर तकनीक, प्रशिक्षण और सही नीति साथ हो,
तो खेती सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।”
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धन्यवाद!”

