क्या यहां ट्रैफिक कंट्रोल से ज्यादा फोकस चालान और रेवेन्यू पर है? आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट।
एमपी नगर में रोजाना लगने वाले जाम अब आम बात बन चुके हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का ध्यान व्यवस्था सुधारने से ज्यादा चालान काटने पर है।
कई जगहों पर पुलिस नाके लगाए जाते हैं…
जहां वाहन रोककर चालान तो काटे जाते हैं, लेकिन जाम खुलवाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नजर नहीं आता।
लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो जाते हैं कि
कभी-कभी आम नागरिक और बस कंडक्टर खुद ट्रैफिक संभालने उतर जाते हैं।
आरोप ये भी है कि जिन जगहों पर ट्रैफिक कंट्रोल सबसे ज्यादा जरूरी है,
वहीं अधिकारी सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के चालान में व्यस्त नजर आते हैं।
“हमें रोज जाम में फंसना पड़ता है… पुलिस सिर्फ चालान करती दिखती है, ट्रैफिक नहीं संभालती।”
अब बड़ा सवाल ये है कि
एमपी नगर में प्राथमिकता क्या है—
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना या फिर सिर्फ रेवेन्यू बढ़ाना?

