सीहोर जिले के बुधनी जनपद से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुंजारी नर्मदा संगम घाट का निरीक्षण किया।

बुदनी के ग्राम जोशीपुर स्थित गुंजारी नर्मदा संगम घाट एक बार फिर जनसेवा और संवेदनशीलता का केंद्र बना, जब मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार यहां पहुंचे
मंत्री ने घाट पर चल रहे स्वच्छता और संरक्षण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाट की सीढ़ियों, जल की गुणवत्ता और समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। मंत्री ने घाट की वर्तमान स्थिति पर संतोष जताते हुए इसके भविष्य के विकास की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
उनके अनुसार, गुंजारी संगम घाट को और अधिक सुदृढ़ और आकर्षक बनाया जाएगा, साथ ही मंदिर के विकास कार्य भी किए जाएंगे ताकि यह स्थल आस्था के साथ-साथ पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।

“माँ नर्मदा ने हमें जीवन, आस्था और समृद्धि दी है। अब यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें स्वच्छता, संरक्षण और सम्मान के रूप में कुछ लौटाएं।”
मंत्री पटेल ने इस अभियान को जनआंदोलन बताते हुए कहा कि यह प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नियमित स्वच्छता और संरक्षण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जल स्रोतों की स्वच्छता में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
गुंजारी संगम घाट पर हुआ यह निरीक्षण सिर्फ एक प्रशासनिक गतिविधि नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी है।

